बाल विवाह है कानूनी अपराध: डीपीओ
*गोण्डा 17 अप्रैल,2026*।
बाल विवाह केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जो बच्चों के बचपन, उनके सपनों और अधिकारों को छीन लेता है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों की शिक्षा अधूरी रह जाती है और उनका भविष्य प्रभावित होता है। ये बातें जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी ने कही।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने या उसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें जेल और जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर बाल विवाह की संभावनाएं रहती हैं।

जिला प्रोबेशन अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल नजदीकी थाना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

श्री सोनी ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत इस तरह के मामलों में सख्त दण्ड का प्रावधान है और प्रशासन बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भतीजे का बचाने आग में कूदे बुजुर्ग की मौत,इलाज के दौरान तोड़ा दम
*गैस सिलेंडर से ब्लास्ट होने से लगी थी आग

गोंडा।जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरा भिटौरा ग्राम पंचायत के रमवापुर गांव में बृहस्पतिवार देर शाम एक हादसा हो गया।उक्त गांव के रहने वाले सोनू के छप्पर वाले घर में अचानक आग लग गई,जो देखते ही देखते पूरे घर में फैल गई।आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।आग के दौरान रसोई गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया,जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।धमाका इतना तेज था कि सिलेंडर लगभग 300 मीटर दूर जा गिरा।घटना के बाद आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर अफरातफरी बन गया।इसी दौरान श्यामलाल (60) जो अपने भतीजे सोनू का घर बचाने के लिए पहुंचे थे,बिना जान की परवाह किए आग की लपटों में घुस गए और आग बुझाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलस कर घायल हो गए।परिजनों ने उन्हें तत्काल एक निजी चिकित्सक के यहाँ भर्ती कराया।गंभीर रूप से झुलसे श्यामलाल का इलाज चलता रहा,परन्तु शुक्रवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।श्यामलाल के मौत की खबर सुनकर परिवार व गांव में शोक की लहर दौड़ गई।आग की इस घटना में घर में रखा लगभग 60 हजार रूपए नगद,जेवर, कपड़े और अनाज समेत गृहस्थी का पूरा सामान जलकर राख हो गया।क्षेत्रीय लेखपाल नागेंद्र प्रताप के अनुसार,लगभग ढाई लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है और रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दिया गया है।मोतीगंज थानाध्यक्ष व प्रशिक्षु आईपीएस प्रदीप कुमार ने बताया कि झुलसे व्यक्ति की मौत की सूचना मिल चुकी है।परिजनों द्वारा शुरुआती सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी,अब मामले की जांच की जा रही है।प्रशासन ने नियमानुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
जनपद गोंडा में आठवें पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ, अधिकारियों ने किया दीप प्रज्वलन
  *कुपोषण उन्मूलन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अहम—आयुक्त*

  *गोद भराई, स्टॉल प्रदर्शनी व जागरूकता गतिविधियों से महिलाओं को किया गया प्रेरित*

*उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश*

*गोण्डा, 17 अप्रैल 2026*। - जनपद गोंडा के जिला पंचायत सभागार में शुक्रवार को आठवें पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन आयुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन तथा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर विभिन्न स्वयं सहायता समूहों एवं जिला कार्यक्रम विभाग द्वारा पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण विषयक स्टॉल लगाए गए। अधिकारियों ने स्टॉलों का अवलोकन कर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।

कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म आयोजित की गई, जिसमें उन्हें पोषण किट प्रदान कर स्वस्थ मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने कहा कि पोषण पखवाड़ा जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से अपेक्षा की कि वे कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर नियमित रूप से बच्चों का वजन एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए तथा कुपोषित बच्चों की पहचान कर विशेष देखभाल सुनिश्चित की जाए। साथ ही घर-घर जाकर महिलाओं को संतुलित आहार, स्वच्छता एवं टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत जनपद में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सरकारी योजनाओं से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कैंपस इंटरव्यू में 90 छात्रों ने बाजी मारी, प्रशिक्षण हेतु चयनित
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में 15 अप्रैल से 17 अप्रैल तक आयोजित कैंपस इंटरव्यू में विभिन्न महाविद्यालयों से आए अभ्यर्थियों में से कुल 90 छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त करते हुए प्रशिक्षण के लिए क्वालीफाई किया।
यह चयन प्रक्रिया केंद्रीय पेट्रोलियम रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET), लखनऊ द्वारा ऑपरेटर प्लास्टिक प्रोडक्ट्स मेकिंग (RSC/Q8016) ट्रेड के अंतर्गत आयोजित की गई। तीन दिवसीय इस चयन प्रक्रिया में प्रतिभागियों की योग्यता एवं कौशल का परीक्षण किया गया।
चयन प्रक्रिया का संचालन सिपेट से आए सहायक प्रशिक्षक कौशल मि. चंदन गुप्ता एवं विशाल अवस्थी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन प्लेसमेंट सेल के कोऑर्डिनेटर डॉ. मनोज मिश्रा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. हरीश शुक्ला, डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव सहित प्लेसमेंट सेल के सभी सदस्य एवं महाविद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने सिपेट से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्लेसमेंट कार्यक्रम विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चयनित छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।
अधिवक्ता की मौत को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत,न्यायोचित कार्यवाही के निर्देश
*अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त को सौंपी जांच

गोंडा। जिले में 10 अप्रैल को 11 केवीए हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (35) वर्ष की मौत हो गई थी।इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की गई है और उनके सामने तीन मुख्य मांगें रखी गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस शिकायत का संज्ञान लिया है।मामले में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने देवी पाटन मंडल के आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील को पूरे मामले की जांच कर न्यायोचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।यह कार्रवाई मृतक रंजीत तिवारी की पत्नी पूजा तिवारी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र के बाद की जा रही है।पूजा तिवारी ने अपने पत्र में बताया था कि उनके पति रंजीत तिवारी की मौत बिजली विभाग की लापरवाही से हुई है।उन्होंने यह भी जानकारी दिया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।पूजा तिवारी ने बताया कि उनके पति रंजीत तिवारी पर तीन बच्चों क्रमशः पूर्णिमा (8),आर्यन (5) व डेढ़ वर्षीय बच्चे के पालन पोषण की जिम्मेदारी थी।उन्होंने मांग किया है कि जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।पूजा तिवारी के स्नातक पास होने के कारण परिवार के भरण पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए एक स्थाई सरकारी नौकरी की मांग की है।इसके अतिरिक्त उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कम से कम एक करोड़ रुपए का मुआवजा और सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।पूजा तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि  जल्द ही न्याय मिलेगा।उन्होंने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को अपना एकमात्र सहारा बताया है।उन्होंने कहा कि हमारी मजबूरी को देखते हुए हमारी मांग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवश्य पूरी करेंगे क्योंकि वह भी एक परिवार का दर्द समझते हैं।पूजा तिवारी ने बताया कि जिलाधिकारी का हमको शुरू से ही सहयोग मिल रहा है और अब हमें मुख्यमंत्री से भी सहयोग की अपेक्षा है।
एल. बी. एस. डिग्री कॉलेज में 40 छात्र-छात्राओं का कैंपस चयन
गोंडा, 16 अप्रैल। केंद्रीय पेट्रोल रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET), लखनऊ द्वारा श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज गोंडा में आयोजित कैंपस चयन प्रक्रिया के अंतर्गत आज 40 छात्र-छात्राओं का प्रशिक्षण हेतु चयन किया गया।
