बेटी कि शादी से 11 दिन पहले पिता की हत्या*
सुल्तानपुर में अपराधिक घटनाएं थमने के नाम नहीं ले रही हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने पुलिस विभाग पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ये है कि एक के बाद एक घटनाएं होती जा रही है और पुलिस विभाग खुलासे के नाम पर केवल टीम गठन के दावे ही करता चला रहा आ रहा है। बीती देर रात भी जयसिंहपुर कोतवाली के बेलगरा गांव घर के बरामदे से सो रहे अधेड़ विजय कुमार सिंह को अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। गनीमत रही कि बगल में लेटी उनकी पत्नी बाल बाल बच गई। बताया जा रहा है कि मृतक विजय कुमार सिंह लकवे की बीमारी से ग्रस्त थे और पिछले तीन वर्षों से उनका इलाज भी चल रहा था। आगामी कुछ दिनों में उनकी बेटी का विवाह भी होने वाला था,खुद विजय का एक बेटा अंकुर सिंह भी यूपी पुलिस में है और कानपुर में तैनात है। लेकिन विजय सिंह के साथ ये वारदात क्यों की गई ये वे खुद नही समझ पा रहे हैं। आधी रात को ही उन्हें फोन से सूचना दी गई जिसके बाद वे घर पहुंचे, फिलहाल उनकी कोई रंजिश भी नहीं है।  फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर। पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कार्यवाही में जुट गई है।
आप नेता संजय सिंह बोले हीही खीखी वाली विदेश नीति नहीं चलेगी
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह आज अपने गृह जनपद सुलतानपुर पहुंचे, इस दौरान समाजसेवियों द्वारा लगाए गए एक प्याऊ का उन्होंने उद्घाटन किया। कार्यक्रम के बाद वे मीडिया से रूबरू हुए। सबसे पहले उन्होंने लोकसभा में महिलाओं के 33% आरक्षण दिए जाने पर कहा कि यदि आरक्षण देना है तो 543 सीट पर सापेक्ष 33% आरक्षण दीजिए। यदि 2011 की जनगणना के आधार पर आप सीटों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं तो आप महिलाओं का हक क्यों मार रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव 2029 में होना है, जनगणना 2011 में हुई है। 18 वर्षों में महिलाओं की संख्या बढ़ी है, उसके हिसाब से प्रतिनिधित्व कैसे तय होगा। संजय सिंह ने साफ कहा कि आप जनगणना करवाइए,देश में जितनी सीटों की संख्या बढ़ती है उसमें 33% आरक्षण दे दीजिए हम आप के साथ रहेंगे, लेकिन आप 2011 की जनगणना के आधार पर नौटंकी करने जा रहे हां केवल इसलिए कि आपको बंगाल और तमिलनाडु का चुनाव जीतना है, तो इसमें हम आपका साथ नहीं देंगे। राजयसभा सांसद संजय सिंह बोले-वहीं अभी हाल में ही संपन्न हुई SIR प्रक्रिया पर संजय सिंह ने कहा कि यूपी में 52% पुरुष और 48% महिलाओं का औसत है, लेकिन मतदाता सूची में 55% पुरुष और 45% महिला है, तीन प्रतिशत महिलाएं कहां चली गई। आखिर जिनका नाम काटा गया है वो किस वर्ग की महिलाएं हैं। उन्होंने साफ कहा कि अब बीजेपी का ही वोट बढ़ेगा विपक्ष का नहीं। संजय सिंह ने आरोप लगाए हुए कहा कि SIR एक बहुत बड़ा चुनावी घोटाला है, और इसके प्रमुख ज्ञानेश कुमार हैं। उन्हीं के नेतृत्व में बीजेपी से मिलकर ये चुनावी घोटाला पूरे देश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वहीं अमेरिका ईरान की मध्यस्थता पाकिस्तान में होने पर संजय सिंह ने कहा कि हम महात्मा गांधी, बुद्ध, नानक कबीर के देश हैं और आतंकवाद को पोषित करने वाले देश पाकिस्तान के....शांतिवार्ता हो रही है। उन्होंने कहा कि ये भारत और पीएम मोदी की हीही खीखी वाली विदेश नीति का फेल्योर है। पीएम मोदी को समझना होगा कि हीही खीखी वाली विदेश नीति नहीं होती है, आप को अपने कर्मों,चरित्र व फैसलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ख्याति बनानी होती है, जब हर जगह आप ढुलमुल रवैया अपनाएंगे तो दुनिया में आपकी हैसियत क्या है, इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। वहीं संजय सिंह ने कहा कि शांतिवार्ता फेल होने पर कुछ लोग जश्न मना रहे हैं, दुनिया में युद्ध होगा तो इसका असर भारत में भी दिखाई पड़ेगा,हार्मोस का समुद्री मार्ग बंद होने से तेल और गैस का दाम हिंदुस्तान में भी बढ़ेगा,इसमें जश्न मनाने की कौन सी बात है,भारत को भी युद्ध रोकने की पहल करनी चाहिए।
विकास भवन में लगी आग,महत्वपूर्ण अभिलेख खाक,आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका:संदेह*
सुल्तानपुर,

