मेडिकल छात्रा दुष्कर्म कांड: पीड़िता को धमकी, भाजपा ने उठाई सुरक्षा और फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग


रांची के लालपुर में मुस्लिम युवकों द्वारा एक हिंदू युवती के साथ हुए कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देश पर प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने आर्किड अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मुलाकात की और उसे पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन एवं हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने दूरभाष पर बातचीत कर पीड़िता का मनोबल बढ़ाया और हर स्तर पर साथ देने का आश्वासन दिया।

अजय साह ने कहा कि पीड़िता इस समय अत्यंत डरी-सहमी, भयभीत और मानसिक रूप से आहत अवस्था में है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़िता और इस मामले में उसकी मदद कर रही उसकी सहेली को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है तथा मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मुख्य आरोपी दानिश के पिता, भाई और उसके गुर्गे लगातार पीड़िता और उसकी सहेली का पीछा कर रहे हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर उनपर दबाव डाल कर केस वापस लेने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़िता को तत्काल प्रभाव से कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वह बिना किसी भय और दबाव के न्याय की लड़ाई लड़ सके। अजय साह ने कहा कि जिस तरीके से नशीला पदार्थ खिलाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया, वह अत्यंत निंदनीय और गंभीर है। उन्होंने मांग की कि मुख्य आरोपी दानिश के अलावा संदिग्ध भूमिका वाले सदाब और फबाद को भी तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि केस को मैनेज और प्रभावित करने के प्रयास में दानिश के पिता की भूमिका भी संदिग्ध है, इसलिए उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। अजय साह ने आरोप लगाया कि दानिश के पिता खुलेआम पैसे के दम पर मामले को रफा-दफा करने का दावा करते फिर रहे हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

अजय साह ने मांग की कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके। साथ ही, पीड़िता को विक्टिम कॉम्पेंसेशन फंड का 25 प्रतिशत हिस्सा तत्काल प्रदान किया जाए, जिससे उसे आर्थिक और मानसिक सहयोग मिल सके।

अजय साह ने मंत्री इरफान अंसारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता बिहार के मेडिकल छात्रा के हिजाब हटाने पर नौकरी और 3 लाख वेतन की घोषणा कर रहे थे वो झारखंड के मेडिकल छात्रा के दुष्कर्म पर मौन है क्योंकि आरोपी उनके समुदाय से जुड़े हैं। भाजपा ने स्पष्ट किया कि पूरी पार्टी पीड़िता के साथ मजबूती से खड़ी है। यदि मामले को कमजोर करने, प्रभावित करने या दबाने का कोई भी प्रयास किया गया, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर सदन तक व्यापक आंदोलन कर न्याय सुनिश्चित कराने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाईक भी मौजूद थे।

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर झारखंड भाजपा के नेताओं ने दी बधाई

पड़ोसी राज्य बिहार में पहली बार भाजपा का नेतृत्व मिलने पर झारखंड भाजपा के नेताओं में भी खासा उत्साह व्याप्त है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामना दिया है। नेताओं ने उनके सफल और ऐतिहासिक कार्यकाल की मंगलकामना की है।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बिहार की जनता के लिए इसे एक नए संकल्प और नई ऊर्जा का क्षण बतलाया है। कहा है कि पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में एनडीए की यह सरकार शौर्य, ज्ञान और समृद्ध परंपराओं की धरती बिहार को विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयामों तक पहुँचाएगी। साथ ही उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव जी को भी बधाई दी है।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह नेतृत्व बिहार के लिए एक नई दिशा और ऊर्जा लेकर आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार में सुशासन, विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगी। निश्चित रूप से इनके कुशल नेतृत्व में बिहार भ्रष्टाचार मुक्त, सुरक्षित और समृद्ध राज्य बनने में सफल होगा।

भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बधाई देते हुए कहा कि संगठन और सरकार के बेहतर समन्वय से बिहार में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। कहा कि यह नई टीम जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरते हुए प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएगी।

भाजपा झारखंड के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि यह नेतृत्व अनुभव और ऊर्जा का समन्वय है, जो बिहार को विकास के नए आयाम तक ले जाएगा। कहा कि नई सरकार गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के हित में प्रभावी निर्णय लेकर राज्य को सशक्त बनाएगी।

सभी नेताओं ने बिजेन्द्र प्रसाद यादव व विजय कुमार चौधरी को भी उपमुख्यमंत्री के रूप में मिली नई जिम्मेवारी के लिए बधाई दी है।

इसके अलावा बधाई देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, डॉ प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू, गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह सहित कई अन्य नेता शामिल हैं।

