अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
समरस फाउंडेशन कार्यालय में कृष्णकुमार यादव का सेवानिवृत्ति सम्मान

मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज बोरीवली पूर्व स्थित कार्यालय में मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग के कर्तव्यनिष्ठ प्रधानाध्यापक कृष्णकुमार यादव का सेवानिवृत्ति सम्मान किया गया। संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह ने शॉल और अभिनंदन पत्र देकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर पूर्व उप शिक्षणाधिकारी अशोक मिश्रा, संस्था के महासचिव तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, उपाध्यक्ष मुकुंद शर्मा, कोषाध्यक्ष ललित पांडे, अनिल धोबी, भोला वर्मा, मुनीराम तिवारी, संदीप पांडे तथा रामप्रसाद कुर्मी उपस्थित रहे।
दिव्यांगजनों को तीन पहिया साइकिल एवं बैसाखियों का वितरण
मुंबई। महाराष्ट्र दिवस एवं मजदूर दिवस के अवसर पर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर तथा कोटक महिंद्रा बैंक के सहयोग से दिव्यांगजनों को तीन पहिया साइकिल एवं बैसाखियों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम रुग्ण साथी संस्था एवं साहस चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एड. प्रफुल्ल नवार तथा रुग्ण मित्र विनोद साडविलकर की पहल पर शेठ चिमणलाल नथुराम हाईस्कूल, सांताक्रूज़ (पूर्व), मुंबई में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिले के पालकमंत्री आशिष शेलार उपस्थित रहे। उनके हाथों दिव्यांगजनों को तीन पहिया साइकिल एवं बैसाखियों का वितरण किया गया। इस अवसर पर सूचना का अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली एवं डॉ. व्यास की विशेष उपस्थिति रही। साथ ही रुग्ण मित्र साथी जयश्री मोहितेनवार, रमेश चव्हाण, गोविंद मोरे, चारुदत्त पावसकर, गणेश पवार, दिनेश राणे, उदय साटम, नरसिंहराव होटगे, कमलेश साळकर, श्रद्धा अष्टीवकर, रुपाली कापसे, शशीप्रभा जाधव, एड. पूजा जाधव, हर्षल जाधव, रेहाना शेख, विपुल जैन, सलीम राज खान, इम्तियाज अली शेख तथा साहस चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी, शुभचिंतक एवं सहयोगी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सामाजिक प्रतिबद्धता निभाते हुए दिव्यांगजनों को सहायता प्रदान करने वाला यह उपक्रम उत्कृष्ट नियोजन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
अंतिम बिस्तर...
–डॉ रमाकांत क्षितिज, वरिष्ठ साहित्यकार

जीवन भर अच्छे अच्छे फर्नीचर बनाते बनवाते रहे
जैसे जैसे जीवन में धन आया
वैसे वैसे फर्नीचर अपडेट कराते रहे
ब्रांडेड पर ब्रांडेड चढ़ते गए
शरीर इस बीच बुढ़ा होता गया
ईश्वर की बनाई ब्रांड को बिगाड़ते गए
वैसे संभाल भी लेते
तो क्या कर लेते
एक दिन तो ब्रांड बिगड़ना ही है
ब्रांड कोई भी हो
घर वापसी से बच नहीं सकते
जीवन भर रहा तामझाम
तामझाम के लिए संघर्ष करते रहे
अंत में सादगी ही साथ गई
दो बांस से अर्थी बन गई
बांस का बिस्तर साथ निभा पाया
बाकी घर के भीतर तक़ ही साथ निभाया
कुछ बांस के हिस्से
कुछ फूल अगरबत्ती
थोड़ी सी अबीर हल्दी
कुछ मीटर कपड़ा
वह भी रंग हीन सफ़ेद
जीवन भर तरह तरह के रंग से रंगते रहे
जाति धर्म वेश भाषा  पर लड़ते रहे
अंत में न भाषा न जाति न धर्म
सिर्फ मुरदा कहलाये
एक छोटी हंडी एक बड़ी हंडी
कुछ रस्सी थोड़ी सी आग
थोड़ी सी उपली
ही काम आई
वाह रे इंसान तेरी कमाई
कुछ लोग साथ
अब कह रहे हैं
राम नाम सत्य है
कह तो रहे हैं मुरदे के लिए
पर सच उनके लिए जो साथ जा रहे हैं
जीवित लोग मुरदे को बता रहे हैं
राम नाम सत्य है
कहीं मुरदा तो नही ज़िंदो
को बता रहा की
राम नाम ही सत्य हैं
अब क्या एक मिट्टी अथवा
पीतल ताँबे के एक लोटे
में भरे जाओगे
तुम्हारा पूरा भौतिक जीवन
एक लोटे में समा जायेगा
एक लोटे में भरे जाने के लिए
इतना संघर्ष...
