जहानाबाद: छपन्ना गांव पहुंचे सांसद, महायज्ञ में शामिल होकर आयोजकों को दी बधाई
सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने पूजा-अर्चना कर किया क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना।
15 मई तक संचालित रहेगा शतचंडी प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ, गांव में बह रही भक्ति की बयार।
जहानाबाद:घोसी प्रखंड के छपन्ना गांव में गुरुवार से आयोजित श्री श्री शतचंडी प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ श्रद्धा और भक्ति के माहौल के बीच शुरू हो गया। महायज्ञ के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महायज्ञ में शामिल होने पहुंचे सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने यज्ञ स्थल का भ्रमण किया और आयोजन समिति के सदस्यों से मुलाकात कर कार्यक्रम की तैयारियों की सराहना की। सांसद ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता को मजबूत करता हैं। ऐसे कार्यक्रम लोगों को बुराइयों से दूर रहकर अच्छे कार्यों की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान भारतीय संस्कृति और परंपरा की पहचान हैं तथा इससे नई पीढ़ी को भी संस्कार और अध्यात्म से जुड़ने का अवसर मिलता है।
उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में उनका हरसंभव सहयोग आगे भी मिलता रहेगा। सांसद के आगमन पर ग्रामीणों और यज्ञ समिति के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बताया गया कि महायज्ञ का आयोजन 15 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में आचार्य भूषण मिश्रा के प्रवचन श्रद्धालुओं को अध्यात्म और धार्मिक मूल्यों से जोड़ रहा है। रात्रि में रामलीला और रासलीला का मंचन भी किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। गांव में चारों ओर भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है और दूर-दूर से श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजीव कुमार, अर्जुन कुमार, धनेश कुमार,नागेंद्र कुमार, रोशन कुमार, लालू कुमार समेंदर कुमार, विनोद यादव समेत
यज्ञ समिति के सभी लोग पुरी तन मन के साथ जुड़े हुए हैं। शब्दों को सही करते हुए अच्छा सा न्यूज़ स्क्रिप्ट लिखें


उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में उनका हरसंभव सहयोग आगे भी मिलता रहेगा। सांसद के आगमन पर ग्रामीणों और यज्ञ समिति के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बताया गया कि महायज्ञ का आयोजन 15 मई तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में आचार्य भूषण मिश्रा के प्रवचन श्रद्धालुओं को अध्यात्म और धार्मिक मूल्यों से जोड़ रहा है। रात्रि में रामलीला और रासलीला का मंचन भी किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। गांव में चारों ओर भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है और दूर-दूर से श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजीव कुमार, अर्जुन कुमार, धनेश कुमार,नागेंद्र कुमार, रोशन कुमार, लालू कुमार समेंदर कुमार, विनोद यादव समेत
अवैध शराब, खनन और लंबित मामलों पर कार्रवाई तेज करने का निर्देश, उत्कृष्ट पुलिसकर्मी सम्मानित।
लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। अवैध खनन में शामिल माफियाओं और शराब तस्करों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक सर्वाधिक कांडों के निष्पादन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं की सूची भी जारी की गई। इसमें नगर थाना के सहायक अवर निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने 34 मामलों का निष्पादन कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं नगर थाना के ही पुनि प्रवीण कुमार ने 31 मामलों का निष्पादन किया।
इसके अलावा शकूराबाद थाना के पुनि रोहन कुमार ने 36, सहायक अवर निरीक्षक अनिल कुमार गुप्ता ने 32 तथा परसबिगहा थाना के सहायक अवर निरीक्षक मनोज कुमार राय ने 28 मामलों का निष्पादन किया। मखदुमपुर थाना के पुनि जॉन मरांडी ने 23, पुनि श्याम किशोर शर्मा ने 26 तथा घोसी थाना के सहायक अवर निरीक्षक जितेंद्र यादव और पुनि बाल्मिक प्रसाद ने 24-24 मामलों का निष्पादन किया। कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को बेहतर पुलिसिंग और आम जनता के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य सड़क से गांव को जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है, जहां नाली का गंदा पानी हमेशा जमा रहता है। सड़क पर जलजमाव के कारण लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। आसपास के कई गांवों के हजारों लोग इसी रास्ते से रोजाना आवागमन करते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क के किनारे स्कूल भी है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को रोज भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बच्चे गंदे पानी में गिरकर घायल भी हो चुके हैं। लोगों ने बताया कि जलजमाव के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि कुछ महीने पहले नाली निर्माण का काम शुरू करने का आश्वासन मिला था। थोड़ी बहुत प्रक्रिया शुरू भी हुई, लेकिन बाद में काम बंद कर दिया गया। हाल की बारिश के बाद स्थिति और भयावह हो गई, जिसके बाद लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा।
