बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी, नीतीश के बाद बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे

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नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बीजेपी के विधायकों की बैठक में सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। इससे यह साफ हो गया कि अब सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला

पटना में आयोजित बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा ने कहा कि मैं पार्टी के विधानमंडल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखता हूं। इसके बाद रेणु देवी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल समेत विधायकों ने उनके नाम पर स्वीकृति प्रदान की।

शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी विधायकों ने विजय कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तावित सम्राट चौधरी के नाम पर स्वीकृति दी। इसके बाद सर्वसम्मति सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल के नेता के रूप में चुन लिया गया। सम्राट सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि बीजेपी विधायक दल की इस बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक के तौर पर पटना आए थे। इनके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष, विनोद तावड़े जैसे नेता भी मौजूद रहे। अब बिहार की कमान सम्राट चौधरी के हाथों में होगी।

कौन हैं सम्राट चौधरी?

बिहार विधान परिषद में सम्राट चौधरी प्रतिपक्ष के नेता रह चुके हैं। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं और गृह विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत आरजेडी से हुई है। सम्राट साल 1990 में सक्रिय राजनीति में आए। 1999 में वे राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। साल 2005 में आरजेडी के सत्ता से बेदखल होने के बाद भी वे काफी समय तक पार्टी के साथ बने रहे। वर्ष 2000 और 2010 में वो परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2018 में वे आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में रहते हुए पिछले साल (2025) तारापुर सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते भी। आरजेडी में रहने के बाद, 2014 में वे जेडीयू में आए और जीतन राम मांझी की सरकार में मंत्री (शहरी विकास एवं आवास विभाग) बने। एनडीए सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं. अब वे बिहार के नए सीएम बनेंगे।

नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, एनडीए की बैठक के बाद नए सीएम का ऐलान

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नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। लोकभवन जाकर उन्होंने राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में आज एक अध्याय का समापन हो गया।उनके दो दशकों के शासन का अंत हो गया। राज्य में अब नए राजनैतिक युग की शुरुआत होने वाली है, जहां कल नए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

इस्तीफे के बाद क्या बोले नीतीश कुमार

सीएम पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया।

भाजपा की बैठक शुरु

इधर, भाजपा के विधायकों की बैठक भी शुरू हो चुकी है। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विजय सिन्ह समेत सभी वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। इस बैठक के बाद एनडीए के विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें बिहार के नए सीएम के नाम का ऐलान होगा।

सीएम के लिए सम्राट चौधरी का नाम लगभग तय

बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए सम्राट चौधरी का नाम लगभग तय हो गया है। हालांकि, अब तक उनके नाम के आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन भाजपा के विश्वस सूत्रों की मानें तो सम्राट चौधरी ही बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे। नीतीश कुमार भी सम्राट चौधरी ही मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने नीतीश कुमार के कहने पर ही सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगाई। चार बजे के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का पर्चा शिवराज सिंह खोलेंगे।

पीएम मोदी की देश की महिलाओं के नाम चिट्‌ठी, नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान इस अधिनियम और लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रावधान को लेकर संविधान संशोधन पर चर्चा होगी। संविधान संशोधन होने के बाद 2029 से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित हो जाएंगी। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह एक बहुत बड़ा कदम है। ऐसे में इसकी पूरे देश में खूब चर्चा हो रही है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने देश की नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील की है।

मैं आपका आशीर्वाद चाहता हूं

पीएम नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम लिखे पत्र में कहा कि 14 अप्रैल, भारत के इतिहास का बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती है। समस्त देशवासी राष्ट्र निर्माण में उनके अमिट योगदान के लिए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहे हैं। मैं भी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक है। संविधान ने हमें जिस समानता और समावेशी भावना का मार्ग दिखाया है, उस सर्वोच्च भावना पर चलते हुए 18 सितंबर से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने जा रही है। संसद के आने वाले सत्र में यह संवैधानिक संशोधन पारित हो, इसके लिए मैं आप सभी, विशेषकर देशभर की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद चाहता हूं।

