साई कॉलेज के विद्यार्थियों ने राज्य वन अनुसंधान संस्थान का किया शैक्षिक भ्रमण
अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बायोटेक्रालॉजी, एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर जुलॉजी और एम.एससी द्वितीय सेमेस्टर बॉटनी के विद्यार्थियों ने जबलपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान में शैक्षिक भ्रमण किया। स्किल डेवलपमेंट एंड आउटरिच प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण का प्रारम्भ संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप वासुदेवा ने पॉवर प्वाईंट प्रजेंटेशन से संस्थान की गतिविधियां और अनुसंधान कार्य से अवगत कराया। डॉ. उदय होमकार, डॉ. शैलेंद्र सिंह यादव ने संग्राहलय और फॉरेस्ट कंजर्वेशन और नर्सरी तकनीक से विद्यार्थियों को रू-ब-रू कराया। बॉटेनिकल गार्डन के दुर्लभ पौधे विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। प्रयोगशाला में प्लांट टिस्यू कल्चर करना बेहद शानदार रहा। इस दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का निवारण हुआ।
डॉ. प्रतीक्षा चतुर्वेदी ने वन प्रबंधन और उत्पादकता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने वन प्रबंधन की अवधारणा, संसाधनों के उपयोग, मृदा की भूमिका के बारे में बताया। विद्यार्थियों ने मृदा परीक्षण कर पौधों की अंकुरण प्रक्रिया और नर्सरी प्रबंधन को देखा। हार्वेरियम का भ्रमण बहुत ही रोमांचक रहा। विद्यार्थियों को संग्रह कला से अवगत कराया गया।
डॉ. अनरूद्ध मजूमदार ने वन्यजीव संख्या, निगरानी की तकनीक, लाइन ट्रांसेक्ट, कैमरा टै्रपिंग, जीन बैंक के बारे में बताया। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण और संवधन में आने वाली परेशानियों से अवगत कराया। डॉ. मयंक मकरंद वर्मा ने वन्यजीव प्रबंधन एवं जीनोमिक्स से अवगत कराया। वन्यजीव प्रबंधन, एनीमन बिहेवियर में आधुनिक तकनीक निर्णायक है जिससे विद्यार्थी अवगत हुए। बीज प्रौद्योगिकी, नर्सरी प्रबंधन, बीज संग्रहण, अंकुरण एवं पौधों के उत्पादन की विधियां विद्यार्थियों को बेहद आकर्षक लगीं। पौधों की गुणवत्ता और वानिकी विकास विद्यार्थियों के लिए प्रेरक रहा।
मॉलीक्यूलर बायोलॉजी लैब में डीएनए एक्सटै्रक्शन, पीसीआर पर करके दिखाया गया। रासायनिक उपयोग और उसकी प्रतिक्रिया से विद्यार्थी अवगत हुए। सभी को ग्रुप डिस्कशन और पीपीटी, रिपोर्ट तैयार करने की स्थितियों से रू-ब-रू कराया गया।
सहायक प्राध्यापक डॉ. एलपी गुप्ता, डॉ. दीप बराईक और कमलेश कुमार के नेतृत्व72 विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण किया।


















अम्बिकापुर- सरगंवा स्थित श्री साई बाबा स्कूल में शिक्षक एवं विद्यार्थियों के लिए विपश्यना शिविर आयोजित हुआ, जिसमें विशेषज्ञ के रूप में दुर्ग से पधारे आचार्य अजय भागडीकर तथा तृप्ति भागडीकर ने सभी को विपश्यना, ध्यान कराया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अलग-अलग सत्र में आयोजित शिविर में पहले व्यक्ति के अन्दर ध्यान, योग के बारे में बताया तथा ध्यान की स्थितियों और उसके परिवेश से अवगत कराया गया। अजय भागडीकर ने बताया कि विद्यार्थी और शिक्षकों का मन, विचार, दिमाग चेतन रहेगा तभी सकारात्मक मूल्यों को आत्मसात करेगा। उन्होंने कहा कि अध्ययन-अध्यापन के लिये धैर्य का होना जरूरी है। वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति और विद्यार्थी के लिए डिजीटल डिटाक्स होना आवश्यक है। मोबाइल जरूरत से ज्यादा लत बनता जा रहा है, इससे उबरना होगा। विद्याथियों को नयी संचार तकनीकों के साथ आधुनिक ज्ञान आवश्यक है लेकिन उन पर निगाह रखना भी जरूरी है। अध्ययन-अध्यापन के दौरान चेतन मन और दिमाग एकाग्र रहेगा तभी अच्छे परिणाम होंगे।
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्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शरीर के साथ मन और दिमाग को स्वस्थ होना जरूरी है, इसके लिये मानसिक व्यायाम करना होगा। प्राचार्य प्राची गोयल ने विपश्यना के लिए सभी को प्रेरित किया और उसके लाभ से अवगत कराया। शिविर के दौरान भानुशंकर झा, सुखलाम राम आदि शिक्षकों ने सहयोग किया।













1 hour and 21 min ago
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