प्रयागराज में आसमान से बरस रही आग, तापमान 44 डिग्री सेल्सियस; शरीर की त्वचा को तेज धूप से बचाने को करें यह उपाय डा ०  भूपेंद्र चौधरी
विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज ,संगम नगरी में आसमान से आग बरस रही है। दोपहर में 11 बजे के बाद सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। ऐसे में त्वचा संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीजों की भीड़ तमाम अस्पतालों की ओपीडी में दिख रही है। डॉक्टर ऐसे मरीजों को शरीर की त्वचा को तेज धूप से बचाने की सलाह दे रहे हैं।

आज का तापमान
प्रयागराज में आज शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। धूप के तेवर कड़े होने से सिर और चेहरे पर गमछा लपेट कर चलने वाले राहगीरों को भी मौसम परेशान कर रहा है। सूरज की पराबैंगनी किरणें (अल्ट्रा वायलेट) प्रहार करने लगी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी है ज्यादातर उन पर ही मौसम का दुष्प्रभाव पड़ रहा है।

हाथ में चकत्ते व त्वचा झुलसने के मरीज
शरीर की त्वचा तेज में झुलसने लगती है तो चेहरे और हाथ में चकत्ते निकलने की भी समस्या लोगों को हो रही है। चौधरी हेल्थ केयर सेन्टर कोरांव चिकित्सालय में डॉक्टरों के समक्ष इन दिनों चेचक, गलका और आंख की पलकों पर दाने की समस्या वाले मरीज भी आ रहे हैं।

रखें सावधानी ताकि न हो परेशानी- पानी भरपूर पीते रहें, ग्लूकॉन डी फायदेमंद रहेगा।- रास्ते में कहीं छांव दिखने पर कुछ देर ठहरें- तेज धूप में ज्यादा देर रहने से करें परहेज- त्वचा पर सनस्क्रीन लोशन लगाकर ही घर से निकलें नारियल का तेल भी त्वचा पर लगा सकते हैं lइन दिनों पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
मौसमी दुष्प्रभाव से त्वचा के मरीजों की संख्या अस्पतालों में 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। सामान्य दिनों में केवल अस्पताल की ओपीडी में दाने, चकत्ते और गलका निकलने के लगभग 50 मरीज पहुंचते हैं, इन दिनों यह संख्या 56 से 60 के बीच है। चौधरी हेल्थ केयर सेन्टर कोरांव अस्पताल में त्वचा रोग की ओपीडी में तेज धूप से प्रभावित 20 मरीज  इलाज कराने पहुंचे।
रोटरी एकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक के प्रयास से 37 यूनिट ब्लड का हुआ संग्रह

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, रोटरी क्लब ऐकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वाधान में करैला बाग़ स्थित बेनहर स्कूल एण्ड कालेज के जाहिदा ऑडीटोरियम में ब्लड इज़ लाइफ पास इट ऑन की थीम पर सैंतिस लोगों ने रक्तदान के महत्व को चरितार्थ किया।डोनर के उत्साहवर्धन को रोटेरियन तारिक़ खान,डॉ सैय्यद नाज़िम अहमद, डॉ नाज़ फात्मा, डॉ विश्वदीप केसरवानी,डॉ निहारीका केसरवानी डॉ आरिज़ क़ादरी,डॉ आशुतोष अग्रवाल, रिज़वान खान,असरा नवाज़,आफताब अहमद,अकबर खान,अहमद उल्ला आदि मौजूद रहे।रोटरी क्लब ऐकेडमीया व नाज़ ब्लड बैंक करैली की ओर से सभी ब्लड डोनर को गुलाब का फूल,मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया गया।वहीं रक्तदान के महत्व को भी बताया गया।
दर्दनाक सड़क हादसा—पिकअप से टक्कर में युवक की मौके पर मौत