यह चयन ‘ऑपरेटर प्लास्टिक प्रोडक्ट्स मेकिंग (RSC/Q8016)’ पाठ्यक्रम के लिए विभिन्न महाविद्यालयों से आए अभ्यर्थियों के बीच संपन्न हुआ। तीन दिवसीय चयन प्रक्रिया 15 अप्रैल से 17 अप्रैल तक आयोजित की जा रही है, जिसमें आज दूसरे दिन 40 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की।
प्लेसमेंट सेल के समन्वयक डॉ. मनोज मिश्र ने बताया कि चयन प्रक्रिया सिपेट संस्थान से आए सहायक प्रशिक्षक कौशल मि. चंदन गुप्ता एवं सहायक कौशल प्रशिक्षक विशाल अवस्थी की उपस्थिति में संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन डॉ. मनोज मिश्र (समन्वयक, प्लेसमेंट सेल) द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. हरीश शुक्ला, डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव सहित प्लेसमेंट सेल के सभी सदस्य एवं महाविद्यालय परिवार के अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
महाविद्यालय में आयोजित इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं चयन कार्यक्रम से छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे उनके कौशल विकास को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।  महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी।
पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा रिक्रूट आरक्षियों से संवाद, अनुशासन, आचरण एवं पुलिस छवि को सुदृढ़ बनाने हेतु दिए गए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशः-*
गोण्डा। रिक्रूट आरक्षियों की आधारभूत प्रशिक्षण परीक्षा सम्पन्न हो चुकी है। पासिंग आउट परेड के उपरांत कुल 498 रिक्रूट आरक्षियों को थाना स्तर पर 06 माह के व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु भेजा जाएगा, जहां वे वास्तविक परिस्थितियों में पुलिस कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। इसी क्रम में आज दिनांक 16.04.2026 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा स्थित अमर शहीद राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी बहुउद्देशीय हॉल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों से संवाद स्थापित किया गया। संवाद के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा प्रशिक्षणाधीन आरक्षियों को पुलिस सेवा के मूलभूत सिद्धांतों, अनुशासन, आचरण, कर्तव्यनिष्ठा एवं जनसेवा की भावना के प्रति विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने प्रशिक्षण अवधि के दौरान रिक्रूट आरक्षियों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, समर्पण एवं सकारात्मक आचरण की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षण में सीखे गए मूल्य ही उनके भावी पुलिस जीवन की आधारशिला होंगे। उनके द्वारा निर्देशित किया गया कि थाना स्तर पर नियुक्ति के उपरांत सभी आरक्षी अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्णतः सजग एवं जिम्मेदार रहें तथा ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। उन्होंने उच्चाधिकारियों के आदेशों एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि पुलिस सेवा में अनुशासन सर्वाेपरि है। आमजन के साथ व्यवहार के संबंध में महोदय द्वारा विशेष रूप से संवेदनशील रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रथम दायित्व जनता की सेवा एवं सुरक्षा है, अतः प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक एवं शालीन व्यवहार किया जाए। किसी भी परिस्थिति में अभद्र भाषा का प्रयोग न करते हुए संयमित एवं विनम्र शब्दों का प्रयोग किया जाए, जिससे जनता का विश्वास पुलिस के प्रति और अधिक सुदृढ़ हो सके। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिसमें बताया गया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया का प्रभाव व्यापक है, अतः किसी भी प्रकार की ऐसी पोस्ट, फोटो अथवा टिप्पणी साझा न की जाए जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो या गोपनीयता भंग होने की संभावना हो। सोशल मीडिया का उपयोग पूर्ण जिम्मेदारी एवं मर्यादा के साथ किया जाए। उनके द्वारा बताया गया कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि सेवा एवं जिम्मेदारी का माध्यम है, जिसमें धैर्य, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं संवेदनशीलता अनिवार्य है। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों को प्रेरित करते हुए अपने आचरण एवं कार्यशैली से पुलिस विभाग की गरिमा को बढ़ाने तथा समाज में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन रिक्रूट आरक्षियों द्वारा पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं ईमानदारी के साथ पुलिस सेवा में कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।
भूमि अधिग्रहण कर नहर खुदाई का कार्य हुआ पूर्ण*