देश में जोश और उत्साह का माहौल-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि पूरा सदन मिलकर इस ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन को पारित करेगाऔर विधायी संस्थाओं में देश की नारी शक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। मैं देख रहा हूं कि इसे लेकर हर तरफ जोश और उत्साह का माहौल है। देशभर की माताएं और बहनें इस बात पर खुशी जाहिर कर रही हैं कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में, देश की नीतियों के निर्धारण में और अधिक मजबूती से अपना योगदान देने का अवसर मिलने वाला है।

नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा हमारी नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि वे हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रही हैं। 21वीं सदी में दुनिया साइंस और इनोवेशन के दम पर आगे बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में भी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टार्टअप्स वर्ल्ड में ऐसी कई कंपनियां हैं, जिनमें महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं. एकेडमिक्स, लिटरेचर, आर्ट, म्यूजिक, सिनेमा, डांस और हेरिटेज के क्षेत्र में भी उनकी उपलब्धियां बहुत प्रेरक हैं।

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर एक नजर

सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास किया गया था, जिसे आम तौर पर 'महिला आरक्षण अधिनियम' के नाम से जाना जाता है। यह विधायी संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया था। मौजूदा कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा हुआ था। इसे 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के लिए, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में बदलाव की जरूरत थी; इसलिए, सरकार कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

बिहार में आज होगा बड़ा सियासी बदलाव, कुछ घंटे में मिल जाएगा नया सीएम

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बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। आज नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी कैबिनेट मीटिंग करेंगे, इसके बाद वो पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके साथ ही 20 साल के नीतीश युग का अंत हो जाएगा।

इस्तीफे से पहले निपटाएंगे कुछ अहम काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज इस्तीफा देने से पहले कुछ अहम काम भी निपटाएंगे। सबसे पहले वो अंबेडकर जयंती के मद्देनजर सुबह 10.30 बजे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वो सुबह 10.45 बजे सचिवालय के लिए निकल जाएंगे। वहां पर नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद सुबह 11.30 बजे नीतीश कुमार सभी विधायकों और विधानपार्षदों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी में रहेगे।

फिक्स है आज का सारा प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक के बाद सियासी गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। जेडीयू और भाजपा दोनों अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा होगी। दोपहर 3:10 बजे नीतीश कुमार लोकभवन से प्रस्थान करेंगे और 3:15 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद साढ़े 3 बजे वो फिर से 1 अणे मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। थोड़ी देर आराम करने के बाद नीतीश 3.50 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में जाएंगे और 4 बजे से वहीं एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक में हिस्सा लेंगे।

शाम 4 बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक

बिहार विधानसभा ते सेन्ट्रल गॉल में एनडीए के विधानमंडल दल की बैठक होगी। इसमें बीजेपी और जदयू अपने-अपने नेता का नाम लेकर पहुंचेंगे। वहीं बैठक में एनडीए के सहयोगी दल लोजपा रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक भी मौजूद रहेंगे। यहां बतौर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के लिए नेताओं का नाम रखा जाएगा। जिसमें नई सरकार आकार ले लेगी।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को

बिहार का नया सीएम 15 अप्रैल को मिल जाएगा। सुबह 11 बजे लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम समेत 21 मंत्री शपथ ले सकते हैं। पहली बार भाजपा बड़े भाई की भूमिका में रहेगा। नए मुख्यमंत्री की रेस में सम्राट चौधरी का नाम पहले नंबर पर है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर गौर करें तो उनके नाम पर मुहर लग सकती है। सोमवार शाम में सम्राट चौधरी के आवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

21वीं सदी का सबसे बड़ा फैसला लेने जा रहा भारत, नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी का बड़ा बयान

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16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने के लिए सरकार एक बार फिर संविधान संशोधन विधेयक ला रही है। महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने सहमति बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पहुंचें, जहां उन्होंने महिला सश्क्तिकरण पर अपने विचार रखे।

संसद एक नया इतिहास रचने के करीब-पीएम मोदी

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के विकास के सफर में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने जा रहा है। यह फैसला नारी शक्ति को समर्पित है। यह नारी शक्ति के सम्मान को समर्पित है। हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की अवधारणाओं को साकार करेगा। एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य-संस्कृति और हमारी फैसला लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो।

दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है। राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक; यह तारीख है 16, 17 और 18 अप्रैल। प्रधानमंत्री ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम, इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।

