*यमुना किनारे चला ‘खनन क्लीनअप ऑपरेशन’—घाट जमींदोज, मशीनें जब्त, करोड़ों की वसूली*
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रोटी छिनी तो सड़कों पर उतरेंगे प्रशासन की सख्ती से लाखों मजदूरों पर टूटा रोज़गार का पहाड़
विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज।यमुनापार /करछना,लालापुर/घूरपुर/बारा/नैनी: यमुना किनारे अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने ऐसा सख्त अभियान चलाया है कि पूरे इलाके की तस्वीर ही बदल गई है। जहां पहले दिन-रात बालू ढुलाई होती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। घाटों को जेसीबी से खोदकर पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, रास्तों को काट दिया गया है और दर्जनों वाहन सीज कर दिए गए हैं। लेकिन इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उन गरीब मजदूरों पर पड़ा है, जिनकी रोजी-रोटी सीधे यमुना की बालू पर टिकी थी।
करछना में छापा—बालू फिंकवाई, रास्ते बंद
करछना के कबरा घाट पर खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध बालू को मौके पर ही फिंकवा दिया।घाट तक जाने वाले रास्तों को जेसीबी से खुदवाकर बंद कर दिया गया। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
लालापुर बना कार्रवाई का केंद्र—पंन्द्रह दिन में बड़ा प्रहार
लालापुर में बीते पंन्द्रह दिनों में प्रशासन ने सबसे बड़ा अभियान चलाया। यमुना किनारे के लगभग सभी अवैध घाटों को जमींदोज कर दिया गया।
दर्जनों ट्रैक्टर, जेसीबी और गाड़ियां सीज
खनन अधिनियम और बीएनएस के तहत मुकदमे दो करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना रात में दोगुनी पुलिस गश्त थाना प्रभारी का बयान साफ अब एक भी अवैध खनन बर्दाश्त नहीं होगा, हर हाल में कार्रवाई जारी रहेगी।" नैनी और घूरपुर में ‘स्पेशल टास्क’ का कहर नैनी और घूरपुर में एडीएम प्रशासन, राजस्व और खनन विभाग की स्पेशल टीम ने मिलकर कई वाहनों को सीज किया। रास्तों को काट दिया गया ताकि दोबारा खनन न हो सके। मुकदमे दर्ज कर सख्त संदेश दिया गया।
बारा में भी कार्रवाई—हर तरफ शिकंजा
बारा क्षेत्र में भी अवैध खनन से जुड़े वाहनों को सीज कर दिया गया है। पूरे यमुनापार में प्रशासनिक सख्ती का असर साफ दिख रहा है। लेकिन…सबसे बड़ा सवाल—इन मजदूरों का क्या होगा? प्रशासनिक कार्रवाई के बीच सबसे ज्यादा मार पड़ी है उन गरीब मजदूरों पर,जिनकी जिंदगी का एकमात्र सहारा यही काम था। यमुना किनारे बसे हजारों परिवार आज अचानक बेरोजगार हो गए हैं। एक मजदूर की आंखों में आंसू और आवाज में गुस्सा— "हम चोर नहीं हैं, मजदूर हैं…मेहनत करके पेट पालते थे, अब वो भी छिन गया।" दूसरे मजदूर ने कहा—"सुबह घर से निकलते हैं काम की तलाश में, लेकिन शाम को खाली हाथ लौटते हैं। बच्चों के लिए दाल-रोटी तक मुश्किल हो गई है।"
महिलाओं का दर्द बच्चों का भविष्य अंधेरे में
एक महिला मजदूर ने बताया बरसात आने वाली है, घर की छत डालनी थी। अब सब अधूरा रह जाएगा। बच्चे स्कूल छोड़ने की बात कर रहे हैं, फीस देने के पैसे नहीं हैं।यमुना, जिसे ये लोग मां की तरह पूजते हैं, वही आज इनके लिए मजबूरी और दर्द का कारण बन गई है।
मशीनें चलेंगी तो मजदूर भूखे मरेंगे
मजदूरों का आरोप है कि बड़े ठेकेदारों की मशीनें (जेसीबी/पोकलैंड) काम कर रही हैं, लेकिन गरीब मजदूरों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। सरकार मशीनों से काम कराएगी तो हम जैसे मजदूर कहां जाएंगे
आंदोलन की चेतावनी अब चुप नहीं बैठेंगे
गुस्साए मजदूरों और उनके संगठनों ने साफ कहा है—या तो रोजगार दो या वैध खनन का पट्टा दो वरना वे जल्द ही सड़कों पर उतरकर डीएम आवास का घेराव करेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
जमीनी हकीकत: कानून बनाम भूख