उतराव l प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के थाना फूलपुर क्षेत्र के बरई तारा चतुर्भुजपुर निवासी 22 वर्षीय राज दीप पटेल की शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक राज दीप पटेल पुत्र स्वर्गीय लल्लू पटेल बल्लीपुर बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वह थाना उतराव क्षेत्र के महुवा कोठी बाजार के पास पहुंचे, सामने से आ रही दूध से भरी तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि राज दीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दुर्घटना में पिकअप वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि मृतक अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे और खेती-बाड़ी कर परिवार का सहयोग करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता शांति देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे का बताया जा रहा है। क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक की लहर व्याप्त है।

रसोई गैस सिलेंडर की और बढ़ी परेशानी, अब DAC नंबर बुकिंग के कई दिन बाद पर्ची कटने पर ही जारी हो रहा।

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,एक माह से अधिक समय से घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उत्पन्न समस्या समाप्त नहीं हो रही है। नई दिक्कत डीएसी (डिलीवरी आथराइजेशन कोड) नंबर को लेकर है। पहले बुकिंग करने के 24 घंटे बाद डीएसी नंबर जारी कर दिया जाता था। अब बुकिंग करने के बाद जब तक पर्ची नहीं कटेगी, तब तक डीएसी नंबर जारी होने का मैसेज नहीं आएगा। इसे लेकर उपभोक्ता गैस एजेंसियों की दौड़ लगा रहे हैं।

लगातार बदलते नियम से उपभोक्ता परेशान

घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर मार्च में नया नियम लागू किया गया। इसके तहत एक से दूसरी बुकिंग के लिए 25 दिन के अंतराल की बात कही गई। डीएसी नंबर होने पर ही गैस सिलेंडर देने का निर्देश दिया गया। अब बुकिंग करने पर उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डीएसी नंबर 24 घंटे में जारी किया जाएगा, ऐसा कोई संदेश नहीं आ रहा है। बल्कि बुकिंग करने पर जो संदेश आ रहा है, उसमें कनेक्शन व रिफिल नंबर लिखा रहता है। बलुआघाट के सतीश केसरवानी, मनीष पांडेय, एजी आफिस की श्रेया, धूमनगंज के हिमांशु का कहना है कि लगातार बदलते नियम से माथा चकरा गया है। सप्ताहभर पहले बुकिंग की थी, लेकिन अभी तक डीएसी नंबर नहीं मिला है।

मार्च की बुकिंग का अभी तक नहीं मिला सिलेंडर

आजाद नगर मुहल्ले के रोशन यादव ने 25 मार्च को बुकिंग की थी। 27 मार्च को उनके मोबाइल पर डीएसी नंबर आ गया। चंद्रलोक चौराहे के समीप स्थित गैस एजेंसी पर पहुंचे तो पता चला कि कई दिनों से वहां सिलेंडर ही नहीं आ रहा है। इसके बाद एजेंसी में ताला लग गया। पांच दिन बाद पुन: एजेंसी खुली ताे वह फिर पहुंचे, लेकिन देखते-देखते 16 अप्रैल हो गया और उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। मयंक चटर्जी, दिनेश कुमार, एसएन यादव के साथ भी ऐसा ही है।

संगम नगरी में 43 डिग्री पारा, अगले 7 दिनों तक गर्मी से राहत नहीं; लू चलने की संभावना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और फिलहाल लोगों को इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग ने आगामी सात दिनों तक प्रचंड गर्मी पड़ने की आशंका जताई है।

सुबह 10 बजे अधिकतम तापमान 39 डिग्री रहा

Prayagraj Weather Update गुरुवार 16 अप्रैल की सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह 10 बजे ही अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन चढ़ने के साथ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सुबह के समय ही तापमान में इतनी तेजी से वृद्धि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

लू चलने के भी आसार

Prayagraj Weather Update मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में रात का तापमान भी बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे दिन के साथ रात में भी उमस और गर्मी लोगों को परेशान करेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक तापमान में विशेष गिरावट की संभावना नहीं है। इस दौरान लू चलने के भी आसार हैं।

गर्मी से बचने की सलाह

मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। तेज गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और बाजारों में भी भीड़ घटने लगी है। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार जिलाधिकारी ने छीना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, विकास कार्यों के नाम पर धांधली का लगाया था आरोप

