साई स्कूल के विद्यार्थियों ने फार्म में देखी सब्जी की खेती, शैक्षिक भ्रमण में प्रकृति के करीब आये विद्यार्थी
अम्बिकापुर- साई बाबा स्कूल के विद्यार्थियों ने ईको क्लब के तत्वावधान में शुक्रवार को करजी फार्म सरगंवा में कक्षा नौवीं तक के विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण किया। सीबीएसई के दिशा-निर्देशों तथा एनईपी/एनसीएफ के फ्रेमवर्क के अंतर्गत अनुभवात्मक अधिगम के रूप में आयोजित इस शैक्षिक भ्रमण में विद्यार्थियों को कृषि के बारे में समझ विकसित करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने बैंगन, फूलगोभी, टमाटर, करेला, लौकी , तरबूज, ब्रोकली, खीरा, ककड़ी, मिर्च और कई प्रकार के फूलों की खेती को करीब से देखा। बच्चों ने ग्राफ्टिंग और संकरण पद्धति को समझा, बीज से पौधे बनने तक की प्रक्रिया में होने वाले बदलाव और उसके संरक्षण के बारे में अवगत हुए। सब्जी की फसलों की देखभाल विशेष होती है जिसके बारे में बताया गया।किसानों द्वारा बच्चों को सिंचाई, खाद और प्राकृतिक तरीकों से खेती करने के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने कई जिज्ञासा प्रकट किये जिसका समधान किया गया। विद्यार्थियों का प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक सराहनीय प्रयास रहा।
छात्रों ने शैक्षिक भ्रमण का भरपूर आनंद लिया और समूह में गतिविधियों में भाग लिया। प्राचार्य प्राची गोयल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शैक्षिक भ्रमण बच्चों के समग्र विकास में सहायक होते हैं। उन्हें किताबों के अलावा वास्तविक जीवन से जोड़ते हैं।











अम्बिकापुर- सरगंवा स्थित श्री साई बाबा स्कूल में शिक्षक एवं विद्यार्थियों के लिए विपश्यना शिविर आयोजित हुआ, जिसमें विशेषज्ञ के रूप में दुर्ग से पधारे आचार्य अजय भागडीकर तथा तृप्ति भागडीकर ने सभी को विपश्यना, ध्यान कराया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अलग-अलग सत्र में आयोजित शिविर में पहले व्यक्ति के अन्दर ध्यान, योग के बारे में बताया तथा ध्यान की स्थितियों और उसके परिवेश से अवगत कराया गया। अजय भागडीकर ने बताया कि विद्यार्थी और शिक्षकों का मन, विचार, दिमाग चेतन रहेगा तभी सकारात्मक मूल्यों को आत्मसात करेगा। उन्होंने कहा कि अध्ययन-अध्यापन के लिये धैर्य का होना जरूरी है। वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति और विद्यार्थी के लिए डिजीटल डिटाक्स होना आवश्यक है। मोबाइल जरूरत से ज्यादा लत बनता जा रहा है, इससे उबरना होगा। विद्याथियों को नयी संचार तकनीकों के साथ आधुनिक ज्ञान आवश्यक है लेकिन उन पर निगाह रखना भी जरूरी है। अध्ययन-अध्यापन के दौरान चेतन मन और दिमाग एकाग्र रहेगा तभी अच्छे परिणाम होंगे।
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्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शरीर के साथ मन और दिमाग को स्वस्थ होना जरूरी है, इसके लिये मानसिक व्यायाम करना होगा। प्राचार्य प्राची गोयल ने विपश्यना के लिए सभी को प्रेरित किया और उसके लाभ से अवगत कराया। शिविर के दौरान भानुशंकर झा, सुखलाम राम आदि शिक्षकों ने सहयोग किया।














1 hour and 43 min ago
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