श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में मनाया गया महाराष्ट्र दिवस

मुंबई। पश्चिमी उपनगर के प्रतिष्ठित श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी धूमधाम के साथ महाराष्ट्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए स्कूल के संस्थापक चेयरमैन एल पी मिश्रा ने मराठी में भाषण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र दिवस, जो हर साल 1 मई को मनाया जाता है, 1 मई 1960 को भाषाई आधार पर महाराष्ट्र राज्य के गठन की याद दिलाता है। यह दिवस मराठी भाषियों की अस्मिता, संस्कृति और 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' के संघर्षों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिसमें मुंबई को राज्य का हिस्सा बनाने के लिए 106 लोग शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र दिवस आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। हम सबको मिलकर महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर मुकेश द्विवेदी, प्रियंका पांडे, संतोष समेत अनेक शिक्षक और बच्चे उपस्थित रहे।
BMC शिक्षक रमाकांत तिवारी का सेवा संपूर्ति सम्मान समारोह संपन्न
मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिका शिक्षण विभाग द्वारा संचालित पोयसर मनपा उच्च प्राथमिक हिंदी शाला क्रमांक एक के विद्वान शिक्षक रमाकांत जे तिवारी के सेवानिवृत होने पर शाला सभागृह में विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला की मुख्याध्यापिका गीता कनवजे ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षा निरीक्षक संगीता जैसवार ने कहा कि करीब 34 वर्षों तक महानगरपालिका शिक्षण विभाग में कार्यरत रहे रमाकांत तिवारी एक समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक रहे। इनके मार्गदर्शन में सैकड़ों बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यालय का नाम रोशन किया। समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षा निरीक्षक गुरमीत कौर चावला, संगीता बड़े, सूचना संखे तथा उषा रतूड़ी उपस्थित रहे। समारोह में श्री तिवारी की धर्मपत्नी सुषमा तिवारी दो बेटे अनुपम और आकाश के अलावा उनकी बहू शिक्षिका माला तिवारी भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में अरविंद सिंह, कुशल वर्तक, सुरेश गायकवाड़, जय प्रकाश उपाध्याय, सविता यादव, धनश्री सावे, निलिमा परेड, भावना चौहान, शिवनाथ खेडेकर, सना शेख, प्रेमलता सिंग, स्वाती टीचर, विपीन कुमार तिवारी इत्यादि का समावेश रहा।
डॉ आरती अग्रवाल ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में बनाया नया रिकॉर्ड
मुंबई। मुंबई की कैटरेक्ट और रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. आरती अग्रवाल बहुवा ने नेत्र शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय मानक स्थापित किया है। 13 दिसंबर 2025 को, वृंदावन स्थित वात्सल्यग्राम के प्रेमादेवी गुप्ता आई हॉस्पिटल में आयोजित एक चैरिटेबल आई कैंप के दौरान उन्होंने मात्र छह घंटों में लगातार 60 फेकोइमल्सिफिकेशन मोतियाबिंद सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न कीं, जिससे इस श्रेणी में एकल सर्जन द्वारा सबसे तेज प्रदर्शन का रिकॉर्ड स्थापित हुआ। अत्यंत कुशल ड्यूल-टेबल सर्जिकल तकनीक का उपयोग करते हुए उन्होंने चुनौतीपूर्ण कैंप परिस्थितियों में भी सटीकता और मरीजों की सुरक्षा बनाए रखते हुए निर्बाध कार्यप्रवाह सुनिश्चित किया। यह उपलब्धि, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्राप्त है, उनके असाधारण सर्जिकल कौशल, धैर्य और वंचित वर्गों को दृष्टि प्रदान करने के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि 20 अप्रैल 2026 को की गई। वे प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल की पुत्री भी हैं, जो नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में अपने सामाजिक योगदान और सामुदायिक सेवा के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं।