विकास भवन में लगी आग,महत्वपूर्ण अभिलेख खाक।

जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन में रविवार दोपहर अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।

आग जिला प्रोबेशन अधिकारी के कक्ष संख्या-17 में लगी,जहां कुछ ही देर में लपटों ने विकराल रूप ले लिया।

आग की चपेट में आकर कक्ष में रखे महत्वपूर्ण अभिलेख और फाइलें जलकर राख हो गईं।

मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल प्रयास करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

हालांकि,आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है।

घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है।
गौरैया के लिए संवेदनशील पहल, कटका क्लब ने लगाए जलपात्र और घोंसले

सुलतानपुर । कटका क्लब सामाजिक संस्था द्वारा उमरी (नगरहवा) सुदनापुर बाजार में “गौरैया आओ मेरे देश” अभियान के अंतर्गत पक्षियों के संरक्षण हेतु एक सराहनीय पहल की गई। अभियान के तहत बाजार क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पक्षियों के लिए जलपात्र स्थापित किए गए तथा उनके रहने के लिए घोंसलों की भी व्यवस्था की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व विभु शुक्ल ने किया। इस अवसर पर संस्था के प्रदेश प्रभारी डॉ. ऋषभदेव शुक्ला ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण गौरैया जैसे छोटे पक्षियों की संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में यह अभियान न केवल जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है, बल्कि लोगों को पक्षी संरक्षण के प्रति प्रेरित भी कर रहा है।

