सीएम हेमन्त सोरेन ने 7 वर्षीय तैराक इशांक सिंह को किया सम्मानित, पाल्क स्ट्रेट पार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रांची के सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तैराक इशांक सिंह को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा उज्जवल भविष्य की कामना की। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह को उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उन्हें 5 लाख रुपए का चेक, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि रांची के इशांक सिंह ने विगत 30 अप्रैल 2026 के दिन लगातार 9 घंटे 50 मिनट तैरकर भारत और श्रीलंका के बीच स्थित चुनौतीपूर्ण पाल्क स्ट्रेट (palk Strait, 29 किलोमीटर) को पार करते हुए अपने नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए इशांक सिंह को कई विभिन्न खिताबों से सम्मानित किया गया है।

इशांक सिंह ने अपने प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन किया

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल तैराक ईशान सिंह ने पाक स्ट्रेट पार कर देश और दुनिया में झारखंड प्रदेश का नाम रोशन कर दिखाया है। मौके पर मुख्यमंत्री ने इशांक सिंह के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि तैराकी के क्षेत्र में इनकी सफलता पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। झारखंड में हमारी सरकार ने एक बेहतर खेल नीति बनाई है, जिसका लाभ यहां के खिलाड़ियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा झारखंड के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने विश्वास व्यक्त किया कि सात वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड का मान बढ़ाएंगे।

प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिले इस निमित्त राज्य सरकार उन्हें हर संभव मदद करेगी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि बाल तैराक इशांक सिंह कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। इनकी सफलता राज्य के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर इशांक सिंह जैसे प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिले इस निमित्त राज्य सरकार उन्हें हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा खेल के क्षेत्र में झारखंड प्रदेश निरंतर विकास कर रहा है। यहां के खेल प्रतिभाओं ने कई मौकों पर पूरे विश्व अपना लोहा मनवाया है। झारखंड के खिलाड़ी अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहे हैं। राज्य के युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी को और ऊर्जावान बनाएगी।

मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित पदाधिकारियों से कहा कि आने वाले दिनों में तैराकी प्रशिक्षण सहित सभी सुविधाओं के विस्तार हेतु कार्य योजना बनाते हुए राज्य सरकार आगे बढ़ेगी तथा राज्य में तैराकी प्रतिभावों को आधुनिक सुविधा प्रदान करेगी। मौके पर मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में तैराकी से संबंधित सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी उपस्थित खेल विभाग के अधिकारियों से ली। मौके पर मुख्यमंत्री ने इशांक सिंह की माता, पिता तथा कोच को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर राज्य के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, खेल विभाग के सचिव मुकेश कुमार, निदेशक खेल श्री आसिफ इकराम, उप निदेशक श्री राजेश कुमार, तैराकी संघ से श्री शैलेंद्र तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राँची से सटे बुंडू में शादी समारोह से लौट रही गाड़ी तालाब में गिरी

रांची : राजधानी रांची में बुधवार देर रात तमाड़ थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। हादसा इतना भयावह था, कि कार में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि बुधवार की देर रात जब सिल्ली के बरलंगा निवासी दो युवक शादी समारोह में शामिल होकर देर रात कार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान चालाडी गांव के पास चालक का नियंत्रण कार से हट गया और तेज रफ्तार कार सीधे तालाब में जा घुसी। रात के अंधेरे में हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जिससे स्थानीय ग्रामीण पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी जिसके बाद तमाड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे दोनों युवकों को बाहर निकाला गया और आनन-फानन में तमाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। शुरुआती आशंका तेज रफ्तार और चालक का संतुलन बिगड़ने की बताई जा रही है। हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

बोकारो: गवाई पुल पर गैस टैंकर में लगी आग, NH-32 बंद, इलाके में दहशत*

झारखंड के बोकारो में पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के गवाई पुल के बीचों-बीच गुरुवार सुबह करीब 10 बजे एक गैस टैंकर में अचानक आग लग जाने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. बताया जा रहा है कि 16 चक्का गैस टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके बाद उसमें आग लग गई. कुछ ही देर में आग की लपटें काफी तेज हो गईं और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया.

