लखनऊ में सेफ्टी टैंक हादसा: जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
* मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच और मुआवजे के दिए निर्देश
लखनऊ। लखनऊ के माल थाना क्षेत्र स्थित नबी पनाह गांव में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान रिंकू और राजेश के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे, तभी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मृतक सफाईमित्रों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पूरे हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
योगी सरकार का डिजिटल दुग्ध मॉडल: मोबाइल एप से जुड़ेंगी गांव की महिलाएं
* 10 जिलों में ‘सामर्थ्य साथी’ एप के जरिए रोजाना 4 लाख लीटर दूध कारोबार होगा हाईटेक
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अब तकनीक आधारित दुग्ध व्यापार मॉडल लागू कर रही है। अवध क्षेत्र और आसपास के 10 जिलों में कार्यरत ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के माध्यम से महिलाएं अब मोबाइल एप के जरिए दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और भुगतान व्यवस्था का संचालन करेंगी। इस पहल से प्रतिदिन चार लाख लीटर से अधिक दूध के कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
सरकार के अनुसार इस नेटवर्क से अब तक सवा लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा जा चुका है। महिलाएं न केवल दुग्ध उत्पादन कर रही हैं, बल्कि अब तकनीकी प्रबंधन, भुगतान निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड संचालन की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।

* गांव-गांव बने दुग्ध संग्रह केंद्र
सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा गांव स्तर पर दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन स्वयं महिलाएं कर रही हैं। इन केंद्रों पर किसानों से उचित मूल्य पर दूध खरीदा जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है और पशुपालकों को भी बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिली है।
सरकार ने भुगतान व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। महिला दुग्ध उत्पादकों को हर 10 दिन के अंतराल पर महीने में तीन बार सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।

* इन जिलों में तैयार हुआ नेटवर्क
लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर में महिलाओं का बड़ा दुग्ध नेटवर्क तैयार किया गया है।

* 'सामर्थ्य साथी’ एप से मिलेगा हर जानकारी का अपडेट
दुग्ध कारोबार को डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस एप के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता जांच, भुगतान और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता भी दी जा रही है, ताकि वे तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकें।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से महिलाओं का भरोसा बढ़ा है। अब वे केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल डेटा, भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के साथ ‘आत्मनिर्भर गांव’ मॉडल को भी नई दिशा दे रही है।
निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था
* मंत्री संदीप सिंह बोले— हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘निपुण भारत मिशन’ के माध्यम से बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए प्रभावी एवं परिणाममुखी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव होती है और सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित देवी संस्थान (डिग्निटी एजुकेशन विजन इंटरनेशनल) द्वारा आयोजित ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN)’ विषयक लीडरशिप कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत बच्चों की भाषा, गणित एवं समझ विकसित करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने, लिखने और गणना करने में दक्ष बन सके।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी नवाचारों को शामिल कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
न्यूजीलैंड की तकनीक से यूपी में बढ़ेगा गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन

* मधुमक्खी पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, निर्यात को भी मिलेगा बढ़ावा : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर तकनीकी सहयोग और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड के कृषि एवं मधुमक्खी पालन विशेषज्ञों के साथ एपीडा और उत्तर प्रदेश के उद्यमी भी शामिल रहे। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से संवाद स्थापित किया तथा प्रदेश में शहद उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया।

बैठक में बताया गया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन, रोग नियंत्रण और प्रसंस्करण की अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है। इन तकनीकों का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को दिया जा सकता है, जिससे प्रदेश में गुणवत्तायुक्त एवं निर्यातोन्मुख शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीक का लाभ प्रदेश के किसानों और मधुमक्खी पालकों तक पहुंचाकर उनकी आय में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेशवासियों को बेहतर गुणवत्ता का स्वास्थ्यवर्धक शहद उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए मधुमक्खी पालन को एक सशक्त व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान न्यूजीलैंड में शहद आधारित चॉकलेट टॉफी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के आधुनिक उत्पादन की जानकारी साझा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों एवं शहद उत्पादन से जुड़े उद्यमियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए न्यूजीलैंड भेजने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी न्यूजीलैंड और यूरोप का दौरा कर तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