उत्तर भारतीय संघ में गूंजा, जय जय महाराष्ट्र माझा, 100 महिलाओं को दी गई सिलाई मशीन
मुंबई। महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर आज उत्तर भारतीय समाज की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी सामाजिक संस्था उत्तर भारतीय संघ द्वारा बांद्रा पूर्व के टीचर्स कॉलोनी स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन में हर्ष और उल्लास के साथ महाराष्ट्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर नामी कलाकारों द्वारा गीत संगीत और नाटक प्रस्तुत किए गए। विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी उत्तर भारतीय संघ द्वारा  महाराष्ट्र की 100 जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सिलाई मशीन का उपहार दिया गया। आज के कार्यक्रम की खास बात यह रही कि अलग-अलग क्षेत्र से चयनित महिलाओं में सबसे अधिक संख्या मराठी महिलाओं की रही। 60 से अधिक मराठी महिलाओं को इस उपहार का लाभ मिला। संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र  हमारी कर्मभूमि है। हमें हमारी जन्मभूमि से जितना प्यार है, उतना ही प्यार हमें महाराष्ट्र की धरती से भी है। उन्होंने कहा कि हम सभी महाराष्ट्र के विकास में अपना संपूर्ण योगदान देने के लिए संकल्पित हैं। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक राजहंस सिंह, भाजपा नेता अमरजीत सिंह, कार्याध्यक्ष शारदा प्रसाद सिंह, उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, ब्रजमोहन पांडे, उपाध्यक्ष डॉ राधेश्याम तिवारी, संजय सिंह, डॉ किशोर सिंह, भाजपा प्रवक्ता उदय प्रताप सिंह,रमेश बहादुर सिंह, सुरेंद्र गिरी,अनिल गलगली, बैजनाथ मिश्र, श्रीनिवास तिवारी विद्रोही महाराज, एड.अवनीश सिंह, अजय कुमार सिंह, पत्रकार अनुराग त्रिपाठी, पत्रकार विजय सिंह कौशिक, पत्रकार राघवेंद्र द्विवेदी, पत्रकार राजकुमार सिंह, पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार अविनाश पांडे, समाजसेवी मानिकचंद यादव, रीनू मल्लाह समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संघ के महामंत्री देवेंद्र तिवारी ने किया। अंत में संतोष आरएन सिंह ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आदर्श शिक्षिका अंजू की विदाई समारोह में पहुंचे महाराष्ट्र शिक्षण संचालक डॉ महेश पालकर
मुंबई। शिक्षक हमारे जीवन के आधारस्तंभ और राष्ट्र निर्माता होते हैं, जो न केवल किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि सही-गलत का भेद सिखाकर व्यक्तित्व को आकार देते हैं। वे मार्गदर्शन, प्रेरणा और नैतिक मूल्य प्रदान कर विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं और जीवन भर सीखने की नींव रखते हैं। मुंबई पब्लिक स्कूल, सांताक्रूज़ पूर्व के हिंदी माध्यम की आदर्श शिक्षिका अंजू मैडम तथा मनीषा कांबले के संयुक्त सेवा सम्पूर्ति सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए महाराष्ट्र राज्य के शिक्षण संचालक डॉ महेश पालकर ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि अंजू मैडम ने समर्पित भावना के साथ बच्चों को