प्रदेश में PNG कनेक्शन को बढ़ावा: LPG की जगह पाइप गैस अपनाने पर जोर, रोज़ 2000 नए कनेक्शन जारी

लखनऊ। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस (PNG) के उपयोग के लिए तेजी से प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में औसतन प्रतिदिन लगभग 2000 नए PNG कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं, जिससे इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में सरकार सक्रिय नजर आ रही है।

भूराजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद देश में PNG की पर्याप्त उपलब्धता और उपभोक्ताओं को 24×7 निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होने के कारण केंद्र सरकार ने एलपीजी के स्थान पर PNG को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 24 मार्च 2026 को “पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026” जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव ने भी इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में 12 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां विभिन्न जनपदों में अपना नेटवर्क स्थापित कर चुकी हैं और कई आवासीय क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जहां PNG की आपूर्ति सुचारु रूप से की जा रही है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपना LPG कनेक्शन वापस करना अनिवार्य होगा। साथ ही PNG उपभोक्ता भविष्य में LPG कनेक्शन या सिलेंडर रिफिल नहीं ले सकेंगे।

CGD कंपनियों द्वारा उन क्षेत्रों में, जहां पाइपलाइन बिछ चुकी है, उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट के माध्यम से PNG अपनाने के लिए सूचित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, कंपनियां कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में सीधे संपर्क कर जागरूकता अभियान भी चला रही हैं।

तेल विपणन कंपनियों को भी ऐसे उपभोक्ताओं की सूची उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके आधार पर सूचना दिए जाने के तीन महीने बाद संबंधित उपभोक्ताओं को LPG की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ, सुरक्षित और सतत ऊर्जा को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी बेहतर सुविधा मिल सके।

यूपी बोर्ड रिजल्ट जारी: सीतापुर की कशिश व शिखा ने किया टॉप, एक ही स्कूल की छात्राओं का जलवा
लखनऊ । हर बार की तरह इस बार भी छात्राओं ने परीक्षा में बाजी मारी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष प्रदेशभर से करीब 52 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। बोर्ड ने रिजल्ट को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ऑनलाइन जारी किया।

परिणामों में इस बार सीतापुर जिले का दबदबा देखने को मिला। हाईस्कूल (10वीं) परीक्षा में सीतापुर की कशिश वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं इंटरमीडिएट (12वीं) में शिखा वर्मा ने टॉप कर जिले का नाम रोशन किया।

खास बात यह है कि दोनों टॉपर छात्राएं महमूदाबाद स्थित बाबू राम सावित्री देवी स्कूल की ही छात्राएं हैं। इतना ही नहीं, हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश का तीसरा स्थान भी इसी स्कूल की छात्रा अर्पिता ने हासिल किया है, जिन्हें 97.33 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। इस तरह एक ही स्कूल की तीन छात्राओं ने टॉप रैंक में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।


रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने भी छात्राओं की इस सफलता पर गर्व जताया है। यह परिणाम न केवल छात्राओं की मेहनत बल्कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और स्कूल के शैक्षिक माहौल को भी दर्शाता है।

बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष भी बड़ी संख्या में छात्रों ने सफलता हासिल की है और रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां छात्र अपने रोल नंबर के माध्यम से अपना परिणाम देख सकते हैं।
फर्जी लोन का झांसा देकर ठगी, ईओडब्ल्यू ने कम्पनी निदेशक को किया गिरफ्तार


