रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
1 hour and 12 min ago
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