एक तरफ प्रशासन अवैध खनन रोकने के अपने अभियान को बड़ी सफलता बता रहा है, तो दूसरी तरफ जमीन पर सच्चाई यह है कि—घाट बंद हुए, लेकिन हजारों घरों के चूल्हे भी ठंडे पड़ गए। यमुना किनारे इस समय अजीब सा सन्नाटा है—न मशीनों की आवाज, न मजदूरों की हलचल…बस भूख, बेरोजगारी और गुस्से की खामोशी। यह खबर जमीनी पड़ताल और स्थानीय मजदूरों की आवाज पर आधारित है, जहां सख्ती के बीच इंसानी संकट सबसे बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।
शंकरगढ़ के इंग्लिश मीडियम स्कूलों की खुली पोल: नाम अंग्रेजी का, पढ़ाई हिंदी में
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प्रयागराज। शंकरगढ़ नगर में संचालित इंग्लिश मीडियम स्कूलों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बोर्ड पर नाम तो इंग्लिश मीडियम का है, लेकिन कक्षाओं में शिक्षक हिंदी में ही पढ़ाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब पढ़ाई हिंदी में हो रही है तो इंग्लिश मीडियम का टैग लगाने का औचित्य क्या है?अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन हर शैक्षिक सत्र में किताबें बदल देता है। उनका सवाल है कि क्या हर साल इतिहास, गणित या विज्ञान का पाठ्यक्रम बदल जाता है? पुरानी किताबें बेकार हो जाती हैं और अभिभावकों पर हर वर्ष नई महंगी किताबों का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ज्यादातर स्कूलों में योग्य शिक्षक नहीं हैं। स्कूलों ने स्थानीय स्तर पर ऐसे शिक्षकों को रखा है जिनकी न तो अंग्रेजी पर पकड़ है और न ही हिंदी पर। इससे बच्चों की बुनियाद कमजोर हो रही है। बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव भी है शंकरगढ़ के इन स्कूलों में बच्चों के लिए साफ और शुद्ध पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है। गर्मी में बच्चे परेशान होते हैं, लेकिन प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। शिक्षक अपनी खामी मानी जब एक पत्रकार के सवाल पर स्कूल की एक शिक्षिका ने खुद स्वीकार किया कि "आपकी बात जायज है। नाम इंग्लिश मीडियम है, लेकिन बातचीत हिंदी में हो रही है, जो गंभीर विषय है। अभिभावकों का कहना है कि जब फीस इंग्लिश मीडियम और सीबीएसई बोर्ड यूपी इंग्लिश मीडियम बोर्ड के नाम पर ली जाती है तो कक्षाओं में हिंदी का उपयोग क्यों होता है? शिक्षक आपस में भी हिंदी में बात करते हैं, जबकि स्कूल कैंपस में संवाद अंग्रेजी में होना चाहिए। इससे बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और उनमें अंग्रेजी बोलने की उमंग जगेगी। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि इंग्लिश मीडियम के नाम पर चल रहे इन स्कूलों की जांच की जाए। मानकों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई हो, ताकि बच्चों का भविष्य अंधकार में न जाए।
मिशन शक्ति 5.0 – नारी शक्ति का नया आयाम –उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा का नया अध्याय।
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विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज ,गंगानगर जोन कमिश्नरेट प्रयागराज के समस्त थानों की मिशन शक्ति टीम द्वारा चलाया गया ‘मिशन शक्ति 5.0’ अभियान ।