लखनऊ। मेरठ में आर्थिक अपराध शाखा  ने फर्जी लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो० फराज उर्फ सनी राणा के रूप में हुई है, जो शताब्दी फिन कार्प प्रा. लि. कम्पनी में निदेशक पद पर कार्यरत था। उसे 23 अप्रैल 2026 को मेरठ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, शताब्दी फिन कार्प प्रा. लि. के संचालक, निदेशक और खाता धारकों ने मिलकर लोगों को होम लोन, शिक्षा लोन, कृषि ऋण और इनकम टैक्स रिटर्न के आधार पर ऋण दिलाने का लालच दिया। आरोपियों ने आवेदकों से फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और सर्विस टैक्स के नाम पर रकम अपने बैंक खातों में जमा कराई। हालांकि, किसी भी आवेदक को ऋण स्वीकृत नहीं कराया गया। जांच में सामने आया कि इस तरीके से आरोपियों ने करीब 3,91,783 रुपये की ठगी की। पैसे जमा कराने के बाद कम्पनी का कार्यालय बंद कर दिया गया और सभी आरोपी फरार हो गए। इस मामले में थाना ईओडब्ल्यू सेक्टर, मेरठ में मुकदमा संख्या 32/19 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 467, 468, 471 और 120बी के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 45(1)ए के तहत केस दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू की जांच में कुल चार आरोपी दोषी पाए गए हैं। इनमें से वांछित आरोपी मो० फराज उर्फ सनी राणा को अब गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। गिरफ्तार आरोपी मो० फराज, मो० हसन का पुत्र है और मेरठ के विकास पुरी कॉलोनी का निवासी बताया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
कृषि में बदलाव से विकसित भारत का लक्ष्य होगा पूरा: डॉ. संजय सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार), लखनऊ के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने "विकसित कृषि विकसित भारत के लिए कृषि में परिवर्तन" विषय पर आयोजित छठी कृषि विज्ञान कांग्रेस (8 से 10 अप्रैल 2026) की सिफारिशों और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर प्रेस वार्ता की।
उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान कांग्रेस में जलवायु परिवर्तन, रोग प्रबंधन, एआई, ड्रोन तकनीक, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई अहम सुझाव सामने आए हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि कांग्रेस में करीब 700 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 350 छात्र और 350 वैज्ञानिक शामिल रहे। यह उपकार की बढ़ती लोकप्रियता और कृषि अनुसंधान के प्रति युवाओं की रुचि को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में उपकार ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। काला नमक चावल की नई किस्में विकसित की गई हैं, वहीं मक्के की हाइब्रिड किस्मों का उत्पादन भी किया गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए बाजारों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि एआई और ड्रोन जैसी तकनीकों से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। मंडलीय स्तर पर कृषि समस्याओं के समाधान के लिए प्रयोगशालाएं और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इक्रिसैट, हैदराबाद के सहयोग से मूल्यवर्धन, स्टार्टअप और एफपीओ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश में इक्रिसैट का क्षेत्रीय केंद्र खोलने का प्रस्ताव भी है।
पशुपालन और बागवानी क्षेत्र में भी नई तकनीकों पर कार्य हो रहा है। गायों और अन्य पशुओं की बीमारियों, आहार और दूध उत्पादन पर एआई आधारित अनुसंधान किया जा रहा है। बागवानी में शर्बती अमरूद की नई किस्म विकसित की गई है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का लाभ मिल रहा है।
डॉ. सिंह ने बताया कि किसानों की आर्थिक स्थिति के आकलन के लिए आर्थिक सर्वेक्षण कराया जा रहा है। विविधीकरण, आधुनिकीकरण और संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, दिल्ली के मॉडल पर एक बड़ी परियोजना तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ अन्य फसलों की खेती, सीधे धान की बुवाई के लिए मशीनों की उपलब्धता, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। ये सभी पहलें भविष्य में भी जारी रहेंगी।
हज-2026: लखनऊ से दूसरी उड़ान रवाना, 430 जायरीन सऊदी अरब के लिए हुए रवाना
लखनऊ। हज-2026 के तहत उत्तर प्रदेश से हज यात्रियों के प्रस्थान का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार को लखनऊ एयरपोर्ट से दूसरी उड़ान संख्या एक्सवाई-8044 रवाना हुई, जिसमें कुल 430 हज यात्री सऊदी अरब के लिए रवाना हुए। इनमें 222 पुरुष और 208 महिलाएं शामिल रहीं।
इस उड़ान में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इनमें वाराणसी से सर्वाधिक 74, लखनऊ से 58, कानपुर नगर से 53 और बहराइच से 42 यात्री रहे। इसके अलावा बिहार के 6 यात्री भी इसी उड़ान से रवाना हुए।
हज यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रियों की सहायता के लिए तीन स्टेट हज इंस्पेक्टर—जहीरुल इस्लाम (कानपुर नगर), मेराज रसूल (लखनऊ) और मेराजुल इस्लाम (मऊ)—को इस उड़ान के साथ भेजा गया।
इसी दिन दिल्ली से भी सऊदी एयरलाइंस की उड़ान संख्या एसवी-5901 के जरिए 253 हज यात्री मदीना के लिए रवाना हुए। इनमें 135 पुरुष और 118 महिलाएं शामिल थीं। दिल्ली से रवाना होने वालों में मुरादाबाद के 54, गाजियाबाद के 31 और हापुड़ के 25 यात्री प्रमुख रहे। यात्रियों की सहायता के लिए स्टेट हज इंस्पेक्टर दानिश (सम्भल) को तैनात किया गया है।
अब तक उत्तर प्रदेश से हज-2026 के तहत दिल्ली से 2768 और मुंबई से 52 हज यात्री सऊदी अरब के लिए रवाना हो चुके हैं। यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कुल 25 स्टेट हज इंस्पेक्टर तैनात किए जा चुके हैं।
प्रदेश सरकार ने कहा है कि हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
यूपी बोर्ड रिजल्ट जारी: 12वीं में 80.38% छात्र पास, हाईस्कूल में 90.42% सफल

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शुक्रवार को यूपी बोर्ड हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया। इस वर्ष हाईस्कूल में 90.42 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए, जबकि इंटरमीडिएट में 80.38 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की।

  • इंटरमीडिएट टॉपर्स सूची

इंटरमीडिएट परीक्षा में शिखा वर्मा ने 97.60 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।