कानून लागू करने पर विपक्ष ने खास तौर से दिया जोर -पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत दशकों से हर कोई महसूस कर रहा था। चर्चा भी होती थी इस विमर्श को करीब 4 दशक बीत गए। इसमें सभी पार्टियों और कितनी ही पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है। 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था और तब एक सुर में ये बात भी उठी थी कि हर हाल में 2029 तक ये लागू हो जाना चाहिए। हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने जोर लगाया था कि 2029 में ये लागू होना चाहिए।

इस कानून से सामाजिक न्याय केवल नारा नहीं रहेगा-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सम्मेलनों को संबोधित करते हुए कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का पारित होना भारत के लिए एक ऐसे समतावादी राष्ट्र के निर्माण का संकल्प है, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का एक स्वाभाविक हिस्सा है। उन्होंने जोर दिया कि यह अधिनियम भारत की 'नारी शक्ति' के अमूल्य योगदानों को स्वीकार करता है।

ट्रंप ने ‘पोप’ को भी नहीं बख्शा, ईरान युद्ध पर की आलोचना तो भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति

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अमेरिका-ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर अब कैथोलिक पोप लियो आ गए हैं। ट्रंप ने पोप लियो की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि हमें ऐसा पोप पसंद नहीं जो यह कहे कि परमाणु हथियार रखना ठीक है। ईरान के साथ संघर्ष और पाकिस्तान में आयोजित बातचीत विफल होने के बाद पोप लियो ने ट्रंप की कड़ी आलोचना की। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक लंबे सोशल मीडिया पोस्ट में पोप पर तीखा पलटवार किया।

सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आलोचना

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पोप की आलोचना करते हुए लिखा कि पोप लियो अपराध के मुद्दे पर कमजोर हैं और विदेश नीति के लिए खराब हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसे पोप को पसंद नहीं करते जो यह मानते हों कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है।

मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए-ट्रंप

ट्रंप ने पोप लियो के भाई लुईस की तारीफ की और कहा कि मुझे उनका भाई लुई उनसे कहीं ज्यादा पसंद है, क्योंकि लुईस पूरी तरह से MAGA समर्थक हैं। उन्हें बात समझ आती है, पर लियो को नहीं! उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो ईरान के पास परमाणु हथियार होने को जायज समझे। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो यह सोचे कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला करना भयानक था, जो भारी मात्रा में ड्रग्स, अपराधियों, ड्रग डीलरों को अमेरिका भेजने से कृत्यों में शामिल था। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति की आलोचना करे, क्योंकि मैं वही कर रहा हूं, जिसके लिए मुझे भारी बहुमत से चुना गया था- अपराध दर को रिकॉर्ड निचले स्तर पर लाना और इतिहास का सबसे बड़ा शेयर बाजार बनाना।

कट्टर वामपंथियों को खुश करने का लगाया आरोप

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लियो को शुक्रगुजार होना चाहिए क्योंकि सभी जानते हैं कि पोप बनने के लिए उनका नाम किसी भी लिस्ट में नहीं था और चर्च ने उन्हें केवल इसलिए पोप बनाया क्योंकि वे एक अमेरिकी थे। उन्हें लगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से निपटने का यही सबसे अच्छा तरीका होगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर मैं व्हाइट हाउस में नहीं होता तो लियो वेटिकन में नहीं होते। ट्रंप ने आगे कहा कि अपराध और परमाणु हथियारों के मामले में लियो की कमजोरी मुझे रास नहीं आती और न ही यह तथ्य कि वे ओबामा के समर्थक डेविड एक्सलरोड से मिलते हैं, जो वामपंथी विचारधारा का एक हारा हुआ व्यक्ति है, जो चर्च जाने वालों और पादरियों की गिरफ्तारी चाहता था। ट्रंप ने कहा लियो को कट्टर वामपंथियों को खुश करना बंद करना चाहिए और एक महान पोप बनने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए न कि नेता बनने पर।

ईरान युद्ध पर मुखर होकर बोल रहे पोप लियो

बता दें कि लियो XIV पहले अमेरिकी पोप हैं जो अमेरिका और इज़रायल के ईरान के साथ युद्ध के बारे में लगातार मुखर हैं। पिछले हफ्ते उन्होंने ईरान के लोगों के खिलाफ ट्रंप की बयानबाजी और धमकियों की निंदा करते हुए उन्हें पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया था। यह टिप्पणी ट्रंप की उस धमकी के जवाब में आई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमति बनने से कुछ घंटे पहले "आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी।"

