भीषण गर्मी पर CM हेमंत सोरेन सख्त: पेयजल-बिजली-स्वास्थ्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के वरीय पदाधिकारियों एवं सभी उपायुक्तों के साथ बैठक कर भीषण गर्मी तथा बढ़ते तापमान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने‑अपने जिलों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी क्षेत्र में जल‑संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों, टैंकरों और अन्य वैकल्पिक जल‑स्रोतों की नियमित निगरानी की जाए तथा जहां भी समस्या की सूचना मिले, वहां त्वरित कार्रवाई की जाए।

बिजली एवं स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए कहा कि गर्मी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर की खराबी तथा आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों में हीटवेव और लू से प्रभावित लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था रहे। आवश्यक दवाइयों, ओ.आर.एस., पेयजल, चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सीधे संवाद से ही होगा समाधान : मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को क्षेत्र भ्रमण और जनसुनवाई का दिया सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करें और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने भ्रमण की जानकारी मुख्यालय को साझा करें, जहां भी जाएं, वहां की तस्वीरें भी भेजें। साथ ही, स्थानीय लोगों से अनिवार्य रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनें। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करता है और समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायक होता है।

प्रशासनिक तत्परता और आपसी समन्वय से सुनिश्चित हो जन‑सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी की इस स्थिति में प्रशासनिक तत्परता, सतत निगरानी और मानवीय संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी नागरिक को पानी, बिजली या स्वास्थ्य‑सुविधाओं के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में विभिन्न जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी उपायुक्त राज्य सरकार के निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करते हुए आवश्यक राहत एवं देय सुविधाओं को प्रभावी रूप से प्रबंधित करेंगे।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग श्री अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल, विभिन्न विभागों के सचिव, सभी जिलों के उपायुक्त एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

जंगल महल की जीत से साकार होगा 'सोनार बांग्ला' का सपना, चंपाई सोरेन ने जताया जनता का आभार


झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पश्चिम बंगाल के जंगल महल क्षेत्र में बीजेपी के अभूतपूर्व जीत के लिए जंगल महल क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए जंगल महल धन्यवाद कहा है.

एक्स पर किया पोस्ट

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल साइड X पर ट्वीट करते हुए आगे कहा है कि ” इन चुनावों में 40 में से 38 विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में डाल कर आपने जो विश्वास हम पर दिखाया है, वह अभूतपूर्व है. भाजपा परिवार का एक सदस्य होने के नाते आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि हमारे सभी विधायक आपके हर सुख-दुख में सदैव शामिल रहेंगे और पश्चिम बंगाल में बनने जा रही

भाजपा सरकार क्षेत्र के कायाकल्प के लिए रात-दिन एक कर देगी. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल अब विकास की नई गाथा लिखेगा. अब डर, भय और प्रतिशोध नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ हर नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास होगा. अंत्योदय, उन्नयन, महिला सुरक्षा एवं सांस्कृतिक अस्मिता को आगे रखते हुए “सोनार बांग्ला” का सपना साकार होगा.

असम की जनता को हेमंत सोरेन का 'जोहार': बिना गठबंधन के झामुमो ने दिखाया दम!

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झामुमो के असम में शानदार प्रदर्शन से गदगद हैं. उन्होंने चुनाव परिणाम के बाद वहां की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया है. पार्टी ने बेहद सीमित समय और संसाधनों के बावजूद राज्य की 16 महत्वपूर्ण सीटों पर चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पकड़ का अहसास कराया. झारखड के सीएम का कहना है कि बिना किसी बड़े गठबंधन के पहली ही कोशिश में 2 सीटों पर दूसरे स्थान पर रहना और 7 सीटों पर 15 हजार से अधिक मत प्राप्त करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी की विचारधारा ने जनता के बीच पैठ बनानी शुरू कर दी है.

अस्तित्व और अधिकारों की लड़ाई

हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के जरिये पोस्ट कर झामुमो के चुनाव लड़ने की वजह को भी बता दिया है. उन्होंने कहा कि JMM का फैसला केवल राजनीतिक विस्तार तक सीमित नहीं था, बल्कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य वहां के आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समाज की दयनीय स्थिति को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना था. JMM ने आदिवासियों को ST का दर्जा न मिलना, चाय बागान मजदूरों को उचित मजदूरी का अभाव और जमीन के अधिकारों से वंचित रहने जैसे गंभीर मुद्दों को अपने संघर्ष की नींव बनाया है. झारखंड के मुख्यमंत्री का मानना है कि आने वाले समय में संगठन और भी मजबूत होकर उभरेगा.