पुलिस और दमकल विभाग पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गए. सुरक्षा को देखते हुए एनएच-32 पर दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे सड़क पर लंबी कतार लग गई . पुलिस ने एहतियातन गवाई पुल से करीब आधा किलोमीटर पहले ही लोगों और वाहनों को रोक दिया है जिससे कि कोई बड़ी दुर्घटना न हो. स्थानीय लोगों में सबसे ज्यादा डर इस बात को लेकर बना हुआ है कि अगर गैस टैंकर में ब्लास्ट हो जाता, तो गवाई पुल सहित आसपास के कई घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे. हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के बाद टैंकर से गैस लीक होकर काफी हद तक निकल गई, जिससे बड़े विस्फोट की आशंका कुछ कम हुई है.

आग पर काबू पाने की कोशिश जारी

फिलहाल दमकल कर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है. घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. खबर लिखे जाने तक घटना की गैस टैंकर में आग लगी की घटना बनी हुई है.

ग्लोबल स्कूल ऑफ गोविंदपुर में स्वास्थ्य जाँच शिविर और ‘समावेशी शिक्षा’ पर अभिभावक उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न

ग्लोबल स्कूल ऑफ गोविंदपुर में बुधवार को अभिभावक उन्मुखीकरण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ "जीवन" एनजीओ के संस्थापक श्री अनिल सिंह ने समावेशी शिक्षा विषय पर संबोधन किया। आसर्फी अस्पताल, धनबाद के सहयोग से विद्यालय परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया।

ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया के संचालक डॉ. एस. खालिद ने कार्यक्रम का उदेश्य बताया। उन्होंने अपने संबोधन में नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व तथा अभिभावक-विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

विद्यालय की प्राचार्या चाँदनी त्रिगुनायत ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय की अध्यक्ष डॉ. निकहत परवीन भी उपस्थित थीं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों व विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थियों द्वारा किया गया।

दुमका के अंकित ने बढ़ाया मान: संघर्षों को मात देकर बने झारखंड इंटर आर्ट्स के 'स्टेट सेकेंड टॉपर'

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की 12वीं कला संकाय परीक्षा में दुमका के अंकित कुमार ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है. 474 अंक के साथ स्टेट सेकेंड टॉपर बने अंकित की सफलता से पूरे इलाके में खुशी की लहर है.

गांव से शहर तक का संघर्ष, तब मिली कामयाबी

अंकित मसलिया प्रखंड के गोलबंधा गांव का निवासी है और पीएम श्री प्लस टू नेशनल उच्च विद्यालय दुमका का छात्र है. विद्यालय दूर होने के कारण वह पिछले पांच वर्षों से शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा था. उसकी मां संध्या दे सहायक शिक्षिका हैं, जबकि पिता सुशील कुमार दे स्टेशनरी दुकान चलाते हैं. सीमित संसाधनों के बीच अंकित ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया.

10-12 घंटे पढ़ाई, टेक्नोलॉजी का भी लिया सहारा

अंकित ने बताया कि उसने रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई की. स्व-अध्ययन के साथ यूट्यूब और चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म की मदद ली. उसका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाकर देश की सेवा करना है. इसी को ध्यान में रखते हुए उसने आर्ट्स संकाय चुना, ताकि आगे यूपीएससी की तैयारी में मदद मिल सके.

जापान तक पहुंचा हुनर, पहले भी रह चुका है टॉपर

अंकित वर्ष 2024 में 10वीं परीक्षा में जिले का टॉपर रह चुका है. इसी उपलब्धि के आधार पर उसे भारत सरकार की ओर से ‘सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम 2024’ के तहत जापान जाने का अवसर मिला. वहां उसने विज्ञान-तकनीक के साथ सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को करीब से समझा. यह अनुभव उसकी सोच और लक्ष्य को और मजबूत करने वाला साबित हुआ.

स्कूल को गर्व, छात्रों के लिए बना प्रेरणा

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ बसंत कुमार ने कहा कि अंकित शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है. उसकी इस उपलब्धि से पूरा विद्यालय परिवार गौरवान्वित है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अंकित की सफलता से अन्य छात्र भी प्रेरित होंगे और बेहतर प्रदर्शन करेंगे.

मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास: बोकारो की छोटी कुमारी बनीं इंटर आर्ट्स की स्टेट टॉपर, आर्थिक तंगी को दी मात

बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के खैराचातर गांव की बेटी छोटी कुमारी ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट आर्ट्स परीक्षा 2026 में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है. छोटी ने 487 अंक प्राप्त कर स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है उनकी इस उपलब्धि से गांव, विद्यालय और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.

हरनाद हाई स्कूल की छात्रा है छोटी

छोटी कुमारी, खैराचातर निवासी भवानी शंकर नायक और माला देवी की पुत्री हैं. वह पीएमश्री क्षेत्रनाथ प्लस टू उच्च विद्यालय हरनाद की छात्रा हैं. सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है. उनके पिता एक साधारण दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी बेटी की पढ़ाई जारी रखी.

आईएएस बन देश सेवा करना चाहती है छोटी

अपनी सफलता पर छोटी कुमारी ने कहा कि उनका सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का है. उन्होंने कहा कि यदि परिवार, समाज और प्रशासन का सहयोग मिला तो वह आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी करेंगी. उन्हें विश्वास है कि अवसर मिलने पर वह अपना सपना अवश्य पूरा करेंगी.

नियमित पढ़ाई को बताया सफलता का मंत्र

छोटी ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के दौरान अचानक अधिक पढ़ाई करने के बजाय नियमित अध्ययन पर ध्यान दिया. वह प्रतिदिन चार से पांच घंटे तक लगातार पढ़ाई करती थीं. उनके अनुसार अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. उन्होंने कहा कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई बार बिजली कटने से भी दिक्कत होती थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. पिता ने मजदूरी कर किसी तरह उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया.

शिक्षकों के सहयोग से मिली सफलता

छोटी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया. उन्होंने विशेष रूप से इतिहास के शिक्षक इरशाद अख्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर मार्गदर्शन दिया. छोटी की इस उपलब्धि से खैराचातर गांव सहित पूरे कसमार क्षेत्र में गर्व और उत्साह का वातावरण है. लोग इसे मेहनत, संघर्ष और संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल मान रहे हैं.

पलामू में भाजपा का महासंग्राम: मटका फोड़ प्रदर्शन कर घेरा DC दफ्तर, अमर बाउरी बोले- "खून चूस रही है हेमंत सरकार"

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पलामू में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिजली और पानी को लेकर लगातार हो रही समस्याओं के खिलाफ विशाल प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत काली मंदिर रेडमा चौक से की गई, जहां से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने सांकेतिक रूप से मटका और हाथों में तख्तियां लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी में की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पूर्व विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार भुइँया, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात भुइंया सहित सैकड़ो कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार गरीब जनता का न सिर्फ पानी बल्कि उनका खून भी चूस रही है। जिस तरह से पूरे राज्य में 80000 से भी अधिक चापानल छोटी-छोटी खराबियों के कारण बंद पड़े हैं, उसे ठीक करवाने या उसे बदलवाने का कार्य राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार नहीं कर पा रही है। लोग आज शुद्ध पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। शुरुआत की गर्मी में ही बिजली और पानी की समस्या से लोगों की जान तक जा रही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल में ही एक गर्भवती महिला की मौत बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टर के द्वारा टॉर्च से ऑपरेशन किया गया जिससे गर्भवती महिला की मौत हो गई। वहीं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना चाहते हुए कहा कि झारखंड के बढ़बोले मंत्री सिर्फ अपनी बातों से सुर्खियों में रहते हैं जबकि उनका काम हकीकत में धरातल पर उतरता नहीं देख रहा।

