कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया सोलर एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन

रायपुर- सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी वारी एनर्जी ने हाल ही में करेंसी टॉवर, रायपुर में आर.आर. यूनिट्रेड के सहयोग से अपने नए फ्रैंचाइज़ी स्टोर एवं सोलर एक्सपीरियंस सेंटर का भव्य उद्घाटन किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया। यह पहल स्वच्छ, सुलभ और सतत ऊर्जा के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नए सोलर एक्सपीरियंस सेंटर के माध्यम से आम नागरिक अब सोलर ऊर्जा से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकेंगे। यहां सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, लागत, लाभ और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सोलर अपनाने के इच्छुक लोगों को निर्णय लेने में सुविधा मिलेगी।

सरकार द्वारा भी पीएम- सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग ₹1 लाख 8 हजार तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे आम जनता को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी मजबूत करती है।

चैनल पार्टनर राकेश गोयल ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थान करेंसी टॉवर पर स्थित इस सेंटर के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से यहां आकर सोलर से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है और एक ही जगह पर सभी सेवाओं का लाभ उठा सकता है।

इस अवसर पर चैनल पार्टनर प्रवीण अग्रवाल, रीति गोयल, वैभव अग्रवाल एवं कंपनी के छत्तीसगढ़ सेल्स मैनेजर प्रसन्ना चंद्राकर सहित प्रबंधन टीम के सदस्य और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

यह नया एक्सपीरियंस सेंटर रायपुर में सौर ऊर्जा के विस्तार और हरित भविष्य की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है।

 

अम्बिकापुर: विद्यार्थियों ने पाजामा पार्टी में की जमकर मस्ती, स्टार गेजिंग से बढ़ा ज्ञान

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा स्कूल में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक अभिरूचि और खेल भावना को विकसित करने के उद्देश्य से पाजामा पार्टी का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चे आनन्द से सराबोर रहे। पार्टी का प्रारम्भ विद्यार्थियों ने आम का पाना से किया। सभी ने मस्ती के मुड से खेलों में भाग लिया। मूवी नाइट में कार्टून बाल फिल्म देखा जिसमें उनका बचपन जीवंत हो गया। एक साथ सभी ने रात्रि भोजन किया और आकाश में तारे देख रोमांचित हुए। विद्यार्थियों के लिए खगोल विज्ञान की रोमांचक दुनिया मनोरंजन के साथ ज्ञानवर्धक रही। स्टार गैजिंग और खेल गतिविधियां रोमांच का पल देती रहीं। बाल कथाओं ने बच्चों को प्रेरित किया। सोने से पहले बच्चों को अपने दांतों की सफाई और उसके महत्व के बारे में अवगत कराया गया। नई सुबह का प्रारम्भ प्रार्थना से हुआ जिसमें सभी ने मार्निंग वाक का आनन्द लिया। स्वीमिंग पूल में बच्चों ने तैराकी का कौशल दिखाया और जलक्रीड़ा का आनन्द लिया। यह उनके शारीरिक दक्षता और मानसिक विकास का द्योतक रहा।


पाजामा पार्टी के दौरान प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले, सचिव अजय कुमार इंगोले, सदस्य रेखा इंगोले, अलका इंगोले, प्राचार्य प्राची गोयल ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान भानुशंकर झा, सुखलाल राम, रजनी तिवारी, आयुषी सिंह, उद्देश मंडल, शायमा कशिश, आर्याशंकर झा आदि ने सहयोग किया। 

Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही

यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में हेमंत का उत्कृष्ट प्रदर्शन, IIT गुवाहाटी में सरगुजा का किया प्रतिनिधित्व

अम्बिकापुर- मिनीस्ट्री ऑफ डेवलपमेंट ऑफ नार्थ इस्टर्न रिजन एवं नार्थ इस्टर्न कौंसिल शिलांग के द्वारा आयोजित यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक हेमन्त ने बेहतरीन सहभागिता निभायी।

हेमन्त ने बताया कि 15 दिनों के इस कार्यक्रम में सरगुजा से रायपुर टे्रन से और रायपुर से कोलकाता तथा कोलकाता गुवाहाटी हवाई जहाज से यात्रा हुई। आईआईटी गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में देश के सभी प्रदेशों से एनएसएस स्वयं सेवक उपस्थित रहे। सभी ने अपने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोककला से अवगत कराया। इस दौरान दूसरे प्रदेश की लोककला, विरासत से अवगत हुए और विभिन्न संस्कृतियों को करीब से देखा। स्वयं सेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया तथा उन्हें मां कामाख्या मंदिर का दर्शन कराया गया। चाय बागान में स्वयं सेवकों ने हरियाली और चाय के पौधे देख कर उसकी खेती के बारे में जाना। असम के राज्यपाल महामहिम लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात बहुत ही प्रेरक रही। उन्होंने सभी को जीवन में आगे बढ़ने और दायित्वों के निर्वहन का संदेश दिया। संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय से साक्षी और हेमंत की इस सफलता पर शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले, सचिव अजय कुमार इंगोले, प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव, कला एवं समाजकार्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. आर.एन. शर्मा, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने बधाई दी है।

