भव्य समारोह में R.V. फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन, मंत्री के.पी. मलिक ने किया लोकार्पण
मेरठ/बहसूमा। थाना क्षेत्र बहसूमा अंतर्गत NH-34 पर ग्राम झुंनझुनी के सामने रविवार को R.V. फिलिंग स्टेशन का भव्य उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व फिलिंग स्टेशन के मालिक राहुल बालियान निवासी किनोनी बरवाला, जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा किया गया, जिसमें करीब 50-60 लोगों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री माननीय के.पी. मलिक रहे। मंत्री के.पी. मलिक सुबह लगभग 11:15 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और 11:20 बजे विधिवत फीता काटकर R.V. फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन किया।

उद्घाटन के बाद मंत्री जी ने उपस्थित लोगों से संक्षिप्त वार्ता की तथा क्षेत्र के विकास में इस तरह की सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था की गई।

कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत मंत्री के.पी. मलिक करीब 11:58 बजे अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
नन्हे कलाकारों ने मंच पर उतारी श्रमिकों की जिंदगी, भावुक हुआ पूरा सभागार

मेरठ। बहसूमा।
डी मोनफोर्ट अकादमी में आयोजित इंटर-क्लास प्रतियोगिता के तहत “A Day in Their Shoes” विषय पर एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने अभिनय कौशल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन के अंतर को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने दर्शाया कि जहाँ एक ओर कुछ लोगों का जीवन सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण होता है, वहीं श्रमिक वर्ग को रोज़ाना कठिन परिश्रम, अभाव और संघर्ष का सामना करना पड़ता है। बच्चों का यह संदेश दर्शकों के दिलों को छू गया।

नन्हे कलाकारों के सशक्त और भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। उनकी शानदार प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण नर्सरी के बच्चे भी रहे, जो नर्स, किसान, नेता, सैनिक, माली और डॉक्टर की वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए। उनकी मासूम प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में सामाजिक जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक होते हैं। निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक समझ विकसित करना भी है।
निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को समाज की वास्तविकताओं से रूबरू कराते हैं, जबकि उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम अत्यंत सफल, प्रेरणादायक और सामाजिक संदेश से ओत-प्रोत रहा।
सुलभ शौचालय पर लगा ताला महिलाएं हुई परेशान,
नगर पंचायत बहसुमा इस चल चिल्लाती धूप में ठंडा पानी पीकर चैन की सांस ले सके आम जनता लेकिन वाटर फ्रिज बंद है फ्रीजर को यात्री सेट के समीप इस वजह से लगाया गया था नगर में आने जाने वाली जनता ठंडा पानी पीकर राहत पा सके,
सुलभ शौचालय में बाथरूम करने वालों को ही कहीं कोई वायरस ना लग जाए नहीं है नगर पंचायत को इसका दर दूर दराज से आए लोग बाथरूम करने के लिए बाथरूम में जाते हैं लेकिन सफाई व्यवस्था न देखकर है दंग।

बहसूमा (मेरठ)। कस्बा बहसूमा में यात्री शेड के पास स्थित सुलभ शौचालय पिछले कई दिनों से बंद पड़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शौचालय पर ताला लगा होने के कारण लोग खुले में जाने को मजबूर हैं गंदगी के कारण स्वच्छ भारत मिशन को भी लगाया जा रहा है पलीता

, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

गर्मी के इस मौसम में ठंडे पानी की आवश्यकता सभी को होती है, यात्री साइड के बराबर में लगाए गए रेफ्रिजरेटर को बंद देखकर सभी है अचंभित उत्तर प्रदेश सरकार आम जनता को राहत देने के लिए खूब पैसा दे रही है लेकिन अधिकारी अपने ऑफिस में बैठकर बैठक कर कर लेते हैं इति श्री, जनप्रतिनिधि भी आंखें मूंदे बैठे हैं, नगर के जनप्रतिनिधि भी रोज निकलते हैं इसी रास्ते को,
शौचालय के अंदर पानी की व्यवस्था पूरी तरह ठप है, सफाई व्यवस्था के नाम पर शून्य
। आसपास के लोगों का कहना है कि जब शौचालय खुला भी रहता है, तब भी वहां सफाई और पानी की गंभीर कमी रहती है। अंदर से उठ रही तेज बदबू के कारण स्थिति और भी बदतर हो गई है, जिससे वहां जाना तक मुश्किल हो गया है।

