गया में प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कल निःशुल्क गैस्ट्रो जांच शिविर, डॉ. अवधेश नारायण देंगे सेवाएं

गया: गया शहर के गेवाल बीघा स्थित डीएम आवास के समीप प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में रविवार को निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में लीवर, पेट एवं आंत रोगों के विशेषज्ञ डॉ. अवधेश नारायण मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श देंगे।

अस्पताल के जनरल एवं एडवांस लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे.पी. सिंह ने बताया कि यह शिविर विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी होगा, जो लंबे समय से पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, अपच, लीवर संबंधी समस्याओं या पाचन तंत्र से जुड़ी अन्य बीमारियों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य लोगों को समय रहते सही इलाज और जागरूकता प्रदान करना है।

डॉ. अवधेश नारायण ने अपनी एमबीबीएस और एमडी (मेडिसिन) की पढ़ाई Banaras Hindu University से की है। इसके अलावा उन्होंने डीएनबी (गैस्ट्रो) की विशेषज्ञता Sir Ganga Ram Hospital से प्राप्त की है और वे Ruban Memorial Hospital से भी जुड़े हुए हैं। उनके पास गैस्ट्रो संबंधी रोगों के इलाज का व्यापक अनुभव है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार शिविर में मरीजों को निःशुल्क परामर्श के साथ आवश्यक जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय पर जांच कराकर गंभीर बीमारियों से बचाव सुनिश्चित करें। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

गया में निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप, 200 से अधिक मरीजों का हुआ इलाज

गया। शहर के डेल्हा बस स्टैंड स्थित परैया रोड के बी.आई.टी मोड़ शाखा में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल द्वारा निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 200 से अधिक मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली।

शिविर में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे और विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लिया। यहां मरीजों को विभिन्न बीमारियों की जांच, आवश्यक चिकित्सा सलाह और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। स्वास्थ्य शिविर में जनरल एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी कुमारी और स्पाइन एवं ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. वैभव सिन्हा ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। डॉक्टरों ने मरीजों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनकर उचित उपचार और जरूरी सलाह दी।

शिविर के दौरान पेट संबंधी रोग, हर्निया, पथरी, बवासीर, कमर दर्द, गर्दन दर्द, स्लिप डिस्क, घुटना दर्द, महिलाओं की समस्याएं सहित कई सामान्य बीमारियों की जांच की गई। डॉक्टरों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। शिविर में शामिल लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए बेहद लाभकारी हैं।

गया के प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मगध का पहला लैप्रोस्कोपिक डुओडेनल परफोरेशन ऑपरेशन सफल

गया: मगध क्षेत्र में आधुनिक एवं उन्नत सर्जरी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डुओडेनल परफोरेशन (आंत में छेद) का सफल ऑपरेशन लैप्रोस्कोपी विधि द्वारा किया गया। पूरे मगध क्षेत्र में यह पहली बार है जब इस जटिल एवं गंभीर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक मिनिमली इनवेसिव तकनीक (Minimal Invasive Surgery) से संपन्न किया गया।

सामान्यतः इस प्रकार के ऑपरेशन में मरीज का पेट पूरी तरह खोलकर (लैपरोटॉमी) सर्जरी करनी पड़ती है, जिससे दर्द अधिक होता है तथा रिकवरी में भी लंबा समय लगता है। लेकिन प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह ने अपनी कुशलता, अनुभव एवं आधुनिक सर्जिकल तकनीक के बल पर इस जटिल ऑपरेशन को लैप्रोस्कोपिक विधि से सफलतापूर्वक पूरा किया।

ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही तथा आश्चर्यजनक रूप से बहुत कम समय में मरीज की रिकवरी हो गई। इस आधुनिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव, संक्रमण का कम खतरा एवं शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिला।

प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल आज पूरे मगध क्षेत्र में मिनिमली इनवेसिव एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए अपनी विशेष पहचान बना चुका है। जटिल से जटिल ऑपरेशन को अत्याधुनिक तकनीक एवं अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा।

इस सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार एवं अस्पताल के ओटी स्टाफ की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। पूरी टीम के समर्पण, तालमेल एवं दक्षता के कारण यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल हो सका। प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य मगध क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

गया में पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप: सैटेलाइट टाउनशिप में सरकारी रोक के बावजूद काम जारी, DM से शिकायत

