यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 IAS अधिकारियों का तबादला, 8 जिलों में नए डीएम तैनात

* देवरिया, जौनपुर, मऊ, महाराजगंज समेत कई जिलों में बदले जिलाधिकारी

 • शासन और विकास प्राधिकरणों में भी बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए 38 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल के तहत 8 जिलों में नए जिलाधिकारियों (डीएम) की तैनाती की गई है, जबकि कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों और विकास प्राधिकरणों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

देवरिया के नए जिलाधिकारी के रूप में मधुसूदन हुलगी की नियुक्ति की गई है, जो पहले विशेष सचिव मुख्यमंत्री और अपर आवास आयुक्त के पद पर तैनात थे। वहीं, सैमुअल पाल एन को जौनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। मऊ जिले की कमान अब आनंद वर्धन संभालेंगे, जबकि गौरव सिंह सुगरवाल को महाराजगंज का डीएम नियुक्त किया गया है।

संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज से फिरोजाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया है। राजेंद्र पेंसिया को संभल से मुरादाबाद भेजा गया है, जबकि अंकित खंडेलवाल को आगरा नगर निगम से संभल का डीएम बनाया गया है। अभिषेक पांडे को प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों को शासन स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। अनुज सिंह को मुरादाबाद के डीएम पद से हटाकर विशेष सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। अभिनव गोयल को गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अजय जैन को लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, गोरखपुर बनाया गया है। डॉ. अल्का वर्मा को वित्त विभाग में विशेष सचिव के साथ रजिस्ट्रार चिट्स फंड एवं सोसाइटी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, निधि बंसल को निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं नियुक्त किया गया है।

डॉ. दिनेश चंद्र को जौनपुर के डीएम पद से हटाकर लोक निर्माण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है, जबकि प्रवीण मिश्रा को मऊ से हटाकर समाज कल्याण विभाग में भेजा गया है। दिव्या मित्तल को देवरिया से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

नेहा जैन को केस्को का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि इंदुमती को महिला कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई अधिकारियों के विभागों में अदला-बदली करते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

यह व्यापक तबादला सूची प्रदेश में प्रशासनिक कसावट और बेहतर शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे विभिन्न जिलों और विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

आंधी-तूफान और बारिश से थमा लखनऊ, दिन में छाया घुप्प अंधेरा

घने बादलों की चादर, तेज हवाओं ने बढ़ाई दहशत; जनजीवन प्रभावित, तापमान में आई गिरावट

लखनऊ । राजधानी लखनऊ में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए शहर को आंधी, तूफान और भारी बारिश की चपेट में ले लिया। सुबह 8.30 बजे के समय ही आसमान में घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही घुप्प अंधेरा जैसा माहौल बन गया।

तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कों पर पानी भर दिया, जिससे यातायात की रफ्तार थम गई। कई इलाकों में पेड़ और होर्डिंग गिरने की भी खबरें सामने आई हैं।

मौसम के इस अचानक बदले मिजाज से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। तेज आंधी और बारिश के चलते लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष के निष्कासन के बाद सुभासपा का डैमेज कंट्रोल तेज
* अनुशासनहीनता पर सख्त रुख, जल्द होगा नए नेतृत्व का ऐलान

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोपरि मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद की गई।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, प्रेमचंद कश्यप की गतिविधियां संगठन के हितों के विपरीत पाई गईं, जिसके चलते यह कड़ा निर्णय लिया गया। सुभासपा नेतृत्व को पिछले कुछ समय से उनके कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आंतरिक जांच के बाद निष्कासन की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया। पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन की विचारधारा और नीतियों के खिलाफ जाने वाले नेताओं पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। सुभासपा ने यह भी दोहराया कि वह अतिपिछड़ों, अति दलितों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। पार्टी का कहना है कि उसकी सक्रियता से विपक्षी दल असहज हैं, लेकिन किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
माटीकला कारीगरों के लिए सुनहरा मौका: 15 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, रोज़ ₹250 मानदेय
* रहना-खाना मुफ्त, 20 मई तक करें आवेदन
* डालीगंज स्थित प्रशिक्षण केंद्र में होगा आवासीय कार्यक्रम

लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के तहत उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों के कौशल विकास के लिए 15 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ के माध्यम से मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, डालीगंज में संचालित होगा।
इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं, सजावटी सामग्री, खिलौने और मूर्तियां बनाने के साथ-साथ मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, चित्रकारी और नक़्काशी जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम पूरी तरह आवासीय होगा, जिसमें प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क की गई है। साथ ही प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 250 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा।
इच्छुक परंपरागत कारीगर, मूर्तिकार और माटीकला से जुड़े अभ्यर्थी योजना की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद अभ्यर्थियों को अपना फॉर्म 20 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैण्ट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट) और बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न करना जरूरी है।
अधिक जानकारी के लिए धर्मवीर खरे (मो. 8737008603) से संपर्क किया जा सकता है।
दोहरीघाट-ओड़िहार मेमू सेवा को मिली रफ्तार, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के प्रयास रंग लाए

* स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा
* रेल सेवा से पूर्वांचल में बढ़ेगा विकास और रोजगार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के सतत प्रयासों से दोहरीघाट से ओड़िहार के बीच प्रस्तावित मेमू ट्रेन सेवा को गति मिलती दिख रही है। क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
मऊ जनपद के दौरे के दौरान मंत्री ए. के. शर्मा ने दोहरीघाट रेलवे स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मेमू सेवा क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी और आवागमन को अधिक सुगम, सुलभ और किफायती बनाएगी। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से दोहरीघाट से कटिहार तक मेमू ट्रेन संचालन की घोषणा संभव हो सकी है।
मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नरेंद्र मोदी और अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना पूर्वांचल के समग्र विकास को नई दिशा देगी।
उन्होंने कहा कि इस रेल सेवा के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने मंत्री का जोरदार स्वागत किया और इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में नई रेल सेवा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला है।
‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बड़ा बदलाव: 30 दिन तक नहीं कटेगी बिजली, 67 लाख उपभोक्ताओं को राहत

* 1 किलोवाट उपभोक्ताओं को 30 दिन की मोहलत, 2 किलोवाट तक 200 रुपये नेगेटिव बैलेंस पर भी सप्लाई जारी

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए बिजली उपभोक्ताओं, खासकर लोवर और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत दी है। नए प्रावधानों से प्रदेश के करीब 67 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। प्रदेश में 1 किलोवाट तक के करीब 43 लाख और 2 किलोवाट तक के लगभग 24 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को इस फैसले से सीधा फायदा मिलेगा।

* 1 किलोवाट उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा राहत
नई व्यवस्था के तहत 1 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन धारकों का बैलेंस खत्म होने पर भी उनकी बिजली आपूर्ति तुरंत नहीं काटी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को अब 30 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी, जिससे वे समय पर रिचार्ज कर सकें।

* 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के लिए इमरजेंसी क्रेडिट
1 से 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को इमरजेंसी क्रेडिट सुविधा दी गई है। बैलेंस समाप्त होने के बाद भी कम से कम 3 दिन या 200 रुपये तक के नेगेटिव बैलेंस पर बिजली सप्लाई जारी रहेगी। निर्धारित सीमा पार होने पर ही कनेक्शन स्वतः कटेगा।

* पहले मिलते थे केवल 3 दिन
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद पहले उपभोक्ताओं को सिर्फ 3 दिन का समय मिलता था, जिसके बाद बिजली कट जाती थी। इससे छोटे उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी, जिसे देखते हुए सरकार ने यह राहत दी है।

* रिचार्ज में होगा समायोजन
इमरजेंसी अवधि में उपयोग की गई बिजली की राशि अगले रिचार्ज में स्वतः समायोजित हो जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर बैलेंस की जानकारी लेकर रिचार्ज कराएं।

* कनेक्शन काटने से पहले मिलेंगे 5 अलर्ट
अब किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले 5 अनिवार्य एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को समय रहते रिचार्ज का अवसर मिल सके।

* छुट्टियों और रात में नहीं कटेगी बिजली
नई व्यवस्था के तहत शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक बिजली नहीं काटी जाएगी। इसके अलावा रविवार, दूसरे शनिवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी बिजली आपूर्ति जारी रहेगी, भले ही बैलेंस समाप्त या नेगेटिव क्यों न हो।

* प्रदेश में 83 लाख स्मार्ट मीटर लगे
ऊर्जा विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक लगभग 83 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवा मिल रही है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी 'गोयात्रा’

* 81 दिन में प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में पहुंचेगी यात्रा

