“घोषणाओं की सरकार, जवाबों से भागते मुख्यमंत्री, किसानों के साथ खुला अन्याय”

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया किसान संबोधन पर तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह भाषण केवल घोषणाओं का पुलिंदा था, जिसमें किसानों के ज्वलंत सवालों से सुनियोजित तरीके से बचने की कोशिश की गई।

श्री पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिजली, स्लॉट बुकिंग, खरीदी लक्ष्य, दुग्ध, सोलर पंप, भावांतर, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे कई विषयों पर लंबी-चौड़ी बातें कीं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। उन्होंने सवाल उठाया कि स्लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई करना क्या सरकार की नाकाम व्यवस्था का प्रमाण नहीं है? छोटे, मझोले और बड़े किसानों पर लगी पाबंदियों को हटाना भी सरकार की मजबूरी को दर्शाता है, न कि कोई संवेदनशील निर्णय।

सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। 14 दिनों में केवल 9.5 लाख मैट्रिक टन खरीदी से साफ है कि इस रफ्तार पर 100 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य पूरा करने में करीब 140 दिन लगेंगे। अब जब छोटे, मझोले और बड़े सभी किसान एक साथ तुलाई के लिए आएंगे, तो यह अव्यवस्था और बढ़ेगी तथा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

बिजली आपूर्ति पर हमला करते हुए श्री पटवारी ने कहा कि 23 वर्षों तक किसानों को रात में बिजली देकर परेशान करने वाली सरकार आज दिन में बिजली देने की बात कर रही है। यह नीतिगत विफलता की स्वीकारोक्ति है, न कि कोई उपलब्धि। कृषक मित्र योजना को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार 90% सब्सिडी का दावा कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि किसानों से 10% राशि जमा कराकर उनके नाम पर 90% कर्ज डाला जा रहा है। दस्तावेजों में मात्र 30% सब्सिडी का उल्लेख है—ऐसे में शेष 60% की सच्चाई क्या है? और जब कर्ज किसान के नाम पर होगा, तो उसकी किस्त कौन भरेगा—सरकार या किसान?

सोयाबीन किसानों के मुद्दे पर श्री पटवारी ने कहा कि “मोदी गारंटी” के तहत ₹6000 प्रति क्विंटल पर खरीद का वादा किया गया था, लेकिन हकीकत में किसान को ₹2750 प्रति क्विंटल के भाव पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब मंडी मॉडल रेट ₹4000 था, तब भी किसानों को उसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि इस भारी अंतर का जवाब कौन देगा और क्या सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी?

इसी क्रम में उन्होंने गेहूं खरीदी में भारी अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 50% किसानों ने खरीदी में देरी और कुप्रबंधन के चलते अपना गेहूं ओपन मार्केट में बेचा, जहां मंडियों में खुली लूट के कारण उन्हें ₹1800 से ₹2000 प्रति क्विंटल के भाव मिले। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इन किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी या उन्हें यूं ही बाजार के हवाले छोड़ दिया गया है?

दुग्ध उत्पादकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा प्रदेश के अपने दूध संघ को NDDB को सौंपने के बाद बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस निर्णय से मध्यप्रदेश के दूध उत्पादक किसानों को वास्तविक लाभ क्या मिला। हाल ही में NDDB के साथ हुई बैठक के परिणामों पर भी मुख्यमंत्री ने कोई पारदर्शिता नहीं दिखाई।

श्री पटवारी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की बात करते हैं, उन्होंने अपने पूरे भाषण में ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह दर्शाता है कि सरकार के पास मूंग उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले खरीफ सीजन में किसान धान की बुवाई करेगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने “मोदी गारंटी” के तहत ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीद के वादे पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह स्पष्ट करता है कि सरकार के पास धान उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस नीति या भरोसेमंद रोडमैप नहीं है।

अंत में श्री पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अब झूठे वादों और खोखली घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगा। उसे स्पष्ट नीति, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए। यदि सरकार शीघ्र ही इन सवालों का ठोस जवाब नहीं देती और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करती, तो कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करेगी।

लोक जनसंपर्क सम्मान से नवाजे जाएंगे सुनील वर्मा

भोपाल। राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को किया जाएगा। इस अवसर पर पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया, भोपाल एक बहुआयामी आयोजन करेगी। इस दौरान बेहतर सेवाओं, उत्कृष्ट प्रदर्शन और अच्छी सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस कड़ी में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा को भी सम्मान से नवाजा जाएगा। कार्यक्रम सीएमई हॉल, जेके हॉस्पिटल, भोपाल पर सुबह 11 बजे होगा।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महिला आरक्षण, कानून व्यवस्था, आदिवासी हित और विकास परियोजनाओं पर सरकार को घेरा

