यूपी में उच्च शिक्षा को नई पहचान: अब डिग्री कॉलेजों को भी मिलेगी राष्ट्रीय रैंकिंग
* योगी सरकार का बड़ा कदम, विश्वविद्यालयों के बाद अब डिग्री कॉलेजों को उत्कृष्टता की दौड़ में शामिल करने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। कभी नैक (NAAC) रैंकिंग में बी और बी-प्लस ग्रेड तक सीमित रहने वाले प्रदेश के विश्वविद्यालय आज ए++, ए+ और ए ग्रेड हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। अब सरकार ने प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार का फोकस अब केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी नैक और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य बनाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। योगी सरकार से पहले प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक सीमित थे और कोई भी विश्वविद्यालय ए श्रेणी में नहीं था। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालयों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सात विश्वविद्यालय नैक की ए++ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि चार विश्वविद्यालय ए+ और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड हासिल कर चुके हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हुए हैं और छह विश्वविद्यालय क्यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान बना चुके हैं। इसके अलावा तीन विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 श्रेणी में भी पहुंच चुके हैं।
सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों की तरह यदि डिग्री कॉलेजों में भी गुणवत्ता, शोध और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए, तो उत्तर प्रदेश देश में उच्च शिक्षा के सबसे मजबूत मॉडल के रूप में उभर सकता है।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
कर्मचारी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले हरिकिशोर तिवारी
* कैशलेस योजना और पेंशन मुद्दे पर उठाई आवाज

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इं. हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित बैठकों को लेकर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इं. तिवारी ने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली स्थानांतरण के बाद से कर्मचारी संगठनों के साथ किसी भी स्तर पर नियमित बैठक नहीं हो सकी है, जिसके कारण कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान लंबित पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि शासनादेश जारी कर कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित संवाद और बैठकें सुनिश्चित कराई जाएं।
बैठक में वर्ष 2016 की पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। परिषद की ओर से कहा गया कि लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद बनी यह नियमावली गंभीर बीमारियों—जैसे कैंसर, ब्रेन हेमरेज, लीवर ट्रांसप्लांट, घुटना प्रत्यारोपण आदि—के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था प्रदान करती थी, लेकिन बाद में इसे आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा मात्र पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई। परिषद ने मूल नियमावली को पुनः लागू करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृति प्रक्रियाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। परिषद ने कहा कि अधिकांश स्वीकृतियां वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिषद पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारी-शिक्षक आंदोलन के दौरान सरकार ने समिति बनाकर वार्ता कराई थी। इसी क्रम में सरकारी अंशदान को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया, जिसने नई पेंशन व्यवस्था की कमियों के आकलन और आगे चलकर यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) जैसे विकल्प तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिषद ने कहा कि कर्मचारियों के हित में आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डॉ. नरेश, सुभाष पांडे, एच.एन. मिश्रा, अखिलेश अग्निहोत्री, आशुतोष तिवारी, प्रभात मिश्रा, संतोष तिवारी, अनुज शुक्ला और दिवाकर राय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक कार्रवाई और आवश्यक आदेश जारी होने की उम्मीद जताई।
“संपदा” कार्यक्रम में सहेजी गई विलुप्त होती अलगोजा वादन परंपरा, ब्रज लोक संगीत की बिखरी छटा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संगीत परंपराओं और विलुप्तप्राय लोक वाद्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में “संपदा” कार्यक्रम के अंतर्गत विलुप्त हो रहे अलगोजा वादन का अभिलेखीकरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी स्टूडियो में किया गया।
संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम में मथुरा के प्रसिद्ध लोक कलाकार सुखवीर एवं हरप्रसाद ने अलगोजा और चंग वादन की पारंपरिक शैली का प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की लोक संवेदनाओं, सांगीतिक विरासत और पारंपरिक धुनों को जीवंत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान अलगोजा वादन और लोक संगीत परंपरा पर केंद्रित एक विशेष साक्षात्कार भी आयोजित किया गया। कलाकारों का साक्षात्कार डॉ. शोभित नाहर ने लिया। इस दौरान अलगोजा वादन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, तकनीकी विशेषताओं, वर्तमान चुनौतियों और नई पीढ़ी तक इस लोक परंपरा को पहुंचाने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश एवं देश की विलुप्त होती लोक कलाओं और वाद्य परंपराओं का दस्तावेजीकरण कर उन्हें संरक्षित करना तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। उपस्थित कला प्रेमियों, शोधार्थियों और संगीत अनुरागियों ने इस पहल को लोक संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी और सार्थक कदम बताया।
हर पीड़ित को न्याय और हर पात्र को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता : केशव प्रसाद मौर्य
* जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सुनीं जन समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर पीड़ित को न्याय दिलाना और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को लखनऊ स्थित 7-कालिदास मार्ग कैंप कार्यालय में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन और युवा शामिल हुए।
जनता दर्शन में भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित, प्रभावी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ‘जनता दर्शन’ सरकार और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, जिससे वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है और उनका समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण को केवल औपचारिकता न बनाया जाए, बल्कि ऐसा समाधान किया जाए जिससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद और अवैध कब्जों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने जिलाधिकारियों को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न और अवैध कब्जों के मामलों में आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ होना चाहिए, ताकि आमजन का शासन और प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
देशहित के हर फैसले में राजनीति देख रही सपा : पंकज चौधरी
* प्रधानमंत्री मोदी का संसाधन बचत का आह्वान दूरदर्शी नेतृत्व की पहचान : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ। भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष देशहित से जुड़े हर फैसले में भी राजनीति तलाशने लगा है। सोमवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि जब देश वैश्विक चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भरता, संसाधनों के संरक्षण और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ रहा है, तब समाजवादी पार्टी जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा ऊर्जा बचत, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील किसी कमजोरी का नहीं, बल्कि जिम्मेदार और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी इस संदेश को भी राजनीतिक चश्मे से देखकर नकारात्मकता फैलाने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी, वैश्विक आर्थिक मंदी और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल क्रांति, आधारभूत संरचना, रक्षा उत्पादन, रेलवे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दुनिया भारत के निर्णायक नेतृत्व की सराहना कर रही है।
पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश दंगों, भ्रष्टाचार, बिजली संकट और कानून व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहा था, वे आज सुशासन का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा शासन में निवेशक प्रदेश आने से डरते थे और माफिया सत्ता संरक्षण में फलते-फूलते थे।
उन्होंने भाजपा सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों को मुफ्त राशन, किसानों को किसान सम्मान निधि, महिलाओं को उज्ज्वला योजना और युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान बनाई है और दुनिया भारत की बात गंभीरता से सुन रही है। ऐसे समय में विपक्ष द्वारा देश की छवि खराब करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का बयान राजनीतिक हताशा और निराशा का प्रतीक है। लगातार चुनावी पराजय के बाद समाजवादी पार्टी मुद्दाविहीन हो चुकी है और केवल सुर्खियां बटोरने के लिए बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता विकास, सुरक्षा और स्थिर नेतृत्व के साथ खड़ी है और “मजबूत नेतृत्व, सुरक्षित भारत और विकसित भारत के लिए भाजपा ही विकल्प है।”
मलिहाबाद में शराब दुकान के सेल्समैन की हत्या, आरोपी फरार
* ढेढ़ेमऊ गांव में वारदात से सनसनी, अवैध शराब बिक्री के आरोपों से भी गरमाया मामला
लखनऊ। मलिहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम ढेढ़ेमऊ में देशी शराब की दुकान पर तैनात सेल्समैन रिंकू की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के मुताबिक हत्या का आरोप नन्हके कहार पर है, जो वारदात के बाद से फरार बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार ग्राम ढेढ़ेमऊ स्थित देशी शराब की दुकान पर कार्यरत रिंकू पर आरोपी ने अचानक हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मलिहाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
वहीं स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री का आरोप लगाते हुए कहा कि देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों पर नियमों की अनदेखी कर देर रात तक शराब बेची जाती है। आरोप यह भी है कि राघवेंद्र सिंह द्वारा अवैध रूप से कैंटीन संचालित की जा रही है और रात 12 बजे तक शराब बिक्री होती है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आबकारी नियमों के उल्लंघन और अवैध संचालन से जुड़ी शिकायतों की जानकारी आबकारी विभाग को दी जाएगी तथा मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, बिहार जा रहे युवक की मौत, एक गंभीर घायल