केड़वर गांव के जयशंकर तिवारी ने ग्राम प्रधान के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि गांव में विकास कार्यों के नाम पर ग्राम प्रधान ने सचिव के साथ मिलकर जमकर धांधली की। फर्जी विकास दिखाकर सरकारी खजाने से बजट निकाला गया।

जांच में खुली पोल

जिलाधिकारी ने मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक से इस मामले की जांच कराई। जांच में प्रधान व सचिव के भ्रष्टाचार की पोल खुल गई। कई विकास कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग पकड़ा गया। इसके बाद ग्राम प्रधान व सचिव दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया था। स्पष्टीकरण में इनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले।

गड़बड़ी पर गांवों के प्रधान-सचिव पर होगी कार्रवाई

डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी ने बताया कि केड़वर ग्राम पंचायत का बैंक खाता सीज कर दिया गया है। तत्कालिक सचिव पर कार्रवाई की जाएगी। करीब 25 ग्राम पंचायतों की जांचें अभी चल रहीं हैं। जिलाधिकारी की ओर से संबंधित जांच अधिकारियों नोटिस देकर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जिस गांव में गड़बड़ी मिलेगी, वहां के प्रधान व सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।

जीएसटी रिटर्न न भरने वाली ग्राम पंचायतें निशाने पर

जनपद में 1540 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से सैकड़ों ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जो जीएसटी रिटर्न नहीं भरतीं। आडिट के दौरान तमाम आपत्तियां सिर्फ जीएसटी रिटर्न से जुड़ी हुई रहती हैं। जीएसटी विभाग ने ऐसी ग्राम पंचायतों पर शिकंजा कस दिया है। इन्हें नोटिसें जारी की जा रही हैं। वहीं डीपीआरओ की ओर से सभी ग्राम पंचायतों को जीएसटी रिटर्न भरने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि जीएसटी रिटर्न न भरने वाली ग्राम पंचायतों का भुगतान रोक दिया जाएगा।

प्रत्येक वर्ष 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करेगा प्रयागराज नगर निगम, गली-सड़क पर घूमते खुंखार हो चुके

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,शहर में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह कुत्ते खूंखार होते रहे है। राह चलते लोगों को काटते हैं। इनकी संख्या पर नियंत्रण करने के लिए नगर निगम की ओर से इनका बधियाकरण किया जा रहा है।

नगर निगम की योजना

हालांकि आवारा कुत्तों के बधियाकरण का व्यापक असर देखने को नहीं मिल पा रहा है। नगर निगम की ओर से इनकी बढ़ती संख्या पर नियंत्रित करने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत अब प्रति वर्ष 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अब तक 24 हजार कुत्तों की नलबंदी हुई

आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम की ओर से ढाई वर्ष पूर्व इनकी नलबंदी शुरू कराई गई थी। 24 हजार कुत्तों की नलबंदी की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष से 12 हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रति माह एक हजार आवारा कुत्तों की नलबंदी की जाएगी। वर्तमान में 500 से 700 कुत्तों की नलबंदी प्रतिमाह की जा रही है।

दो -तीन अन्य स्थानों पर नलबंदी की व्यवस्था

बताया जाता है कि शहर के 100 वार्डों में आवारा कुत्तों की संख्या 1.50 लाख के पार हो चुकी है। आने वाले दिनों में दो से तीन और स्थानों पर आवारा कुत्तों की नलबंदी की व्यवस्था की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में 1080 रुपये प्रत्येक कुत्ते की नलबंदी पर खर्च किया जाएगा।

नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी बोले

इस संबंध में प्रयागराज नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डाॅ. विजय अमृतराज ने बताया कि पहले सात से आठ हजार आवारा कुत्तों का बधियाकरण एक वर्ष में किया जाता था। अब संख्या बढ़ाकर 12 हजार किया जाएगा।