 

भोपाल। आज भोपाल निवास पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए तथा कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • महिला आरक्षण 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, और इस दिशा में श्रीमती सोनिया गांधी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हम महिला सशक्तिकरण के विरोधी नहीं, बल्कि उसके सच्चे समर्थक हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण के नाम पर पर्दे के पीछे जनगणना और परिसीमन को क्यों जोड़ रही है? क्या यह राजनीतिक रणनीति है या वास्तविक सशक्तिकरण का प्रयास?

श्री सिंघार ने आगे कहा कि देश की 50% से अधिक महिलाएं और लगभग 55% ओबीसी वर्ग से आती हैं क्या उनके लिए इस आरक्षण में स्पष्ट प्रावधान है? सरकार को यह साफ करना चाहिए कि किन वर्गों की महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिलेगा। यदि सरकार की मंशा ईमानदार है, तो महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए, बिना किसी शर्त के। सीटों की संख्या, परिसीमन और जनगणना के नाम पर इसे टालना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति और ठोस निर्णयों से सुनिश्चित होता है।

  • कानून की धज्जियां उड़ाते भाजपा नेता और उनके परिजन 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां भाजपा के जनप्रतिनिधियों के परिजन कानून को चुनौती देते नजर आते हैं। पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल पद तक सीमित नहीं होती, बल्कि अपने परिवार को भी संस्कार और मर्यादा का उदाहरण देना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जब सत्ता का प्रभाव इस तरह दुरुपयोग में बदल जाए, तो यह सरकार की कार्यशैली और कानून के प्रति उसके रवैये पर सवाल खड़े करता है। मेरा मानना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और नैतिक आधार पर संबंधित जनप्रतिनिधियों को स्वयं आगे आकर जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।

  • आदिवासी समाज पर राज्यपाल महोदय की चिंता 

श्री सिंघार ने कहा कि आदिवासी समाज की पीड़ा पर राज्यपाल महोदय की चिंता स्वागतयोग्य है, वे स्वयं आदिवासी कार्यमंत्रणा परिषद के अध्यक्ष हैं। राज्यपाल महोदय द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई सलाह पर क्या वास्तव में अमल होगा? आवश्यकता इस बात की है कि केवल सलाह नहीं, बल्कि ठोस समीक्षा और प्रभावी कार्यवाही हो। उन्होंने कहा आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए स्पष्ट नीति, संवेदनशील दृष्टिकोण और मजबूत क्रियान्वयन जरूरी है, सिर्फ घोषणाएं नहीं।

  • केन-बेतवा परियोजना आंदोलन 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना जैसी किसी भी विकास परियोजना का उद्देश्य केवल ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बेहतर बनाना होना चाहिए। लेकिन अक्सर इन परियोजनाओं के साथ कई परिवार उजड़ जाते हैं क्या उनके अधिकार सुरक्षित हैं? क्या उन्हें पूर्ण और न्यायसंगत मुआवजा मिल रहा है?

उन्होंने आगे कहा कि सरकार कागजों पर योजनाएं बना लेती है, लेकिन जब वे धरातल पर लागू होती हैं, तो ग्रामीण, आदिवासी और दलित समाज सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। जरूरी है कि किसी भी परियोजना से पहले प्रभावित परिवारों से संवाद किया जाए, उनकी सहमति ली जाए और उनके पुनर्वास व मुआवजे को प्राथमिकता दी जाए। विकास तभी सार्थक है, जब वह न्यायपूर्ण और समावेशी हो।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रवीन्द्र भवन में संपन्न

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आज भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना तथा आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन एवं स्थान ग्रहण के साथ हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया। अतिथिगण द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का सूत की माला से स्वागत किया गया।

सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका, उनके कार्य एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. संजय कामले द्वारा आगामी “जनसंवाद सम्मेलनों” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी द्वारा प्रदेश स्तरीय ब्लॉक “जनसंवाद सम्मेलन” कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बूथ एवं ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा।

श्री पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य किसी पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। आज मध्य प्रदेश कर्ज, क्राइम और करप्शन के कैंसर से जूझ रहा है और इसे बचाने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी।

