कुशल नेतृत्व और उत्कृष्ट सेवाओं के साथ उपनिदेशक विद्युत सुरक्षा मनोज कुमार शर्मा हुए सेवानिवृत्त

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश शासन के उपनिदेशक विद्युत सुरक्षा मनोज कुमार शर्मा ने लगभग 40 वर्षों की उल्लेखनीय एवं समर्पित शासकीय सेवा पूर्ण करने के उपरांत 31 मई 2026 को अधिवर्षता आयु पूर्ण कर गोरखपुर रीजन से सेवानिवृत्ति ग्रहण की।

उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्युत सुरक्षा परिवार तथा गोरखपुर के उद्यमियों एवं व्यवसायियों द्वारा एक स्थानीय होटल में भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गणमान्य लोगों ने श्री शर्मा के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।

 मनोज कुमार शर्मा लगभग पांच वर्षों तक गोरखपुर रीजन में तैनात रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कुशल प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व कौशल एवं दायित्वों के निर्वहन में विशेष पहचान बनाई। उनके नेतृत्व में वर्ष 2024 में श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह तथा वर्ष 2025 के दिव्य एवं भव्य महाकुंभ जैसे अति महत्वपूर्ण आयोजनों में विद्युत सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संचालित किया गया।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं अन्य वीआईपी/वीवीआईपी हस्तियों के गोरखपुर रीजन में आगमन के दौरान भी उन्होंने अपनी टीम का प्रभावी नेतृत्व करते हुए सभी कार्यक्रमों को विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से सफल एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समारोह में वक्ताओं ने श्री शर्मा की कार्यशैली, अनुशासन, सरल व्यक्तित्व एवं प्रशासनिक दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सेवाएं विभाग के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी।

उत्तर प्रदेश को मिला स्थायी डीजीपी, राजीव कृष्ण को सौंपी गई कमान
लखनऊ। लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश को अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद वर्तमान में कार्यवाहक DGP के पद पर तैनात राजीव कृष्ण को प्रदेश का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राज्य में चार साल बाद हुई स्थायी डीजीपी की पहली तैनाती है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री ने राजीव कृष्ण को ही स्थायी डीजीपी बनाने की मंजूरी दी। यूपीएससी ने 26 मई को हुई बैठक में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नामों की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी। इनमें से राजीव कृष्ण का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा था।

राजीव कृष्ण जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 1991 बैच के आईपीएस राजीव कृष्ण को पुलिस विभाग में उनके प्रशासनिक और मैदानी अनुभव के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और जोनों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और यूपीएससी की व्यवस्था के अनुसार स्थायी डीजीपी का कार्यकाल कम से कम दो वर्ष का होता है। ऐसे में राजीव कृष्ण 2028 तक इस पद पर बने रह सकते हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल के हटाए जाने के बाद से प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का इंतजार था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में राजीव कृष्ण ने पुलिस विभाग में कई अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। वे शासन के करीबी और भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं।

कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले वे डीजीपी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन के पद पर भी रहे। राजीव कृष्ण ने लखनऊ, मथुरा, इटावा, आगरा और नोएडा जैसे कई जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में सेवाएं दी हैं। इटावा में उनकी तैनाती के दौरान उन्होंने दस्युओं के गिरोह का सफाया किया। इसके अलावा वे लखनऊ के एडीजी जोन और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ में आईजी ऑपरेशन के पद पर भी रहे हैं।इस नियुक्ति के साथ उत्तर प्रदेश को अब स्थिर और अनुभवी पुलिस नेतृत्व मिलेगा, जो प्रदेश की लॉ एंड आॅडर व्यवस्था को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
वीर सावरकर का राष्ट्र प्रथम विचार युवाओं के लिए प्रेरणा : अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे
लखनऊ। गोमती नगर के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में शनिवार को 'माय होम इंडिया' संस्था के तत्वावधान में 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026' का आयोजन हुआ।क्रांतिसूर्य स्वातंत्र्यवीर सावरकर की जयंती पर आयोजित इस वैचारिक संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने सावरकर के राष्ट्र प्रथम के विचारों को आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया और कहा कि सावरकर का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल है। एडीसीपी दुबे ने मातृभूमि की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य बताते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने काला पानी की यातनाओं को सहकर भी देश की आजादी का सपना नहीं छोड़ा। उनका सामाजिक समरसता और अखंड भारत का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण रहे। अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने की। मुख्य वक्ता 'माय होम इंडिया' के संस्थापक सुनील देवधर ने सावरकर के जीवन दर्शन को विस्तार से साझा किया। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. सतीश द्विवेदी भी मंच पर मौजूद रहे। सायं 5 बजे शुरू हुए इस गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सपरिवार हिस्सा लिया और राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने सावरकर के हिंदुत्व, इतिहास लेखन और समाज सुधार के योगदान को याद किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राम प्रताप सिंह, आलोक रंजन सिंह और अखिल चतुर्वेदी की अहम भूमिका रही।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘जी-रामजी अधिनियम’ बनेगा विकसित भारत का मजबूत आधार: केशव मौर्य

**ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और आय सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, गांव-गांव तक पहुंचेगा ‘विकसित भारत’ का संकल्प**

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी-रामजी) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 कार्य दिवस किए जाने से ग्रामीण परिवारों की आय, आर्थिक स्थिरता और आजीविका सुरक्षा को बल मिलेगा। इससे श्रमिकों को अधिक काम, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, कौशल विकास और स्वरोजगार को भी बढ़ावा देगी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास की नई ऊर्जा पैदा होगी और हर ग्रामीण परिवार की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ‘जी-रामजी अधिनियम, 2025’ विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा, आय सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सतत एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
KGMU में करोड़ों के दवा घोटाले की आशंका, कैंसर मरीजों की दवाओं में भारी अनियमितता

* 6 माह में लगने वाला इंजेक्शन एक महीने में 4-5 बार दर्शाया गया, शुरुआती जांच में करीब 2 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के संकेत


लखनऊ। राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में करोड़ों रुपये के संभावित दवा घोटाले का मामला सामने आया है। कैंसर मरीजों को दी जाने वाली महंगी दवाओं और इंजेक्शनों की खरीद व खपत में गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। प्रारंभिक जांच में करीब 2 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।
जांच में सामने आया है कि कुछ ऐसे इंजेक्शन, जिन्हें मरीजों को सामान्यतः छह माह में एक बार लगाया जाना चाहिए, उन्हें रिकॉर्ड में एक ही महीने के भीतर 4 से 5 बार दिखाया गया। फरवरी और मार्च 2026 के दौरान दवाओं की खपत अचानक बढ़कर 40 से 45 लाख रुपये तक पहुंचने पर मामला संदेह के घेरे में आया।
बिल, प्रिस्क्रिप्शन और दवा वितरण के ऑडिट के दौरान कई गंभीर विसंगतियां उजागर हुईं। जांच में दवाओं की खपत, मरीजों के उपचार रिकॉर्ड और भुगतान संबंधी दस्तावेजों में अंतर पाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दवाओं और इंजेक्शनों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वहीं, KGMU प्रशासन ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए कुलपति के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद संभावित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सकती है।
यूपी स्वास्थ्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 21 से अधिक जिलों में नए CMO तैनात
* वाराणसी, अंबेडकरनगर, गाजियाबाद समेत कई जिलों को मिले नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 21 से अधिक जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) की नई तैनाती की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किए गए इन तबादलों को विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जारी तबादला सूची के अनुसार डॉ. प्रमोद कुमार को अंबेडकरनगर का नया CMO नियुक्त किया गया है। वहीं डॉ. मुकेश कुमार को वाराणसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. सचिन चंद्र वैश्य को गाजियाबाद का मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनाया गया है, जबकि डॉ. हरिनंदन प्रसाद को जालौन में CMO पद पर तैनात किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई तैनातियों से जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, योजनाओं के क्रियान्वयन और चिकित्सा व्यवस्था को नई गति मिलेगी।
अगर आपके पास पूरी तबादला सूची है, तो मैं इसे “किस जिले में कौन बना नया CMO” फॉर्मेट में और ज्यादा मजबूत खबर बना सकता हूँ।
विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर मद्यनिषेध विभाग की जागरूकता रैली
* ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत तम्बाकू और गुटखा के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को किया जागरूक