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उ0प्र0 सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजना “मिशन शक्ति 5.0 के द्वितीय चरण अभियान” के तहत श्रीमान् पुलिस आयुक्त महोदय व अपर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में व श्रीमान् पुलिस उपायुक्त गंगानगर व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के कुशल पर्यवेक्षण में आज दिनांक-19.04.2026 को गंगानगर जोन के समस्त थानों की महिला पुलिसकर्मियों/मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों के प्रमुख बाजारों, कस्बों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर जाकर महिलाओं/बालिकाओं को उनके अधिकारों एवं सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताकर जागरुक किया गया । टीम द्वारा बालिकाओं को साइबर सुरक्षा के सम्बंध में जानकारी देकर जागरुक किया गया एवं सोशल मीडिया को सावधानी पूर्वक प्रयोग करने के लिये भी सुझाव दिया गया । किसी भी शोहदों द्वारा परेशान करने पर तत्काल डायल-112 अथवा मिशन शक्ति टीम से शिकायत करने करने को बताया गया ।
मिशन शक्ति टीम द्वारा महिला सुरक्षा व महिला सशक्तिकरण के सम्बन्ध में बालिकाओं/छात्राओं एवं महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नम्बर जैसे पुलिस आपात सेवा-112, वूमेन पावरलाइन-1090, महिला हेल्पलाइन-181, सीएम हेल्पलाइन-1076, साइबर हेल्पलाइन-1930 व मिशन शक्ति केन्द्र आदि के बारें में जानकारी देकर जागरुक किया गया तथा पम्पलेट वितरित किया गया ।
मीडिया की पड़ताल से टूटी चुप्पी, लालापुर पावर हाउस के जेई का दावा—सोमवार तक होगी बहाली
हफ्ते भर से जला ट्रांसफार्मर, अंधेरे में कैद पूरा गांव—बिजली विभाग बेपरवाह
विश्वनाथ प्रताप सिंह
लालापुर, प्रयागराज। बारा तहसील के चकशिवचेर गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। रामनाथ भारतीया के घर के पीछे लगा पच्चीस केवी का ट्रांसफार्मर एक हफ्ते से जला पड़ा है, और पूरा गांव अंधेरे में जिंदगी काटने को मजबूर है। भीषण गर्मी में बिजली गायब होने से हालात बदतर हैं, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों की परेशानी तब सुर्खियों में आई जब दैनिक भास्कर की पड़ताल शुरू हुई। सवालों के घेरे में आए लालापुर पावर हाउस के जेई ने ट्रांसफार्मर जलने की बात स्वीकार करते हुए सोमवार तक नया ट्रांसफार्मर लगाने का भरोसा दिया। अब बड़ा सवाल—क्या यह सिर्फ आश्वासन है या हकीकत में गांव को अंधेरे से राहत मिलेगी? या फिर सिस्टम की सुस्ती यूं ही ग्रामीणों पर भारी पड़ती रहेगी?
हमसफर व प्रयागराज एक्सप्रेस की क्लोन ट्रेनें दिल्ली के निकट दादरी तक दौड़ेगी, सफर होगा और आसान
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विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज, अगर आप भी प्रयागराज से दिल्ली के बीच यात्रा करने की योजना बना रहे हैं और 'रिग्रेट' के कारण कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से परेशान हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रयागराज एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस की क्लोन ट्रेनें नई दिल्ली की जगह दादरी तक चलेंगी, जिससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारी ट्रैफिक रहता है
आमतौर पर क्लोन ट्रेनों को मुख्य स्टेशनों तक ले जाने में भारी ट्रैफिक और प्लेटफार्म की उपलब्धता को लेकर तकनीकी चुनौतियां आती हैं। इस कारण इनका संचालन नियमित नहीं हो पा रहा है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर क्लोन ट्रेन चलाना बहुत जटिल हो गया है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारी ट्रैफिक रहता है।
नई दिल्ली की जगह दादरी तक क्यों?
ऐसे में प्रयागराज और हमसफर के पहुंचने के बाद प्लेटफार्म दे पाना मुश्किल हो रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने नया प्लान तैयार किया है। प्रयागराज मंडल के अंतर्गत आने वाला दादरी स्टेशन अब इन क्लोन ट्रेनों का नया गंतव्य होगा। चूँकि दादरी प्रयागराज मंडल का ही हिस्सा है, इसलिए इसके संचालन के लिए अन्य रेलवे मंडलों की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे ट्रेन का परिचालन और अधिक सुगम हो जाएगा।
किसे मिलेगा फायदा?