4 वर्षीय नन्हीं 'जलपरी' का कमाल, गहरी यमुना नदी को मात्र 21 मिनट 28 सेकेंड में तैरकर किया पार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कल्पना कीजिए एक ऐसी नन्हीं बच्ची की, जिसके कदम अभी जमीन पर पूरी तरह जमे भी नहीं हैं। इसके लिए यमुना नदी का विशाल पाट किसी समंदर से कम नहीं है। जहां बड़े-बड़े तैराकों के हौसले लहरों का शोर सुनकर डगमगा जाते हैं, वहां चार वर्ष की एक मासूम ने पानी पर अपनी जीत की इबारत लिख दी है।

नन्हीं जलपरी सत्या भारती का कमाल

यह कहानी किसी परीकथा की नहीं, बल्कि प्रयागराज की उस 'जलपरी' सत्या भारती की है, जिसने अपने चौथे जन्मदिन पर खिलौनों के बजाय तूफानी लहरों से खेलकर दुनिया को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

कुशल डाल्फिन की तरह यमुना को किया पार

शहर के नैनी महेवा की रहने वाली सत्या भारती ने जब सुबह 7:24 पर यमुना की गहराई में छलांग लगाई, तो किनारे पर खड़े हर शख्स की धड़कनें थमी हुई थीं। 900 मीटर का वो सफर, जो किसी अनुभवी तैराक के लिए भी परीक्षा जैसा होता है, उसे सत्या ने 'ब्रेस्टस्ट्रोक' स्टाइल में किसी कुशल डाल्फिन की तरह महज 21 मिनट 28 सेकंड में तय कर लिया। जैसे-जैसे उनके छोटे-छोटे हाथ पानी को पीछे धकेल रहे थे, यमुना का लहरें सत्या के अटूट हौसले के आगे नतमस्तक हो रहा था।

माता-पिता को बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास

कोच त्रिभुवन निषाद के मार्गदर्शन में तैर रही सत्या की एकाग्रता देखने लायक थी। घाट पर मौजूद भीड़ का शोर और 'सत्या जिंदाबाद' के नारों ने मानों उसे ऊर्जा की एक नई लहर दे दी थी। माता-पिता और दादी की आँखों में डर नहीं, बल्कि अपनी बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास चमक रहा था।

यमुना नदी की 900 मीटर दूरी पार की

गुरुवार सुबह 7:45:28 बजे जब सत्या ने दूसरे छोर को छुआ तो प्रयागराज की माटी ने एक इतिहास बनते देखा। यह सिर्फ 900 मीटर की दूरी नहीं थी, बल्कि एक चार साल की बच्ची का वो संकल्प था जिसने असंभव शब्द की परिभाषा बदल दी। आज पूरा देश इस नन्हीं चैंपियन की ओर देख रहा है, जिसके सपनों में अभी से ओलंपिक के पदक चमकने लगे हैं।

क्या कहते हैं नन्हीं जलपरी के कोच?

कोच त्रिभुवन निषाद कहते हैं कि सत्या की यह जीत महज एक रिकार्ड नहीं, बल्कि उन करोड़ों माता-पिता के लिए एक संदेश है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। आज यमुना की लहरें शांत हैं पर सत्या के हौसले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। यह नन्हीं जलपरी कल जब बड़ी होगी, तो शायद समंदर भी छोटे पड़ जाएंगे, क्योंकि उसके सीने में धड़कता दिल किसी साधारण बच्ची का नहीं, बल्कि एक भविष्य की महाविजेता का है। लहरों ने तो सिर्फ रास्ता दिया था, इतिहास तो सत्या के हौसलों ने रचा है।

माता-पिता और दादी के साथ पहुंची थी सत्या

सत्या का एडमिशन भी भारतीय विद्यापीठ स्कूल में इस वर्ष हुआ है। यमुना पार करने के लिए वह अपने पिता देवेंद्र कुमार, माता शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया। कोच कमला निषाद बताती हैं कि परिवार व रिश्तेदार सभी लोग दर्जनों नाव पर बैठकर मीरापुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) की ओर पहुंचे । वहां सृष्टि निषाद, मानस निषाद व त्रिभुवन निषाद के साथ सत्या दूसरे नाव पर सवार हुई।

