CM हेमन्त सोरेन ने पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा की: सड़क, स्वच्छता और डिजिटल सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास की यात्रा में पंचायतें पहली कड़ी हैं, यह जरूरी है कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाएं। ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाएं। राज्य के भीतर वैसे पात्र लाभुक जो आवासविहीन हैं या मिट्टी के जीर्ण-शीर्ण घरों में रहते हैं उन्हें चिन्हित कर ग्रामीण आवास योजना का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से ग्रामीण आवास योजनाओं को पूर्ण करें। बैठक में मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित थे।

सखी मंडलों की संख्या बढ़ाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) राज्य के भीतर महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या में वृद्धि करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सेल्फ-हेल्फ ग्रुप से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, विभाग इन महिलाओं को हर संभव मदद करते हुए योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि सोलर पावर उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में उन्हें प्रशिक्षण देकर प्रेरित करें।

समूहों से जुड़ी माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के लिए दें व्यापक सहयोग

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि एसएचजी से जुड़ी माताओं बहनों को आगे बढ़ने के लिए कुछ व्यापक सहयोग किए जाएं ताकि महिलाएं कुछ नया और बेहतर करें, जो सभी के लिए अनुकरणीय हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएचजी के उत्पाद की मैपिंग कर जेएसएलपीएस अंतर्गत कार्यरत डीपीएम और बीपीएम को बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपे। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जेएसएलपीएस अंतर्गत 5 हजार नए सखी मंडल के गठन किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की समस्त सखी मंडलों के विकास के लिए बैंक से 5 हजार करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा ढाई लाख नए महिलाओं को आजीविका के विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

एसएचजी द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य योजना बने

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पूरे राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार मिले यह सुनिश्चित करें। दूसरे राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानों में भी पलाश मार्ट जैसे विक्री केंद्र स्थापित हो, इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी पलाश मार्ट अथवा उसी अनुरूप अन्य विक्री केंद्र को स्थान मिले इस हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना को गति दें। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि कांके रोड, रांची में बनाए जा रहे नवनिर्मित पलाश मार्ट भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष और 6 पलाश मार्ट बनाए जाने का लक्ष्य है तथा आने वाले वर्षों में सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाए जाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश के लिए पशुधन योजना बहुत ही प्रभावी योजना है, इस योजना को गति देते हुए ग्रामीण लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करें।

सखी मंडल की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में जुट प्रोसेसिंग जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रॉ-मैटेरियल की क्या स्थिति है, इसमें सुधार एवं मार्केटिंग की कितनी संभावनाएं हैं, इस पर विशेष कार्य योजना बनाते हुए कार्य को गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनी उत्पादन क्षेत्र में भी यहां असीम संभावनाएं हैं, इस पर बेहतर कार्य किया जा सकता है, विभाग वैसे क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां हनी का ज्यादा उत्पादन होता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, ओल्ड एज महिलाएं तथा विधवा महिलाओं को भी सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जोड़े। विभाग एसएचजी की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे। कलस्टर स्तर पर सेल्फ हेल्फ ग्रुप का निरंतर बैठकें हो तथा बैठक में लिए गए निर्णयों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो इसकी रूपरेखा तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराएं। प्रखंड स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में दीदी कैफे का संचालन हो इस निमित्त कार्य योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में बैठक कर वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए ग्रामीणों को जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जल संचय बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। जब हम जल संचय पर बेहतर कार्य करेंगे तभी लिफ्ट इरिगेशन की परियोजनाएं सफल होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जल संचय से संबंधित जितनी भी योजनाएं हैं उन योजनाओं को गति दें।

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूती

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मनरेगा योजना अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था व्यवस्था को मजबूत करने वाली योजना है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी कार्य के लिए किसानों को प्रेरित करें। इस योजना का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिले यह सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभार्थियों में महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान समय में राज्य के भीतर करीब डेढ़ लाख एकड़ भूमि में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का जिलावार डाटा बेस तैयार करें ताकि बेहतर विकल्प पर कार्य किया जा सके।

इन योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा..

