गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास
* सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी ने बनाई नई मजबूत पहचान—हरदीप सिंह पुरी
गोरखपुर। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और विजन को दिया।
केंद्रीय मंत्री गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो बदलाव देखने को मिला है, वह देश के लिए मिसाल बन गया है।
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान केवल बड़ी आबादी के रूप में होती थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश विकास, निवेश, बेहतर कानून-व्यवस्था और सुशासन के लिए जाना जाता है। कानून-व्यवस्था में सुधार से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और रोजगार व औद्योगिक विकास को गति मिली है।
केंद्रीय मंत्री ने एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रहित में यूपी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में 2017 से पहले जहां प्रदेश से केवल 17 हजार आवासों की मांग आई थी, वहीं अब यह संख्या 17 लाख से अधिक हो गई है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोड, एयर और मेट्रो कनेक्टिविटी, डिफेंस कॉरिडोर, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने हरित ऊर्जा और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) को किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा माध्यम बताया।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जो युवाओं के सपनों को नई दिशा देगा। स्टेडियम निर्माण में Indian Oil Corporation ने 60 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।

* पूर्वांचल में तैयार होंगे रोहित और विराट जैसे खिलाड़ी— कमलेश पासवान
केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि यह स्टेडियम पूर्वांचल के युवाओं के लिए बड़ी सौगात है। आने वाले समय में यहां से रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी निकलेंगे तथा वर्ष 2029 तक आईपीएल मैचों के आयोजन की संभावना बनेगी।

* खेल क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा यूपी— गिरीश चंद्र यादव
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में खेल ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है। ग्राम पंचायतों में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय इसका उदाहरण हैं।

* जो कहते हैं, वो पूरा करते हैं सीएम योगी — रवि किशन
सांसद रवि किशन ने कहा कि गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का सपना मुख्यमंत्री ने साकार किया है। इससे खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कार्यक्रम में गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह स्टेडियम पूर्वांचल के युवाओं के लिए ऐतिहासिक उपहार साबित होगा।
गोरखपुर में सीएम योगी का ‘जनता दरबार’: सुनीं समस्याएं, दिए सख्त निर्देश
गोरखपुर। गोरखपुर में आयोजित ‘जनता दरबार’ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और मांगें लेकर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने हर एक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘जनता दरबार’ के माध्यम से सरकार सीधे जनता से संवाद स्थापित कर रही है, जिससे लोगों को अपनी बात रखने का सशक्त मंच मिल रहा है।
सीएम योगी ने मारकंडेय यादव को दी श्रद्धांजलि, गांव पहुंचकर परिजनों को बंधाया ढांढस
* गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त व वरिष्ठ समाजसेवी के निधन पर शोक; गुरुग्राम के अस्पताल में हुआ था निधन

गोरखपुर। गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त एवं वरिष्ठ समाजसेवी मारकंडेय यादव के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। गुरुवार सुबह वह पिपराइच क्षेत्र के लुहसी गांव स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मारकंडेय यादव का बुधवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। वे गोरक्षपीठ के प्रति अपनी गहरी आस्था और सामाजिक कार्यों के लिए क्षेत्र में व्यापक रूप से सम्मानित थे।
मुख्यमंत्री गुरुवार सुबह करीब सवा दस बजे उनके आवास पहुंचे। उन्होंने दिवंगत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और महायोगी गुरु गोरखनाथ से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने परिजनों—पत्नी गुड्डी यादव, पुत्र संजीव यादव व विशाल यादव, भाई हरेंद्र यादव, पुत्री वंदना यादव व अन्य सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
इस मौके पर गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी उपस्थित रहे।
गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी का जनता दर्शन, समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए सख्त निर्देश
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने अपनी शिकायतें और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार आम जनता की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है और शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
नन्हीं यशस्विनी का ‘बुलडोजर गिफ्ट’, सीएम योगी भी नहीं रोक पाए मुस्कान

* गोरखनाथ मंदिर में मासूम बच्ची ने आंखें बंद करवाकर दिया सरप्राइज, मुख्यमंत्री ने चॉकलेट देकर जताया स्नेह