बैठक के बाद खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में रणनीतिक चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से न्यूजीलैंड की आधुनिक शहद उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं रोग प्रबंधन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर भाग लें लोग: ओमप्रकाश राजभर
* पंचायती राज मंत्री ने ऑनलाइन भरा जनगणना फॉर्म, कहा— सही आंकड़े तय करेंगे विकास योजनाओं की दिशा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को ऑनलाइन माध्यम से जनगणना प्रक्रिया के प्रथम चरण को पूरा किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से जनगणना अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या और मकानों की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकास योजनाओं को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि कई जातियां और समुदाय ऐसे हैं, जिनकी सही जानकारी सामने नहीं आ पाती, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। जनगणना के माध्यम से ऐसे समुदायों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उन्हें योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होता है। सही आंकड़े सरकार को योजनाओं की बेहतर रूपरेखा तैयार करने में मदद करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जनगणना अभियान में सहयोग करे और सही जानकारी उपलब्ध कराए।
श्री राजभर ने कहा कि जनगणना समाज के हर वर्ग को पहचान दिलाने का माध्यम है। जब सही जानकारी सरकार तक पहुंचेगी, तभी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि कुछ समाजों की स्थिति और संख्या की सही जानकारी उपलब्ध नहीं है, जनगणना के जरिए उन्हें भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
“हमारी जनगणना-हमारा विकास” : केशव प्रसाद मौर्य ने भरा डिजिटल स्वगणना फार्म

* उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर डिजिटल माध्यम से स्वगणना फार्म भरकर प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने “हमारी जनगणना-हमारा विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में 7 मई से प्रारंभ हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के तहत स्वयं डिजिटल फार्म भरते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सही एवं प्रमाणिक जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में योगदान दे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। प्रथम चरण में भवनों एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उन्होंने बताया कि आमजन को 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सही जनगणना सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनी है।
इस अवसर पर जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री को “भारत की जनगणना” विषयक स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के सफल संचालन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है।
यूपी में खत्म हुई स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था, अब सभी स्मार्ट मीटर होंगे पोस्टपेड
* 15 मई से 30 जून तक प्रदेशभर में लगेंगे विशेष शिकायत निस्तारण कैंप, बिल और तकनीकी समस्याओं का होगा मौके पर समाधान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश में स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था समाप्त कर सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले को लेकर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से शुक्रवार को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट कर आभार व्यक्त किया।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली से जोड़ने का निर्णय आम उपभोक्ताओं को राहत, पारदर्शिता और बेहतर सुविधा प्रदान करेगा।
ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक प्रदेशभर में विशेष शिकायत निस्तारण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां उपभोक्ताओं की बिल संशोधन, मीटर रीडिंग और तकनीकी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक कार्यालय में हेल्प डेस्क भी स्थापित की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के सहायता मिल सके। सरकार का उद्देश्य बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता अनुकूल बनाना है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार सुशासन और जनसुविधा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा भविष्य में भी जनता के हित में इसी प्रकार के निर्णय लिए जाते रहेंगे।
ग्रेटर नोएडा के साकीपुर छात्र हत्याकांड में बड़ा खुलासा: फरार आरोपी वीर सिंह मुठभेड़ में गिरफ्तार
नोएडा/ लखनऊ। साकीपुर गांव में हुए चर्चित एलएलबी छात्र हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सूरजपुर पुलिस ने बुधवार/गुरुवार की रात मुठभेड़ के बाद फरार चल रहे दूसरे आरोपी वीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, “ऑपरेशन क्लीन” के तहत टीम एमटैक तिराहे पर तिलपता से गौर सिटी जाने वाले मार्ग पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से आरोपी वीर सिंह घायल हो गया, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है।
गौरतलब है कि मंगलवार रात साकीपुर गांव में नाली की सफाई से निकले कूड़े को जलाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद के बाद हमलावरों ने घर में घुसकर एलएलबी छात्र पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। गंभीर रूप से घायल छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इस सनसनीखेज वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर खुलेआम छात्र पर फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।