विनोद पांडेय का बाबूलाल मरांडी पर तंज - ‘मिशन-11’ सार्थक करने में जुटे हैं

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव श्री विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा है कि वे हर रोज़ अपना बचा हुआ सम्मान और मर्यादा दोनों खोते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अपने जी तोड़ मेहनत कर “मिशन-11” को सार्थक करने के लिए अजीबोगरीब हरकत करने में जुटे हैं।

श्री पांडेय ने कहा कि हाल ही में एक पुलिस अधिकारी द्वारा अमर्यादित भाषा के प्रयोग पर राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पदमुक्त कर दिया। यह प्रशासन की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि इस पर भी बाबूलाल मरांडी को दिक्कत है। इससे साफ है कि वे हर मुद्दे पर सिर्फ विरोध करने की राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तो दिल्ली के भाजपा नेतृत्व भी उनसे दूरी बनाने लगे हैं। चर्चा में बने रहने के लिए बाबूलाल मरांडी रोज गवर्नर हाउस का चक्कर लगा रहे हैं, बेकार के मुद्दे उठाते हैं, चाय पीते हैं और 2003 के अपने प्रिय डोमिसाइल वाले किस्से सुनाकर वहां भी लोगों को परेशान करते हैं।

श्री पांडेय ने कहा कि भाजपा के आम कार्यकर्ता भी अब उनसे परेशान हो चुके हैं। कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा आम है कि वे कब पार्टी का पीछा छोड़ेंगे। यहां तक कि कार्यकर्ता मज़ाक में कहते हैं कि उनके हटने पर “100-100 नारियल फोड़े जाएंगे”, लेकिन बाबूलाल मरांडी हैं कि मानने को तैयार नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 के विधान सभा चुनाव में झारखंड में भाजपा को 24 सीटें मिली थीं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व द्वारा बाबूलाल मरांडी को चेहरा बनाकर थोपने के बाद 2024 में यह घटकर 21 रह गईं। पिछले पांच वर्षों में वे एक भी उपचुनाव नहीं जिता पाए हैं, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षा सीधे प्रधानमंत्री बनने की है।

श्री पांडेय ने तंज कसते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी ने अब 2029 के लिए ठान लिया है कि वे भाजपा को “शगुन के 11 सीट” तक लाकर ही मानेंगे। अगर यही सिलसिला चलता रहा तो अगली बार 5 सीटें भी मुश्किल हो जाएंगी।

उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी को रोज़ गवर्नर हाउस में चाय पीने, पुराने डोमिसाइल के किस्से दोहराने और छोटे अधिकारियों को “मैं एक्सपोज़ कर दूंगा” जैसी धमकियां देने से फुर्सत नहीं है, ऐसे में वे पार्टी और जनता के असली मुद्दों पर क्या ध्यान देंगे।

श्री पांडेय ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को सबसे पहले अपना एजेंडा एक्सपोज़ करना चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि वे आखिर चाहते क्या हैं।

पी वी यू एन एल पतरातु में भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के 135 वीं जयंती समारोह का आयोजन

आज दिनांक 14अप्रैल 2026 को पी वी यू एन एल पतरातु के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सभागार में भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के 135 वीं जयंती धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री ए के सहगल मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीवीयूएनएल,

विशिष्ट अतिथि श्री मनोज अगारिया प्रदेश अध्यक्ष झारखंड आदिम जनजाति विकास समिति, श्रीमती रेनू सहगल अध्यक्ष स्वर्णरेखा महिला समिति तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण तथा पुष्प अर्पण करके किया गया। कार्यक्रम में कस्तूरबा विद्यालय पतरातु के 35 बालिकाओं ने भी भाग लिया, कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जीवनी से संबंधित प्रश्नों पर एक क्विज का आयोजन किया गया तथा कार्यक्रम के अंत में क्विज के विजेता को मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि द्वारा सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि श्री मनोज अगरिया ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के जीवनी, उनके जीवन संघर्षों तथा उनके आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री ‌ए के सहगल, सीईओ पी वी यू एन एल ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर से प्रेरणा लेकर हमें भी समाज के जरूरतमंद लोगों के सेवा के लिए तत्पर रहने को प्रेरित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती रेनू सहगल, अध्यक्ष स्वर्ण रेखा महिला समिति, ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के समानता के अधिकार तथा महिलाओं के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए कस्तूरबा विद्यालय के उपस्थित बालिकाओं को अपनी पढ़ाई पूरी करने को प्रेरित किया।कार्यक्रम को श्री विवेकानंद, अपर महाप्रबंधक, श्री अनमोल खलखो उप महाप्रबंधक तथा श्री राजेश डूंगडूंग उप महाप्रबंधक ने संबोधित करते हुए बाबा साहब के राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक प्रचलन तथा अनुरक्षण, महाप्रबंधक प्रोजेक्ट, महाप्रबंधक प्रचलन, महाप्रबंधक अनुरक्षण, मानव संसाधन प्रमुख, विभिन्न विभाग के अध्यक्ष तथा स्वर्ण रेखा महिला समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में कस्तूरबा विद्यालय पतरातु के सभी 35 बालिकाओं को स्कूल बैग तथा स्टडी किट प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को 'अग्निशमन सेवा सप्ताह' का बैज लगाया गया, जवानों के साहस को सराहा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पुलिस महानिदेशक गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा श्री एम० एस० भाटिया ने भेंट की तथा 'अग्निशमन सेवा सप्ताह' के अवसर पर उन्हें बैज लगाया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अग्निशमन विभाग के कार्यों की सराहना की।

*इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि 'अग्निशमन सेवा सप्ताह' के तहत राज्य में अग्नि सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाना एक सराहनीय कार्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निशमन सेवा के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। आपदा के समय अग्निशमन सेवा कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। राज्य सरकार द्वारा अग्निशमन सेवा से जुड़े संसाधनों को निरंतर मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

हेमंत सोरेन और संतोष गंगवार ने किया बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण।

रांची में मंगलवार को भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं.

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ माल्यार्पण

मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन और राज्यसभा सांसद महुआ माजी भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं. सभी ने संयुक्त रूप से बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इस दौरान रांची के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया.

राज्यपाल ने बताया महान व्यक्तित्व

राज्यपाल संतोष गंगवार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने भारत के संविधान का निर्माण कर देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा प्रदान किया. उन्होंने कहा कि बाबा साहब का योगदान सदैव याद रखा जाएगा और वे हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे. राज्यपाल ने उनके विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया.

मुख्यमंत्री ने बताया देश के लिए गर्व का विषय

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज हम सभी एक लोकतांत्रिक भारत में रह रहे हैं, जिसका आधार बाबा साहब का संविधान है. उन्होंने कहा कि उनका योगदान किसी से छिपा नहीं है और न ही कभी छिपेगा. पूरी दुनिया उनके कार्यों और विचारों को सम्मान देती है.

समाज सुधार और संविधान निर्माण में अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाबा साहब ने समाज में समानता और न्याय की स्थापना के लिए जीवनभर संघर्ष किया. उन्होंने वंचित और शोषित वर्गों को अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनका योगदान केवल इतिहास तक सीमित नहीं है बल्कि आज भी प्रेरणा देता है.

कार्यक्रम में दिखा एकता और सम्मान का भाव

डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस अवसर को और भी महत्वपूर्ण बना दिया. सभी ने मिलकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की.

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027; मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए डेटा संग्रहण के लिए रांची में मास्टर ट्रेनर्स तैयार

उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची की अध्यक्षता में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन के लिए फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) का विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 से CMMS पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जा रहा है। राँची जिले में कुल 70 फील्ड ट्रेनर्स को दो बैचों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक बैच में 35 फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं।

द्वितीय बैच (35 फील्ड ट्रेनर्स) का प्रशिक्षण दिनांक 13, 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को समाहरणालय के बी ब्लॉक, कमरा संख्या 505 में जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, झारखण्ड, राँची के मार्गदर्शन में श्री रविशंकर मिश्रा एवं श्री संजीव कुमार द्वारा CMMS Portal एवं Mobile App के उपयोग, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना, डिजिटल डेटा संग्रहण तथा हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।

संबद्ध क्षेत्र (द्वितीय बैच):

- नगर पंचायत बुण्डू

- चान्हो

- रातु

- खलारी

- ओरमांझी

- नामकुम

- ईटकी

- अनगड़ा

प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स आगे अपने-अपने चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों (Enumerators) एवं सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे, जिससे जनगणना 2027 के प्रथम चरण को पूर्णतः डिजिटल, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

जनगणना 2027* भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजना है, जो देश की विकास योजनाओं एवं नीति निर्धारण के लिए आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन चार्ज पदाधिकारी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्त्ता (नक्सल) सह- नोडल पदाधिकारी, श्री शेषनाथ बैठा, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची उपस्थित थे।

सावधान! रांची के स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी: डीसी ने जारी किए 11 सख्त निर्देश, अनुपस्थित 80 स्कूलों को शो-कॉज


दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

इस बैठक में जिले के समस्त CBSE, ICSE एवं JAC बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, श्री विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, श्रीमती उर्वशी पांडेय, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा अबुआ साथी पोर्टल पर प्राप्त विभिन्न शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निजी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक में सभी प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर सख्त निर्देश दिए:

(1) अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन

सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

PTA गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी तथा उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।