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक नन्हीं बच्ची के अनोखे गिफ्ट ने मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। कानपुर से आई 4 वर्षीय यशस्विनी सिंह ने मुख्यमंत्री को खिलौना ‘बुलडोजर’ भेंट कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
शुक्रवार सुबह अपनी नियमित दिनचर्या के तहत मंदिर परिसर में भ्रमण कर रहे मुख्यमंत्री की नजर यशस्विनी पर पड़ी, जो अपने माता-पिता के साथ गोरखपुर आई थी। सीएम ने स्नेहपूर्वक उसे पास बुलाया, चॉकलेट दी और बातचीत की। इसी दौरान बच्ची ने मासूमियत भरे अंदाज में कहा, “आंखें बंद करिए, आपको गिफ्ट देना है।”
मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उसकी बात मान ली। जैसे ही उन्होंने आंखें बंद कीं, यशस्विनी ने उनके हाथों में एक छोटा सा बुलडोजर (खिलौना) रख दिया। गिफ्ट देखते ही मुख्यमंत्री समेत वहां मौजूद सभी लोग हंसी नहीं रोक पाए।
यशस्विनी ने कहा कि मुख्यमंत्री को बुलडोजर पसंद है, इसलिए वह यह खास गिफ्ट लेकर आई है। कानपुर के प्रताप इंटरनेशनल कॉलेज की नर्सरी छात्रा यशस्विनी अपने पिता अभय सिंह राजावत और मां प्रियदम्वा सिंह के साथ गोरक्षपीठाधीश्वर का आशीर्वाद लेने आई थी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद वह बेहद खुश नजर आई।
लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर तक पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी

* अफवाहों से बचें, जरूरत पड़ने पर ही लें पेट्रोल-डीजल; वैश्विक हालात में संयम और सहयोग की अपील

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि रसोई गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर भीड़ लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। निर्धारित समय पर बुकिंग कराने पर गैस सिलेंडर पहले की तरह घर तक पहुंचाया जाएगा।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के उद्घाटन अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को ऐसी भ्रामक सूचनाओं से दूर रहना चाहिए और केवल आवश्यकता होने पर ही पेट्रोल-डीजल लेने पेट्रोल पंपों पर जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां एक गैस सिलेंडर एक महीने तक चलता था, वहीं अब लोग कुछ ही दिनों में घबराकर दोबारा सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जो अनावश्यक है। सरकार ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था सुचारु रूप से जारी रहे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और अफवाहों के प्रभाव में आकर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह की जल्दबाजी से अव्यवस्था फैलती है और देशहित को नुकसान पहुंच सकता है।
वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि यदि संकट लंबा खिंचता है तो उसका असर हर व्यक्ति पर पड़ेगा, इसलिए सभी को मानसिक रूप से तैयार रहना होगा और सरकार के साथ मिलकर कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सच्ची राष्ट्रभक्ति यही है कि हम कठिन समय में सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें और देशहित में लिए गए निर्णयों का समर्थन करें।
जीएएफ टीम ने जरूरतमंदों में बांटा ईद किट
गोरखपुर। गौसे आज़म फाउंडेशन जीएएफ टीम ने माहे रमजान की 27वी रात को हकीकी जरूरतमंद परिवारों के बीच ईद किट का वितरण किया  इस पहल का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों तक खुशियों को पहुंचाना और उनके साथ त्योहार की खुशी साझा करना रहा।

जीएएफ़ टीम के सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को ईद किट वितरित की। जिससे परिवार ईद का त्योहार खुशी-खुशी मना सकें।

जिला अध्यक्ष समीर अली ने बताया कि संस्था हमेशा समाज सेवा के कार्यों में आगे रही है और भविष्य में भी इसी तरह जरूरतमंदों की मदद करती रहेगी। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे भी ऐसे सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जरूरतमंदों की सहायता करें।

कार्यक्रम में शामिल जिला अध्यक्ष समीर अली,
रहमतनगर अध्यक्ष मोहम्मद फैज, अमान अहमद, रियाज अहमद, मोहम्मद शारिक आदि शामिल रहे
स्वामी अंजनीनंदन दास के हाथों अंशुल पांडे की पुस्तक शिवायण का लोकार्पण

गोरखपुर । लेखक अंशुल पांडे की पुस्तक शिवायण का लोकार्पण स्वामी अंजनीनंदन दास द्वारा गोरखपुर के रुस्तमपुर स्थित गोरखपुर महादेव मंदिर में किया गया। इस अवसर पर मंदिर के दोनों महंत भी उपस्थित रहे।पुस्तक शिवायण के प्रकाशक सुरुचि प्रकाशन ने जानकारी दी कि अमेज़न पर पुस्तक का लिंक सार्वजनिक होते ही भारी मांग के कारण उद्घाटन से पहले ही इसकी सभी प्रतियां बिक गईं। सुरुचि प्रकाशन ने यह भी बताया कि देशभर से लगातार मांग आने के कारण पुस्तक का शीघ्र ही पुनर्मुद्रण (री-प्रिंट) किया जाएगा।

