इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों में वृद्धि
*पंखा - कूलर और एसी के मूल्य में दिख रहा 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा, दुकानदार - ग्राहक हैं परेशान*
रिपोर्ट - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। अमेरिका-ईरान युद्ध की तीव्रता हर दिन बढ़ती जा रही है। वहीं इसकी मार से इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम आसमान छूने लगे हैं। गैस सिलेंडर किल्लत से उपभोक्ता जूझ ही रहे थे कि अब इलेक्ट्रानिक उपकरणों और सामानों के दाम में भी पंद्रह से तीस प्रतिशत तक इजाफा हो गया है। लगन में इलेक्ट्रानिक सामान के दाम बढ़ने से लोगों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। वहीं गर्मी का मौसम होने से पंखा-कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रानिक सामानों की भारी मांग है। वहीं दाम बढ़ जाने से लोगों की काफी फजीहत हो गई है। आगे महंगाई कितनी बढ़ेगी यह आम नागरिक समझ नहीं पा रहे हैं।
जिले के कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम में पंद्रह से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, एसी, इंडक्शन, पंखा, कूलर, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन समेत अन्य सामान महंगे हो गए हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध अब भारतीय इलेक्ट्रानिक बाजार को प्रभावित करने लगा है। कच्चे माल (प्लास्टिक, मेटल) और चिप्स की कीमतें आसमान छूने से इंडक्शन, चूल्हा कीमत करीब डेढ़ गुना ज्यादा हो गया है।नगर पंचायत ज्ञानपुर के इलेक्ट्रानिक कारोबारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जो पंखा एक हजार में बिक रहा था वह युद्ध के चलते इस साल 13 सौ रुपये प्रति पीस बिक रहा है। केबिल 12 सौ रुपये से बढ़कर 15 सौ रुपये प्रति बंडल हो गया है। कूलर छह हजार से सात हजार रुपये और बैटरी 12 हजार से बढ़कर 13 हजार रुपये प्रति पीस हो गया है। मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम एक अप्रैल तक बढ़ गए हैं। जो तार पांच सौ रुपया बंडल हम लोग बिक्री करते थे वह अब साढ़े छह से सात सौ रुपया हो गया है। दो देश के बीच चल रहा तनाव हर क्षेत्र में अर्थ व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। गर्मी का सितम बढ़ने लगा है। ऐसे में कूलर-एसी और पंखा, फ्रिज लेने वालों की चिंता बढ़ने लगी है। रसोई गैस सिलेंडर, परिवहन, टायर, अनाज और इलेक्ट्रानिक सामान महंगा होने से हर तबके की चिंता घर-गृहस्थी चलाने को लेकर बढ़ने लगी है। परिवार का भरण-पोषण कैसे किया जाए यह चिंता लोगों को सताए जा रही है। स्थानीय बाजारों में दिख रहा युद्ध का स्तर लोगों को यह सोंचने पर विवश कर दिया है कि अब घर-गृहस्थी का खर्च कैसे चले।
3 hours ago
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