गया: गयाजी शहर के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के चपरदह गांव निवासी सुबोध कुमार ने अपनी पैतृक जमीन पर अवैध निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को जिलाधिकारी को आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो बड़ा विवाद हो सकता है। आवेदन में कहा गया है कि विभा रानी (पति मनीष कुमार सिंह) और नीलम देवी (पति सत्य प्रकाश) परसावां स्थित जमीन पर जबरन निर्माण करा रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपी अपने पद और पहुंच का धौंस दिखाकर निर्माण हर हाल में जारी रखने की बात कह रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिहार सरकार ने 11 शहरों जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद, टाउनशिप के अंतर्गत आने वाली इस जमीन पर जबरन निर्माण कार्य जारी है। सुबोध कुमार ने बताया कि विवादित जमीन खाता संख्या 86, प्लॉट संख्या 795, रकबा 1 एकड़ 66 डिसमिल है, जो परसावां गांव में स्थित है। इलाके में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण भू-माफियाओं की नजर इस पर टिकी हुई है। मगध मेडिकल थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था। हालांकि, पुलिस के जाते ही काम फिर से शुरू हो गया।

पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि का फिर बङा आरोप, कहा- सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगवा लिए फिर भी निकाला गया है मोटी राशि का टेंडर

नगरीय विकास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव को लिखा पत्र

गया: शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि विनय कुमार ने एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है. शेरघाटी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी एवं मुख्य पार्षद द्वारा सामान खरीददारी में खुलेआम भ्रष्टाचार की शिकायत नगरीय विकास एवं विकास विभाग पटना बिहार के प्रमुख सचिव को लिखकर किया है. इस बार मामला सीसीटीवी कैमरे की खरीदी के टेंडर का है. पूर्व मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि ने खुलासा करते हुए नगरीय विकास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव को लिखा है, कि नगर परिषद शेरघाटी में कार्यपालक पदाधिकारी और मुख्य पार्षद की भ्रष्टाचार की अति होती जा रही है. अभी उनके घोटाले के कारनामे मीडिया की सुर्खियों में है.

इसके बीच 24 अप्रैल 2026 को नगर परिषद शेरघाटी द्वारा तीन बीड gem जाम पोर्टल पर निकाली है, जिसके संदर्भ में बताया जाता है, कि इस बीड में 200 सीसीटीवी कैमरे, 51 स्टील व्हील बैरो और 31 ट्राईसाईकिल खरीददारी करनी है. प्रमुख सचिव को बताया है, कि जानकर आपको भी आश्चर्य होगा, कि पिछले टेंडरों की तरह इस बार भी सीसीटीवी कैमरे पहले से ही लगवा लिए गए हैं और फिर से खरीददारी के लिए मोटे राशि का टेंडर निकाला गया है. पिछली बार की तरह ही पूर्व नियोजित फॉर्म को टेंडर अपनी मनचाही दरों पर दिया जाएगा, यह भी तय है. इस तरह जहां पूर्व से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, वहां 200 सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य सामग्री की खरीद का टेंडर निकाला जाना घोटाले के साक्ष्य के रूप में सामने है. कार्यपालक पदाधिकारी का ऐसा कदम किसी भी स्थानीय निकायों के भविष्य के लिए कहीं से भी उचित नहीं है. उन्हें किसी भी प्रकार के कानून कायदे की जैसे कोई परवाह ही नहीं है. वे बेखौफ होकर अपनी मर्जी से कार्य कर रही है. चाहे वह कार्य नियम विरुद्ध ही क्यों न हो. नगरीय विकास एवं विकास विभाग पटना बिहार के प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कहा है, कि आपको याद दिलाना चाहता हूं, कि पूर्व की टेंडर की तरह इस बार भी कार्यपालक पदाधिकारी ऋचा प्रियदर्शनी द्वारा मनचाही शर्तें लगाई गई है, ताकि अपनी चुनी फर्म को ऑर्डर दिया जा सके.

मेरे द्वारा लगाए गए आरोप को सिद्ध करने के लिए इस शिकायत पत्र के साथ सीसीटीवी कैमरे के जीपीएस लोकेशन के फोटोग्राफ्स भी संलग्न है. पूर्व मुख्य परिषद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा कि आग्रह है, कि इस तरह के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित करके उनके विरुद्ध विभागीय जांच की कार्रवाई की जाए एवं सभी निवेदाओं को निरस्त करते हुए पूर्व में हो चुकी निविदाओं से नगर परिषद शेरघाटी को हुए वित्तीय हानि की भरपाई कार्यपालक पदाधिकारी एवं मुख्य पार्षद से की जाए. इस संबंध में जब नगर परिषद शेरघाटी के कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी से इस संबंध में बयान जानना चाहा तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की.

अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में गायत्री शक्तिपीठ के 45वें स्थापना दिवस पर एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन

गया: अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में गायत्री शक्तिपीठ के 45वें स्थापना दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस मानवसेवा के महाअभियान में कुल 31 रक्त अग्रदूतों एवं रक्तवीरांगनाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री शक्तिपीठ, गया जी के मुख्य ट्रस्टी श्री हरिकृतन प्रसाद, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी ब्लड बैंक के मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामनरेंद्र प्रसाद एवं डॉ. अंबुज कुमार के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर मुख्य ट्रस्टी श्री हरिकृतन प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा,

“गायत्री परिवार सदैव से सेवा, साधना और स्वावलंबन के मार्ग पर अग्रसर रहा है। रक्तदान जैसा पुनीत कार्य समाज में जीवनदान देने का माध्यम है। स्थापना दिवस पर इस प्रकार का आयोजन हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।”

मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामनरेंद्र प्रसाद ने कहा,

“रक्तदान एक सुरक्षित और आवश्यक प्रक्रिया है, जिससे अनगिनत जरूरतमंदों को जीवन मिलता है। युवा पीढ़ी का इस तरह आगे आना समाज के लिए अत्यंत सकारात्मक संकेत है।”

डॉ. अंबुज कुमार ने भी सभी रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि नियमित रक्तदान से स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और यह समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।

कार्यक्रम का मंच संचालन राहुलकांत द्वारा अत्यंत उत्कृष्ट ढंग से किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा,

“रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। आज का यह आयोजन समाज को एक नई दिशा देने वाला है।”

DIYA रक्त अग्रदूत, बिहार के समन्वयक अमित कुमार ने रक्तदान एवं सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा,

“रक्तदान से हम किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन दे सकते हैं, वहीं हेलमेट हमारे अपने जीवन की सुरक्षा का कवच है। हमारा उद्देश्य है कि लोग रक्तदान के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूक हों।”

संरक्षक मुकेश कुमार ने कहा,

“इस प्रकार के आयोजन समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। हमें निरंतर ऐसे प्रयास करते रहना चाहिए जिससे अधिक से अधिक लोगों का जीवन सुरक्षित और समृद्ध हो सके।”

इस शिविर को सफल बनाने में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, गया जी के ब्लड बैंक की टीम का विशेष योगदान रहा, जिसमें संग्रहक राम कुमार मेहता, टेक्नीशियन विनोद कुमार, मनंजय कुमार, नर्स मधु कुमारी, रिंकू कुमार एवं रामवरण यादव द्वारा सफलतापूर्वक रक्त संग्रहण किया गया।

शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हेलमेट एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

रक्तदान करने वालों में प्रमुख रूप से अरविंद कुमार, मृत्युंजय कुमार, नैंसी कुमारी, ओंकारनाथ गायब, आशीष कुमार, पुरुषोत्तम कौशिक, प्रदीप यादव, गीतेश कुमार, आरभ, सुधीर कुमार, रणधीर कुमार खत्री, उमेश कुमार, जूही कुमारी, मदन मोहन, अभिषेक कुमार, रीना देवी, पीयूष कुमार शर्मा, सन्याल कुमार, महाराजा कुमार, रघुनाथ खत्री, अमरनाथ खत्री, अविनाश अमर, रिंकी कुमारी, मनीष गुप्ता, नीतीश कुमार, आयुष कुमार वर्मा, चंदन कुमार, बेबी कुमारी एवं रीता कुमारी शामिल रहे।

इस शिविर को सफल बनाने में कल्याणी कुमारी, निधि कुमारी, रंजीत कुमार, आलोक कुमार, रविकांत, सौरव, राजीव रंजन सहाय, आयुष पांडेय, सतेंद्र पाण्डेय, रूपेश कुमार, मनीष मिश्रा, मनीष गुप्ता, आयुष मिश्रा, मनीष शुक्ला , जुगेंद्र कुमार आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम के अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।

गया में सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का भव्य समापन, 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया

गया: गया की पावन धरती पर आयोजित सांसद जन उद्यम खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का शनिवार को उत्साह और गरिमा के साथ भव्य समापन हुआ। 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक चले इस महोत्सव में खेल, संस्कृति और उद्यमिता का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें भाग लेने के लिए किसी प्रकार का कोई सहभागिता शुल्क नहीं रखा गया। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिला और आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का मंच प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के दौरान लगभग 3,000 खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें 13 विभिन्न खेलों में भाग लेने का अवसर दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि सांसद जीतन राम मांझी ने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार है और ऐसे आयोजन उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं।

उन्होंने घोषणा की कि इस पहल के तहत 20,000 खेल किट्स का वितरण प्रखंड, पंचायत और विधानसभा स्तर पर किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा। महोत्सव के दौरान आयोजित MSME मीट एवं प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर दिया। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुले और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिली। कार्यक्रम की सफलता में आयोजकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही घोषणा की गई कि दिसंबर-जनवरी में और बड़े स्तर पर खेल टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक युवाओं को अवसर मिल सकेगा।

शेरघाटी नगर परिषद में करोड़ों के घोटाले का आरोप: पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने कहा- फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन की निकासी की

कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा पत्र 

गया: गया जिले के शेरघाटी नगर परिषद क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने से स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद शेरघाटी के पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नगर परिषद में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जिसके उनके पास ठोस सबूत मौजूद हैं।

विनय कुमार के अनुसार, फाउंटेन निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना में लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और गुणवत्ता से समझौता किया गया। इसके अलावा, नेशनल हाईवे पर पेंटिंग कार्य में भी निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, फिर भी भारी राशि खर्च कर दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं के तहत फर्जी कंस्ट्रक्शन के नाम पर धन निकासी की गई है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिन कंपनियों को काम दिया गया, उनके पास वैध दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, जीएसटी नंबर या अन्य आवश्यक कागजात तक नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें टेंडर प्रक्रिया के जरिए कार्य आवंटित किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।

वाटर एटीएम परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विनय कुमार ने कहा कि जिन स्थानों पर आम जनता की सुविधा के लिए वाटर एटीएम लगाए जाने थे, वहां इन्हें नहीं लगाया गया। इसके बजाय अन्य क्षेत्रों में स्थापित कर दिया गया, जिससे लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। साथ ही, एलईडी डिस्प्ले और आउटडोर फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने हितों के टकराव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस फर्म को आउटडोर फाउंडेशन का कार्य दिया गया, वह नगर परिषद में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। विनय कुमार ने यह भी दावा किया कि संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी अपने पिछले कार्यकाल में भी इसी तरह के आरोपों में घिरी रही हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई, तो महत्वपूर्ण दस्तावेजों में हेरफेर किया जा सकता है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की भी अपील की है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच के बाद सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।

वही, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी रिचा प्रियदर्शनी ने कहा कि 6 माह के करीब चुनाव होना है, इसलिए यह सब राजनीतिक कारणों से आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि सभी आरोप मनगढ़ंत और तथ्यहीन है.

गयाजी के मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में अत्याधुनिक भवन का शिलान्यास, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

गयाजी। सूबे के प्रतिष्ठित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शामिल नेट द्वारा ग्रेड ‘बी’ से मान्यता प्राप्त मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर कदम बढ़ाते हुए अत्याधुनिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। समारोह के दौरान फीता काटकर नए भवन की नींव रखी गई। साथ ही पुराने जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस गरिमामय अवसर पर कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी एवं प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के साथ-साथ सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसे संस्थान के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए खुशी जताई। कॉलेज सचिव शब्बी आर्फीन शमसी ने बताया कि प्रस्तावित भवन में आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, उन्नत प्रयोगशालाएं तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि शिक्षण प्रणाली भी और अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1969 में स्थापित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज ने अपने लंबे सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन निरंतर प्रगति के साथ आज यह मगध विश्वविद्यालय के प्रमुख एवं अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। वर्तमान में अध्यक्ष प्रो. हाफिजुर रहमान खान, सचिव शब्बी आर्फीन शमसी और प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अली हुसैन के कुशल नेतृत्व में कॉलेज लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है।

संस्थान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिजिटल कैंपस की अवधारणा को साकार करते हुए कॉलेज के वोकेशनल भवन में बीसीए, बीबीए, बीएलआईएस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित हैं. वर्तमान में कॉलेज में 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। परिसर में लगभग 60 कक्षाएं, 7 स्मार्ट क्लासरूम तथा 25 हजार से अधिक पुस्तकों से युक्त एक समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नए भवन के निर्माण से कॉलेज की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार की उम्मीद है। यह पहल न केवल गया, बल्कि पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

गयाजी में जीएसटी व ऑडिट विषयों पर सेमिनार का आयोजन: “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर विचार रखे

गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रीजनल काउंसिल सदस्य सीए जे.के तिवारी ने “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं और उसके व्यावहारिक प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व सबसे बड़ा है और पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि “शिक्षा खुद बोलता है”।

वहीं, सीए दीपक राज ने “शेड्यूल 3 और कारो का ऑडिट पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कारो ऑडिट रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक सीए दीपक कुमार ने बताया कि गया की धरती पर पहली बार आईसीएआई के रीजनल काउंसिल सदस्य फैकल्टी के रूप में पहुंचे, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिला।

उन्होंने आगे कहा कि गयाजी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्र की अध्यक्षता सीए ज्ञान प्रकाश ने की। कार्यक्रम में सीए रोहित गोयल, सीए रोहित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर उत्पल कुमार, सीए संजीव सिन्हा, सीए अनुप कुमार, सीए रविकांत वर्मा, सीए शशिराज, सीए विकास कुमार, सीए अमित सिन्हा, सीए अनुरुद्ध सिद्धिवंशी सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विषयों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और सेमिनार को उपयोगी बताया।