(2) विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन

झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।

(3) शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि

- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।

- 10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।

- किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।

- सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों तथा चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5:00 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

- शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।

(4) पुनर्नामांकन शुल्क

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।

(5) परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश

किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

(6) पुस्तक निर्धारण एवं विक्रय संबंधी नियम

- सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

- CBSE संबद्ध विद्यालय केवल NCERT पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।

- कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।

- पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।

- विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

- विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

(7) पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम

- पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

- कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

- विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

- विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

- अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

(8) अन्य शुल्क

किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा और इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।

(9) परिवहन शुल्क

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।

(10) शिकायत निस्तारण प्रक्रिया

अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।

उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में RTE अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

(11) RTE के अंतर्गत 25% आरक्षण

सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जिले के कुल 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।

अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति ने की मुलाकात; रिनोवेशन के लिए सरकार देगी हर संभव सहयोग

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को सीएम आवास में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान समिति ने मुख्यमंत्री को मंदिर के चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और उन्हें जायजा लेने के लिए मंदिर आने का निमंत्रण दिया.

ऐतिहासिक धरोहर और आस्था का केंद्र

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंदिर निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने कहा, “तपोवन मंदिर रांची की ऐतिहासिक धरोहर और हमारी अटूट आस्था का केंद्र है. इसके रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन (सौंदर्यीकरण) कार्य में सरकार हर संभव सहयोग देगी.” मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मंदिर को इतना भव्य और आकर्षक बनाया जाए कि देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए खिंचे चले आएं.

2029 तक तैयार होगा भव्य मंदिर

नवनिर्माण समिति ने मुख्यमंत्री को बताया कि मंदिर का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है और वर्ष 2029 तक पूरा निर्माण कार्य संपन्न कर लिया जाएगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मंदिर का निर्माण अयोध्या के राम मंदिर के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में किया जा रहा है.

बैठक में ये रहे मौजूद

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओमप्रकाश, समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, अयोध्या दास और प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा शामिल थे.

झारखंड: चतरा में 'बीमार' हुई 108 एम्बुलेंस; ऑक्सीजन नदारद, रस्सी से बांधकर स्ट्रेचर पर ढोए जा रहे मरीज

झारखंड के चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर सामने आई है. यहां मरीजों की आपातकालीन सेवा के लिए उपलब्ध 108 एम्बुलेंस खुद ही आपात स्थिति में नजर आ रही है. एम्बुलेंस की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसे इस्तेमाल करना मरीजों की जान जोखिम में डालने जैसा है. हालत यह है कि एंबुलेंस के स्ट्रेचर पर मरीजों को रस्सी से बांधकर अस्पताल तक पहुंचाया जाता है.

खटारा हो चुकी एम्बुलेंस, सुविधाएं पूरी तरह ठप

स्थानीय लोगों और एम्बुलेंस कर्मियों के अनुसार, यह वाहन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. एम्बुलेंस में पिछले एक साल से ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है, जो किसी भी आपात स्थिति में सबसे जरूरी संसाधन होता है. इसके अलावा हेडलाइट खराब है, पंखा और एसी काम नहीं करते, और वाहन की सीढ़ी भी टूट चुकी है.

तकनीशियन ने बताई गंभीर स्थिति

एम्बुलेंस में नियुक्त तकनीशियन (ईएमटी) अमन कुमार यादव ने बताया कि यह एम्बुलेंस सिर्फ नाम के लिए है. उन्होंने कहा कि इस वाहन से मरीजों को ले जाना उनके जीवन के साथ खिलवाड़ करने जैसा है. एम्बुलेंस में मौजूद जीवन रक्षक उपकरण पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं और यह वाहन सिर्फ एक ढांचा बनकर रह गया है.

एंबुलेंस के टायर और हेडलाइट खराब

तकनीशियन ने बताया कि एम्बुलेंस के तीन टायर खराब हैं और हेडलाइट काम नहीं करती. ऐसे में रात के समय मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है. कई बार हजारीबाग रेफर के दौरान मोबाइल फोन की रोशनी का सहारा लेना पड़ता है. यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है.

एंबुलेंस का स्ट्रेचर

एम्बुलेंस का स्ट्रेचर भी टूट चुका है, जिससे मरीजों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है. कई बार मरीजों को स्ट्रेचर पर रस्सी से बांधकर अस्पताल ले जाना पड़ता है. इसके अलावा पीछे की सीढ़ी टूटने के कारण मरीजों को चढ़ाने और उतारने में भी भारी परेशानी होती है.

बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

एम्बुलेंस कर्मियों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार विभाग के वरीय अधिकारियों को दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. ऐसे में मरीजों को भगवान भरोसे अस्पताल पहुंचाया जा रहा है.