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य कार्यक्रम, बिरसा विशिष्ट जनजातीय विकास योजना, युवा कौशल योजना, वाटरशेड योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर योजनाओं के संचालन में गति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार वर्णवाल, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) श्री अनन्य मित्तल सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

ग्रामीण विकास की समीक्षा: CM हेमन्त सोरेन के निर्देश- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाएं, 5 हजार नए सखी मंडल बनेंगे

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास की यात्रा में पंचायतें पहली कड़ी हैं, यह जरूरी है कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाएं।

ग्रामीण आवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाएं। राज्य के भीतर वैसे पात्र लाभुक जो आवासविहीन हैं या मिट्टी के जीर्ण-शीर्ण घरों में रहते हैं उन्हें चिन्हित कर ग्रामीण आवास योजना का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध तरीके से ग्रामीण आवास योजनाओं को पूर्ण करें। बैठक में मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित थे।

सखी मंडलों की संख्या बढ़ाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) राज्य के भीतर महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या में वृद्धि करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सेल्फ-हेल्फ ग्रुप से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, विभाग इन महिलाओं को हर संभव मदद करते हुए योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि सोलर पावर उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में उन्हें प्रशिक्षण देकर प्रेरित करें।

समूहों से जुड़ी माताओं-बहनों को आगे बढ़ने के लिए दें व्यापक सहयोग

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि एसएचजी से जुड़ी माताओं बहनों को आगे बढ़ने के लिए कुछ व्यापक सहयोग किए जाएं ताकि महिलाएं कुछ नया और बेहतर करें, जो सभी के लिए अनुकरणीय हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएचजी के उत्पाद की मैपिंग कर जेएसएलपीएस अंतर्गत कार्यरत डीपीएम और बीपीएम को बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपे। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि जेएसएलपीएस अंतर्गत 5 हजार नए सखी मंडल के गठन किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की समस्त सखी मंडलों के विकास के लिए बैंक से 5 हजार करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। विभाग द्वारा ढाई लाख नए महिलाओं को आजीविका के विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

एसएचजी द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य योजना बने

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पूरे राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को बाजार मिले यह सुनिश्चित करें। दूसरे राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानों में भी पलाश मार्ट जैसे विक्री केंद्र स्थापित हो, इस निमित्त कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी पलाश मार्ट अथवा उसी अनुरूप अन्य विक्री केंद्र को स्थान मिले इस हेतु संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर योजना को गति दें। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि कांके रोड, रांची में बनाए जा रहे नवनिर्मित पलाश मार्ट भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष और 6 पलाश मार्ट बनाए जाने का लक्ष्य है तथा आने वाले वर्षों में सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाए जाने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे प्रदेश के लिए पशुधन योजना बहुत ही प्रभावी योजना है, इस योजना को गति देते हुए ग्रामीण लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य करें।

सखी मंडल की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में जुट प्रोसेसिंग जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रॉ-मैटेरियल की क्या स्थिति है, इसमें सुधार एवं मार्केटिंग की कितनी संभावनाएं हैं, इस पर विशेष कार्य योजना बनाते हुए कार्य को गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनी उत्पादन क्षेत्र में भी यहां असीम संभावनाएं हैं, इस पर बेहतर कार्य किया जा सकता है, विभाग वैसे क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां हनी का ज्यादा उत्पादन होता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, ओल्ड एज महिलाएं तथा विधवा महिलाओं को भी सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जोड़े। विभाग एसएचजी की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे। कलस्टर स्तर पर सेल्फ हेल्फ ग्रुप का निरंतर बैठकें हो तथा बैठक में लिए गए निर्णयों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो इसकी रूपरेखा तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराएं। प्रखंड स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में दीदी कैफे का संचालन हो इस निमित्त कार्य योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में बैठक कर वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए ग्रामीणों को जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में जल संचय बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। जब हम जल संचय पर बेहतर कार्य करेंगे तभी लिफ्ट इरिगेशन की परियोजनाएं सफल होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जल संचय से संबंधित जितनी भी योजनाएं हैं उन योजनाओं को गति दें।

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूती

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मनरेगा योजना अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि

बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था व्यवस्था को मजबूत करने वाली योजना है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बागवानी कार्य के लिए किसानों को प्रेरित करें। इस योजना का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिले यह सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभार्थियों में महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्तमान समय में राज्य के भीतर करीब डेढ़ लाख एकड़ भूमि में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का जिलावार डाटा बेस तैयार करें ताकि बेहतर विकल्प पर कार्य किया जा सके।

इन योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा..