 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक बनाए गए विधानसभा प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे और 25 मई के बाद पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी सहित एक-एक ब्लॉक में जाएंगे।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिनकी जिम्मेदारी सभी के साथ समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाना है।

- संगठन विस्तार एवं जनसंवाद को प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा 

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि पार्टी में एक प्रस्ताव विचाराधीन है, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए का सहयोग लिया जाएगा। यह राशि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ही संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहकर कार्यकर्ताओं के सामूहिक योगदान से सशक्त बनेगी और आमजन के साथ सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।

श्री चौधरी ने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे मंडल, ब्लॉक, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर संगठन का सुदृढ़ गठन सुनिश्चित करें तथा गांव-गांव जाकर इकाइयों एवं बीएलए-2 का सत्यापन कर उनकी सक्रियता का आकलन करें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा, जबकि ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों का आकलन भी आगामी छह माह में किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त एवं श्रीमती उषा नायडू, रणविजय लोचन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं गोविंद सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सीईसी सदस्य ओमकार मरकाम एवं cwc सदस्य कमलेश्वर पटेल , विधायक आरिफ मसूद, एवं आतिफ अकील पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, पूर्व मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, फुंदेलाल मार्को, संगठन महामंत्री डॉ संजय कामले, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी सहित समस्त विधायकगण,जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ एवं विभागों के अध्यक्षगण तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस के समस्त ब्लॉक अध्यक्षगण उपस्थित रहे।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करे : मुकेश नायक

- महिला आरक्षण पर राजनीतिक उद्देश्य हावी, पारदर्शिता गायब : अभय दुबे

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय, भोपाल स्थित मीडिया कक्ष में आज प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पैनलिस्ट अभय दुबे द्वारा महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की गई।

प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए मुकेश नायक ने महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए स्पष्ट जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि सांसद एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

श्री नायक ने कहा कि वर्ष 2023 में पारित संविधान संशोधन में स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि महिला आरक्षण लागू करने से पूर्व जनगणना और उसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वर्तमान परिस्थितियां यह संकेत देती हैं कि केंद्र सरकार अपने ही प्रावधानों से पीछे हटती नजर आ रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक की अधिसूचना जारी की जा चुकी है, तब उसी विषय से संबंधित संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा और मतदान का क्या औचित्य है। यह पूरी प्रक्रिया केवल राजनीतिक उद्देश्य से संचालित प्रतीत होती है, जिससे न केवल भ्रम की स्थिति बन रही है, बल्कि सरकार की नीयत पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण का नहीं, बल्कि परिसीमन से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, जिस पर महिला आरक्षण का आवरण डाला जा रहा है। उन्होंने प्रश्न किया कि पिछले 30 महीनों में ऐसा क्या बदल गया कि 2023 के बाद की जनगणना की बात करने वाली सरकार अब 2011 की जनगणना के आधार की ओर लौटती नजर आ रही है।

इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पैनलिस्ट अभय दुबे ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार से यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किसी कानून की अधिसूचना जारी किए बिना उसका संशोधन किस प्रकार संभव है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रस्तुत करते समय प्रधानमंत्री द्वारा 33 प्रतिशत आरक्षण की बात कही गई थी, जिसका सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया था, साथ ही यह शर्त भी जोड़ी गई थी कि पहले जनगणना, फिर परिसीमन और उसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में बिना विधिक स्पष्टता के एकतरफा निर्णय लेने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना से बचने का प्रयास किया जा रहा है, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

मप्र : कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कार्यकर्ताओं से किया संवाद

- लोगों की कठिनाइयों को समझा और उन्हें जल्द से जल्द समाधान दिलाने का दिया आश्वासन 

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश भर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया। 

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने प्रदेश भर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजनों से संवाद कर उनकी जनसमस्याओं का त्वरित समाधान किया। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया जा सका, उन्हें संबंधित विभागों को निराकरण के लिए भेजा गया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उनकी कठिनाइयों को समझा और उन्हें जल्द से जल्द समाधान दिलाने का आश्वासन दिया।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में संभाग एवं जिला प्रभारियों की बैठक संपन्न