इस बदलाव का सीधा फायदा उन यात्रियों को होगा जो गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ओर जाना चाहते हैं। जो यात्री दादरी से आगे नई दिल्ली जाना चाहते हैं, उन्हें वहां से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए स्थानीय प्रबंध करना होगा, लेकिन एनसीआर क्षेत्र में जाने वालों के लिए यह एक बड़ी सुविधा साबित होगी।
'रिग्रेट' की समस्या का समाधान
वर्तमान में ट्रेनों में सीटों की भारी मांग है। रेलवे की नई नीति के अनुसार, अब आरक्षित कोचों में कुल बर्थ के सापेक्ष केवल 25 प्रतिशत ही वेटिंग लिस्ट जारी की जा रही है, जिससे 'रिग्रेट' की स्थिति जल्दी आ जाती है। यानी, जब ट्रेन में कोई भी सीट या वेटिंग उपलब्ध नहीं होती, तो रेलवे इसे आधार मानकर क्लोन ट्रेन चलाने का निर्णय लेगा।
प्रयागराज से क्लोन एक्सप्रेस का शेड्यूल
शेड्यूलिंग : अगर किसी रूट पर लगातार रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है, तो प्रयागराज से क्लोन एक्सप्रेस को एक दिन, तीन दिन या प्रतिदिन के लिए शेड्यूल किया जा सकेगा।
टिकट बुकिंग : क्लोन ट्रेनों के नंबर के आगे 'जीरो' लगा होगा। इनका शेड्यूल और समय सारिणी आइआरसीटीसी और पीआरएस काउंटरों पर उपलब्ध होगी, जहां से यात्री टिकट आरक्षित करा सकेंगे।
चार्टिंग में बदलाव : जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय सुबह 05:01 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच है, उनका पहला रिजर्वेशन चार्ट आमतौर पर एक दिन पहले रात 8:00 बजे तक तैयार कर लिया जाता है। वहीं, जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय दोपहर 2:01 बजे से रात 11:59 बजे के बीच या फिर रात 12:00 बजे से सुबह पांच बजे के बीच है, उनका पहला चार्ट प्रस्थान समय से कम से कम 10 घंटे पहले तैयार किया जा रहा है। इन नियमों के कारण अब क्लोन को चलाना आसान होगा।
यात्रियों का आसान होगा सफर
प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह के अनुसार, यदि किसी मुख्य ट्रेन में लगातार रिग्रेट मिल रहा है, तो यात्री सुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्लोन एक्सप्रेस को तुरंत ट्रैक पर उतारा जाएगा। ये ट्रेनें मुख्य ट्रेन के आगे या पीछे चलेंगी और स्टेशनों पर इनका ठहराव भी नियमित ट्रेन की तरह ही होगा। इस नई व्यवस्था के बाद, उम्मीद है कि प्रयागराज से दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को 'नो सीट' की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी।
प्रयागराज में अक्षय तृतीया महापर्व हर्षोल्लास से संपन्न, मुनि सान्निध्य में भक्तामर विधान से भक्तिमय हुआ वातावरण
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विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज, जैन धर्म के दानतीर्थ प्रवर्तक महापर्व ‘अक्षय तृतीया’ का आयोजन जीरो रोड स्थित जैन मंदिर में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। श्री दिगम्बर जैन पंचायती सभा प्रयागराज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और दिनभर धर्माराधना में लीन रहे।
पर्व का आयोजन मुनि श्री 108 वासुपूज्य सागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 अतुल सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। प्रातःकाल मंदिर में अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं ने विधिपूर्वक भगवान की आराधना की।
जैन परंपरा में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इसी दिन प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव को राजा श्रेयांस द्वारा इक्षुरस (गन्ने का रस) का प्रथम आहार अर्पित किया गया था, जिससे दान की पवित्र परंपरा का शुभारंभ हुआ। इसी कारण यह पर्व दान, त्याग और संयम की प्रेरणा का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर भक्तामर जी विधान का भव्य आयोजन किया गया जिसमें मंत्रोच्चार, स्तुति एवं विधि-विधान के साथ भगवान की आराधना की गई। विधान के दौरान मंदिर परिसर भक्ति रस में डूबा नजर आया और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
मुनिश्री ने अपने प्रवचनों में कहा कि अक्षय तृतीया केवल दान का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और सदाचार का संदेश देने वाला महापर्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं को जीवन में अहिंसा, अपरिग्रह और सेवा भाव अपनाने का आह्वान किया।
पर्व के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने दान, संयम और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। संपूर्ण आयोजन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत नजर आया।
प्रभाष पाटन सोमनाथ गुजरात हेतु यात्रा रवाना