अमर कुमार बाउरी ने चेतावनी देते हुए साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही राज्य में बिजली और पानी की समस्या का निवारण राज्य सरकार नहीं करती है तो प्रदेश स्तर पर भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। वहीं सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना विरोध करते हुए उपायुक्त के गाड़ी के समक्ष मटका फोड़ा।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पलामू जैसे शहर में बिजली और पानी न होने के कारण इसका असर न सिर्फ लोगों के आम जीवन पर पड़ रहा है बल्कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्यों पर भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पलामू के लगभग सभी क्षेत्र में लगे हुए चापाकल और नल खराब पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नल जल योजना पलामू सहित पूरे राज्य में ठप पड़ी हुई है। उन्होंने साफ तौर पर उपायुक्त के माध्यम से सरकार से मांग किया कि जल्द ही पलामू और पूरे राज्य में बिजली और पानी की समस्या को समाप्त करें अन्यथा जो आंदोलन आज उपायुक्त कार्यालय तक है अगली बार बृहद रूप से राज्य स्तर पर किया जाएगा।

प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार आम जनता के मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखने का काम कर रही है। बिजली और पानी की समस्या से आम जनता त्राहिमाम है और इसका सीधा असर सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। आए दिन राज्य में बिजली न होने के कारण कई मरीजों की जान चली गयी। वहीं छात्रों पर भी सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई पर हो रहा है।

सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही सब समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिस तरह से बंगाल में आम जनता के विरोध का सामना तृणमूल कांग्रेस को करना पड़ा और उन्हें अपने सत्ता से हाथ धोना पड़ा, उसी तरह आने वाले चुनाव में भी झारखंड की जनता हेमंत सोरेन की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

भीषण गर्मी पर CM हेमंत सोरेन सख्त: पेयजल-बिजली-स्वास्थ्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के वरीय पदाधिकारियों एवं सभी उपायुक्तों के साथ बैठक कर भीषण गर्मी तथा बढ़ते तापमान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने‑अपने जिलों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी क्षेत्र में जल‑संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों, टैंकरों और अन्य वैकल्पिक जल‑स्रोतों की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां भी समस्या की सूचना मिले, वहां त्वरित कार्रवाई की जाए।

बिजली एवं स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए कहा कि गर्मी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर की खराबी तथा आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों में हीटवेव और लू से प्रभावित लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था रहे। आवश्यक दवाइयों, ओ.आर.एस., पेयजल, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सीधे संवाद से ही होगा समाधान : मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को क्षेत्र भ्रमण और जनसुनवाई का दिया सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करें और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने भ्रमण की जानकारी मुख्यालय को साझा करें, जहां भी जाएं, वहां की तस्वीरें भी भेजें। साथ ही, स्थानीय लोगों से अनिवार्य रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनें। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करता है और समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायक होता है।

प्रशासनिक तत्परता और आपसी समन्वय से सुनिश्चित हो जन‑सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी की इस स्थिति में प्रशासनिक तत्परता, सतत निगरानी और मानवीय संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी नागरिक को पानी, बिजली या स्वास्थ्य‑सुविधाओं के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में विभिन्न जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी उपायुक्त राज्य सरकार के निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करते हुए आवश्यक राहत एवं देय सुविधाओं को प्रभावी रूप से प्रबंधित करेंगे।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग श्री अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल, विभिन्न विभागों के सचिव, सभी जिलों के उपायुक्त एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

जंगल महल की जीत से साकार होगा 'सोनार बांग्ला' का सपना, चंपाई सोरेन ने जताया जनता का आभार


झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में बीजेपी के अभूतपूर्व जीत के लिए जंगल महल क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए जंगल महल धन्यवाद कहा है.

एक्स पर किया पोस्ट

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल साइड X पर ट्वीट करते हुए आगे कहा है कि ” इन चुनावों में 40 में से 38 विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में डाल कर आपने जो विश्वास हम पर दिखाया है, वह अभूतपूर्व है. भाजपा परिवार का एक सदस्य होने के नाते आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि हमारे सभी विधायक आपके हर सुख-दुख में सदैव शामिल रहेंगे और पश्चिम बंगाल में बनने जा रही

भाजपा सरकार क्षेत्र के कायाकल्प के लिए रात-दिन एक कर देगी. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल अब विकास की नई गाथा लिखेगा. अब डर, भय और प्रतिशोध नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ हर नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास होगा. अंत्योदय, उन्नयन, महिला सुरक्षा एवं सांस्कृतिक अस्मिता को आगे रखते हुए “सोनार बांग्ला” का सपना साकार होगा.