बंगाल चुनाव रुझानों पर लखनऊ में BJP का जश्न, कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह

* ढोल-नगाड़ों पर नाचे कार्यकर्ता, डिप्टी CM संग नेताओं ने साझा किया खुशी का पल

लखनऊ। पश्चिम बंगाल चुनाव के रुझानों में बढ़त की खबर के साथ ही लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और उनके साथ जश्न में शामिल हुए। इस दौरान दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ झालमुड़ी का आनंद लिया, जो बंगाल की सांस्कृतिक झलक को दर्शाता है।
जश्न के बीच एक युवक बुलडोजर मॉडल लेकर पहुंचा, जिस पर “27 में फिर बुलडोजर” लिखा हुआ था, जो कार्यकर्ताओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। महिला कार्यकर्ताओं ने भी ढोल-नगाड़ों पर जमकर नृत्य कर उत्साह का प्रदर्शन किया।
कार्यालय परिसर में आतिशबाजी के साथ माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और संगठन के नेताओं की रणनीति को इस सफलता का श्रेय दिया। बंगाल से आ रहे सकारात्मक रुझानों ने राजधानी लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया है, जिससे प्रदेश कार्यालय में देर तक जश्न का सिलसिला जारी रहा।
पर्यटन विकास को रफ्तार: महाराजगंज में 686 लाख, मैनपुरी में 2229 लाख की परियोजनाएं स्वीकृत

* धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बढ़ेगा पर्यटन व रोजगार

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास को नई गति देते हुए जनपद महाराजगंज और मैनपुरी में कुल 27 परियोजनाओं के लिए 2915 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गोरखपुर मंडल के महाराजगंज जनपद में 09 पर्यटन परियोजनाओं के लिए 686 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं के तहत सिसवा, पनियरा, नौतनवा, फरेंदा और सदर क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों का विकास किया जाएगा। साथ ही बहुउद्देशीय अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि हुई है। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसी क्रम में आगरा मंडल के मैनपुरी जनपद में 18 पर्यटन परियोजनाओं के लिए 2229 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं में सत्तेश्वर महादेव मंदिर, आर्य समाज मंदिर, बजरंगबली हनुमान मंदिर, मां गंगा देवी मंदिर, नरसिंह धाम, वनखंडेश्वर आश्रम सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास शामिल है। इसके अतिरिक्त पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों से न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा रहा है, बल्कि पर्यटन के माध्यम से रोजगार और राजस्व के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
किसानों पर योगी सरकार का फोकस: केसीसी व फसल बीमा में तेजी के निर्देश

* 15 मई से विशेष अभियान, हर पात्र किसान को योजनाओं से जोड़ने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष सं0-44-ख में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागों और बैंकों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
मंत्री शाही ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केसीसी और फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के डाटा का उपयोग कर अधिक से अधिक किसानों को केसीसी से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विभागीय पोर्टलों पर फार्मर आईडी के माध्यम से योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
समीक्षा में सामने आया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में केसीसी खातों का नवीनीकरण लंबित है और कई खाते एनपीए की श्रेणी में चले गए हैं। इस पर मंत्री ने बैंक और विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर खातों को नियमित करने और किसानों को समय पर ऋण अदायगी के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घोषणा की कि 15 मई से विशेष अभियान चलाकर नए केसीसी जारी किए जाएंगे और अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने किसानों को समय पर ऋण चुकाने पर ब्याज में मिलने वाली छूट की जानकारी देने पर जोर देते हुए बैंकों को शाखा स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, नोटिस बोर्ड लगाने और किसानों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिन किसानों का प्रीमियम काटा गया है, उनका बीमा हर हाल में सुनिश्चित किया जाए और उसका पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जाए। अधिकारियों को बीमा कवरेज, दावों और लाभार्थियों का स्पष्ट डेटा तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) समेत अन्य योजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए मंत्री शाही ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और ब्याज में छूट का लाभ तभी मिलेगा जब बैंक सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बैंकों से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और कृषि निवेश को बढ़ावा देने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने सभी योजनाओं की नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में केशव मौर्य ने सुनीं समस्याएं, त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश
* भूमि विवाद, पेंशन, आवास व रोजगार से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित, प्रभावी एवं न्यायसंगत निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने अपनी व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याएं सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इनमें भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक मामलों में मौके पर जाकर निरीक्षण कर पीड़ितों को समयबद्ध राहत देने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए और सरकार जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी फरियादी निराश नहीं लौटेगा और हर समस्या का यथासंभव समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संतुष्टिपरक और समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान इस प्रकार हो कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। भूमि संबंधी मामलों में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जाकर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
गोबर आधारित कम्पोस्ट व बायोगैस को बढ़ावा: गौशालाओं को बनाया जाएगा उत्पादन केंद्र