दूसरे स्थान पर नंदिनी गुप्ता और श्रिया वर्मा रहीं, जिन्हें 97.20 प्रतिशत अंक मिले। तीसरे स्थान पर सुरभि यादव और पूजा पाल ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

  • हाईस्कूल में छात्राओं ने मारी बाजी

हाईस्कूल परीक्षा में बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.30 रहा, जबकि बालिकाओं का प्रदर्शन बेहतर रहा और उनका उत्तीर्ण प्रतिशत 93.76 दर्ज किया गया।

  • इंटरमीडिएट में भी छात्राएं आगे: 

इंटरमीडिएट परीक्षा में बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 75.04 रहा, जबकि बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 86.32 प्रतिशत रहा। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। परीक्षार्थी अपना परिणाम यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

  • प्रवीण्यता सूची में बेटियों का जलवा: 

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा घोषित यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रवीण्यता सूची में दबदबा कायम किया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों की टॉपर्स सूची में छात्राओं ने बाजी मारी। हाईस्कूल के शीर्ष तीन स्थानों पर संयुक्त रूप से 6 विद्यार्थियों में 5 छात्राएं शामिल रहीं। इंटरमीडिएट के शीर्ष तीन स्थानों पर संयुक्त रूप से 5 में से सभी 5 स्थान छात्राओं ने हासिल किए।

हाईस्कूल (10वीं) टॉपर्स:

  • प्रथम स्थान: सीतापुर की कशिश वर्मा एवं बाराबंकी की अंशिका वर्मा
  • द्वितीय स्थान: बाराबंकी की अदिति
  • तृतीय स्थान: सीतापुर की अर्पिता, झांसी के ऋषभ साहू एवं बाराबंकी की पारी वर्मा

इंटरमीडिएट (12वीं) टॉपर्स:

  • प्रथम स्थान: सीतापुर की शिखा वर्मा
  • द्वितीय स्थान: बरेली की नंदिनी गुप्ता एवं बाराबंकी की श्रेया वर्मा
  • तृतीय स्थान: बरेली की सुरभि यादव एवं बाराबंकी की पूजा पाल

इस बार के परिणाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रदेश की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।

यूपी में जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और पर्यटन विकास को बढ़ावा देगा कोका-कोला इंडिया–इन्वेस्ट यूपी करार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सामुदायिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं को नई मजबूती देने के उद्देश्य से कोका-कोला इंडिया और इन्वेस्ट यूपी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य में जल संरक्षण, आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति देगी। साथ ही स्थानीय समुदायों को रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर कोका-कोला इंडिया और एसएलएमजी बेवरेजेज प्रा. लि. के कार्यकारी निदेशक विवेक लाधानी, निदेशक सिद्धार्थ लाधानी तथा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस पहल के तहत अधिक पर्यटकों वाले प्रमुख स्थलों पर नागरिक सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को बेहतर और विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके। साथ ही जल संरक्षण के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने तथा ठोस कचरा प्रबंधन और रीसाइक्लिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा।इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने कहा कि यह साझेदारी राज्य में विकास और सततता को साथ लेकर चलने का उदाहरण है। निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता से उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा मिलेगी।
कोका-कोला इंडिया एवं साउथवेस्ट एशिया की वाइस प्रेसिडेंट (पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशंस एवं सस्टेनेबिलिटी) देवयानी आरएल राणा ने कहा कि कंपनी उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन सुधार और सामुदायिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने को प्रतिबद्ध है। यह करार उत्तर प्रदेश में पर्यावरणीय जिम्मेदारी, समावेशी विकास और निजी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
लखनऊ: यूपी में गर्मी का कहर जारी, 22 जिलों में आज भी लू का अलर्ट; 3 दिन बाद मिल सकती है राहत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बुंदेलखंड समेत कई जिलों में तेज गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। प्रदेश में बांदा सबसे गर्म जिला रहा, जबकि देश में तीसरे सबसे गर्म शहर के रूप में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक तापमान में और बढ़ोतरी होगी तथा लू प्रभावित क्षेत्रों का दायरा और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने आज गुरुवार के लिए भी प्रदेश के 22 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। फिलहाल अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। बुधवार को बांदा में अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज 43.7 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में बूंदाबांदी के साथ तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं।

* इन जिलों में लू का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी समेत आसपास के क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
होमगार्ड भर्ती और कानून-व्यवस्था पर CM योगी की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
लखनऊ । योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के कई अहम मुद्दों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने 25, 26 और 27 अप्रैल को होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारियों पर खास जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित होनी चाहिए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि गर्मी में परीक्षार्थियों को परेशानी न हो।
बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी तरह के जातीय तनाव को समय रहते रोकने के निर्देश दिए।
इसके अलावा स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए शिविर लगाने और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।