महिला आरक्षण नहीं, असली मुद्दा परिसीमन”, सोनिया गांधी ने केन्द्र की मंशा पर उठाए सवाल

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कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर एक आर्टिकल लिखा है। जिसमें आरोप लगाया कि सरकार इस अहम मुद्दे पर 'असामान्य जल्दबाज़ी' दिखा रही है, जिसका मकसद आने वाले 5 राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ उठाना हो सकता है।

चुनावी माहौल के बीच विशेष सत्र बुलाने पर उठाया सवाल

अंग्रेजी अखबार द हिन्दू में लिखे अपने लेख में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त चर्चा और सहमति के बड़े संवैधानिक बदलावों को जल्दबाजी में लागू करना चाहती है, जिसका मकसद राजनीतिक लाभ लेना हो सकता है। सोनिया गांधी ने कहा कि जब देश के कुछ राज्यों, खासतौर पर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी माहौल चरम पर है, उसी समय संसद का विशेष सत्र बुलाना कई सवाल खड़े करता है।

सोनिया गांधी ने बताई जल्दीबाजी की वजह

उनके मुताबिक, इतनी जल्दीबाजी का एकमात्र कारण विपक्ष को घेरना और राजनीतिक बढ़त हासिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों से समर्थन मांग रहे हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकार इस सत्र में कौन-कौन से प्रस्ताव लाने जा रही है।

संविधान के लिए खतरनाक-सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बड़ी चर्चा और सहमति जरूरी है, लेकिन सरकार बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के इसे आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विशेष रूप से परिसीमन के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए चेतावनी दी कि इस संबंध में सामने आ रही अनाधिकारिक जानकारी खतरनाक है और यह संविधान की भावना के खिलाफ जा सकती है।

पहले ही पास हो चुका है महिला आरक्षण कानून-सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने साफ कहा कि महिला आरक्षण कानून पहले ही पास हो चुका है, इसलिए यह मुद्दा अब विवाद का विषय नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किया था, जिसमें महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण देने का प्रावधान है। लेकिन इस कानून को लागू करने के लिए जनगणना और उसके बाद परिसीमन जरूरी बताया गया था।

सोनिया ने पूछा- 30 महीने का इंतजार क्यों किया गया

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर सरकार अब 2029 से महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो यह फैसला पहले क्यों नहीं लिया गया। इसके लिए 30 महीने का इंतजार क्यों किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने कई बार सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

पूछा-5 राज्यों के चुनाव खत्म होने तक इंतजार क्यों नहीं किया?

सोनिया ने आगे लिखा, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि इसे 2024 के चुनाव से ही लागू किया जाए, लेकिन सरकार ने इसे नहीं माना। अब अनुच्छेद 334-A में बदलाव कर महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने की तैयारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री को यू-टर्न लेने में 30 महीने क्यों लगे? उन्होंने सवाल किया कि 5 राज्यों के चुनाव खत्म होने तक इंतजार क्यों नहीं किया गया। इतनी हड़बड़ी की क्या जरूरत है?

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी, क्या होगा तेल के दामों पर असर?

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ईरान-अमेरिका के बीच हाल ही में पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही। इस्लामाबाद में समझौते के लिए बातचीत फेल हो जाने के बाद फिर से अमेरिका और ईरान आमने सामने दिख रहे हैं। मिडिल ईस्ट में फिर से जंग शुरू होने का डर बढ़ गया है। इस बीच अमेरिका ने सोमवार से ईरान के बंदरगाहों को नाकाबंदी करने की घोषणा की है।

भारतीय समयानुसार आज रात 7:30 बजे से नाकेबंदी

ईरान ने पहले से ही होर्मुज को बंद करके रखा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार से होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की घोषणा की है। सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि वह अमेरिका समयानुसार सुबह 10 बजे ईस्टर्न टाइम (ET) पर ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात पर नाकेबंदी लागू करना शुरू कर देगी। भारतीय समयानुसार यह नाकेबंदी सोमवार रात 7:30 बजे से होगी।