जनता का मिला अभूतपूर्व सहयोग

झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम की जनता को ‘जोहार’ कहते हुए उनके विश्वास और सक्रिय भागीदारी के लिए हृदय से आभार प्रकट किया है. सीएम ने कहा कि इस संघर्ष में जिस तरह से लोगों ने साथ दिया, वह अत्यंत हौसला बढ़ाने वाला और नई ऊर्जा का स्रोत है. यह परिणाम स्पष्ट करते हैं कि आदिवासी समाज के मुद्दों को अब और अधिक मजबूती के साथ उठाया जाना आवश्यक है.

निरंतर जारी रहेगा संघर्ष

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह केवल एक चुनावी प्रयास नहीं था, बल्कि यह अस्तित्व और अधिकारों की एक लंबी लड़ाई है, पार्टी ने प्रतिबद्धता दोहराई है कि आदिवासियों के सम्मान और पहचान के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा. असम के चुनावी परिणाम बताते हैं कि भविष्य में JMM वहां एक निर्णायक राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित होने की दिशा में अग्रसर है.

पश्चिम बंगाल में 'कमल' खिलने पर बोले अर्जुन मुंडा: "यह जीत राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि एक बड़े राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है.

संघर्ष और समर्पण का परिणाम है यह जीत: अर्जुन मुंडा

अर्जुन मुंडा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की यह जीत वर्षों के संघर्ष, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना का परिणाम है. उन्होंने 2021 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिस साहस और धैर्य के साथ चुनौतियों का सामना किया, उसी का परिणाम आज देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और पार्टी की विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ाया.

मोदी-शाह के नेतृत्व को दिया श्रेय

अर्जुन मुंडा ने इस जीत का श्रेय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और संगठन नेतृत्व को दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और अमित शाह की सशक्त रणनीति ने इस जनआंदोलन को दिशा दी. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व ने जमीनी स्तर तक संगठन को मजबूत किया, जिससे यह सफलता संभव हो सकी.

गांव-गांव तक पहुंचा राष्ट्रहित का संदेश

मुंडा ने कहा कि इस अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचकर राष्ट्रहित की भावना को जन-जन तक पहुंचाया. यही कारण है कि जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया और इस जीत को संभव बनाया. उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और वैचारिक परिवर्तन का भी संकेत है.

पश्चिम बंगाल की विरासत और नया दौर

अर्जुन मुंडा ने पश्चिम बंगाल को बलिदान, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भूमि बताते हुए कहा कि यह राज्य हमेशा से देश के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है. उन्होंने कहा कि आज का जनादेश उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का संकेत देता है. उन्होंने कहा कि यह परिणाम राज्य में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जहां विकास और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी जाएगी.

असम और पुडुचेरी के जनादेश का भी जिक्र

मुंडा ने अपने बयान में असम और पुडुचेरी की जनता का भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में भाजपा को मिला जनादेश लोकतंत्र में जनता के विश्वास और विकास की राजनीति की जीत है. उन्होंने वहां के कार्यकर्ताओं और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह समर्थन पार्टी की नीतियों और कार्यशैली पर मुहर लगाता है.

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम

अर्जुन मुंडा ने अपने बयान के अंत में कहा कि यह जीत केवल एक परिणाम नहीं, बल्कि एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का एक संकल्प है. उन्होंने कहा कि भाजपा इस जनादेश को जिम्मेदारी के रूप में लेते हुए देश और राज्यों के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी.

बांग्लादेशी घुसपैठियों बाहर जाएंगे बंगाल एक सांस्कृतिक धार्मिक एवं आस्था का राज्य है:-राजेश ठाकुर

रामगढ़:- भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बयान जारी कर बताया कि पश्चिम बंगाल असम पांडिचेरी बंपर जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई शुभकामनाएं दिए पश्चिम बंगाल में प्रचंड।

वहां के जमीनी कार्यकर्ताओं कड़ी मेहनत और संघर्ष का परिणाम भाजपा जीत हुई है हजारों राष्ट्रवादी कार्यकर्ता बंगाल में शहीद हुए हैं और आज राष्ट्रवादी विचारधारा पार्टी की जीत को लेकर उन शहीदों को नमन करता हूं बंगाल में हिंदुत्व राष्ट्रवादी विचारधारा के मतदाताओं को भी आभार प्रकट करता हूं राष्ट्र हित में निर्णय लेने के लिए श्री ठाकुर ने