* जैविक खेती को नई दिशा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की व्यापक योजना

लखनऊ। प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष 44-ख में पशुपालन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर गोबर आधारित कम्पोस्ट, बायोगैस, जीवामृत और घनामृत के उत्पादन, उपयोग व विपणन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं को उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित कर उन्हें कम्पोस्ट व अन्य जैविक उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लाखों मीट्रिक टन कम्पोस्ट उत्पादन की क्षमता मौजूद है। इसके लिए गोशालाओं, डेयरी इकाइयों और किसानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। मंत्री ने झांसी, चंदौली, फर्रुखाबाद, कानपुर और बाराबंकी में संचालित सफल बायोगैस व जैविक खाद मॉडलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रदेशभर में विस्तार देने के निर्देश दिए।
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों के विस्तार और गोबर गैस प्लांट्स की स्थापना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बायोगैस से ऊर्जा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद (स्लरी) भी प्राप्त होती है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है। उन्होंने गोबर आधारित खाद के मानकीकरण पर विशेष जोर देते हुए पैकेजिंग, नमी स्तर और गुणवत्ता के स्पष्ट मानक तय करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को भरोसेमंद उत्पाद मिल सके। सहकारी समितियों के माध्यम से इसकी उपलब्धता बढ़ाने और यूरिया के साथ इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया।
मंत्री ने कहा कि गोबर आधारित खाद मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाकर उत्पादन क्षमता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करती है। इस दिशा में कृषि वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से कम लागत वाले मॉडल विकसित किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गोबर गैस संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी और जैविक खाद के प्रभावी विपणन के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि कृषि और पशुपालन के एकीकरण से जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। गोबर आधारित उत्पादों के उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
अम्बेडकरनगर हत्याकांड का खुलासा: मां नहीं, सनकी आशिक निकला कातिल, पुलिस मुठभेड़ में ढेर

* चार मासूमों समेत महिला की हत्या का राज खुला, संपत्ति और शादी की चाहत बनी वजह—एसपी प्राची सिंह का बयान

अम्बेडकरनगर। जिले में दो दिन पहले हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस मामले में शुरुआत में मां पर ही अपने चार बच्चों की हत्या का शक जताया जा रहा था, उसमें नया मोड़ सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस जघन्य वारदात को आमिर नाम के युवक ने अंजाम दिया था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि आरोपी आमिर महिला से शादी करना चाहता था और उसकी संपत्ति पर भी उसकी नजर थी। इसी लालच और जुनून में उसने महिला और उसके चारों मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद शुरुआती जांच में यह माना गया कि महिला ने ही अपने बच्चों की हत्या कर फरार हो गई है। लेकिन अगले ही दिन महिला का शव नाले में मिलने से मामला पूरी तरह पलट गया और पुलिस ने गहन जांच शुरू की।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान देर रात आमिर की लोकेशन मिलने पर घेराबंदी की गई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 IAS अधिकारियों का तबादला, 8 जिलों में नए डीएम तैनात

* देवरिया, जौनपुर, मऊ, महाराजगंज समेत कई जिलों में बदले जिलाधिकारी

 • शासन और विकास प्राधिकरणों में भी बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए 38 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल के तहत 8 जिलों में नए जिलाधिकारियों (डीएम) की तैनाती की गई है, जबकि कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों और विकास प्राधिकरणों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

देवरिया के नए जिलाधिकारी के रूप में मधुसूदन हुलगी की नियुक्ति की गई है, जो पहले विशेष सचिव मुख्यमंत्री और अपर आवास आयुक्त के पद पर तैनात थे। वहीं, सैमुअल पाल एन को जौनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। मऊ जिले की कमान अब आनंद वर्धन संभालेंगे, जबकि गौरव सिंह सुगरवाल को महाराजगंज का डीएम नियुक्त किया गया है।

संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज से फिरोजाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया है। राजेंद्र पेंसिया को संभल से मुरादाबाद भेजा गया है, जबकि अंकित खंडेलवाल को आगरा नगर निगम से संभल का डीएम बनाया गया है। अभिषेक पांडे को प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों को शासन स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। अनुज सिंह को मुरादाबाद के डीएम पद से हटाकर विशेष सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। अभिनव गोयल को गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अजय जैन को लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, गोरखपुर बनाया गया है। डॉ. अल्का वर्मा को वित्त विभाग में विशेष सचिव के साथ रजिस्ट्रार चिट्स फंड एवं सोसाइटी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, निधि बंसल को निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं नियुक्त किया गया है।

डॉ. दिनेश चंद्र को जौनपुर के डीएम पद से हटाकर लोक निर्माण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है, जबकि प्रवीण मिश्रा को मऊ से हटाकर समाज कल्याण विभाग में भेजा गया है। दिव्या मित्तल को देवरिया से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

नेहा जैन को केस्को का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि इंदुमती को महिला कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई अधिकारियों के विभागों में अदला-बदली करते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

यह व्यापक तबादला सूची प्रदेश में प्रशासनिक कसावट और बेहतर शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे विभिन्न जिलों और विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

आंधी-तूफान और बारिश से थमा लखनऊ, दिन में छाया घुप्प अंधेरा

घने बादलों की चादर, तेज हवाओं ने बढ़ाई दहशत; जनजीवन प्रभावित, तापमान में आई गिरावट

लखनऊ । राजधानी लखनऊ में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए शहर को आंधी, तूफान और भारी बारिश की चपेट में ले लिया। सुबह 8.30 बजे के समय ही आसमान में घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही घुप्प अंधेरा जैसा माहौल बन गया।

तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कों पर पानी भर दिया, जिससे यातायात की रफ्तार थम गई। कई इलाकों में पेड़ और होर्डिंग गिरने की भी खबरें सामने आई हैं।

मौसम के इस अचानक बदले मिजाज से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। तेज आंधी और बारिश के चलते लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष के निष्कासन के बाद सुभासपा का डैमेज कंट्रोल तेज
* अनुशासनहीनता पर सख्त रुख, जल्द होगा नए नेतृत्व का ऐलान

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोपरि मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद की गई।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, प्रेमचंद कश्यप की गतिविधियां संगठन के हितों के विपरीत पाई गईं, जिसके चलते यह कड़ा निर्णय लिया गया। सुभासपा नेतृत्व को पिछले कुछ समय से उनके कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आंतरिक जांच के बाद निष्कासन की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया। पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन की विचारधारा और नीतियों के खिलाफ जाने वाले नेताओं पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। सुभासपा ने यह भी दोहराया कि वह अतिपिछड़ों, अति दलितों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। पार्टी का कहना है कि उसकी सक्रियता से विपक्षी दल असहज हैं, लेकिन किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
माटीकला कारीगरों के लिए सुनहरा मौका: 15 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, रोज़ ₹250 मानदेय
* रहना-खाना मुफ्त, 20 मई तक करें आवेदन
* डालीगंज स्थित प्रशिक्षण केंद्र में होगा आवासीय कार्यक्रम

लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के तहत उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों के कौशल विकास के लिए 15 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ के माध्यम से मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, डालीगंज में संचालित होगा।
इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं, सजावटी सामग्री, खिलौने और मूर्तियां बनाने के साथ-साथ मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, चित्रकारी और नक़्काशी जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम पूरी तरह आवासीय होगा, जिसमें प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क की गई है। साथ ही प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 250 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा।
इच्छुक परंपरागत कारीगर, मूर्तिकार और माटीकला से जुड़े अभ्यर्थी योजना की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद अभ्यर्थियों को अपना फॉर्म 20 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैण्ट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट) और बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न करना जरूरी है।
अधिक जानकारी के लिए धर्मवीर खरे (मो. 8737008603) से संपर्क किया जा सकता है।