प्रयागराज में युवक की नृशंस हत्या, रुपये के विवाद में हत्यारों ने बेरहमी से चाकू से वार कर वारदात को अंजाम दिया

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, यमुनापार में सोमवार आधी रात को बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। चाकू से हमला करके एक युवक की हत्या कर दी गई। बरात में शामिल होने के बाद वह घर जा रहा था, रास्ते में वारदात को अंजाम दिया गया। परिवार के लोगों ने रुपये के लेनदेन के मामले में हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है।

हत्यारोपित फरार

खीरी थाना क्षेत्र के खूंटा चौराहे पर क्षेत्र के चांद खमरिया गांव निवासी 40 वर्षीय राजू आदिवासी पुत्र पारसनाथ आदिवासी की अज्ञात लोगों द्वारा चाकू से मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

बरात में शामिल होकर जा रहा था राजू

राजू आदिवासी क्षेत्र के सीकी कला गांव में आई बरात में शामिल होने के बाद घर लौट रहा था। रास्ते में घात लगाए लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। इस संबंध में खीरी थाना प्रभारी कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि स्वजन ने मामले में परिवार के लोगों पर रुपये के लेन-देन का आरोप लगाते हुए हत्या करने की नामजद शिकायत दर्ज कराई है। मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

राजू मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था

राजू आदिवासी मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था। इन दिनों वह घर आया था। पिता पारसनाथ ने तीन लोगों के खिलाफ तहरीर पुलिस को दी है। इसमें उनके पड़ोसी कृष्णकांत आदिवासी, अनूप कोल उर्फ अन्नू पुत्र अज्ञात निवासी सुंदर पूर्वा खूंटा थाना खीरी। तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ खीरी थाने में मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है।

मुख्य मंत्री सामूहिक विवाह योजना

सरकारी बजट के अभाव में सैकड़ों गरीब वर वधुओं के हाथ पीले न होने से असंतोष व्याप्त,

कोरांव। विश्वनाथ प्रताप सिंह

कोरांव तहसील में तीन सौ करीब आवेदन हो चुके है पंजीकरण, मुख्य मंत्री डीएम और विधायक कोरांव से गरीबों ने लगाई गुहार

कोरांव।प्रयागराज। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई गरीब वर्ग के कल्याण हेतु मुख्य मंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत तीन चार महीने हो चुके पंजीकरण किंतु विवाह कार्यक्रम अप्रैल माह में न होने से असंतोष व्याप्त हैं।

बता दें कि तहसील कोरांव में दो तीन बार सामूहिक विवाह आयोजित हुए समय से समाज कल्याण विभाग ने उपहार और अनुमन्य राशि भी बखूबी वितरित की,किंतु अब लोगों का सब्र जवाब देने लगा है और मुख्य मंत्री द्वारा उनकी चलाई गई महत्वपूर्ण योजना में धन अभाव में विवाह न हो पाना आश्चर्य तो है ही किंतु विधायक के प्रयास के बावजूद बजट न मिलना चर्चा का विषय है।

प्राप्त जानकारी अनुसार करीब तीन सौ से अधिक आवेदन गरीब दलित पिछड़ों और सामान्य वर्ग तथा अल्प संख्यकों के ऑन लाइन हुए तीन चार माह हो रहे हैं किंतु विभाग के पास सरकार ने बजट नहीं दिया जिससे लोगों में आयोजन न होने से मायूसी दिख रही है। कई गरीब इस इंतजार में है कि सामूहिक विवाह के आयोजन हों तो लड़की को वहीं से बिदाई कर दें। क्यों कि विवाह के लिए पैसे नहीं है न शक्ति है। लोगों के उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

इसी तरह मांडा ब्लाक में हुए कई आवेदन,भारतगंज,कोरांव नगर पंचायत में हुए पंजीकरण वर वधुओं के विवाह नहीं कराए गए जिससे लोगों में नाराजगी है।

समाज कल्याण विभाग कोरांव के अधिकारी धनाभाव में वैवाहिक कार्यक्रम की तारीख सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं। फिलहाल उक्त सरकार की महत्वपूर्ण योजना का बजट न मिलना सरकार पर सवालिया उंगली उठना तो वाजिब ही हैं।

क्षेत्रीय विधायक राजमणि कोल से तत्काल समाज कल्याण मंत्री से अथवा मुख्य मंत्री से वार्ता कर सामूहिक विवाह अप्रैल के अंत तक निश्चित कराने की मांग की है, अन्यथा गरीबों का दिल टूट जाएगा।