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य कार्यक्रम, बिरसा विशिष्ट जनजातीय विकास योजना, युवा कौशल योजना, वाटरशेड योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर योजनाओं के संचालन में गति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार वर्णवाल, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) श्री अनन्य मित्तल सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

AFC कप से GEM तक: दिव्यानी लिंडा ने साझा किया संघर्ष से सफलता का सफर*

27 मई 2026 को प्रतिभाशाली युवा भारतीय फुटबॉलर Divyani Linda ने PVUNL की GEM बालिकाओं के साथ संवाद कर उन्हें प्रेरित किया। भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम की डिफेंडर दिव्यानी ने AFC U-17 Women’s Asian Cup 2026 तथा SAFF U-17 Women’s Championship में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देशभर में पहचान बनाई है। अत्यंत साधारण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने के बावजूद उन्होंने कठिन संघर्ष, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर सफलता हासिल की।

कार्यक्रम में उन्होंने GEM प्रतिभागियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेणु सहगल एवं उपाध्यक्षा श्रीमती सोमा मुखर्जी ने उनका एवं उनके कोच का स्वागत किया। GEM बालिकाओं ने उनसे उनके अभ्यास, दिनचर्या एवं तकनीकों से जुड़े प्रश्न भी पूछे।

CM हेमन्त सोरेन ने की महिला-बाल विकास विभाग की समीक्षा: बाल विवाह रोकने, मॉडल आंगनबाड़ी बनाने और रिक्त पद भरने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों में तेजी लाते हुए विकास की किरणें समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग अपने केन्द्रांश और राज्यांश बजट का पूर्ण व्यय करते हुए योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत रिक्त पदों को भरने हेतु नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत सीडीपीओ के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद रिक्त हैं, इन पदों पर नियुक्ति की जानी है।

मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए सीएसआर एवं डीएमफटी फंड का उपयोग कर पहले जीर्ण-शीर्ण एवं किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट कराना सुनिश्चित करें। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करें। राज्य सरकार की सोच है कि अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में संचालित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, शौचालय एवं पेयजल आपूर्ति की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि किराए पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किए जाने का कार्य भी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों पर पड़ेगा।

सखी वन स्टॉप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को करें जागरूक

मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि पोषण अभियान योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के पश्चात पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक दिन की गतिविधियों को अपलोड किया जा रहा है। इससे पर्यवेक्षण में सहूलियत हो रही है। मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को जागरूक कर विभिन्न हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करें। साथ ही इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर लोगों में जागरूकता लाएं और इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों को तत्परता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित की जाए।

बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर हर हाल में रोक लगाई जाए

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर हर हाल में रोक लगाई जाए। गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा जैसे जगहों पर बाल विवाह के ज्यादा मामले देखने और सुनने को मिल रहे हैं, ऐसे जगहों पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करें। बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों एवं इसमें शामिल लोगों पर की जाने वाली कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी आमजनों को दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऑडियो-वीडियो के माध्यम से एवं विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों में प्रभावी जागरूकता लाई जा सकती है। साथ ही स्कूल-कॉलेज की छात्राओं सहित आम लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त झारखंड की दिशा में अपनी साहस और दृढ़संकल्प को दिखाने वाली बालिकाओं को ब्रांड एम्बेसडर/वॉलेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलाएं, ताकि बालिकाओं के अल्प आयु में विवाह करने की सामाजिक विसंगति पर रोक लगाई जा सके।

मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के छूटे हुए पात्र लाभुकों को जोड़ें

बैठक में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग के व्यक्तियों को पेंशन योजना अक्षादित करना सुनिश्चित करें। झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की कार्यप्रगति जानकारी ली एवं अहर्ता पूर्ण करने वाले छूटे हुए लाभुकों को भी इस योजना से जोड़ें।

इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा..

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री किशोरी कल्याणार्थ हेतु सावत्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना,

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, निशक्त कल्याणार्थ योजना अंतर्गत दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना एवं दिव्यांग जनों को विशेष उपकरण उपलब्ध कराए जाने संबंधी कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक समाज कल्याण श्रीमती किरण कुमार पासी, अपर सचिव महिला बाल विकास विभाग श्री अभय नंदन अम्बष्ट, निदेशक आईसीपीएस श्री विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गुमला में SIR को लेकर पार्टी की बड़ी बैठक, विनोद पांडेय ने दिए संगठन मजबूत करने के निर्देश

आज दिनांक 26 मई 2026 को गुमला जिला अंतर्गत केंद्रीय सदस्यों, जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों एवं सभी BLA (बूथ लेवल एजेंट) की एक बैठक गुमला के अरमई स्थित स्वर्णभूमि बैंक्वेट हॉल में आयोजित की गई |