*आगामी खरीफ पसली के समय दोनों  नहरों को किया जाएगा संचालित*

*गोण्डा 16 अप्रैल,2026*।सरयू परियोजन- प्रथम, संगठन अयोध्या के अधीन कार्यरत पंचदशम सिंचाई कार्य मंडल, गोण्डा के अंतर्गत सरयू नहर खंड 4 गोण्डा की पायरकोहना माइनर पर ग्राम सहजलपुर, तहसील मनकापुर के भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण करने के पश्चात नहर निर्माण का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। इसी प्रकार तहसील मनकापुर के ग्राम पतिजिया खुर्द में स्थित नेतुआ माइनर के दो गाटों पर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण होने के पश्चात नहर निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सरयू नहर खण्ड -4 के अधिषाशी अभियंता श्री दुर्गेश गर्ग द्वारा बताया गया कि पायरकोहना माइनर तथा नेतुआ माइनर पूर्ण रूप से गैप मुक्त हो गई है तथा आगामी खरीफ पसली में इन दोनों नहरों का संचालन कराया जाएगा।

इस कार्य में उपखंड से संबंधित सहायक अभियंता श्री आकाश राय के साथ श्री शिवानंद मिश्र सहायक अभियंता, श्री की एन तिवारी सहायक अभियंता चतुर्थ तथा अवर अभियंता श्री पुनीत कुमार सिंह, सुधीर कुमार तिवारी, आलोक पांडे, अभिषेक सिंह, विवेक जायसवाल, धर्मेंद्र गुप्ता के साथ-साथ समस्त राजस्व कर्मियों तथा कर्मचारियों के अथक प्रयास से नहर निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के सहयोग के लिए सरयू नहर खण्ड -4 के अधिषाशी अभियंता द्वारा जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक, गोण्डा का आभार व्यक्त किया गया है।
शादी, भागवत, मुंडन, भण्डारा आदि सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए कामर्शियल गैस सिलेंडर के लिए करें आवेदन*

*गोण्डा 16 अप्रैल,2026*।
जनपद में घरेलू एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में गैस सिलेंडर के सुव्यवस्थित उपयोग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 अप्रैल, 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने की, जिसमें सभी गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं एरिया मैनेजर उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शादी, भागवत, मुंडन, भण्डारा आदि सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए कामर्शियल गैस सिलेंडर प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाए। इसके अंतर्गत संबंधित व्यक्ति को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ परिवार रजिस्टर की नकल (कॉपी) संलग्न करनी होगी। साथ ही, आवेदन पत्र पर संबंधित विकास खण्ड के सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत) एवं ग्राम पंचायत से सत्यापन व हस्ताक्षर कराना अनिवार्य होगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पूर्ण रूप से सत्यापित आवेदन पत्र जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में जमा किए जाएंगे, जिसके पश्चात आवेदन की समीक्षा कर ही कामर्शियल गैस सिलेंडर जारी किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकना तथा जरूरतमंदों को समय पर गैस उपलब्ध कराना है।

उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे इस प्रक्रिया का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा बिना अनुमोदन के किसी भी प्रकार का सिलेंडर वितरण न करें। साथ ही, आमजन को भी इस नई व्यवस्था के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने स्तर पर इस व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पारदर्शिता एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहा है।
*जनपद में जिलाधिकारी ने निर्देश पर अब तक 200 से अधिक चकमार्ग/ सार्वजनिक चकरोड को कराया गया खाली, अभी भी अभियान है जारी



*जनपद में बड़ी संख्या में चकमार्गों को खाली कराकर ग्रामीणों एवं किसानों के आवागमन को बनाया गया सुगम*


*गोण्डा 16 अप्रैल,2026*।
जनपद गोण्डा में चकमार्ग/सार्वजनिक चकरोडों को अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार 01 अप्रैल, 2026 से एक व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत राजस्व, पुलिस तथा विकास विभाग की संयुक्त टीम निरंतर कार्यवाही करते हुए चकमार्गों को पुनः आमजन के उपयोग हेतु उपलब्ध कराने में जुटी हुई है।
अभियान के अब तक के परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील सदर गोण्डा में 42 चकमार्ग, तहसील तरबगंज में 53 चकमार्ग, तहसील करनैलगंज में 65 चकमार्ग तथा तहसील मनकापुर में 40 चकमार्ग/सार्वजनिक चकरोड को सफलतापूर्वक अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। इस प्रकार कुल मिलाकर बड़ी संख्या में चकमार्गों को खाली कराकर ग्रामीणों एवं किसानों के आवागमन को सुगम बनाया गया है।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने इस अभियान को जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में सार्वजनिक मार्गों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने तथा पारदर्शिता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को चकमार्ग या सार्वजनिक चकरोड से संबंधित कोई शिकायत, आपत्ति अथवा सुझाव हो तो वह इस अभियान के दौरान अपनी बात प्रशासन तक अवश्य पहुंचाएं। प्रशासन द्वारा प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा, जिससे आमजन को त्वरित राहत मिल सके।
यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और जनपद के सभी चकमार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लक्ष्य को पूर्ण किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुचारू हो, किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में किसी प्रकार की बाधा न आए तथा सार्वजनिक संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

जनपद प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान न केवल कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण विकास एवं जनसुविधाओं को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार इस अभियान के संबंध में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार तथा मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल के द्वारा प्रतिदिन जनपद के उपजिलाधिकारियों से बराबर रिपोर्ट ली जा रही है।