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विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज ,प्रभाष पाटन, सोमनाथ गुजरात यात्रा हेतु 11 सदस्यीय यात्रियों के दल को तिलक और अंगवस्र प्रदान कर प्रयागराज से रवाना किया गया। यात्रियों का नेतृत्व श्री जगदीश प्रसाद उद्यान अधीक्षक चन्द्रशेखर आज़ाद पार्क प्रयागराज किया जा रहा है अन्य यात्रियों में क्रमशः अलका सेठ, लक्ष्मीदेवी, कैप्टन उमेशचन्द्र द्विवेदी, विपिन कुमार कुशवाहा, सियाराम यादव, रमन कुमार, रंजीत सिंह, लोक कलाकार वेदानंद विश्वकर्मा, शेखर मौर्य तथा माता श्रृंगी मंदिर श्रृंगवेरपुरधाम यात्रियों में सम्मिलित हैं।
जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में रविवार को प्रातः 07 बजे विकास भवन परिसर से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को संस्कृति विभाग के अधिकारी श्री गुलाम सरवर नागरिक सुरक्षा के उप नियंत्रक श्री नीरज मिश्रा जी एवं चीफ वार्डेन श्री अनिल कुमार गुप्ता (अन्नू भैया)ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। दोपहर से आध्यात्मिक आयोजन जनपद के विभिन्न तहसीलों तथा शहर के मंदिरों में सकुशल संपन्न कराया गया। शहर के विभिन्न मंदिरों क्रमशः तक्षक तीर्थ ,दरियाबाद- मनोकामना पूर्ति प्राचीन मंदिर बहादुरगंज, दशाश्वमेधेशवर तथा नागवासुकी मंदिर दारागंज, कोटेश्वर महादेव शिवकुटी,गंगोली शिवाला झूँसी, पड़िला महादेव तथा महर्षि दुर्वासा आश्रम ककरा दुबावल, मनकामेशवर तथा सोमेश्वर महादेव मंदिर में भजन, मंत्रोच्चार जाप व आरती का भव्य आयोजन सकुशल सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय जनमानस के अतिरिक्त विशेष सहयोग बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार के आदेश पर भारत स्काउट गाइड के कैप्टन फिरोज़ आलम के नेतृत्व में समस्त मंदिरों में स्काउट की टीमों ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर कार्यक्रम को निर्बाध रूप से सकुशल सम्पन्न करवाया । राकेश कुमार वर्मा, प्रा० सहा० (इतिहास), हरिश्चन्द्र दुबे, प्रा० सहा० (संस्कृत), विकास यादव, वरिष्ठ सहायक, रोशन लाल, वरिष्ठ सहायक,अजय कुमार मौर्य, कनिष्ठ सहायक, श्री शुभम कुमार (आ०सो०) सहित जिला स्काउट मास्टर श्री फिरोज आलम खान एवं उनकी टीम ने कार्यक्रम को सफल एवं सकुशल सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपरोक्त सभी मंदिरों पर स्थानीय जनमानस की उपस्थिति रही।![]()
प्रयागराज में आसमान से बरस रही आग, तापमान 44 डिग्री सेल्सियस; शरीर की त्वचा को तेज धूप से बचाने को करें यह उपाय डा ० भूपेंद्र चौधरी
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विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज ,संगम नगरी में आसमान से आग बरस रही है। दोपहर में 11 बजे के बाद सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। ऐसे में त्वचा संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीजों की भीड़ तमाम अस्पतालों की ओपीडी में दिख रही है। डॉक्टर ऐसे मरीजों को शरीर की त्वचा को तेज धूप से बचाने की सलाह दे रहे हैं।
आज का तापमान
प्रयागराज में आज शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। धूप के तेवर कड़े होने से सिर और चेहरे पर गमछा लपेट कर चलने वाले राहगीरों को भी मौसम परेशान कर रहा है। सूरज की पराबैंगनी किरणें (अल्ट्रा वायलेट) प्रहार करने लगी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी है ज्यादातर उन पर ही मौसम का दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
हाथ में चकत्ते व त्वचा झुलसने के मरीज
शरीर की त्वचा तेज में झुलसने लगती है तो चेहरे और हाथ में चकत्ते निकलने की भी समस्या लोगों को हो रही है। चौधरी हेल्थ केयर सेन्टर कोरांव चिकित्सालय में डॉक्टरों के समक्ष इन दिनों चेचक, गलका और आंख की पलकों पर दाने की समस्या वाले मरीज भी आ रहे हैं।
रखें सावधानी ताकि न हो परेशानी- पानी भरपूर पीते रहें, ग्लूकॉन डी फायदेमंद रहेगा।- रास्ते में कहीं छांव दिखने पर कुछ देर ठहरें- तेज धूप में ज्यादा देर रहने से करें परहेज- त्वचा पर सनस्क्रीन लोशन लगाकर ही घर से निकलें नारियल का तेल भी त्वचा पर लगा सकते हैं lइन दिनों पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
मौसमी दुष्प्रभाव से त्वचा के मरीजों की संख्या अस्पतालों में 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। सामान्य दिनों में केवल अस्पताल की ओपीडी में दाने, चकत्ते और गलका निकलने के लगभग 50 मरीज पहुंचते हैं, इन दिनों यह संख्या 56 से 60 के बीच है। चौधरी हेल्थ केयर सेन्टर कोरांव अस्पताल में त्वचा रोग की ओपीडी में तेज धूप से प्रभावित 20 मरीज इलाज कराने पहुंचे।
1 hour and 37 min ago
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