रायपुर में 5वीं बोर्ड परीक्षा में नकल का आरोप, ABVP ने किया प्रदर्शन

रायपुर- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रायपुर महानगर ने 5वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में कथित नकल प्रकरण को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिषद ने इस मामले को शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर बताया है।

मामला रायपुर के शंकर नगर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय ‘अभ्यास’ का है, जहां हाल ही में आयोजित कक्षा 5वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। प्राप्त वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोप है कि परीक्षा कक्ष में तैनात शिक्षिका ने विद्यार्थियों को व्यवस्थित तरीके से नकल कराई।

अभाविप का कहना है कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं और मेहनती विद्यार्थियों के मनोबल को ठेस पहुंचाती हैं। परिषद ने इसे शिक्षक की मर्यादा के विरुद्ध और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित शिक्षिका को तत्काल निलंबित या बर्खास्त कर सख्त विभागीय जांच की जाए। साथ ही संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, उड़नदस्ता दलों द्वारा औचक निरीक्षण करने और संबंधित विद्यालय की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अन्य विकासखंड के शिक्षकों से कराने की मांग भी की गई है। इसके अलावा परीक्षा केंद्र अध्यक्ष और पर्यवेक्षकों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई है।

अभाविप ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि अभाविप शिक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने हाल में 12वीं हिंदी प्रश्नपत्र लीक की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सरकार की गंभीरता पर सवाल उठते हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

“पत्रकारों के लिए मुफ्त लेसिक सर्जरी शिविर, 13 से 18 अप्रैल तक एसबीएच आई हॉस्पिटल में होगा आयोजन”

रायपुर- एसबीएच आई हॉस्पिटल द्वारा पत्रकारों और उनके परिवारजनों के लिए 13 से 18 अप्रैल तक एक विशेष नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में सीमित संख्या में पत्रकारों को मुफ्त लेसिक सर्जरी की सुविधा दी जाएगी, जबकि उनके परिवारजनों को उपचार में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

इस शिविर के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक पत्रकार पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 9644402050 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा साई बाबा नेत्र चिकित्सालय, न्यू राजेंद्र नगर में भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।

इस पहल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुधीर आज़ाद तम्बोली ने अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन से परे सभी पत्रकारों के लिए इस तरह का विशेष शिविर आयोजित करना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक पत्रकार साथी इस शिविर का लाभ उठाकर अपनी आंखों का उपचार कराएंगे।

मसीही समाज को मिला प्रशासन का साथ, CDBE चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न

रायपुर- छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) के चुनाव आज रायपुर कलेक्टर कार्यालय में सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुए।

इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका और पारदर्शिता को सराहते हुए मसीही समाज ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।

चुनाव प्रक्रिया जिला कलेक्टर, एडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुई। इस दौरान बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में द राइट रेव. सुभमा कुमार पदेन ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया।

नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में

नितिन लॉरेन्स – उपाध्यक्ष

जॉयदीप रोबिन्सन – सचिव

प्रवीण मसीह – कोषाध्यक्ष

सहित अन्य सदस्यों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

इस अवसर पर बोर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं जिला प्रशासन का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने मसीही समाज की समस्याओं को समझते हुए निष्पक्ष और सहयोगात्मक भूमिका निभाई है।

बोर्ड पदाधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लंबे समय से शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन में आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार संस्थाओं की व्यवस्था को बाधित करने के प्रयास किए जा रहे थे, जिनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।

प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही सभी संस्थानों में सामान्य स्थिति बहाल की जाएगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अंत में, छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारियों ने सभी समाज के लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर शांति, शिक्षा और विकास के कार्यों में सहयोग करें।

नाम के दुरुपयोग पर मसीह समाज सख्त, प्रशासन से कार्रवाई की अपील

बिलासपुर- संयुक्त मसीह समाज बिलासपुर संभाग धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के विरोध में किए गए तथाकथित प्रदर्शनों की कड़े शब्दों में निंदा करता है। हम स्पष्ट रूप से यह घोषणा करते हैं कि इस विरोध का मसीह समुदाय से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। यह विरोध कुछ व्यक्तियों द्वारा मसीह समाज के नाम का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास मात्र है। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि संयुक्त मसीह समाज नाम से संगठन विधिवत रूप से केवल बिलासपुर संभाग में पंजीकृत है। ऐसे में अन्य स्थानों पर इसी नाम का उपयोग करना न केवल भ्रामक है। बल्कि कानूनी रूप से भी आपत्तिजनक और दंडनीय कृत्य है।

हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सच्चा मसीही मार्ग विरोध और अशांति का नहीं बल्कि शांति और आज्ञाकारिता का मार्ग है।

पवित्र बाइबिल में लिखा है हर एक व्यक्ति प्रधान अधिकारियों के अधीन रहे क्योंकि कोई भी अधिकार ऐसा नहीं जो परमेश्वर की ओर से न रोमियों 13ः1 साथ ही यह भी लिखा है मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं कि विनती प्रार्थना बिनती और धन्यवाद सब मनुष्यों के लिये किए जाएं राजाओं और सब अधिकारियों के लिये भी।1तीमुथियुस 2ः1-2 इन वचनों के अनुसार मसीही समुदाय का कर्तव्य है कि वह सरकार और अधिकारियों के प्रति सम्मान बनाए रखे उनके लिए प्रार्थना करे न कि विरोध और अशांति का मार्ग अपनाए। हम संबंधित व्यक्तियों से यह सीधा प्रश्न पूछते हैं। क्या उनके पास संयुक्त मसीह समाज नाम से कोई वैध पंजीयन है। यदि नहीं तो वे किस अधिकार से इस नाम का उपयोग कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से भ्रामक प्रतिनिधित्व का मामला बनता है जो समाज को गुमराह करने और प्रशासन को भ्रमित करने का प्रयास है। इसके अलावा इन प्रदर्शनों में कहीं भी मसीह समुदाय के मान्यता प्राप्त। मुख्यधारा या आधिकारिक प्रतिनिधि उपस्थित नहीं थे। इससे यह सिद्ध होता है कि यह विरोध धार्मिक नहीं बल्कि सुनियोजित राजनीतिक गतिविधि है।

हम यह भी कहना चाहते हैं कि इस पूरे प्रकरण के पीछे से जुड़े लाभ सामाजिक पहचान और राजनीतिक स्वार्थ की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। मसीह समुदाय के नाम पर इस प्रकार की गतिविधियां न केवल अनुचित हैं बल्कि पूरे समाज की छवि को धूमिल करने का कार्य कर रही हैं। अतः संयुक्त मसीह समाज बिलासपुर संभाग प्रशासन से मांग करता है कि इस मामले की गंभीर जांच की जाए संयुक्त मसीह समाज नाम के दुरुपयोग पर कानूनी कार्रवाई की जाए ऐसे भ्रामक और फर्जी संगठनों पर तत्काल रोक लगाई जाए हम सभी विश्वासियों एवं आम जनता से अपील करते हैं कि ऐसे स्वयंभू नेताओं और भ्रामक तत्वों से सतर्क रहें जो समाज के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का कार्य कर रहे हैं।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

युवा संसद 2026 में दिखी लोकतंत्र की गरिमा, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रायें संसद की कार्यवाही से हुईं अवगत

लखनपुर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखनपुर में 'युवा संसद 2026 का भव्य आयोजन हुआ एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य रंजना श्रीवास्तव, युवा गतिविधि प्रभारी अंजना श्रीवास्तव तथा अंकिता राजवाड़े ने माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

युवा संसद कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को भारतीय संसदीय प्रणाली, कार्यवाही, विधेयक (बिल) प्रस्तुत करने, उस पर चर्चा करने एवं पारित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। छात्राओं ने लोकतांत्रिक मूल्य, संवाद की कला तथा नेतृत्व क्षमता का परखा और सीखा।

छात्राओं ने सत्ता पक्ष एवं विपक्ष की भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से निर्वहन किया। स्पीकर की भूमिका में शिक्षिका अंकिता ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। प्रधानमंत्री की भूमिका में आंचल, कैबिनेट में (महिला एवं विकास मंत्री), विद्यावती (कृषि मंत्री), सुधा (वित्त मंत्री), चांदनी (कानून मंत्री) एवं नाजिया (स्वास्थ्य मंत्री) ने अपने-अपने विभागों का प्रतिनिधित्व किया।

सदस्य के रूप में ईशा, सविता, मीरा एवं अन्य छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। विपक्ष की ओर से चंचल, कविता, प्रीति, प्रीति संजना चांदनी प्रश्न काल की महत्ता से अवगत कराया। प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर एवं सार्थक बहस हुई। सत्ता पक्ष द्वारा सभी प्रश्नों के संतोषजनक जवाब दिये गये।

प्राचार्य रंजना श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 'युवा संसद 2026 में छात्राओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न की तथा उन्हें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।