थाना सिविल लाइंस एंटी रोमियो स्क्वाड व महिला बीट अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों में जागरूकता अभियान चलाया गया

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। आज पुलिस आयुक्त व अपर पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देशन में व पुलिस उपायुक्त नगर व अपर पुलिस उपायुक्त नगर के कुशल पर्यवेक्षण में नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन हेतु चलाये जा रहे अभियान “मिशन शक्ति विशेष अभियान फेज-5.0 द्वितीय चरण” के तहत नगर जोन के थाना सिविल लाइंस में गठित एंटीरोमियों स्क्वाड व महिला बीट अधिकारियों द्वारा प्रमुख स्थानों पर महिला सशक्तिकरण के सम्बन्ध में बालिकाओं/छात्राओं एवं महिलाओं को महिला सुरक्षा व महिला सशक्तिकरण के संबंध में जागरूक करते हुए गुड-टच, बैड-टच तथा विभिन्न हेल्पलाइन- वूमेन पॉवर लाइन-1090, आपातकालीन सेवा यूपी-112, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, स्वास्थ्य सेवा-102, एम्बुलेंस-108, साइबर क्राइम-1930 आदि के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही मिशन शक्ति केन्द्र, एण्टी-रोमियो स्क्वाड व आत्मरक्षा सम्बंधी टिप्स आदि के बारे में विस्तृत रुप से जानकारी देकर जागरुक किया गया ।

थानाध्यक्ष शंकरगढ़ द्वारा पुलिस बल के साथ शाम को  पैदल गश्त किया गया ।


विश्वनाथ प्रताप सिंह


  प्रयागराज,पुलिस आयुक्त प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार एवम अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज कानून व्यवस्था डॉक्टर अजय पाल शर्मा  के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव एवम अपर पुलिस उपायुक्त यमुनागर विजय आनंद के निर्देश के क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्र के निर्देश के अंतर्गत शंकरगढ़ थानाक्षेत्र में  कानून व्यवस्था को चुस्त एवम दुरुस्त रखने के दृष्टिगत को  थानाध्यक्ष शंकरगढ़ सुशील कुमार दुबे द्वारा पुलिस बल के साथ शिवराजपुर चौराहा,एवम बाजार एवम शंकरगढ़ बाजार एवम थाना क्षेत्र के भीड़ भाड़ स्थानों पर  सांय कालीन पैदल गस्त शिवराजपुर चौराहा कस्बा व थाना शंकरगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध लोगों एवम संदिग्ध वाहन को चेकिंग कर आम जनमानस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल संकट का मुख्य कारण : रामबाबू सिंह

वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत : सूर्य प्रताप सिंह ।

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। आज जंगल में मंगल रहने वाले बंदरो की टोली गांव में लगी नलों पर झुंड में पहुंच कर प्यास बुझा रहे हैं । शायद इस परिदृश्य से हर इंसान को सोचने की जरुरत है । क्योंकि ऐसी हालत क्यो बनी । आज जंगल के जीव जंतु अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी में हैंड पंपों का सहारा ले रहें हैं । उक्त बातें भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश उपाध्यक्ष  रामबाबू सिंह ने कही । उन्होंने कहा कि भले ही जानवरों की प्यास बुझाकर हर इंसान सुकून की आह भर रहा हो पर ऐसी जिंदगी पहले जीव जंतुओं को देखने के लिए कभी नही मिली थी । इस लिए पहले नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही - देवकी जंगल झाड़ियों के बीच पानी से लबालब झर - झर झरही बहते थे । अब वही संपति बेपानी क्यो होते जा रहे हैं । ऐसा अचरज होती प्राकृतिक धरोहरों के प्रति अट्टाहास कुछ भी बहस हो सकती है पर सच्चाई पर बहस तीखा हमला के समान होता है । क्योकि आज धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल - जंगल के मुहाने तक अतिक्रमण और उसके दोहन ही मुख्य कारण माना जा सकता है । इसलिए व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदिमानव की तरह हांथ में टांग और फावड़ा पकड़े फौलादी बन कर जंगलो की विनाश करने के लिए विनाशलीला पर आतुर है । यही वजह है कि मनुष्य की कुरुरता से भयभीत होकर पर्यावरण दूर - दूर भागता जा रहा है । वहीं लोहगरा गांव के युवा समाजसेवी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर बढ़ती आबादी का घोतक है कि नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही और देवकी नाले बेपानी होते चले गए । फिर भी इंसान पर्यावरण को लेकर चिंतित नहीं है । इसी का दुष्परिणाम हो सकता है कि आज जंगलो में व्याकुल होकर जानवर आबादी की तरफ भाग रहें हैं । कहा जाता है कि "कभी प्यासे को पानी पिलाया नही बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा" यह कहावत आज चरितार्थ हो रही है कि जानवर आज अपनी प्यास बुझाने के लिए गांवों में भटक रहा है । जानवरो की प्यास बुझा कर इंसान मन की सुख प्राप्ति कर रहा है । प्रत्येक इंसान को इस विषय परिस्थितियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है । इसलिए अब वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत है, तभी धरती संतुलित रहेंगी और धरती पर दैवीय और पैदा होने वाली प्राकृतिक संकट सुनाई नही देगा और इंसान से लेकर जानवरों के लिए वन पर्यावरण मुफीद बना रहेगा ।
डॉ. विनोद त्रिपाठी व ताजेंद्र बहादुर सिंह बड़गड़ी के नेतृत्व में निकली परशुराम शोभायात्रा
लालापुर से मनकामेश्वर धाम तक गूंजे जय परशुराम के नारे



विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज, लालापुर यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम सभा डेरा बारी स्थित हनुमान मंदिर से रविवार सुबह लगभग ग्यारह बजे भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा लालापुर चौराहा होते हुए भटपुरा स्थित भगवान भोलेनाथ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर धाम में जाकर संपन्न हुई। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला।हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में पूज्य भगवान परशुराम का जन्मोत्सव वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है, जिसे अक्षय तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। इसी पावन अवसर पर आयोजित इस शोभायात्रा ने क्षेत्र में धार्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया। डेरा बारी से प्रारंभ होकर मनकामेश्वर धाम स्थित परशुराम मंदिर तक पहुंची इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। डॉ. विनोद त्रिपाठी (सावित्री नर्सिंग होम, शिवराजपुर) एवं वरिष्ठ समाजसेवी ताजेंद्र बहादुर सिंह बड़गड़ी की गरिमामयी उपस्थिति एवं अगुवाई ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। “जय परशुराम” के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। डीजे, फोर व्हीलर और बाइक के साथ निकली यह यात्रा इतनी भव्य थी कि मानो स्वयं भगवान परशुराम धरती पर अवतरित हो गए हों। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी लालापुर अनुभव सिंह, सब इंस्पेक्टर कौशलेंद्र, श्याम सुंदर, रामाश्रय यादव, रेखा, हेड कांस्टेबल राधा मोहन सहित पूरी पुलिस टीम मुस्तैद रही। प्रशासन की सतर्कता के चलते पूरे कार्यक्रम में कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। इस आयोजन में डॉ. विनोद त्रिपाठी ,ताजेंद्र बहादुर सिंह बड़गड़ी, ग्राम प्रधान भटपुरा शंकरलाल पांडे, समाजसेवी अनोद त्रिपाठी, विवेक शुक्ला (लाला) आशीष मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि विजय निषाद उर्फ श्यामू निषाद अनोद त्रिपाठी, सतीश त्रिपाठी, नारायण सिंह,ओपी सिंह, हरी ओम द्विवेदी रवी सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की सफल और शांतिपूर्ण व्यवस्था को लेकर क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की खुलकर सराहना की। यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और प्रशासनिक कुशलता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर गई।
पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज ने किया खुलासा, 13 लाख की बड़ी चोरी का किया खुलासा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, सिटी जोन पुलिस ने 3 शातिर पकड़े, शातिर नसीर, फिरोज अहमद, साहे आलम गिरफ्तार

कोतवाली थाना पुलिस और SOG सिटी का एक्शन, चोरी के आभूषण, 2.89 लाख नगद बरामद..।
*यमुना किनारे चला ‘खनन क्लीनअप ऑपरेशन’—घाट जमींदोज, मशीनें जब्त, करोड़ों की वसूली*
रोटी छिनी तो सड़कों पर उतरेंगे  प्रशासन की सख्ती से लाखों मजदूरों पर टूटा रोज़गार का पहाड़

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज।यमुनापार /करछना,लालापुर/घूरपुर/बारा/नैनी: यमुना किनारे अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने ऐसा सख्त अभियान चलाया है कि पूरे इलाके की तस्वीर ही बदल गई है। जहां पहले दिन-रात बालू ढुलाई होती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। घाटों को जेसीबी से खोदकर पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, रास्तों को काट दिया गया है और दर्जनों वाहन सीज कर दिए गए हैं। लेकिन इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उन गरीब मजदूरों पर पड़ा है, जिनकी रोजी-रोटी सीधे यमुना की बालू पर टिकी थी।