शिवायण में भगवान महादेव से जुड़े कई रोचक और गूढ़ विषयों पर चर्चा की गई है, जैसे महादेव के श्मशान में निवास करने का कारण, उनके द्वारा सर्प धारण करने का महत्व, तथा प्रकृति और पर्यावरण के प्रति उनका गहरा संबंध। पुस्तक में यह भी बताया गया है कि महादेव की भक्ति किस प्रकार व्यक्ति की ज्योतिषीय समस्याओं को दूर करने में सहायक हो सकती है। इसके साथ ही काशी का सत्य और महादेव द्वारा धारण की जाने वाली मुंडमाला का महत्व भी समझाया गया है। इसके अतिरिक्त शिवायण में तंत्रों में शिव का स्वरूप, महाभारत में शिव की उपस्थिति, महादेव भक्तों के लिए श्रावण मास का महत्व, तथा शिवरात्रि और महाशिवरात्रि के बीच का अंतर जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों का भी विस्तार से वर्णन किया गया है।

शिवायण की प्रस्तावना (Foreword) सेवानिवृत्त सिविल सेवक एवं लेखक आर.वी.एस. मणि द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक के लिए वैज्ञानिक एवं लेखक आनंद रंगनाथन, लेखक एवं टीवी पैनलिस्ट युवराज पोखरण और स्तंभकार डॉ. महेंद्र सिंह ठाकुर ने अपनी शुभकामनाएँ भी दी हैं।
सीएम योगी का ऐलान: वानिकी विश्वविद्यालय की डिग्री बनेगी नौकरी की गारंटी
* जंगल कौड़िया में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का उद्घाटन, पर्यावरण संरक्षण और विकास कार्यों पर जोर

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कैम्पियरगंज में बनने जा रहा प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी साबित होगा। इस विश्वविद्यालय से डिग्री और डिप्लोमा प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए देश और विदेश में व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही यह संस्थान किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को जंगल कौड़िया ब्लॉक में पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय के उद्घाटन के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कैम्पियरगंज में प्रस्तावित फॉरेस्ट्री एंड हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी प्रदेश की पहली ऐसी संस्था होगी, जो पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में प्रभावी योगदान देगी।

* भारतीय संस्कृति में कृतज्ञता का भाव

मुख्यमंत्री ने कैम्पियरगंज में स्थापित गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कृतज्ञता ज्ञापित करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। माता सीता के हरण के समय रावण का प्रतिकार करने वाले गिद्धराज जटायु का स्मरण हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रासायनिक दवाओं और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से गिद्धों की संख्या घट रही है, ऐसे में उनका संरक्षण आवश्यक है।

* प्रदूषण से मुक्ति के साथ विकास
सीएम ने कहा कि आज दुनिया के सामने पर्यावरण प्रदूषण बड़ी चुनौती है। वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दमा रोगियों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। उत्तर प्रदेश में विकास के साथ स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित वानिकी विश्वविद्यालय वनाच्छादन बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन कायम रखने में सहायक होगा।

* “नीयत साफ हो तो परिणाम अपने आप आते हैं”
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद गोरखपुर और प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि साफ नीयत और सकारात्मक सोच से परिणाम स्वतः सामने आते हैं। गोरखपुर में खाद कारखाना पुनः शुरू हुआ, एम्स सेवाएं दे रहा है, बीआरडी मेडिकल कॉलेज उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। पिपराइच में चीनी मिल फिर से संचालित हो रही है और धुरियापार में कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित हो चुका है। गीडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं।

* जंगल कौड़िया और कैम्पियरगंज में बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगल कौड़िया और कैम्पियरगंज क्षेत्र में विकास कार्यों ने नई पहचान बनाई है। कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास से लखनऊ तक की दूरी तीन से साढ़े तीन घंटे में तय हो रही है। चिउटहा से कुशीनगर तक पहुंचने में मात्र आधा घंटा लगता है। क्षेत्र की प्रमुख सड़कों का फोरलेन निर्माण, बाढ़ समस्या का समाधान, डिग्री कॉलेज और स्टेडियम निर्माण जैसे कार्य विकास की मिसाल हैं।
उन्होंने बताया कि गरीब कल्याण योजनाओं के तहत आवास, शौचालय, राशन, आयुष्मान भारत और पेंशन योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया गया है।