सुशिक्षित करने का काम किया। उन्होंने अपने पूरे परिवार की तरफ से भी शुभकामनाएं दी। समारोह की अध्यक्षता पूर्व उप शिक्षणाशिकारी अशोक मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सम्मानित  अतिथियों के रूप में उपस्थित पूर्व प्रशासकीय अधिकारी रेशमा जेधिया, पूर्व प्रशासकीय अधिकारी राजकुमारी गिरी, कनिष्ठ पर्यवेक्षक सुरेश भोसले, शिक्षा निरीक्षक अशोक जैसवार, शिक्षा निरीक्षक सुनीता बालशंकर, गौतम विद्यालय के ट्रस्टी आशीष गौतम, प्रसिद्ध गीतकार सुशील शुक्ला, महापौर पुरस्कृत शिक्षक सरिता सिंह, अंजू की बहन प्रधानाध्यापिका नीता दुबे, गौतम विद्यालय की ट्रस्टी शिल्पा गौतम, सविता म्हात्रे,लिटिल जीनियस हाई स्कूल के प्रिंसिपल राजेश मिश्रा, पूर्व प्रधानाध्यापक श्रीप्रकाश त्रिगुणायत, पत्रकार राजेश उपाध्याय, मनीषा कांबले की बेटी रितुका ने भी अपनी बातें रखी। मंच पर उपस्थित अंजू की मां का मुख्य अतिथि के हाथों सम्मान किया गया। मंच पर उपस्थित मनीषा कांबले के पति दीपक कांबले का भी सम्मान किया गया। विद्यालय की संगीत शिक्षिका अरुणा चौधरी ने बच्चों के माध्यम से सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की आकर्षक प्रस्तुति की। बृजेश यादव ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शाला परिवार के बृजेश यादव, ऋतुजा कसबे, शारदा कांदलगांवकर, दीपिका सोरेटे, रजनी सैनी, गुड़िया यादव, राजकुमार सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में उत्तर शक्ति के संपादक ओमप्रकाश प्रजापति, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रमणि उपाध्याय, डॉ सौम्य रंजन पांडे, युवा समाजसेवी केशव झा, वरिष्ठ लिपिक दारा सिंह, विट्ठल साखरे, दिनेशचंद्र शर्मा, प्रीति दिघे, दो हितेंद्र त्रिपाठी, लता जैन, प्रबजीत कौर ऊषा तिवारी, सुनीता चौरसिया, पूजा त्रिपाठी, राजेश कुमार सिंह, आनंद मिश्रा, विवेक राय, अखिलेश पटेल, अमोल कानपुरे, इमारत प्रमुख अजमल शाह, मनोज गणवीर, विद्या पाटिल, अश्लेषा पवार, रेखा जोशी ज्ञानदेव जाधव आदि का समावेश रहा। अंत में कार्यक्रम के संयोजक तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. नागेश पांडे ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जवाहरलाल पांडे अपना पूर्वांचल महासंघ के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त
मुंबई। अपना पूर्वांचल महासंघ (पंजीकृत) द्वारा एक गरिमामय समारोह में जवाहर लाल पांडेय (पूर्व जीएसटी कमिश्नर) को महाराष्ट्र प्रदेश के अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया। यह नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता अशोक दुबे के आदेशानुसार की गई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव फूलचंद दीक्षित, राष्ट्रीय समन्वयक डॉ.अम्बरीष दुबे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पांडेय तथा राष्ट्रीय सचिव अरविंद मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर श्री पांडेय को प्रमाणपत्र, शॉल, महासंघ की डायरी एवं पेन भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह कार्यक्रम मुंबई के वर्धमान चैंबर्स, फोर्ट में आयोजित हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि अपना पूर्वांचल महासंघ का मुख्य उद्देश्य पूर्वांचल के समग्र विकास, सामाजिक एकता, शिक्षा, रोजगार एवं सांस्कृतिक उन्नति के लिए निरंतर कार्य करना है। संगठन आने वाले समय में महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्वांचल समाज के हितों की रक्षा और विकास हेतु सक्रिय भूमिका निभाएगा।