पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026: आवेदन की अंतिम तिथि 17 मई तक बढ़ी, छात्रहित में परिषद का फैसला

लखनऊ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब अभ्यर्थी 17 मई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों और विभिन्न शिक्षण संस्थाओं की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 11 मई किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा था।
परिषद के अनुसार 11 मई 2026 तक 2,71,093 सीटों के सापेक्ष चार लाख से अधिक अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं, जो परीक्षा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे विस्तारित समयसीमा का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन परिषद की आधिकारिक वेबसाइट jeecup.admissions.nic.in पर जाकर किए जा सकते हैं।
परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी परिषद के हेल्पलाइन नंबर 0522-2630106, 2630695, 2630667 और 2636589 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
ई-रिक्शा से दफ्तर पहुंचे उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, ‘नो व्हीकल डे’ की अपील
* ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्वजनिक परिवहन अपनाने का दिया संदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल करते हुए गुरुवार को अपने 19, गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास से उद्यान निदेशालय तक ई-रिक्शा से यात्रा की।
यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में की गई। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना, प्रदूषण कम करना और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। यदि लोग सप्ताह में कुछ दिन भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें तो ईंधन की खपत और ट्रैफिक दबाव दोनों में कमी लाई जा सकती है।
उद्यान मंत्री ने आमजन से निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने और अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने युवाओं, नागरिकों तथा सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों से भी सार्वजनिक परिवहन को अपनाने का आह्वान किया। इसी क्रम में उद्यान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर विभाग में ईंधन और ऊर्जा बचत के लक्ष्य तय किए गए।
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाएं और उस दिन सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय आएं-जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य दिनों में भी एक ही रूट से आने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी समन्वय बनाकर एक ही वाहन का उपयोग करें, ताकि ईंधन की बचत हो सके।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
* आयुष मंत्री ने कहा, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो

* निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए जाएं स्वास्थ्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने गुरुवार को एनेक्सी भवन सभागार में प्रदेश के राजकीय आयुष महाविद्यालयों और 50 शैय्या युक्त आयुष एकीकृत चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
बैठक में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों और अन्य परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
आयुष मंत्री ने अस्पतालों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिन दवाओं की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने से बचा जाए, ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने ओपीडी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही सभी चिकित्सालयों में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था सुदृढ़ कर अधिक से अधिक माइनर सर्जरी करने पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि ओपीडी, सर्जरी और स्वास्थ्य शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन चिकित्सालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी और मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर समेत प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
* आयुष मंत्री ने कहा, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो

* निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए जाएं स्वास्थ्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने गुरुवार को एनेक्सी भवन सभागार में प्रदेश के राजकीय आयुष महाविद्यालयों और 50 शैय्या युक्त आयुष एकीकृत चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
बैठक में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों और अन्य परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
आयुष मंत्री ने अस्पतालों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिन दवाओं की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने से बचा जाए, ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने ओपीडी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही सभी चिकित्सालयों में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था सुदृढ़ कर अधिक से अधिक माइनर सर्जरी करने पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि ओपीडी, सर्जरी और स्वास्थ्य शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन चिकित्सालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी और मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर समेत प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2026: आवेदन की अंतिम तिथि 17 मई तक बढ़ी,छात्रहित में परिषद का फैसला