* स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सराहना
मुख्यमंत्री ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय रामपति यादव को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। साथ ही वर्तमान ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव द्वारा ब्लॉक निधि के समुचित उपयोग और सोलर पैनल सहित आधुनिक सुविधाओं के विकास की सराहना की।
लोकार्पण समारोह में कैम्पियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने बताया कि एशिया की सबसे बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी कैम्पियरगंज में स्थापित की जाएगी, जिसका शीघ्र शिलान्यास होगा।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने ब्लॉक परिसर में पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और रुद्राक्ष का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
“गोरखपुर में अंतरिक्ष कार्यशाला: नासा साइन्टिस्ट डॉ. हाशिमा हसन के साथ विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा”
गोरखपुर । राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 एवं सुष्मिता सिंह बक्की, स्पेस आर्टिस्ट, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। उक्त कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) रहीं। विशिष्ट अतिथि खगोलविद् अमर पाल सिंह, नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर भी उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम में तीन विद्यालयों-सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन0पी0ए0 एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें से सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि के हाथों प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार/प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छा प्रयास करने वाले 38 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य, एन0पी0ए0 एकेडमी तथा तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय व आदित्य त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट  सुष्मिता सिंह बक्की ने कहा कि मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा के स्पेस सेन्टर से चलकर दिनांक 09 फरवरी, 2026 को सीधे गोरखपुर पहुॅंची और आज बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम सम्मिलित हुईं। जोकि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सुश्री बक्की ने कार्यक्रम एवं मुख्य अतिथि का सक्षिप्त परिचय एवं रूप-रेखा भी प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट ने जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मैनें जिस दौर में पढ़ाई की, जिसमें लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर भी मैंने अपने सपनों को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रही एवं अपने सपनों को हमेशा अपने अन्दर जीवन्त रखा। आज जो कुछ भी है, मेरे हिम्मत और लगन तथा आत्मविश्वास का ही परिणाम है। इसलिए आज की विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को यह संदेश है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसले को कम न होने दें। आपको अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमेशा सकारात्मक प्रयास करें। असफलताओं से घबराये नहीं।

कार्यक्रम संयोजक सुष्मिता सिंह बक्की की योग्यता एक कंप्युटर साइंस इंजीनियर हैं। जबकि इनका मुख्य रूचि स्पेस आर्ट में होने के कारण एक स्पेस आर्टिस्ट हैं। जो भारत के उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, संतकबीर नगर से हैं। इनके द्वारा बनाई गई स्पेस आर्ट ‘‘इसरो‘‘ में भी प्रदर्शित है सुष्मिता पिछले सात सालों से एक स्पेस आर्टिस्ट के तौर पर सक्रिय हैं। इस बार सुष्मिता एक ऐसी रोचक सीरीज पर काम कर रही हैं जो  अंतरिक्ष में भारत के योगदान को दुनिया के सामने रखता है।

सुष्मिता सिंह बक्की द्वारा उक्त अवसर पर संग्रहालय में स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। उक्त आयोजन के इस सीरीज में बनाई गई पहली पेंटिंग दस महाविद्या और ब्रम्ह्माण्ड की ऊर्जा को बताती है। ये पेंटिंग हाल ही मे कुछ कला प्रदर्शनियों का हिस्सा रही है। वहीं इस श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग डॉ0 क्षितिज के ब्रम्हाण्ड का हिस्सा बनने जा रही है, जो आधुनिक बिग बैंग थ्योरी और पौराणिक हिरण्यगर्भ जैसे विषय पर बन रही है।

इसी दौरान नक्षत्रशाला के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रहमाण्ड सभी के लिए है और डाॅ0 हाशिमा हसन जैसे व्यक्तित्व की लगन, समर्पण और रिसर्च से प्रेरणा लेकर के विद्यार्थियों को भावी भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अपने आप में बहुत कुछ सीखने, जानने एवं समझने योग्य है। जैसे कि उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप एवं जेम्स बेव स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट में बतौर सीनियर साइन्टिस्ट कार्य करते हुए जे.डब्ल्यू. एस.टी. से प्राप्त अन्तरिक्ष की तस्वीरों आदि को अन्वेषित करके दुनिया को वह दिखाया है जो शायद हम कभी नहीं देख पाते।

कार्यक्रम के अन्त में संग्रहालय के उप निदेशक डाॅ0 यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी कड़ी में सुष्मिता सिंह बक्की के प्रयासों से आज नासा की साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन से समन्वय स्थापित कर बौद्ध संग्रहालय में अन्तरिक्ष में मानव से सम्बन्धित विषय पर इस तरह ही कार्यशाला का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलवाना अपने आप में एक अद्वितीय एवं सराहनीय प्रयास रहा है। जो निश्चय ही खासकर छात्राओं के लिए एक प्रेरणात्मक पहल है। डाॅ0 राठौर ने कहा कि डाॅ0 हाशिमा हसन जैसी प्रतिभाओं का नासा से गोरखपुर बौद्ध संग्रहालय में आना और छात्र-छात्राओं के मध्य  सीधा संवाद करना तथा अन्तरिक्ष सम्बन्धी प्रश्नों से सम्बन्धित जिज्ञासाओं को शांत करना निश्चित तौर पर हम सब अन्तरिक्ष पे्रमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्री शिवनाथ एवं श्री प्रभाकर शुक्ला द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों सहयोग उल्लेखनीय रहा।