फतेहपुर में दुकान दिलवाने के नाम पर करीब 7 लाख की ठगी के आरोप में एफआईआर दर्ज

गया: फतेहपुर थाना क्षेत्र के धनगांव निवासी शंकर सिंह ने नगर पंचायत फतेहपुर के रहने वाले रंजीत कुमार पिता रघुनंदन विश्वकर्मा पर करीब सात लाख रुपया ठगी करने का आरोप लगाया है, इस मामले में फतेहपुर थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है। पीड़ित शंकर सिंह पिता स्वर्गीय कामता सिंह ने बताया की मैं फतेहपुर बाजार में कपड़ा बेचने का कारोबार करता हूं मेरे दुकान से करीब 100 मीटर की दूरी पर रंजीत कुमार पिता रघुनंदन विश्वकर्मा थाना फतेहपुर का भी लोहा बेल्डिंग का दुकान था, जिसे उसने आज से करीब दो माह पुर्व में किसी दूसरे व्यक्ति को किराए पर दे दिया था, मैं एवं रंजीत कुमार कई वर्षों से अच्छे मित्र थे रंजीत कुमार एवं उसके पिता रघुनंदन विश्वकर्मा मुझे दूसरे स्थान पर दुकान दिलवाने एवं अपना निजी कार्य के लिए मुझसे चार लाख नियनानवे हजार रुपए यूपीआई के माध्यम से और दो लाख नगद लिया था, और कुछ दिन बाद दुकान दिलवाने का वादा किया था, वहीं कुछ दिनों बाद जब मैं उनसे दुकान के बारे में पूछा तो टालमटोल करने लगा और करीब 1 साल से ऊपर होने के बाद मैं तंग आकर उसे अपने पैसे की मांग करने लगा कि मुझे मेरा पैसा वापस कर दो मुझे दुकान नहीं चाहिए, इसके बाद उसने मेरे साथ धोखाधड़ी करते हुए पंजाब नेशनल बैंक का एक चेक दिया इस चेक को मैं जब फतेहपुर एसबीआई बैंक में लेकर गया तो खाते में पैसे नहीं होने के कारण चेक बाउंस कर गया। इसके बाद मैं चेक बाउंस होने को लेकर उसके घर पर गए तो वहां रंजीत कुमार एवं उसके परिवार के लोग रघुनंदन विश्वकर्मा, छोटू विश्वकर्मा इन तीनों ने मिलकर मेरे साथ गाली गलौज करते हुए बोला कि जाओ पैसा नहीं मिलेगा जो करना है कर लो इसके साथ ही उन सभी ने मेरे साथ मारपीट भी की और छोटू कुमार मेरे पॉकेट से हाथ डालकर ₹5000 नगद निकाल लिया और धमकी दिया कि अगर पैसे को लेकर दोबारा मेरे घर आया तो तुम्हारे ऊपर बहन नीतू कुमारी पिता रघुनंदन विश्वकर्मा के साथ छेड़छाड़ कर झूठा आरोप लगाकर जेल भेज दूंगा तथा मुझे मेरे दुकान से अपहरण कर हत्या करवाने की भी धमकी दिया। इस घटना से मैं काफी भयभीत हूं अगर मेरे साथ किसी प्रकार की घटना घटित होता है तो उसका जिम्मेदार रंजीत कुमार एवं उसके परिवार के लोग होंगे। वही इस संदर्भ में फतेहपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई है, आगे जो भी विधि सम्मत कार्रवाई होगी वह किया जाएगा। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रंजीत कुमार कई लोगों से इस तरह का ठगी कर चुका है कुछ लोगों ने बताया कि उसका यही सब पेशा है।

माधुरी फाउंडेशन के अध्यक्ष सह युवा जदयू नेता ने अपनी माता के पुण्यतिथि पर पुत्र ने वृद्धाश्रम में वस्त्र एवं भोजन का किया वितरण