ईरानी बंदरगाहों पर ही होगी नाकेबंदी

सेंट्रल कमांड ने आगे बताया कि यह नाकेबंदी केवल ईरानी बंदरगाहों से आने वाले जहाजों पर लागू रहेगी और उन जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता में कोई रुकावट नहीं डालेगा, जो ईरान के अलावा दूसरे बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं। व्यापारिक नावों को सलाह दी गई है कि वे नोटिस टू मैरिनर्स के आधिकारिक प्रसारणों पर नजर रखें और ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आस-पास के इलाकों में काम करते समय ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 के जरिए अमेरिकी नेवी से संपर्क करें।

ट्रंप ने दी ब्लॉकेड की धमकी

इसके पहले रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट में गुजरने वाले जहाजों को रोकना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि उन जहाजों पर मुख्य रूप से ध्यान दिए जाएगा जो ईरान को टोल दे रहे हैं। उन्होंने लिखा, "जो कोई भी गैर-कानूनी टोल देगा, उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए बारूदी सुरंगे हटाना जारी रखेगा।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर

कच्चे तेल की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह मुद्रास्फीति को बढ़ा सकती है और विभिन्न देशों की आर्थिक विकास दर को प्रभावित कर सकती है। विशेष रूप से भारत जैसे देश, जो अपनी तेल की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं, इस स्थिति से सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी के संभावित दीर्घकालिक आर्थिक परिणाम अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता को बढ़ाएगा।

श‍िवराज सिंह चौहान को बीजेपी ने सौंपी अहम ज‍िम्‍मेदारी, बिहार में सीएम के चुनाव के लिए बनाए गए पर्यवेक्षक

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बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर कवायद तेज हो गई है। बिहार का नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए बीजेपी ने बड़ा कदम उठा लिया है। बीजेपी ने बिहार में विधायक दल का नेता चुनने के लिए सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया है। इसके लिए शिवराज सिंह चौहान को जिम्मेदारी दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान को मिली बड़ी जिम्मेदारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इसके साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पार्टी ने बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विधायक दल का नेता चुनने के लिए बनाए गए ऑब्जर्वर

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक अधिसूचना में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में भाजपा के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

नीतीश कुमार कब देंगे इस्तीफा?

हालांक‍ि, अभी डेट तय नहीं है क‍ि कब व‍िधायक दल की बैठक होगी और कब नए सीएम का अनाउंसमेंट क‍िया जाएगा। लेकिन जानकारी के मुताबिक 14 अप्रैल को नीतीश कैबिनेट बैठक की बैठक है। 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने जाएंगे। इस कार्यक्रम के बाद कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह उनके कार्यकाल की अंतिम बैठक हो सकती है। इस बैठक के बाद नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं।

विधानसभा चुनाव के बीच सरकार ने क्यों बुलाया संसद का विशेष सत्र, बीजेपी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया

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‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मजबूती से आगे बढ़ना चाहती है, इसी वजह से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक विधेयक पर समर्थन देने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पहल पर सवाल उठाते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर दी है।

16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र

महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर विचार-विमर्श करने और उसे पारित करने के लिए अगले सप्ताह एक विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।

बीजेपी सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी

बीजेपी ने ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने को कहा है। इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसमें विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रियों और सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे इन तीनों दिनों के दौरान सदन में उपस्थित रहें।

सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन मांगा

वहीं. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सभी पार्टियों के सदन के नेताओं को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए समर्थन मांगा, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि इस संशोधन को पारित कराने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। अधिक से अधिक सांसदों को इस विषय पर संसद में अपने विचार रखने चाहिए। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर का विषय बताया है।

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़ा है मामला

पीएम मोदी ने शनिवार को लिखे गए अपने पत्र में कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक ऐतिहासिक चर्चा शुरू होने जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने तथा सभी को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता को दोहराने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को आवश्यक बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने की आलोचना

प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने के लिए महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है। अपने जवाब में खरगे ने लिखा, "विशेष सत्र विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है और सरकार परिसीमन के संबंध में कोई भी विवरण साझा किए बिना ही एक बार फिर विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा कर रही है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि अगर इस विशेष सत्र का उद्देश्य हमारे लोकतंत्र को मजबूत करना और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है, तो सरकार को सुझाव है कि 29 अप्रैल के बाद किसी भी समय एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाए, ताकि परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की जा सके, जिस मुद्दे को 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम में किए जा रहे संशोधन से जोड़ा जा रहा है।