वाराणसी/ गोरखपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीती देर शाम वाराणसी से चलकर गोरखपुर पहुंच गए। वहां से 3 मई को उनकी प्रस्तावित ‘गोयात्रा’ (गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।
वाराणसी श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को गोरक्षा के प्रति जागरूक करना और गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कराने के लिए जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए देश में अपेक्षित स्तर पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो गोरक्षा के मुद्दे पर जनभावनाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को इस विषय पर संज्ञान लेकर ठोस कानून बनाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और गोरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे।
बाराबंकी में 13वीं यूपी पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का भव्य समापन ,डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार की मौजूदगी में खिलाड़ियों का सम्मान
मेरठ जोन ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में जीती ट्रॉफी

11 जोनों की टीमों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा

लखनऊ । बाराबंकी स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी के आर्चरी ग्राउंड पर आयोजित 13वीं उत्तर प्रदेश पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का समापन 30 अप्रैल 2026 को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार (अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी) उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत सहआयोजन सचिव एवं सेनानायक राकेश कुमार सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई। उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न जोनों की टीमों के मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया और खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस के कुल 11 जोनों—गोरखपुर, वाराणसी, बरेली, प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, पीएसी पूर्वी, पीएसी पश्चिमी, पीएसी मध्य और आगरा—की टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में मेरठ जोन का दबदबा देखने को मिला। पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चल वैजयंती ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि पीएसी पूर्वी जोन उपविजेता रहा। महिला वर्ग में भी मेरठ जोन ने पहला स्थान हासिल किया और प्रयागराज जोन दूसरे स्थान पर रहा।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 70 मीटर रिकर्व राउंड (पुरुष) में वाराणसी जोन के श्रेय भारद्वाज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मेरठ के मोनू कुमार और कुंवरजीत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में मेरठ की अनीता ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी की जीनत आरा दूसरे और मेरठ की सुमन चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं।
50 मीटर कंपाउंड राउंड (पुरुष) में मेरठ के गौरव, हर्ष बालियान और तरुण कुमार दीक्षित ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में मेरठ की अंकिता शर्मा और वर्ण्या ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वाराणसी की आंचल रॉय तीसरे स्थान पर रहीं।
ओवरऑल प्रदर्शन में पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने 2472 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पीएसी पूर्वी जोन 2433 अंकों के साथ दूसरे और प्रयागराज जोन 2426 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। महिला वर्ग में मेरठ जोन 1800 अंकों के साथ पहले, प्रयागराज 1404 अंकों के साथ दूसरे और कानपुर जोन 942 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने, हार-जीत को स्वीकार करने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा वाहिनी परिसर में नवनिर्मित बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया गया और जिम्नेजियम हॉल का निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर शिविरपाल अभिषेक श्रीवास्तव, सूबेदार सैन्य सहायक अमित कुमार सिंह, स्पोर्ट्स प्रभारी निखिल मिश्रा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्रीन कॉरिडोर पर दौड़ने को लखनऊ तैयार
* एलडीए की ‘ग्रीन रन’ का रविवार को आगाज, 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण
* झूलेलाल वाटिका से न्यू डालीगंज ब्रिज तक होगी 3.5 किमी फन रेस

लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा 03 मई 2026 को ‘ग्रीन रन’ का आयोजन किया जाएगा। 3.5 किलोमीटर (5,000 स्टेप) की यह फन रेस नव निर्मित ग्रीन कॉरिडोर पर झूलेलाल वाटिका से न्यू डालीगंज ब्रिज के मध्य आयोजित होगी।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि ग्रीन रन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण खोला गया था, जिसमें 1500 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
उन्होंने बताया कि महिला एवं पुरुष प्रतिभागी एक साथ दौड़ेंगे। प्रतियोगिता चार श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। पहली श्रेणी 18 से 30 वर्ष, दूसरी 30 से 50 वर्ष और तीसरी 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए निर्धारित है। इसके अलावा युगल दौड़ भी रखी गई है, जिसके लिए 172 जोड़ों ने पंजीकरण कराया है।

* फ्लैग ऑफ के साथ होगी शुरुआत
उपाध्यक्ष ने बताया कि रविवार सुबह 5 बजे से प्रतिभागी झूलेलाल वाटिका में एकत्रित होंगे। दौड़ शुरू होने से पहले योगा और जुम्बा जैसी फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। सुबह 6 बजे फ्लैग ऑफ के साथ ग्रीन रन की शुरुआत होगी।
प्रतिभागियों की सुविधा के लिए मार्ग में चार स्थानों पर हाइड्रेशन प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां शुद्ध पेयजल उपलब्ध रहेगा।

* विजेताओं को मिलेगा सम्मान
आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल, चिकित्सकों की टीम और एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्रीन रन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट और मेडल प्रदान किए जाएंगे। वहीं, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।