गया: समाज के निचले पायदान पर रहने वाले लोगों एवं गरीब असहयों के लिए समर्पित संस्था मां माधुरी फाउंडेशन के अध्यक्ष सह युवा जदयू नेता कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने अपनी माता माधुरी देवी के पांचवी पुण्यतिथि के मौके पर गया फतेहपुर मार्ग पर अवस्थित वृद्ध आश्रम सहारा में पहुंचकर आश्रम में रह रहे लोगों के बीच वस्त्र एवं भोजन का वितरण किया। इस वृद्ध आश्रम श्रम में सैकड़ो लोग रहते हैं जिसमें वृद्धावस्था में महिला एवं पुरुष शामिल है।

वही, अपनी माता माधुरी देवी के पांचवी पुण्यतिथि के मौके पर पुत्र कुमार गौरव इस आश्रम में पहुंचकर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग वस्त्र का वितरण किया। वही पुण्यतिथि के मौके पर भोजन भी करवाया ।माधुरी फाउंडेशन के अध्यक्ष कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने वृद्ध लोगों के बीच अपने हाथों से वस्त्र का भी वितरण किया वहीं अपने हाथों से आश्रम में रह रहे लोगों को खाना परोस कर भी खिलाया। इस मौके पर कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने कहा कि अपनी माता माधुरी देवी की पांचवीं पुण्यतिथि के मौके पर इस आश्रम में आए हैं और यहां रह रहे लोगों के बीच अपने आप को आकर अपनापन जैसा महसूस हो रहा है। इस पुण्यतिथि को लेकर वैसे लोगों के बीच होना हमारे लिए बहुत ही यादगार का पल होता है जितना पल यहां गुजरता है तो लगता है कि ऐसे लोगों को सहयोग कर सुकून मिलता है।

उन्होंने कहा कि इसके पूर्व में भी मैं यहां रक्षाबंधन पर्व के मौके पर आकर इन लोगों के बीच कुछ पल बिताने का काम किया था और आगे भी जितना हमसे बन सकेगा इन लोगों के प्रति तत्पर रहेंगे ।वहीं इस आश्रम में उपस्थित एनएम कनक कुमारी ने भी बताया कि कुमार गौरव के द्वारा रक्षाबंधन में भी यहां आकर इन लोगों के बीच वस्त्र एवं भोजन का वितरण किया गया था और आज वह अपने माता माधुरी देवी के पुण्यतिथि के मौके पर आकर वस्त्र एवं भोजन का वितरण किया है ।उन्होंने यह भी कहा कि और भी समाज के लोगों को ऐसी संस्था में आकर सहायता करना चाहिए।इस कार्य के लिए उन्होंने सराहना किया।

बोधगया के ज्ञान भारती रेजिडेंशियल कंपलेक्स विद्यालय में पढ़ाई के साथ तैराकी की नई शुरुआत, स्विमिंग पूल का विधिवत हुआ उद्घाटन

गया: बोधगया की पावन ज्ञानभूमि से ज्ञान भारती रेजिडेंशियल कंपलेक्स विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ खेल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब इस विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई के साथ तैराकी का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी कड़ी में विद्यालय परिसर में बने नए स्विमिंग पूल का बुधवार को विधिवत उद्घाटन किया गया।

विद्यालय की निदेशक मधु प्रिया ने इस अवसर पर बताया कि उनके विद्यालय के छात्र पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। अब उद्देश्य यह है कि वे खेल, विशेषकर तैराकी में भी अपनी पहचान बनाएं और राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों का संतुलन बेहद जरूरी है।इस उद्घाटन समारोह में राजेश पांडे और ऋतु डालमिया सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने में सहायक होते हैं। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि निजी स्कूलों में अक्सर खेल सुविधाओं की कमी देखी जाती है, खासकर तैराकी जैसी गतिविधियाँ बहुत कम उपलब्ध होती हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए यह स्विमिंग पूल तैयार किया गया है, ताकि छात्र न केवल शारीरिक रूप से फिट रहें, बल्कि प्रतियोगी स्तर पर भी अपनी प्रतिभा दिखा सकें। विद्यालय द्वारा बच्चों को पेशेवर प्रशिक्षण देने की भी योजना बनाई गई है, जिससे वे आने वाले वर्षों में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें। प्रबंधन को उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में विद्यालय के छात्र तैराकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।

मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

गया में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की N1 सीरीज़ लॉन्च, किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