- समाज के हर वर्ग तक संवाद एवं संपर्क बढ़ाना आवश्यक: डॉ. मोहन यादव

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में संभाग और जिला प्रभारियों की बैठक को संबोधित किया। बैठक में पार्टी के आगामी कार्यक्रमों, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग-2026 पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने के लिए कार्यकर्ताओं की मेहनत और एकजुटता अनिवार्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार के विकासोन्मुखी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ जुटना है। जब तक हम सब मिलकर पार्टी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए एकजुट होकर काम नहीं करेंगे, तब तक हमारी योजनाओं में सफलता नहीं मिल सकती। पार्टी की सफलता केवल चुनावी जीत में नहीं, बल्कि समाज में भाजपा की स्थायी पहचान और सेवा की भावना से भी जुड़ी हुई है। हमें समाज के हर वर्ग से संवाद बढ़ाना होगा, उनकी समस्याओं को समझते हुए पार्टी की नीतियों का लाभ समाज तक पहुंचाना होगा। भाजपा का विचार और उसकी नीतियां समाज के हर वर्ग के हितों की रक्षा करते हुए अधिक प्रभावी बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। चुनौतियों का सामना करते हुए हमें पार्टी के उद्देश्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यही भाजपा की असली ताकत है और यही पार्टी के भविष्य की सफलता सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने के लिए कार्यकर्ताओं की मेहनत और एकजुटता अनिवार्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार के विकासोन्मुखी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ जुटना है। जब तक हम सब मिलकर पार्टी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए एकजुट होकर काम नहीं करेंगे, तब तक हमारी योजनाओं में सफलता नहीं मिल सकती। पार्टी की सफलता केवल चुनावी जीत में नहीं, बल्कि समाज में भाजपा की स्थायी पहचान और सेवा की भावना से भी जुड़ी हुई है। हमें समाज के हर वर्ग से संवाद बढ़ाना होगा, उनकी समस्याओं को समझते हुए पार्टी की नीतियों का लाभ समाज तक पहुंचाना होगा। भाजपा का विचार और उसकी नीतियां समाज के हर वर्ग के हितों की रक्षा करते हुए अधिक प्रभावी बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। चुनौतियों का सामना करते हुए हमें पार्टी के उद्देश्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यही भाजपा की असली ताकत है और यही पार्टी के भविष्य की सफलता सुनिश्चित करेगा।

- संगठन के कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत : हेमंत खण्डेलवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं। पार्टी की सफलता कार्यकर्ताओं की मेहनत, निष्ठा और एकजुटता पर निर्भर करती है। हमारी सरकार और संगठन की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा, ताकि भाजपा की नीतियों और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके। भाजपा की जीत केवल चुनावी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि समाज में पार्टी की स्थायी पहचान और सेवा की भावना से जुड़ी हुई है। पार्टी की सफलता का आधार सिर्फ चुनावी जीत नहीं है, बल्कि समाज के प्रति हमारी सेवा और भाजपा की स्थायी पहचान भी है। हमें सिर्फ चुनावी सफलता ही नहीं, बल्कि समाज में स्थायित्व और विकास के लिए सक्रिय रूप से काम करना होगा। संगठन के संभाग और जिला प्रभारी संगठन की गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे हमारा संगठन जमीनी स्तर पर सशक्त होता है। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करना भाजपा की प्राथमिकता है। यह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और उन्हें समाज में समान अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस दिशा में किए गए ऐतिहासिक कदमों की सराहना करते हुए कहा कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक दूरदर्शी पहल है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग-2026 पार्टी के कार्यकर्ताओं को नई दिशा और प्रेरणा देगा, संगठन को अधिक मजबूत करेगा और हमारे कार्यकर्ताओं को पार्टी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए तैयार करेगा। बैठक में पार्टी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी एवं गौरव रणदिवे, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल आदि मंचासीन रहे।

नई पहल: ‘आरोह-2026’ समर कैंप नए स्वरूप में होगा आयोजित

* व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक गतिविधियां भी होंगी शामिल, 1 मई से शुरू होगा कैंप

भोपाल। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने समर कैंप ‘आरोह-2026’ को नए स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा की है। इस बार कैंप में खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक गतिविधियां और मानसिक सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे।

गुरुवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम में आयोजित प्रदेश के सभी खेल अधिकारियों की बैठक में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि भोपाल सहित प्रदेशभर में 1 मई से समर कैंप शुरू होगा। इसमें पंजीयन 18 अप्रैल से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवा समन्वयकों के सहयोग से कैंप की गतिविधियों को ब्लॉक और ग्रामीण स्तर तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे और युवा इसका लाभ उठा सकें।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि ‘आरोह-2026’ केवल खेल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा। जैसे फिट इंडिया मूवमेंट और स्वच्छता अभियान ने समाज को जोड़ा, उसी तरह यह समर कैंप बच्चों, युवाओं और परिवारों को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं को निखारना नहीं, बल्कि ऐसे सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है जो परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव बने। खेलों के माध्यम से युवाओं का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास संभव है।