संस्था के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में जलपात्र अवश्य रखें और पक्षियों के लिए सुरक्षित व अनुकूल वातावरण बनाने में सहयोग करें। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षियों को बचाने का संकल्प लिया और संस्था के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। वही कार्यक्रम के दौरान बृजेंद्र मिश्र,रवि शंकर शुक्ल,राघवेन्द्र शुक्ला,सौम्य शुक्ला,डॉ शिखा शुक्ला, श्रेया शुक्ला,श्रीमती राजकुमारी शुक्ला, सुशांत शुक्ला,शुभांशी शुक्ला, शौर्य शुक्ला, तेजस्व शुक्ला आदि लोग उपस्थित रहे।
सुलतानपुर जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या एक पर  मशाल जुलूस निकाला कर विरोध प्रदर्शन किया
सुलतानपुर।  आज को उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन शाखा सुलतानपुर द्वारा शाखामंत्री पंकज दुबे के नेतृत्व में शाम को सुलतानपुर जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या एक पर  मशाल जुलूस निकाला कर विरोध प्रदर्शन किया गया।
यूनियन ने सरकार द्वारा कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर 6 अप्रैल से 10 अप्रैल तक रोष-सप्ताह मनाया जा रहा है।
मुख्य मांगें
पुरानी पेंशन बहाल करना एवं यू पी एस, एन पी एस रद्द करना।
कोरोना काल में फ्रिज किया गया महंगाई भत्ता का भुगतान किया जाएं।
रिक्त पदों को ठेकेदारी से न भरा जाएं।
आठवें पे कमीशन में फिटमेंट फैक्टर 3.5 गुना दिया जाएं।
मकानों का खस्ता हालत को ठीक किया जाएं सहीत 12 सुत्रीय मांग रखा गया है।
रोष प्रदर्शन में सियाराम चौरसिया, मुराद अहमद, रमेश कुमार, मानवेन्द्र सिंह, विपिन कुमार, श्यामसुंदर, धीरज, गुलाब चन्द्र, अतुल, अभिशेक, ए सी मौर्य, सूरज सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
असम के मुख्यमंत्री के विवादित बयान पर भड़की कांग्रेस, प्रदर्शन के दौरान फूंका पुतला
*ये कांग्रेस नेतृत्व का अपमान नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा हमला है : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा सरमा द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ अभद्र अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व मे कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट व विकास भवन के सामने स्थित राजीव गांधी तिकोनिया पार्क में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुलिस को चकमा देकर पार्क के अंदर असम के मुख्यमंत्री का पुतला लाकर फूंक दिया और बाहर खड़ी पुलिस देखती रह गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं की भाषा दिन-ब-दिन गिरती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस नेतृत्व का अपमान नहीं बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है, देश के लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा हमला है। भाजपा के लोग सत्ता के अहंकार में मर्यादा भूल चुके हैं। अगर इसी तरह हमारे नेताओं का अपमान किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर हर स्तर पर जवाब देंगे।शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि हिमंत विश्वा सरमा को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। यह देश लोकतंत्र से चलता है, न कि गाली-गलौज की राजनीति से। कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जवाब देना जानती है। आने वाले समय में भाजपा को जनता खुद जवाब देगी। वही कांग्रेस नेता राजेश तिवारी व सुब्रत सिंह सनी ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बयानबाजी पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा। इस मौके पर अतहर नवाब,रणजीत सिंह सलूजा,मोहित तिवारी,मानस तिवारी, अम्बरीष पाठक,हामिद राईन, अनवर शाही,जनेश्वर उपाध्याय, सुरेश चंद्र मिश्रा, अखण्ड मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव, दिनेश तिवारी,अजय मिश्रा, शीतला साहू समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
*निजी स्कूलों की लूट पर आर-पार की लड़ाई, अब नहीं चलेगी मनमानी : अभिषेक सिंह राणा*
निजी विद्यालयों की मनमानी पर कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की बेलगाम मनमानी और अभिभावकों के आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और जोरदार नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों का गुस्सा साफ तौर पर फूटा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को खुलेआम धंधा बना दिया है, जहां एडमिशन, रजिस्ट्रेशन, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से बेशर्मी से वसूली की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और BSA व DIOS को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, अंततः सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन DIOS को सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद DIOS ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने इस आश्वासन पर साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, जमीनी कार्यवाही चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि निजी स्कूलों की लूट अब हर सीमा पार कर चुकी है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और आक्रामक रूप लेगा और सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा आंदोलन करेगी, जिससे प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, किसी एक दुकान से किताब-कॉपी खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए, पुस्तक सेट कम से कम पांच वर्षों तक न बदले जाएं, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फीस निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन में बदल जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सुल्तानपुर में महिला खिलाड़ियों के साथ अभद्रता,पुलिस पर लगा टालमटोल का आरोप
सुलतानपुर के श्याम नगर खेल मैदान में अभ्यास करने वाली महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने दबंगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि मैदान पर शराब पीकर कुछ युवकों ने उनके साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि मारपीट और बदतमीजी भी की। श्याम नगर मैदान में पिछले कई वर्षों से खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करते हैं। खिलाड़ियों द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार, ग्राम झालापुर निवासी मोनू कुमार, गोलू, करन और आकाश अपने अन्य साथियों के साथ मैदान पर शराब पी रहे थे। जब अभ्यास के लिए आए खिलाड़ियों ने उन्हें मना किया, तो आरोपी भद्दी गालियां देने लगे और मारपीट पर उतारू हो गए। शोर सुनकर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।पीड़ित खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने तुरंत 112 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस उन्हें पयागीपुर चौकी ले गई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को बुलाने की बात तो कही, लेकिन रात 8:00 बजे तक खिलाड़ियों को चौकी पर बैठाए रखने के बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के घर भेज दिया। वर्तमान में खिलाड़ी डरे हुए हैं और उन्हें अनहोनी की आशंका सता रही है।प्रार्थना पत्र के माध्यम से दर्जनों खिलाड़ियों ने एसपी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और मैदान पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि वे बिना किसी डर के अपना अभ्यास जारी रख सकें।
सुल्तानपुर में शराब की दुकान को लेकर व्यापारियों ने उठाई आवाज, डीएम से की कार्रवाई की मांग
सुल्तानपुर में गोराबारिक मोहल्ले में एक शराब की दुकान को लेकर स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश के बैनर तले जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा गया है, जिसमें दुकान के संचालन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत के अनुसार, गोराबारिक क्षेत्र में स्थित कंपोजिट मदिरा की दुकान पर शराब खरीदने आने वाले लोग अक्सर वहीं खड़े होकर शराब पीते हैं। इससे आसपास का माहौल बिगड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे में धुत लोग गाली-गलौज करते हैं और कई बार अशोभनीय हरकतें भी करते हैं, जिससे खासकर महिलाओं को काफी असहजता का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों ने यह भी बताया कि दुकान के पास ही अस्पताल, मंदिर और मस्जिद जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं। इसके बावजूद दुकान के बाहर ही शराब पिलाने की सुविधा दी जा रही है, जिससे धार्मिक और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। साथ ही, ग्राहक अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है।

शिकायत में यह भी आरोप है कि दुकान के सेल्समैन द्वारा ग्राहकों को पानी, गिलास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे वहीं बैठकर शराब पीते हैं। विरोध करने पर दुकानदार और उसके कर्मचारी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देते हैं।

उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकान के लाइसेंस की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दुकान के बाहर शराब पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बहाल होगी।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।