गया: गया शहर के विशाल तालाब स्थित एक निजी होटल में महिंद्रा ट्रैक्टर्स की नई N1 सीरीज़ का भव्य लॉन्च समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स द्वारा किया गया, जिसमें कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में स्टेट हेड बलवीर चौधरी, एरिया मैनेजर संजय दत्ता तथा क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने भाग लिया।

इस अवसर पर सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स के प्रोप्राइटर सिद्धि नाथ विश्वकर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में कृषि के क्षेत्र में तेजी से यांत्रिकीकरण बढ़ रहा है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने N1 सीरीज़ को किसानों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह नई सीरीज़ खेती को अधिक आसान, तेज और किफायती बनाने में सहायक होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक रंजय कुमार ने बताया कि N1 सीरीज़ में पहले से अधिक शक्तिशाली इंजन दिया गया है, जो विभिन्न कृषि कार्यों को आसानी से करने में सक्षम है। इसके अलावा इस ट्रैक्टर में ड्यूल क्लच, रिवर्स पीटीओ, साइड गियर, मल्टी-स्पीड सिस्टम, बड़े टायर और पावर स्टीयरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को बेहतर प्रदर्शन और सुविधा मिलेगी।

कंपनी ने इस नई सीरीज़ पर 28 अप्रैल तक विशेष इंट्रोडक्टरी ऑफर भी घोषित किया है। इस ऑफर के तहत किसान आकर्षक लाभ के साथ ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। इच्छुक ग्राहक सिद्धार्थ ट्रैक्टर्स से संपर्क कर इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में किसानों और उपस्थित लोगों ने नई तकनीक से लैस इस ट्रैक्टर की सराहना की और इसे कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया।

गया के गांधी मैदान स्टेडियम में चैंपियंस फैक्ट्री गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन, लड़की टीम रही विजेता, उपहार दिया गया

गया: गया शहर के गांधी मैदान स्टेडियम में ए.आर.एस क्रीड़ाशाला टूर्नामेंट के तत्वावधान में चैंपियनशिप फैक्ट्री गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिला खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। दोनों टीमों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों में भी उत्साह चरम पर रहा। मैच के दौरान काजल कुमारी ने पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई, जबकि दूसरा गोल चंदन ने दागा। खिलाड़ियों की गति, तालमेल और रणनीति ने मैच को बेहद आकर्षक बना दिया। फाइनल मुकाबले में एफसी नोनो गर्ल्स टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। टीम के खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अंततः विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, राधी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ए.आर.एस क्रीड़ाशाला टूर्नामेंट के फाउंडर अतुल आनंद ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना और उनमें खेल भावना को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल संस्था द्वारा क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गया से शुरू हुआ यह प्रयास आगे चलकर पूरे बिहार में बड़े स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन तक पहुंचेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि राकेश सिन्हा, रवि चौरसिया, नंदू कुमार और धीरेंद्र कुमार ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही, इससे खेल के प्रति युवाओं की रुचि भी बढ़ती है। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों की अच्छी खासी भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। यह टूर्नामेंट महिला खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जहां उन्होंने न केवल अपने खेल का प्रदर्शन किया, बल्कि भविष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्राप्त की।

मुआवजा विवाद में परिवार का सामाजिक बहिष्कार, गया के बरई गांव में बढ़ा तनाव, DM-SSP को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की

गया: गया जिले के आंती थाना क्षेत्र अंतर्गत बरई गांव में उत्तर कोयल नहर परियोजना के मुआवजे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक गंभीर सामाजिक और कानूनी संकट का रूप ले चुका है। आरोप है कि गांव की एक कथित समिति द्वारा न केवल एक परिवार पर जबरन दबाव बनाया गया, बल्कि उनकी आर्थिक और सामाजिक रूप से घेराबंदी करते हुए पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार भी कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने बुधवार को जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को आवेदन देकर इस मामले में जिला प्रशासन से हस्तक्षेप और न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित राम केवट, जो बरई गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि गांव के योगेंद्र यादव, श्याम देव गौतम रजक, सुखेंद्र यादव,महेंद्र यादव, रंजन रजक और अवधेश यादव कुछ प्रभावशाली लोगों ने मुआवजे की राशि को लेकर उन पर अनुचित दबाव बनाया। राम केवट के अनुसार, उनकी माता स्वर्गीय दुखनी देवी के नाम पर दर्ज 61 डिसमिल जमीन में से 16.5 डिसमिल भूमि उत्तर कोयल नहर परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई थी। इसके बदले सरकार द्वारा उनके खाते में लगभग 4 लाख 90 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया।

यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। राम केवट का आरोप है कि 15 मार्च 2026 को गांव में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुछ लोगों ने उनसे मुआवजे की राशि उनके चाचा वंशी केवट को देने का दबाव बनाया। उन्होंने जब इसका विरोध किया, तो कथित रूप से उनसे जबरन हस्ताक्षर कराकर एक निर्णय लिखवा लिया गया। इतना ही नहीं, उनके खाते से 55 हजार रुपये निकलवाकर उनके चाचा के पुत्र को दे दिए गए।

पीड़ित के अनुसार, इसके बाद 22 मार्च को फिर से एक बैठक बुलाई गई, जिसमें शेष राशि देने के लिए उन पर दबाव डाला गया। जब उन्होंने इनकार किया, तो उन्हें धमकाया गया और बैठक से भगा दिया गया। मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि 5 अप्रैल को गांव की कथित समिति ने एक और बैठक कर राम केवट और उनके पूरे परिवार के सामाजिक बहिष्कार का निर्णय ले लिया। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब 8 अप्रैल की शाम गांव में लाउडस्पीकर के माध्यम से इस बहिष्कार की सार्वजनिक घोषणा कर दी गई। घोषणा में कहा गया कि कोई भी ग्रामीण राम केवट और उनके परिवार से बातचीत नहीं करेगा। यदि कोई ऐसा करता पाया गया, तो उस पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही दुकानदारों को निर्देश दिया गया कि वे इस परिवार को कोई सामान न दें। गेहूं की पिसाई, खेतों में पानी और फसल कटाई जैसे जरूरी कार्यों में भी सहयोग न करने की बात कही गई।

पीड़ित परिवार का कहना है कि इस सामाजिक बहिष्कार ने उनके सामने रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद कठिन बना दिया है। गांव में कोई उनसे बात नहीं कर रहा है, जिससे वे पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों को भोजन, कृषि कार्य और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। राम केवट ने यह भी बताया कि उनके पास लाउडस्पीकर से की गई घोषणा की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जो पूरे घटनाक्रम का प्रमाण है। इसके अलावा, उन्हें एक वकील के माध्यम से नोटिस भी भेजा गया है, जिसमें उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर मुआवजा राशि अपने खाते में डलवाई है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि यह उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की साजिश है। इस पूरे मामले ने गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रथाएं न केवल अमानवीय हैं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करती हैं। किसी व्यक्ति या परिवार को इस तरह समाज से अलग-थलग करना कानूनी रूप से भी अपराध की श्रेणी में आता है।

पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और सामाजिक बहिष्कार को समाप्त कराया जाए। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

यह घटना न केवल एक परिवार की पीड़ा को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण समाज में अब भी चल रही गैरकानूनी सामुदायिक व्यवस्थाओं की सच्चाई को भी उजागर करती है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय पर हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा और ऐसे मामलों में सख्त संदेश दे पाएगा, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह केवल कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा।

गया में पत्रकारों पर जानलेवा हमले के खिलाफ फूटा आक्रोश, आकाश प्रियदर्शी ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

गया जिले में हाल ही में तीन पत्रकारों पर हुए जानलेवा हमले के बाद स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है ! इस कायराना घटना की कड़ी निंदा करते हुए विशाल प्राइवेट आईटीआई, बोधगया के ट्रस्टी एवं प्रतिष्ठित युवा पत्रकार आकाश प्रियदर्शी ने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है ! प्रसिद्ध समाजसेवी स्वर्गीय बादल सिन्हा के पुत्र आकाश प्रियदर्शी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पत्रकारों पर हमला सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ! उन्होंने जिला पुलिस प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में संलिप्त अपराधियों को जल्द सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो जिले के समस्त पत्रकार एकजुट होकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे ! प्रियदर्शी ने प्रशासन से मांग की है कि हमलावरों को ऐसी कड़ी सजा दिलाई जाए जो भविष्य में मिसाल बने, ताकि लोकतंत्र की रक्षा करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और ऐसी हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति दोबारा न हो !