उक्त बैठक में पार्टी के माननीय केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पांडेय जी ने बैठक में शामिल सभी पदाधिकारियों, नेताओ तथा कार्यकर्ताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी तथा इसके क्रियान्वयन के तरीके बताए |

श्री विनोद कुमार पांडेय जी के द्वारा संगठन को अधिक मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों, नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया गया |

उक्त बैठक में केंद्रीय महासचिव श्री विनोद कुमार पांडेय, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह विधायक श्री जिगा सुशरण होरो, जिला अध्यक्ष सह विधायक श्री भूषण तिर्की, केंद्रीय सदस्य कलीम अख्तर, कलिस्ता बरवा, संजीव उरांव, शशि साहू, नुरुल होदा, जिला समिति के आरिफ अंसारी, रंजीत सिंह सरदार, सहित हजारो पदाधिकारी, नेता एवं कार्यकर्त्ता शामिल हुए |

CM हेमन्त सोरेन: हर पंचायत में खुलेगा CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, संख्या 5 हजार तक होगी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्थाएं, आधारभूत संरचनाओं तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यालयों से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से पारदर्शिता के साथ अध्यनरत छात्र-छात्राओं तक ससमय पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को बेहतर एवं क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। सभी सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पठन-पाठन की नवीनतम एवं आधुनिक तकनीक से संबंधित संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार हो रहा है, बच्चों का रिजल्ट और ज्यादा अच्छा हो इस निमित्त शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्य सहित सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को गति दें। शिक्षकों के शत प्रतिशत पदों को भरना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों की संख्या शिक्षकों की बहाली हुई है, नियुक्ति प्रक्रिया निरंतर जारी रखते हुए रिक्त पदों को भरा जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नव नियुक्त शिक्षकों को ससमय वेतन मिले इस निमित्त सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूर्ण करना सुनिश्चित की जाए।

ड्रॉप आउट मामलों में हो रहा निरंतर सुधार, राष्ट्रीय औसत से आगे है झारखंड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की आधारशिला होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो तथा प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाय। बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी आई है। ड्रॉप आउट के मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से अच्छा है। शिक्षा विभाग द्वारा अभियान चलाकर ड्रॉप आउट बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है। श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर वैसे बच्चों का चिन्हित किया जा रहा है, जो बच्चे मजदूरी या कोई अन्य कार्य से जुड़े हैं और स्कूली शिक्षा से वंचित हैं। किताब, पठन-पाठन सामग्री एवं साइकिल वितरण कार्य भी समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अब बच्चे मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उतीर्ण हो रहे हैं, जिन विद्यालयों में बच्चों का रिजल्ट ठीक नहीं रहा है, वैसे विद्यालयों को चिन्हित कर सभी सुविधा, व्यवस्था एवं शिक्षकों की उपलब्धता सहित प्रत्येक बिंदुओं पर सुधार हेतु विभाग विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए एवं आईसीटी लैब की सुविधा दुरुस्त करें।

सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार किए जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य करें, ताकि प्रत्येक पंचायत तक स्कूलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन पहुंचाई जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले 6 से 8 महीने के भीतर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे न चले। विद्यालय प्रबंध समितियों से समन्वय स्थापित कर स्थानीय पढ़े-लिखे अहर्ता रखने वाले इच्छुक युवाओं को शिक्षक के रूप में जोड़ें। विशेष कर छात्राओं को भी मौका दें, ताकि शिक्षकों की कमी से किसी भी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक पंचायतों में अच्छे स्कूल होंगे, तभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य उज्ज्वल करेंगे। सभी सरकारी विद्यालयों के पठन-पाठन कार्य में एकरूपता लाना सुनिश्चित करें । मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत परिवहन सुविधा का संचालन करें, ताकि छात्र-छात्राओं को समय के अनुसार घर से स्कूल एवं स्कूल से घर तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विद्यालयों के परिसरों व्यापक रूप से वृक्षारोपण का अभियान शुरू कराएं।

अभिवंचित बच्चों को आवासीय सुविधा और क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अभिवंचित वर्ग के बच्चे-बच्चियों को आवासीय सुविधा सहित क्वालिटी एजुकेशन प्रदान करें। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के भीतर नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की कुल संख्या 26 है। इन स्कूलों में लगभग 4 हजार विभिन्न प्रकार के अभिवंचित बच्चों को रहने-खाने की पूरी सुविधा के साथ निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों के भवनों के रख-रखाव सहित सभी कार्यों को सुदृढ़ किया गया है।