करछना में छापा—बालू फिंकवाई, रास्ते बंद

करछना के कबरा घाट पर खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध बालू को मौके पर ही फिंकवा दिया।घाट तक जाने वाले रास्तों को जेसीबी से खुदवाकर बंद कर दिया गया। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

लालापुर बना कार्रवाई का केंद्र—पंन्द्रह दिन में बड़ा प्रहार

लालापुर में बीते पंन्द्रह दिनों में प्रशासन ने सबसे बड़ा अभियान चलाया। यमुना किनारे के लगभग सभी अवैध घाटों को जमींदोज कर दिया गया।

दर्जनों ट्रैक्टर, जेसीबी और गाड़ियां सीज

खनन अधिनियम और बीएनएस के तहत मुकदमे दो करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना रात में दोगुनी पुलिस गश्त थाना प्रभारी का बयान साफ अब एक भी अवैध खनन बर्दाश्त नहीं होगा, हर हाल में कार्रवाई जारी रहेगी।" नैनी और घूरपुर में ‘स्पेशल टास्क’ का कहर नैनी और घूरपुर में एडीएम प्रशासन, राजस्व और खनन विभाग की स्पेशल टीम ने मिलकर कई वाहनों को सीज किया। रास्तों को काट दिया गया ताकि दोबारा खनन न हो सके। मुकदमे दर्ज कर सख्त संदेश दिया गया।

बारा में भी कार्रवाई—हर तरफ शिकंजा

बारा क्षेत्र में भी अवैध खनन से जुड़े वाहनों को सीज कर दिया गया है। पूरे यमुनापार में प्रशासनिक सख्ती का असर साफ दिख रहा है। लेकिन…सबसे बड़ा सवाल—इन मजदूरों का क्या होगा? प्रशासनिक कार्रवाई के बीच सबसे ज्यादा मार पड़ी है उन गरीब मजदूरों पर,जिनकी जिंदगी का एकमात्र सहारा यही काम था। यमुना किनारे बसे हजारों परिवार आज अचानक बेरोजगार हो गए हैं। एक मजदूर की आंखों में आंसू और आवाज में गुस्सा— "हम चोर नहीं हैं, मजदूर हैं…मेहनत करके पेट पालते थे, अब वो भी छिन गया।" दूसरे मजदूर ने कहा—"सुबह घर से निकलते हैं काम की तलाश में, लेकिन शाम को खाली हाथ लौटते हैं। बच्चों के लिए दाल-रोटी तक मुश्किल हो गई है।"

महिलाओं का दर्द बच्चों का भविष्य अंधेरे में

एक महिला मजदूर ने बताया बरसात आने वाली है, घर की छत डालनी थी। अब सब अधूरा रह जाएगा। बच्चे स्कूल छोड़ने की बात कर रहे हैं, फीस देने के पैसे नहीं हैं।यमुना, जिसे ये लोग मां की तरह पूजते हैं, वही आज इनके लिए मजबूरी और दर्द का कारण बन गई है।

मशीनें चलेंगी तो मजदूर भूखे मरेंगे

मजदूरों का आरोप है कि बड़े ठेकेदारों की मशीनें (जेसीबी/पोकलैंड) काम कर रही हैं, लेकिन गरीब मजदूरों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। सरकार मशीनों से काम कराएगी तो हम जैसे मजदूर कहां जाएंगे

आंदोलन की चेतावनी अब चुप नहीं बैठेंगे

गुस्साए मजदूरों और उनके संगठनों ने साफ कहा है—या तो रोजगार दो या वैध खनन का पट्टा दो वरना वे जल्द ही सड़कों पर उतरकर डीएम आवास का घेराव करेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।

