किशोरियों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें परिजन, साई कॉलेज में महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा की दी जानकारी
अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को वुमेंस वेलफेयर एंड एंटी सेक्सुअल हैरासमेंट सेल, सरगुजा साईंस गु्रप एजुकेशन सोसायटी एवं छत्तीसगढ़ एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के तत्वावधान में महिलाओं के स्वास्थ्य एवं जागरूकता विषय पर आधारित कार्यक्रम आयोजित हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया गया।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी अंचल ओझा ने कहा कि परिवार में बालिकाओं के स्वास्थ्य के प्रति हमे जागरूक होना होगा। उन्हें जब पहली बार माहवारी चक्र से गुजरना होता है तो शरीर और स्वास्थ्य में आने वाले परिवर्तन से अवगत कराना होगा। परिवार के लेाग किशोरियों के स्वास्थ्य पर सचेत रहेंगे तो उन्हें अच्छी सेहत मिलेगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने महिलाओं की सुरक्षा, सोशल मीडिया के प्रभाव के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि संचार की दुनिया में सभी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध है, इससे महिलाओं को सावधान भी रहना और उपयोग भी करना है।
वीमेंस सेल प्रभारी डॉ. अलका पांडेय ने कहा बालिका, किशोरी और महिलाओं को स्वस्थ रहने के लिए अपने जैविक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने महिला शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि नारी ही देवी, दुर्गा, काली है जिसकी आराधना होती है। हमें अपनी शक्ति और स्वास्थ्य को बचाये रखना है।
महाविद्यालय प्रबंध समिति सदस्य रेखा इंगोले, अलका इंगोले ने महाविद्यालय की छात्राओं और महिला प्राध्यापकों को जैविक स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. जसप्रीत कौर, डॉ. जगमीत कौर, विनिता मेहता, सूर्य ज्योति शर्मा तथा सभी महिला प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।






अम्बिकापुर- सरगंवा स्थित श्री साई बाबा स्कूल में शिक्षक एवं विद्यार्थियों के लिए विपश्यना शिविर आयोजित हुआ, जिसमें विशेषज्ञ के रूप में दुर्ग से पधारे आचार्य अजय भागडीकर तथा तृप्ति भागडीकर ने सभी को विपश्यना, ध्यान कराया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अलग-अलग सत्र में आयोजित शिविर में पहले व्यक्ति के अन्दर ध्यान, योग के बारे में बताया तथा ध्यान की स्थितियों और उसके परिवेश से अवगत कराया गया। अजय भागडीकर ने बताया कि विद्यार्थी और शिक्षकों का मन, विचार, दिमाग चेतन रहेगा तभी सकारात्मक मूल्यों को आत्मसात करेगा। उन्होंने कहा कि अध्ययन-अध्यापन के लिये धैर्य का होना जरूरी है। वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति और विद्यार्थी के लिए डिजीटल डिटाक्स होना आवश्यक है। मोबाइल जरूरत से ज्यादा लत बनता जा रहा है, इससे उबरना होगा। विद्याथियों को नयी संचार तकनीकों के साथ आधुनिक ज्ञान आवश्यक है लेकिन उन पर निगाह रखना भी जरूरी है। अध्ययन-अध्यापन के दौरान चेतन मन और दिमाग एकाग्र रहेगा तभी अच्छे परिणाम होंगे।
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्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शरीर के साथ मन और दिमाग को स्वस्थ होना जरूरी है, इसके लिये मानसिक व्यायाम करना होगा। प्राचार्य प्राची गोयल ने विपश्यना के लिए सभी को प्रेरित किया और उसके लाभ से अवगत कराया। शिविर के दौरान भानुशंकर झा, सुखलाम राम आदि शिक्षकों ने सहयोग किया।















2 hours and 26 min ago
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