नालंदा की घटना पर उबाल: गया में प्रजापति समाज की आपात बैठक, दोषियों को फांसी देने की मांग

गया: बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला शाखा गया की ओर से गुरुवार को आज प्रजापति धर्मशाला, दांडी बाग में कोर कमेटी की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत अजयपुर गांव में प्रजापति समाज की एक महिला के साथ सरेआम सड़क पर हुई कथित सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना पर चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना था।

बैठक के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा की और इसे मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। समिति के सदस्यों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

समिति ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और उन्हें अविलंब कठोरतम दंड, विशेष रूप से फांसी की सजा दी जाए।

सदस्यों का कहना था कि जब तक अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। इसके साथ ही समिति ने निर्णय लिया कि इस मुद्दे को लेकर जनस्तर पर भी आवाज उठाई जाएगी और आवश्यक होने पर आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। इसी क्रम में आगामी 12 अप्रैल 2026 को गया जिला कार्यकारिणी की एक विशेष बैठक बुलाने की घोषणा की गई है, जिसमें इस घटना की विस्तृत समीक्षा कर आगे की रणनीति और कार्रवाई तय की जाएगी।

बैठक में जिला सचिव विनोद कुमार, संरक्षक द्वारका प्रजापति, पूर्व अध्यक्ष नंदलाल प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष बाल अमृत प्रसाद, कोषाध्यक्ष मोहन प्रजापति सहित कई प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा ज्ञान दत्त प्रजापति, विष्णु कुमार, बिजेंद्र कुमार, प्रभाकर, राजदेव पंडित, विनोद कुमार पंडित, राजेंद्र पंडित, एस.के. सुमन, रामविलास पंडित, रविंद्र प्रजापति और नागेश्वर प्रजापति समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी बैठक में भाग लिया।

गया में वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद, पार्षद ने मारपीट के आरोप नकारे, ASI पर लगाए गंभीर आरोप

गया: गया में एक वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद का मामला गरमा गया है। वार्ड पार्षदक कलाम कुरैशी पर रामपुर थाना के एएसआई अश्वनी विक्रम कुमार पासवान के साथ मारपीट करने का आरोप है। हालांकि, पार्षद ने प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस अधिकारी पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान कलाम कुरैशी ने बताया कि वे गेवाल बीघा में एक हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान गेवाल बीघा मोड़ पर उन्होंने रामपुर थाना के एएसआई को दो युवकों के साथ बहस करते और फिर उन्हें बेरहमी से पीटते देखा।

पार्षद के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए मारपीट का कारण पूछा। कलाम कुरैशी का आरोप है कि उनके सवाल उठाने पर एएसआई भड़क गए और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।

चाय की दुकान पर हुई थी घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना गेवाल बीघा के पास एक चाय की दुकान पर हुई, जहां किसी बात को लेकर एएसआई और वार्ड पार्षद के बीच विवाद हो गया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की पूरी सच्चाई और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

इस संबंध में वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वे गेवाल बीघा में अपने बचपन के दोस्त की बहन के हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान वे कुछ सामान लेने के लिए गेवाल बीघा मोड़ पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि रामपुर थाना के एएसआई दो युवकों के साथ बहस कर रहे थे और बाद में उन्हें बेरहमी से पीटने लगे। वार्ड पार्षद ने कहा की उन्होंने सिर्फ मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि इस तरह मारपीट क्यों की जा रही है।

कलाम कुरैशी ने आरोप लगाया कि एएसआई ने शराब पी रखी थी और उनका व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। पार्षद ने यह भी कहा कि अगर एएसआई का हाथ टूटा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वार्ड पार्षद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो वे खुद जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका और एएसआई दोनों का ब्लड टेस्ट कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसने शराब का सेवन किया था। घटना के बाद पार्षद ने आईजी और एसएसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।