विद्यालयों में क्वालिटी एजुकेशन के साथ-साथ खेल गतिविधियों को दें बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के बीच शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दें। वैसे बच्चे-बच्चियों को चिन्हित करें, जो खेल प्रतिस्पर्धा में बहुत अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे हैं ताकि उन्हें खेल के क्षेत्र में और आगे बढ़ाया जा सके। राज्य के भीतर खेल के क्षेत्र में हमारे कई बच्चों ने झारखंड का नाम भी रोशन किया है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विद्यालयों में बच्चों को स्पोर्ट्स किट्स उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता के तहत झारखंड के बच्चों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। शारीरिक शिक्षा के शिक्षक खेल गतिविधियों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं।

प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु एक सप्ताह के भीतर डीपीआर प्रस्तुत करने का निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के समक्ष अधिकारियों ने जगुआर कैंपस रांची में बनाए जाने वाले प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना हेतु चिन्हित भूमि का पीपीटी प्रजेंटेशन रखा। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जगुआर कैंपस रांची में ही 6 एकड़ भूमि विद्यालय निर्माण हेतु विभाग द्वारा चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री को विद्यालय स्थापना की कार्य योजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को इस प्रस्ताव से संबंधित डीपीआर समर्पित करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय शहीद पुलिस कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।

मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ऑनलाइन माध्यम से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, बुंडू के स्कूल प्रबंधन के साथ जुड़े एवं स्कूल में स्थापित सभी सुविधाओं की जानकारी ली।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक श्री शशि रंजन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री राजेश प्रसाद, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन ने की वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा, खनन राजस्व में झारखंड ओडिशा-छत्तीसगढ़ से आगे

झारखंड मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बजट प्रबंधन एवं राजस्व लक्ष्यों पर विशेष जोर

वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान बजट आकलन, बजट प्राक्कलन, राजस्व लक्ष्य, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियां तथा भारत सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान सहित विभिन्न वित्तीय विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में राज्य के आय-व्यय की समग्र स्थिति पर बिंदुवार चर्चा की गई तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन एवं उनके समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा के क्रम में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, व्यय की गति, लक्ष्य की प्राप्ति तथा संभावित चुनौतियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

खनन राजस्व में झारखंड की स्थिति मजबूत

बैठक में विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के आधार पर यह सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ की अपेक्षा झारखंड का खनन राजस्व बेहतर स्थिति में है। संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत व्यवस्था एवं प्रभावी निगरानी तंत्र के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उक्त उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इस सकारात्मक स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ इसे और अधिक सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।

पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक एवं ई-गवर्नेंस प्रणाली पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यों में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बायोमैट्रिक प्रणाली के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित कार्यालयों एवं विभागों में उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली से जुड़े प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े।

विभागों के बीच समन्वय से विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समन्वय की कमी न रहे तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि समन्वित कार्यप्रणाली से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में राजस्व वृद्धि पर फोकस

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में कर संग्रह की वर्तमान स्थिति, जीएसटी अनुपालन की प्रगति, राजस्व वृद्धि के उपायों तथा विभागीय कार्यप्रणाली की व्यापक एवं गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा विभिन्न कर मदों के अंतर्गत प्राप्त राजस्व के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, साथ ही कर संग्रह में आ रही चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के क्रम में वस्तु एवं सेवा कर (GST), मूल्य वर्धित कर (VAT), प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। करदाताओं के बीच अनुपालन बढ़ाने, कर वंचना पर नियंत्रण स्थापित करने तथा तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा के क्रम में कर निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया गया। करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।

पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि करदाताओं को सुविधा मिल सके और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रियता से कार्य करने तथा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभागीय मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

भाजपा प्रदेश चुनाव समिति का फैसला: राज्यसभा चुनाव में उतारेगी प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा का चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को उतारेगी। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उक्त बैठक आगामी 18 जून को राज्य में होने वाले राज्यसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति को लेकर आयोजित की गई थी। बैठक में राज्यसभा चुनाव के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।

बैठक के बाद प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि भारतीय जनता पार्टी राज्यसभा का यह चुनाव लड़ेगी और अपने प्रत्याशी को उतारेगी। पार्टी न केवल प्रत्याशी को उतारेगी बल्कि वह प्रत्याशी निश्चित तौर पर विजयी भी होगा।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, बिहार झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी, झारखंड प्रदेश के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, राज्यसभा सांसद सह पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा एवं बालमुकुंद सहाय, विद्युत वरण महतो, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, श्याम नारायण दुबे,आरती सिंह, गणेश तिवारी भी उपस्थित थे।

3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।