जमीनी हकीकत: कानून बनाम भूख

एक तरफ प्रशासन अवैध खनन रोकने के अपने अभियान को बड़ी सफलता बता रहा है, तो दूसरी तरफ जमीन पर सच्चाई यह है कि—घाट बंद हुए, लेकिन हजारों घरों के चूल्हे भी ठंडे पड़ गए। यमुना किनारे इस समय अजीब सा सन्नाटा है—न मशीनों की आवाज, न मजदूरों की हलचल…बस भूख, बेरोजगारी और गुस्से की खामोशी। यह खबर जमीनी पड़ताल और स्थानीय मजदूरों की आवाज पर आधारित है, जहां सख्ती के बीच इंसानी संकट सबसे बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।
शंकरगढ़ के इंग्लिश मीडियम स्कूलों की खुली पोल: नाम अंग्रेजी का, पढ़ाई हिंदी में
प्रयागराज। शंकरगढ़ नगर में संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूलों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बोर्ड पर नाम तो इंग्लिश मीडियम का है, लेकिन कक्षाओं में शिक्षक हिंदी में ही पढ़ाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब पढ़ाई हिंदी में हो रही है तो इंग्लिश मीडियम का टैग लगाने का औचित्य क्या है?अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन हर शैक्षिक सत्र में किताबें बदल देता है। उनका सवाल है कि क्या हर साल इतिहास, गणित या विज्ञान का पाठ्यक्रम बदल जाता है? पुरानी किताबें बेकार हो जाती हैं और अभिभावकों पर हर वर्ष नई महंगी किताबों का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ज्यादातर स्कूलों में योग्य शिक्षक नहीं हैं। स्कूलों ने स्थानीय स्तर पर ऐसे शिक्षकों को रखा है जिनकी न तो अंग्रेजी पर पकड़ है और न ही हिंदी पर। इससे बच्चों की बुनियाद कमजोर हो रही है। बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव भी है शंकरगढ़ के इन स्कूलों में बच्चों के लिए साफ और शुद्ध पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है। गर्मी में बच्चे परेशान होते हैं, लेकिन प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। शिक्षक अपनी खामी मानी जब एक पत्रकार के सवाल पर स्कूल की एक शिक्षिका ने खुद स्वीकार किया कि "आपकी बात जायज है। नाम इंग्लिश मीडियम है, लेकिन बातचीत हिंदी में हो रही है, जो गंभीर विषय है। अभिभावकों का कहना है कि जब फीस इंग्लिश मीडियम और सीबीएसई बोर्ड यूपी इंग्लिश मीडियम बोर्ड के नाम पर ली जाती है तो कक्षाओं में हिंदी का उपयोग क्यों होता है? शिक्षक आपस में भी हिंदी में बात करते हैं, जबकि स्कूल कैंपस में संवाद अंग्रेजी में होना चाहिए। इससे बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और उनमें अंग्रेजी बोलने की उमंग जगेगी। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि इंग्लिश मीडियम के नाम पर चल रहे इन स्कूलों की जांच की जाए। मानकों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई हो, ताकि बच्चों का भविष्य अंधकार में न जाए।
मिशन शक्ति 5.0 – नारी शक्ति का नया आयाम –उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा का नया अध्याय।


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,गंगानगर जोन कमिश्नरेट प्रयागराज के समस्त थानों की मिशन शक्ति टीम द्वारा चलाया गया ‘मिशन शक्ति 5.0’ अभियान ।

          महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उ0प्र0 सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजना “मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण अभियान” के तहत श्रीमान् पुलिस आयुक्त महोदय व अपर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में व श्रीमान् पुलिस उपायुक्त गंगानगर व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के कुशल पर्यवेक्षण में आज दिनांक-19.04.2026 को गंगानगर जोन के समस्त थानों की महिला पुलिसकर्मियों/मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों के प्रमुख बाजारों, कस्बों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर जाकर महिलाओं/बालिकाओं को उनके अधिकारों एवं सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताकर जागरुक किया गया । टीम द्वारा बालिकाओं को साइबर सुरक्षा के सम्बंध में जानकारी देकर जागरुक किया गया एवं सोशल मीडिया को सावधानी पूर्वक प्रयोग करने के लिये भी सुझाव दिया गया । किसी भी शोहदों द्वारा परेशान करने पर तत्काल डायल-112 अथवा मिशन शक्ति टीम से शिकायत करने करने को बताया गया ।

        मिशन शक्ति टीम द्वारा महिला सुरक्षा व महिला सशक्तिकरण के सम्बन्ध में बालिकाओं/छात्राओं एवं महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नम्बर जैसे पुलिस आपात सेवा-112, वूमेन पावरलाइन-1090, महिला हेल्पलाइन-181, सीएम हेल्पलाइन-1076, साइबर हेल्पलाइन-1930 व मिशन शक्ति केन्द्र आदि के बारें में जानकारी देकर जागरुक किया गया तथा पम्पलेट वितरित किया गया ।