स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों में इस समस्या को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि नगर पंचायत की लापरवाही के चलते यह हालात बने हुए हैं, जबकि यह स्थान यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द शौचालय को खुलवाकर नियमित सफाई और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और स्वच्छता अभियान को भी बल मिले।

क्या कहते हैं नगर अध्यक्ष सचिन सुकड़ी ने बताया मुझे जानकारी नहीं है जानकारी करके चालू किया जाएगा कौन है
ईमानदारी और तत्परता की मिसाल: सड़क पर मिला मोबाइल एक घंटे में पहुंचा असली मालिक तक
बहसूमा (मेरठ)। चौकी रामराज क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और एक नागरिक की ईमानदारी ने मिलकर एक सराहनीय उदाहरण पेश किया। सड़क पर गिरे एक मोबाइल फोन को महज एक घंटे के भीतर उसके वास्तविक मालिक तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया, जिससे क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा हो रही है।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:00 बजे ग्राम फिरोजपुर निवासी विक्रम सिंह पुत्र अतर सिंह को सड़क पर एक मोबाइल फोन मिला। उन्होंने बिना देर किए अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मोबाइल को चौकी रामराज में जमा करा दिया।

चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक संदीप कुमार और कांस्टेबल सुधीर कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोबाइल के मालिक की पहचान के लिए प्रयास शुरू कर दिए। जांच के दौरान पता चला कि यह मोबाइल मोहम्मदपुर सकिश्त निवासी कपिल कुमार पुत्र विजेंद्र सिंह का है, जो खेत की ओर जाते समय रास्ते में गिर गया था।

पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मात्र एक घंटे के भीतर कपिल कुमार से संपर्क स्थापित किया और उन्हें उनका मोबाइल सुरक्षित लौटा दिया। अचानक मोबाइल मिलने पर कपिल कुमार ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया।

वहीं, विक्रम सिंह की ईमानदारी की भी क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। पुलिस ने उन्हें धन्यवाद देते हुए उनके इस सराहनीय कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
ईमानदारी और तत्परता की मिसाल: सड़क पर मिला मोबाइल एक घंटे में पहुंचा असली मालिक तक
बहसूमा (मेरठ)। चौकी रामराज क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और एक नागरिक की ईमानदारी ने मिलकर एक सराहनीय उदाहरण पेश किया। सड़क पर गिरे एक मोबाइल फोन को महज एक घंटे के भीतर उसके वास्तविक मालिक तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया, जिससे क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा हो रही है।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:00 बजे ग्राम फिरोजपुर निवासी विक्रम सिंह पुत्र अतर सिंह को सड़क पर एक मोबाइल फोन मिला। उन्होंने बिना देर किए अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मोबाइल को चौकी रामराज में जमा करा दिया।

चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक संदीप कुमार और कांस्टेबल सुधीर कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोबाइल के मालिक की पहचान के लिए प्रयास शुरू कर दिए। जांच के दौरान पता चला कि यह मोबाइल मोहम्मदपुर सकिश्त निवासी कपिल कुमार पुत्र विजेंद्र सिंह का है, जो खेत की ओर जाते समय रास्ते में गिर गया था।

पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मात्र एक घंटे के भीतर कपिल कुमार से संपर्क स्थापित किया और उन्हें उनका मोबाइल सुरक्षित लौटा दिया। अचानक मोबाइल मिलने पर कपिल कुमार ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया।

वहीं, विक्रम सिंह की ईमानदारी की भी क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। पुलिस ने उन्हें धन्यवाद देते हुए उनके इस सराहनीय कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम: डी मोनफोर्ट अकादमी की छात्राओं ने लिया मिशन शक्ति का प्रेरक अनुभव
मेरठ/बहसूमा। डी मोनफोर्ट अकादमी की छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से स्थानीय थाने का शैक्षिक भ्रमण कर मिशन शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मिशन शक्ति प्रभारी एवं महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों का दायित्व संभाल रहीं सब-इंस्पेक्टर कुसुम पाल ने छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा, कानूनी अधिकारों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले आवश्यक उपायों के बारे में विस्तार से बताया।

सब-इंस्पेक्टर कुसुम पाल ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार किया। उन्होंने छात्राओं को कठिन परिस्थितियों में सतर्क रहने और तुरंत सहायता लेने के तरीकों से भी अवगत कराया। इस अवसर पर छात्राओं के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने सराहना की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं और उन्हें समाज के प्रति जागरूक बनाते हैं। वहीं विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि छात्राओं को प्रारंभ से ही आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना समय की मांग है।