बैठक में खेल संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित प्रदेशभर के खेल अधिकारी उपस्थित रहे।

रबी विपणन वर्ष 2026-27 : मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन तेज़, अब तक 42 हजार किसानों से खरीदी

भोपाल। मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य तेज़ी से जारी है। प्रदेश में अब तक 42 हजार से अधिक किसानों से 18 लाख 97 हजार 480 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने कहा कि किसान की ताकत ही देश की प्रगति का आधार है। पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। MSP पर रिकॉर्ड खरीदी, उर्वरक सब्सिडी, फसल बीमा, कृषि बजट में वृद्धि तथा डिजिटल तकनीकों का विस्तार इसका प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि जब किसान मजबूत होता है, तब देश समृद्ध होता है। खेती अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि तकनीक और विकास का नया अध्याय बन चुकी है।

शाजापुर जिले के ग्राम भीलवाडिया स्थित रुचि वेयरहाउस उपार्जन केंद्र पर गेहूं खरीदी के शुभारंभ अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपूत ने किसानों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इस दौरान जिला मीडिया प्रभारी कुशाल सिंह सोनगरा, अर्जुन सिंह राजपूत, रघुवीर सिंह राजपूत, केंद्र प्रभारी लखन सिंह राजपूत, वेयरहाउस संचालक अनुराग सिंह ठाकुर, राकेश भोसले, चंद्रपाल सिंह, राजपाल सिंह, ऑपरेटर नीरज विश्वकर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हटा विधानसभा क्षेत्र के रसलपुर समिति, रामपुरा ग्रामीण उपार्जन केंद्र पर भी गेहूं खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में निगरानी संयोजक कमल दुबे, जिला संयोजक अखिलेश, अनिल पाठक, सुरेंद्र सिंह तथा विधानसभा टोली सदस्य नरेंद्र उपाध्याय मौजूद रहे।

ग्राम कपरवाड़ी स्थित बड़े बाबा वेयरहाउस उपार्जन केंद्र पर भी खरीदी प्रक्रिया शुरू की गई। कार्यक्रम में प्रबंधक विजय सूर्यवंशी, सह-प्रभारी भरत साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश सरकार एवं भाजपा किसान मोर्चा द्वारा किसानों के हितों के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर पारदर्शी एवं समयबद्ध खरीदी के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा रहा है।

इंदिरा भवन में कांग्रेस की समीक्षा बैठक संपन्न

संगठन सुदृढ़ीकरण और महिला भागीदारी बढ़ाने पर जोर

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की उपस्थिति में गुरुवार को इंदिरा भवन, भोपाल में विभिन्न संभागों के जिला अध्यक्षों तथा महिला कांग्रेस पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में संगठन विस्तार, जमीनी सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिला अध्यक्षों के साथ हुई समीक्षा बैठकें

प्रथम चरण में इंदौर और खंडवा संभाग के जिला अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसके बाद रीवा और सागर संभाग के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक हुई, जिसमें संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सह प्रभारी उषा नायडू, प्रशिक्षण विभाग प्रभारी महेंद्र जोशी, संगठन महासचिव संजय कामले सहित संबंधित संभागों के जिला अध्यक्ष उपस्थित रहे।

महिला कांग्रेस की बैठक में रणनीति पर मंथन

इसके पश्चात मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की बैठक आयोजित हुई, जिसमें महिला कांग्रेस की सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में महिला संगठन के विस्तार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी, एआईसीसी सचिव उषा नायडू, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, संगठन महासचिव संजय कामले, महिला कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ममता चंद्राकर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

संगठन की मजबूती सबसे बड़ी ताकत : हरीश चौधरी

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि संगठन की मजबूती ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। इसके लिए हर स्तर पर सक्रियता जरूरी है। उन्होंने जिला अध्यक्षों से जमीनी स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

महिलाओं के अधिकारों के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध : जीतू पटवारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल वर्षों पहले सोनिया गांधी द्वारा संसद में उठाई गई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे जातिगत जनगणना और परिसीमन के मुद्दे में उलझाकर लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की तैयारी

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने कहा कि महिला कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को और सशक्त बनाया जा सके।