लखनऊ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)-2026 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब अभ्यर्थी 17 मई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।
परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों और विभिन्न शिक्षण संस्थाओं की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 11 मई किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा था।
परिषद के अनुसार 11 मई 2026 तक 2,71,093 सीटों के सापेक्ष चार लाख से अधिक अभ्यर्थी आवेदन कर चुके हैं, जो परीक्षा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे विस्तारित समयसीमा का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन परिषद की आधिकारिक वेबसाइट jeecup.admissions.nic.in पर जाकर किए जा सकते हैं।
परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी परिषद के हेल्पलाइन नंबर 0522-2630106, 2630695, 2630667 और 2636589 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
प्रदेश के 8 संरक्षित स्मारकों का संरक्षण कार्य पूरा, 712.40 लाख रुपये खर्च
* ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को सहेजने में जुटी योगी सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के अधीन पुरातत्व निदेशालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 8 संरक्षित स्मारकों एवं पुरास्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य पूरे कराए गए हैं। इन कार्यों पर मार्च 2026 तक कुल 712.40 लाख रुपये की धनराशि व्यय की गई है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए कहा कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक पुरास्थल हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। इन धरोहरों का संरक्षण कर उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सीतापुर के अलावलपुर स्थित संरक्षित शिव मंदिर के संरक्षण एवं पेंटिंग कंजर्वेशन सहित सभी कार्य 93.76 लाख रुपये की लागत से पूर्ण कराए गए हैं। वहीं फतेहपुर स्थित तुलाराम तालाब एवं शिव मंदिर परिसर में तालाब की सीढ़ियों के पुनरुद्धार समेत अन्य कार्य 133.83 लाख रुपये से पूरे किए गए।
इसके अलावा लखनऊ मोहनलालगंज स्थित संरक्षित पुरास्थल हुलासखेड़ा के सभी कार्य 167.74 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए हैं। संतकबीर नगर में कबीरदास की समाधि एवं मजार का संरक्षण कार्य 16.78 लाख रुपये में कराया गया।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के महत्वपूर्ण संरक्षित स्मारकों पर सांस्कृतिक सूचना पट्ट लगाने का कार्य भी 18.31 लाख रुपये की लागत से पूरा कराया गया है।
इसी क्रम में महाराजगंज के बनरसिहा कला उत्खनन स्थल पर 146.73 लाख रुपये तथा कानपुर नगर के बिठूर स्थित टिकैत राय शिव मंदिर पर 78.96 लाख रुपये और अन्य संरक्षण कार्यों पर 56.29 लाख रुपये खर्च कर कार्य पूर्ण कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐतिहासिक महत्व के प्राचीन स्थल मौजूद हैं, जो सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन स्थलों के संरक्षण से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी और शोधकर्ताओं व पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ेगा।
लखनऊ में प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार संपन्न, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के भैंसाकुंड स्थित बैकुंठधाम श्मशान घाट पर गुरुवार को प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव को परिजनों, समर्थकों और शुभचिंतकों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
प्रतीक यादव को उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर बेहद भावुक माहौल देखने को मिला। पत्नी अपर्णा यादव और उनकी दोनों बेटियां भी अंतिम संस्कार में मौजूद रहीं।
इस दौरान अखिलेश यादव, शिवपाल यादव समेत पूरा यादव परिवार बैकुंठधाम पहुंचा। बड़ी संख्या में समर्थक और आम लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा और पूरे श्मशान घाट पर गमगीन माहौल बना रहा। बुधवार को उनके निधन के बाद गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार और समर्थकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
साइकिल से विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, बोले- पेट्रोल-डीजल बचाना राष्ट्रीय दायित्व
* सप्ताह में एक दिन साइकिल से दफ्तर जाएंगे मंत्री, पीएम और सीएम की अपील का किया समर्थन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश देते हुए अपने सरकारी आवास 10 कालिदास मार्ग से विधानसभा स्थित कार्यालय तक साइकिल से यात्रा की।
मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  की अपेक्षाओं के अनुरूप उन्होंने यह पहल की है। उन्होंने घोषणा की कि वह प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक दिन साइकिल से कार्यालय जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों की बचत करना हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 से 86 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिस पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन की बचत और वैकल्पिक परिवहन को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण और देशहित में ईंधन की खपत कम करने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करें।
यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 96 लोगों की मौत, कई जिलों में तबाही, रेल और बिजली व्यवस्था चरमराई
लखनऊ। Uttar Pradesh में बुधवार को मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि कई जिलों में जिंदगी थम सी गई। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने प्रदेशभर में भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 96 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। गांवों से लेकर शहरों तक हर तरफ तबाही का मंजर देखने को मिला।
सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में देखने को मिला। Prayagraj, Varanasi, Bhadohi, Mirzapur और फतेहपुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं ने पेड़ों और बिजली के खंभों को धराशायी कर दिया। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान और टीनशेड उड़ गए।
भदोही में सबसे अधिक 18 लोगों की मौत हुई, जबकि प्रयागराज में 17 और मिर्जापुर में 15 लोगों ने जान गंवाई। फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा रायबरेली, सीतापुर, चंदौली, हरदोई, संभल और अन्य जिलों में भी जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।
आंधी-तूफान का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा। कानपुर होकर गुजरने वाली 22 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। वहीं प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर रेलवे ट्रैक पर विशाल पेड़ गिरने से ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई।
प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। खेतों में तैयार खड़ी फसलें तेज बारिश और हवाओं की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। कई इलाकों में सड़कें जाम रहीं और यातायात बाधित रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
आवास पहुंचा प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर, शोक में डूबा यादव परिवार

डिंपल यादव और अपर्णा यादव समेत परिजनों की आंखें नम, समर्थकों में भी गम का माहौल

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के असमायिक निधन से पूरा यादव परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास पहुंचा, जहां परिवार और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

आवास से सामने आई भावुक तस्वीरों में डिम्पल यादव, अपर्णा यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य बेहद भावुक नजर आए। परिजनों की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन बना हुआ था। प्रतीक यादव के निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में भी शोक की लहर है। बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक आवास पहुंचकर परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। कई नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है।

अपर्णा के आवास पहुंचे सीएम योगी, प्रतीक यादव को दी अंतिम श्रद्धांजलि : 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा नेता अपर्णा यादव के आवास पहुंचकर उनके पति प्रतीक यादव को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान परिवार के सदस्य और करीबी मौजूद रहे। आवास पर बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों का भी जमावड़ा लगा रहा।