प्रशिक्षक का इशारा पाकर यमुना में कूद गई सत्या भारती

सुबह 7:24 पर अपने प्रशिक्षक के इशारा पाते ही यमुना नदी में कूद गई और मछली के तरीके तैरना शुरू कर दिया साथ। दर्जनों नाव पर सवार दर्शकों ने गंगा मैया की जय, जमुना मैया की जय का उद्घोष किया। पूरी सुरक्षा के बीच सत्या भारती ने मात्र 21 मिनट 28 सेकंड में यमुना नदी को पार किया।

दिनदहाड़े नावों से यमुना नदी सीना छलनी कर रहे खनन माफिया0सेमरी तरहार में अवैध खनन का खेल जारी जिम्मेदार मौन

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के लालापुर थानांतर्गत स्थित सेमरी में अवैध खनन रातों दिन चल रहा है नदी के बीचो बीच नावों के जरिए बालू निकालकर नौडिया ले जाया जा रहा है हैरानी की बात यह है कि बीते दिनों अवैध खनन के खिलाफ चलाए गए अभियान में लाखों के जुर्माने के साथ साथ डम्प किए गए बालू के ढेर को नदी में वापिस डलवाए जाने के बावजूद भी अवैध खनन का खेल जारी जारी है सवाल यह उठता है कि किसके इशारे पर अवैध खनन किया जा रहा है क्या इसकी ख़बर प्रशासन को है या प्रशासन जानबूझ कर अनदेखी कर रहा है गांव के किसानों ने बताया कि खनन होने से उनके खेतों को भी भारी नुकसान हो रहा है खेत की मिट्टी भारी मात्रा में कर रही है और

खनन माफियाओं को प्रशासन का किसी प्रकार का कोई भय नहीं है अब देखना है कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है l

मुविवि की शिक्षिकाओं ने निकाली पदयात्रा एवं स्कूटी रैली
मिस्ड कॉल, हस्ताक्षर अभियान एवं मानव श्रृंखला बनाई

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से हम एक नए युग की तरफ बढ़ रहे- प्रोफेसर सत्यकाम


प्रयागराज। उत्तर  प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में बृहस्पतिवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रम के अंतर्गत पदयात्रा, स्कूटी यात्रा, मानव श्रृंखला कार्यक्रम, मिस्ड कॉल कार्यक्रम एवं दीवार हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं नारी शक्ति के महत्व को समाज में स्थापित करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सीमा सत्यकाम ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य वक्ता रेशमा श्रीवास्तव, सितार वादक एवं प्रोफेसर दिव्या रानी सिंह, विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय रहीं। उन्होंने अपने वक्तव्य में नारी सशक्तिकरण, शिक्षा, समान अधिकार एवं आत्मनिर्भरता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।  मंचासीन वित्त अधिकारी श्रीमती पूनम मिश्रा तथा प्रोग्रामर श्रीमती सीमा सिंह ने भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पहल की सराहना की।
आयोजन के सूत्रधार कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि हम एक नए युग की तरफ बढ़ रहे हैं। हर एक समाज की अपनी अपनी संरचना होती है। उस संरचना का प्रभाव हर एक विकासशील पथ पर पड़ता है। प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस कदम का स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही बदलाव आएगा। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने मिस्ड कॉल अभियान एवं दीवार पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने हरी झंडी दिखाकर स्कूटी रैली तथा पदयात्रा का शुभारंभ किया। शिक्षिकाओं, शोध छात्राओं तथा महिला कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय में मानव श्रृंखला बनाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम जागरूकता प्रचार-प्रसार अभियान में सक्रिय सहभागिता की।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिला कर्मचारियों एवं शिक्षिकाओं ने नारी शक्ति विषय पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए और समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। इस प्रकार यह कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं जागरूकता बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की संयोजक प्रो. मीरा पाल, प्रभारी, स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा एवं निदेशक, महिला अध्ययन केंद्र के कुशल निर्देशन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर आनन्दानंद त्रिपाठी  एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. त्रिविक्रम तिवारी ने किया।
डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र