लखनऊ। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गोसाईंगंज थाना क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सूरत से बिहार जा रही इनोवा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।

पुलिस के अनुसार हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 16.8 पर हुआ। सूचना मिलते ही गोसाईंगंज पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। कार में सवार सभी लोग सूरत, गुजरात से अपने पैतृक गांव सिवान, बिहार जा रहे थे।

हादसे में सुरेंद्र चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं धीरज चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया, जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सामान्य कराया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
इंस्टाग्राम पर ‘सौरभ सिंह’ बनकर फंसाया, फिर अश्लील वीडियो वायरल कर धर्म परिवर्तन का दबाव; लखनऊ में मुकदमा दर्ज
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सैरपुर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए युवती को झांसे में फंसाकर उसका शोषण करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने अपना नाम और धर्म छिपाकर इंस्टाग्राम पर युवती से दोस्ती की, फिर नजदीकियां बढ़ाकर अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हुए आपत्तिजनक सामग्री वायरल कर दी।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस, आईटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, शनिवार को पीड़िता ने थाना सैरपुर पहुंचकर तहरीर दी कि छठामील मार्केट स्थित रैथा रोड पर नाई (बारबर) की दुकान चलाने वाला युवक शोएब अख्तर पुत्र सुबराती, निवासी सहभागी शिक्षण संस्थान के पास छठामील, थाना सैरपुर, मूल निवासी ग्राम कर्दा थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा, ने खुद को “सौरभ सिंह” बताकर इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे संपर्क किया था।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने धीरे-धीरे युवती से नजदीकियां बढ़ाईं और विश्वास में लेकर उसके अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए। इसके बाद आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लगातार धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बना रहा था और विरोध करने पर गाली-गलौज व धमकी देता था।

इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित रूप से युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिए, जिससे पीड़िता मानसिक रूप से परेशान हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया।

सैरपुर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 47/2026 के तहत धारा 74, 351(3), 352 बीएनएस, आईटी एक्ट की धारा 67, पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3/5(1) के तहत अभियोग पंजीकृत किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल डेटा और वायरल सामग्री की जांच कराई जा रही है। आरोपी की भूमिका और अन्य संभावित पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।