सड़क जाम की सूचना मिलने पर जहानाबाद बीडीओ अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के लिए पाइप डालकर पानी निकासी की व्यवस्था शुरू की जा रही है। साथ ही संबंधित इंजीनियरों द्वारा स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट पटना भेजी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही स्थायी नाली निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा। वहीं, जहानाबाद सीओ स्नेहा सत्यम ने बताया कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि जल्द ही नाली निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा। करीब तीन घंटे तक सड़क बाधित रहने के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। जाम में फंसे स्कूली बच्चों ने भी अपनी परेशानी बताई। बच्चों ने कहा कि वे लंबे समय तक सड़क पर फंसे रहे, जिससे उन्हें भूख-प्यास का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते समस्या का समाधान कर देता, तो उन्हें सड़क जाम करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
फ्रिज, वाशिंग मशीन और कूलर समेत कई इनाम वितरित, सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पारदर्शी ड्रॉ।
बॉम्बे बाजार के ब्रांच मैनेजर मो. रिज़वान आलम ने बताया कि पिछले तीन महीनों से हर 1000 रुपये की खरीदारी पर ग्राहकों को कूपन दिए जा रहे थे, जिनका लकी ड्रा आज संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर ऑफर और सुविधाएं देना उनकी प्राथमिकता है, इसी उद्देश्य से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्टोर में त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन को ध्यान में रखते हुए नए कलेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। यहां विभिन्न ब्रांड के कपड़े, घरेलू उपयोग के सामान और बच्चों के खिलौने उचित दामों पर मिल रहे हैं। साथ ही 20,000 रुपये की खरीदारी पर ग्राहकों को चांदी का सिक्का उपहार स्वरूप दिया जा रहा है। मो. रिज़वान आलम ने बताया कि आज से फिर 1000 रुपये की खरीदारी पर कूपन देना शुरू कर दिया गया है, जिसका अगला लकी ड्रा 28 दिसंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
प्रथम पुरस्कार विजेता ने बताया कि बॉम्बे बाजार द्वारा लकी ड्रा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाता है। उन्हें फोन के माध्यम से सूचना दी गई थी और सैकड़ों लोगों के सामने पुरस्कार प्राप्त कर उन्हें बेहद खुशी हुई। विजेताओं ने कहा कि अरवल मोड़ स्थित बॉम्बे बाजार अब जहानाबाद के लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है, जहां गुणवत्ता और किफायती दाम दोनों का संतुलन देखने को मिलता है। इस अवसर पर मो. रिज़वान आलम, अरमान आलम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जनगणना में “मगही” दर्ज कराने को लेकर लोगों से अपील
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुधाकर राजेंद्र ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा होती है, इसलिए मगही को उसका उचित सम्मान मिलना जरूरी है। वहीं विश्वजीत कुमार अलबेला ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को मगही भाषा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सन्नी कुमार कश्यप ने मगध के इतिहास और मगही भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही संजय कुमार, अजय विश्वकर्मा और मगही के गोल्ड मेडलिस्ट कमलेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा के रूप में मगही को ही दर्ज कराएं, ताकि इस भाषा को उसका उचित अधिकार मिल सके।
कार्यक्रम का सफल आयोजन गौतम पाराशर के संयोजन में किया गया। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। चौपाल के अंत में यह संकल्प लिया गया कि मगही भाषा को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
DTO के नेतृत्व में चला अभियान, 1.92 लाख रुपये से अधिक का चालान।
इस अभियान के दौरान करीब 1.92 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने ऑटो चालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी आवश्यक कागजात अद्यतन रखें और यातायात नियमों का पालन करें। साथ ही ओवरलोडिंग से बचने और निर्धारित सीटों के अनुसार ही सवारी बैठाने की हिदायत दी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सड़क हादसों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जहानाबाद जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय टच रग्बी प्रतियोगिता में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर वर्ग में खिताब अपने नाम किया, जबकि सीनियर वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया।
इस सफलता पर जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप प्रकाश ने दोनों खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
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