लखनऊ। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को मद्यनिषेध विभाग द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत तम्बाकू एवं गुटखा जनित नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली बीमारियों और दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रैली एवं पदयात्रा का आयोजन किया गया।
इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ एवं सभ्य जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना तथा तम्बाकू और गुटखा सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति जागरूक करना रहा।
जागरूकता रैली रविवार को क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी कार्यालय, 27 अशोक मार्ग, लखनऊ से शुरू होकर महात्मा गांधी प्रतिमा, जीपीओ पार्क, हजरतगंज चौराहा तक निकाली गई।
रैली/पदयात्रा को राज्य मद्यनिषेध अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामाजिक स्वैच्छिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं सहित करीब 300 लोगों ने भाग लिया।
रैली के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि तम्बाकू और गुटखा जैसी लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाती है, बल्कि समाज और परिवार पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जनभागीदारी से ही नशा मुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
सचिवालय कर्मियों की जीत: CUG नंबर बदलने का फैसला वापस

अब पुराने नंबर ही BSNL में होंगे पोर्ट, अवकाश के दिन कार्यालय खोलने का आदेश भी रद्द


लखनऊ। सचिवालय कर्मचारियों के विरोध के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग ने सीयूजी (CUG) मोबाइल नंबर बदलने का फैसला वापस ले लिया है। अब कर्मचारियों के पिछले करीब 15 वर्षों से उपयोग में रहे मोबाइल नंबरों को बदलने के बजाय नई सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल में ही पोर्ट कराया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया को लेकर सोमवार को मौजूदा सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन/आइडिया के अधिकारियों से सचिवालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वार्ता करेंगे।
गौरतलब है कि सचिवालय प्रशासन विभाग ने सभी शाखा अधिष्ठानों को शनिवार, अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर कर्मचारियों को नए सीयूजी नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि कर्मचारियों की आपत्तियों और विरोध के बीच विभाग ने शुक्रवार देर रात यह आदेश भी निरस्त कर दिया।
फैसला वापस होने के बाद सचिवालय कर्मियों में राहत की भावना देखी जा रही है। कर्मचारियों का कहना था कि वर्षों से उपयोग किए जा रहे नंबर बदलने से सरकारी कार्य, संपर्क व्यवस्था और व्यक्तिगत संचार प्रभावित हो सकता था।
लखनऊ कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 3 एसीपी, 3 इंस्पेक्टर और एक एसआई के तबादले

लखनऊ। राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश में तीन एसीपी, तीन इंस्पेक्टर और एक उपनिरीक्षक के तबादले किए गए हैं। हालिया घटनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तबादला सूची के अनुसार सौम्या पांडेय को एसीपी विभूतिखंड नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें पुलिस कमिश्नरेट की सोशल मीडिया सेल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

विनय द्विवेदी को एसीपी ट्रैफिक बनाया गया

वहीं विनय द्विवेदी को एसीपी ट्रैफिक बनाया गया है। इसी क्रम में सुशील यादव को एसीपी क्राइम के साथ-साथ साइबर क्राइम की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। थाना स्तर पर भी हुए बदलाव कमिश्नरेट प्रशासन ने थाना स्तर पर भी बदलाव किए हैं। विभूतिखंड के प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह उपेंद्र सिंह को नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा सुधीर कुमार अवस्थी को भी पुलिस लाइन संबद्ध किया गया है, जबकि गौरव बाजपेयी को गोमतीनगर विस्तार थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।

पुलिस प्रशासन लगातार कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहा

कानून-व्यवस्था को लेकर सक्रिय हुआ प्रशासन हाल के दिनों में राजधानी में हुई कुछ आपराधिक घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन लगातार कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। माना जा रहा है कि बेहतर पुलिसिंग, जवाबदेही तय करने और अपराध नियंत्रण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नई तैनातियों से पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा जनता की शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी।
रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।