विद्यालय के निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से परिचित कराते हैं, जिससे उनमें साहस और आत्मविश्वास का विकास होता है। उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने भी छात्राओं को सुरक्षा और आत्मरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया।

इस शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से छात्राओं ने कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं, जो उनके भविष्य में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी।
अंतर्राष्ट्रीय डांस दिवस पर डी मोनफोर्ट एकेडमी में इंटर-हाउस डांस प्रतियोगिता का शानदार आयोजन

मेरठ। बहसूमा क्षेत्र। डी मोनफोर्ट एकेडमी में अंतर्राष्ट्रीय डांस दिवस के उपलक्ष्य में इंटर-हाउस डांस प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा, ऊर्जा और समर्पण देखने लायक रहा।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विवेकानंद हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टैगोर हाउस द्वितीय स्थान पर रहा, जबकि कृष्णामूर्ति हाउस ने तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा मंच पर प्रदर्शन से उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।

विद्यालय की निदेशक डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए ऐसे मंच प्रदान करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह और लगन की प्रशंसा की।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ भी अत्यंत आवश्यक हैं और यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं।

वहीं उप प्रधानाचार्या रितु चिकारा ने सभी प्रतिभागियों की मेहनत की सराहना करते हुए विजेताओं को बधाई दी और अन्य विद्यार्थियों को भी निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन उत्साह और आनंद के वातावरण में हुआ, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
घायल हिरण को ग्रामीणों ने बचाया, वन विभाग ने सुरक्षित जंगल में छोड़ा
मेरठ। मवाना। देर रात्रि ढिकौली के जंगल क्षेत्र में एक हिरण घायल अवस्था में भागता हुआ दिखाई दिया, जिसके पीछे कई शिकारी कुत्ते पड़े हुए थे। कुत्तों ने हिरण को बुरी तरह घायल कर दिया था। उसी दौरान ढिकौली निवासी संजय चौहान अपने खेत में गेहूं निकलवाने का कार्य कर रहे थे।

संजय चौहान ने बिना देर किए बहादुरी और मानवता का परिचय देते हुए हिरण को शिकारी कुत्तों से बचाया और तुरंत गांव के लोगों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव के युवा चिराग चौहान, उमंग चौहान, ठाकुर शनि प्रताप, शुभम चौहान, लकी चौहान और मुकुल चौहान मौके पर पहुंचे।

सभी युवाओं ने मिलकर घायल हिरण को संभाला तथा उसकी सुरक्षा के लिए उसके हाथ-पैर बांधे और आंखों पर पट्टी बांधी, ताकि वह डर और घबराहट में खुद को और नुकसान न पहुंचा सके।

इसके बाद तुरंत वन विभाग हस्तिनापुर को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल हिरण को अपने साथ उपचार एवं सुरक्षित देखभाल के लिए ले गई।

रेंज अधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल हिरण को सुरक्षित कब्जे में लिया और प्राथमिक उपचार के बाद उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। ग्रामीणों द्वारा दिखाई गई सतर्कता और मानवता की सराहना की जा रही है।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
भीषण गर्मी का कहर: धूप से बचाव और अधिक पानी पीने की सलाह
मेरठ। बहसूमा क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं और लोग केवल जरूरी कार्य होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। गर्म हवाओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और पशु-पक्षियों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।

गांवों में किसान भी इस भीषण गर्मी से परेशान नजर आ रहे हैं। खेतों में काम करने के दौरान तेज धूप और लू से बचने के लिए किसान पेड़ों की छांव का सहारा ले रहे हैं। कई स्थानों पर किसान पेड़ों के नीचे बैठकर गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते दिखाई दिए। उनका कहना है कि दोपहर के समय खेतों में काम करना बेहद कठिन हो गया है।

स्थानीय निवासी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि तेज धूप से बचना बेहद जरूरी है। बिना काम के बाहर न निकलें और शरीर को ठंडा रखने का प्रयास करें। उदयवीर मुखिया ने लोगों से अपील की कि गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक पानी पिएं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

शिव कुमार ने कहा कि बच्चों को विशेष रूप से धूप से बचाकर रखें, क्योंकि छोटे बच्चे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। परविंदर कुमार ने बताया कि इस मौसम में उल्टी, दस्त, डायरिया, तेज बुखार और हाई डिहाइड्रेशन जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

नेपाल सिंह ने सलाह दी कि लोग पूरी बाजू के कपड़े पहनें, दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें और अधिक पानी पिएं। साथ ही ओआरएस का प्रयोग करें और अपने बच्चों को बड़ी सावधानी के साथ गर्मी से बचाएं।