बताया कि अति का अंत होता है ममता बनर्जी की सरकार ने देश विरोधी गतिविधियों वालों के लिए संरक्षक सरकार टीएमसी की आतंक का अंत होगा बांग्लादेशी घुसपैठियों बाहर जाएंगे बंगाल एक सांस्कृतिक धार्मिक एवं आस्था का राज्य है

अब मोदी जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल सोनार बंगला बनेगा पश्चिम बंगाल एक ऐतिहासिक राज्य है अब रामनवमी पूजा में धूमधाम से और जय श्री राम के नारों से बंगाल गूंज उठेगा

महिला आरक्षण पर झारखंड में सियासत तेज: विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

जैसा कि आपको विदित है कि केन्द्र सरकार द्वारा विगत 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक सदन के 3 दिनों का विशेष सत्र आहूत कर देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण हेतु 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' प्रस्तुत किया गया। दुर्भाग्यवश, विपक्ष के साथियों का अपेक्षित सहयोग न मिल पाने के कारण सदन में यह 'बिल' पारित नहीं हो पाया। इस बिल के पारित हो जाने से जहां पूरे देश की आधी आबादी को 2029 से ही प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता, वहीं झारखंड प्रदेश में भी 14 लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 21 हो जाती, जिसमें 7 लोकसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसी प्रकार विधानसभा सीटों की संख्या 81 से बढ़कर 121 हो जाती, जिसमें 41 विधानसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व को अवसर मिल पाता।

झारखंड की संस्कृति एवं झारखंडी इतिहास में सदैव महिलाओं को प्रतिनिधित्व सहित सभी प्रकार की निर्णय प्रक्रिया, चाहे वह सामाजिक हो या राजनैतिक में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान दिया है। वीरांगना फूलो-झानो की इस धरती पर निवासरत झारखंड की बहनों की यह आशा है कि मा. मुख्यमंत्री जी, आप स्वयं महिला सशक्तिकरण के सशक्त पैरोकार रहे हैं। अतः इस झारखंड की भूमि पर इतिहास रचने का कार्य करें एवं मा. राज्यपाल की अनुमति से झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कराकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' को पारित कर केन्द्र सरकार से पुनः इसे सदन में पारित कराने का आग्रह करें। आपके इस ऐतिहासिक कदम से झारखंड की आधी आबादी के लिए बहुप्रतिक्षित न्याय का मार्ग प्रशस्त संभव हो सकेगा।

आशा है कि आप दलगत भावना से ऊपर उठकर इस महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार के विषय पर गंभीरता से निर्णय लेने का कष्ट करेंगे।

इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

*रांची: महाअधिवक्ता राजीव रंजन मिश्रा ने जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना पूरी की

श्री राजीव रंजन मिश्रा, महाअधिवक्ता, झारखंड उच्च न्यायालय ने जनगणना-2027 के तहत रविवार को स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की।

इस अवसर पर श्री प्रभात कुमार, निदेशक , जनगणना कार्य निदेशालय झारखण्ड, श्री सुशांत गौरव, नगर आयुक्त नगर निगम रांची, डॉ० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता संयुक्त निदेशक, श्री शेषनाथ बैठा जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची, श्री ज्ञानचंद्र महतो सहायक निदेशक आदि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के लिए स्व-गणना पूरी की, नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की। इस अभियान के तहत 01 मई से 15मई तक स्व-गणना कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसी क्रम में रविवार को मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार ने स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की।

15 मई के पश्चात मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून 2026 तक पूरे राज्य में किया जाएगा। इस गहन जनगणना अभियान के दौरान घर-घर जाकर प्रगणक से संबद्ध कर्मी डेटा संग्रह करेंगे। सभी जिलों में इस कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है।

इस मौके पर श्री प्रभात कुमार, निदेशक , जनगणना कार्य निदेशालय झारखण्ड, श्री सुशांत गौरव, नगर आयुक्त नगर निगम रांची, डॉ० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता संयुक्त निदेशक, श्री शेषनाथ बैठा जिला सांख्यिकी अधिकारी, रांची, श्री ज्ञानचंद्र महतो सहायक निदेशक आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होने का निमंत्रण

कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से

“श्री शिवाला सेवा समिति” के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री सोरेन को दिनांक 05 मई 2026 से 11 मई 2026 तक सुकुरहुटू गौशाला फुटबॉल

मैदान, रांची में आयोजित होने वाली “श्री शिव महापुराण कथा” में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। प्रतिनिधिमंडल में श्री रमेश सिंह, श्री रितेश कुमार, श्री रवि राज, श्री राहुल कुमार, श्री सनद कुमार सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।