25 करोड़ से तैयार मातृ-शिशु विभाग शुरू होने की जगी आस


*20-21 अप्रैल को न‌ई दिल्ली में स्वास्थ्य शिक्षा की बैठक में मिल सकती है हरी झंडी*


रिपोर्ट,-‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ।‌महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल परिसर में कोविड काल से बनकर तैयार 100 बेड के मातृ-शिशु विंग शीघ्र ही शुभारंभ हो जाने की उम्मीद जग गई है। साल 2018 मे यह अस्पताल बनकर तैयार हो गया था। अस्पताल समूह द्वारा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर इसका संचालन होना है। लगभग आठ वर्ष से एक न एक बाधा के चलते अब तक इसका शुभारंभ नहीं हो सका है। हलांकि अब आगामी 20 अप्रैल को नई दिल्ली में होने वाली स्वास्थ्य विभाग की बैठक में इसके संचालन को हरी झंडी मिल सकती है। लगभग 25 करोड़ की लागत से बनकर तैयार इस अस्पताल के परिसर को कोविड महामारी के समय कोविड हास्पिटल के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
कोविड बीतने के बाद हेरिटेज समूह के अधिकारियों ने कई बार इसका निरीक्षण किया और बार-बार कमियां निकालीं। जिन्हें दुरूस्त किया गया। लगभग एक साल पहले अस्पताल को संचालन के लिए हेरिटेज समूह को सौंपा जा चुका है।
जहां हेरिटेज समूह ने अस्पताल का साईन बोर्ड लगाकर डाक्टरों, स्टाफ आदि की नियुक्ति कर अपना पूरा सेटअप तक तैयार कर लिया है। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार तभी से यहां अस्पताल के लिए आवश्यक विभिन्न उपकरण भी स्थापित किए जा चुके हैं।
महिलाओं और शिशुओं के लिए बेहद लाभकारी माने जा रहे इस अस्पताल का संचालन शुरू कराने के लिए भदोही विधायक जाहिद बेग के अलावा मड़ियाहूं विधायक डॉ. आरके पटेल भी से प्रयास कर चुके हैं, लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकल सका है।
अब माना जा रहा है कि 20-21 अप्रैल को नई दिल्ली में राज्य और केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक में अन्य मामलों के अलावा इस अस्पताल के संचालन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। जिसमें अस्पताल प्रबंधन को पूरी आशा है कि इसके संचालन को हरी झंडी मिल सकती है।


अस्पताल का पूरा सेट‌अप तैयार है। आगामी बैठक में अस्पताल के संचालक के लिए अनुमति मिल सकती है। अगर अनुमति मिली तो हमारी ओर से पूरी तैयारी है।

डॉ आरके सिंह चीफ आपरेटिंग आफिसर
सात दिन 1294 का चालान, फिर भी चल रहे बिना हेलमेट और तीन सवारी


*यातायात विभाग की सख्ती के बाद भी युवा तोड़ रहे नियम,क‌ई बार हो चुका है हादसे , फिर भी नहीं ले रहे हैं सबक*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। दो पहिया वाहन चालकों की मनमानी नहीं रुक रही है। यातायात पुलिस ने सात दिन में 1294 वाहनों का चालान किया है फिर भी बाइक सवार बिना हेलमेट और तीन सवारी बैठाकर चल रहे हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं। फिर भी दो पहिया वाहन चालक अपनी आदतों में बदलाव नहीं ला रहे हैं। इसमें ज्यादातर युवा हैं। जिनकी उम्र 20 से 35 साल के बीच है। जो नियमों को तोड़ते हैं।


इस महीने अब तक दो पहिया के कटे चालान
तारीख चालान दो पहिया चार पहिया
सात अप्रैल 182 164 18
छह अप्रैल 109 98 11
पांच अप्रैल 110 102 08
चार अप्रैल 157 150 07
तीन अप्रैल 256 240 16
दो अप्रैल 219 207 12
एक अप्रैल 261 247 14

यातायात नियमों के पालन के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। सख्ती भी की जाती है। युवा जानबुझकर जान जोखिम में डालते हैं। लोगों को खुद ही नियमों के प्रति सचेत रहना होगा। - राकेश सिंह, यातायात प्रभारी, भदोही।
फर्जी कोचिंग पर शीघ्र होगी कार्रवाई


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। फर्जी कोचिंग संचालकों की अब खैर नहीं होगी। विभागीय स्तर से शीघ्र ही सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर जिले में कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए अधिकारी नामित किए जा चुके हैं। नामित अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में जांच कर जिला विद्यालय निरीक्षण को रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। जांच आख्या में यह भी प्रस्तुत करना होगा कि जो कोचिंग संचालित हो रहे हैं जो मानक में हैं या नहीं। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि जिले में कुल छह ब्लाक हैं। कोचिंग सेंटर के लिए स्थानीय राजकीय इंटरमीडिएट कालेज के प्रधानार्च को जांच अधिकारी नामित किया गया है।प्रधानाचार्य कोचिंग सेंटर की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। कहीं भी फर्जी ढंग से कोचिंग संचालित होने का मामला संज्ञान में आता है तो प्राथमिकता के आधार पर जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया कि पूर्व में पांच कोचिंग सेंटर संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी हुआ था। लेकिन इन संचालकों द्वारा पंजीयन को आवेदन नहीं किया गया था। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए पांचों कोचिंग को बंद करा दिया गया था। बताए कि जिले में कुल 18 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। जहां भी बिन पंजीयन के कोचिंग चल रहे हैं, वहां जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना पंजीयन कराए कोचिंग का संचालन कदापि नहीं होने दिया जाएगा। बिन पंजीयन कोचिंग की शिकायत मिलने पर स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत एवं छह ब्लाक क्षेत्रों में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों पर निगरानी को टीम का गठन हुआ है। कहीं भी बिना पंजीयन कराएं कोचिंग संचालन की शिकायत मिली तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इंडक्शन के प्रयोग से मार्च में 14 गुना बढ़ी बिजली की खपत

*जिले में ईंधन संकट के कारण मार्च में 80 लाख यूनिट बिजली की ज्यादा हुई मांग*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच उपजे ईंधन संकट के कारण इन दिनों घरों और होटलों में इंडक्शन का प्रयोग बढ़ गया है। इस कारण मार्च महीने में फरवरी की तुलना में 14 गुना ज्यादा बिजली की खपत बढ़ गई है। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि फरवरी में 52.078 मेगा यूनिट बिजली की खपत हुई थी। वहीं, मार्च में 59.806 मेगा यूनिट की खपत हुई है। मेगा यूनिट को यदि यूनिट में समझें तो फरवरी की अपेक्षा मार्च में 80 लाख यूनिट ज्यादा बिजली की मांग हुई है। बेजवां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि इस साल बीते साल से ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है। मार्च के शुरूआती सप्ताह से ही पंखा चलना शुरू हो गया है। अब तो दोपहर में लोग एयर कंडिशनर चला रहे हैं।दिसंबर-जनवरी महीने में हुई जितनी खपत, उतनी ही मार्च में भी
दिसंबर और जनवरी के बिजली की मांग को देखा जाए तो मार्च के महीने में बिजली की खपत में ज्यादा अंतर नहीं है। जनवरी में नए साल और गणतंत्र दिवस पर बिजली की ज्यादा खपत हुई थी। वहीं, दिसंबर में शादियों के सीजन में भी ज्यादा मांग हुई थी। ठंड के कारण ब्लोअर, हीटर और गीजर का खूब इस्तेमाल हो रहा था। वहीं, मार्च की बात करें तो बिजली की खपत बीते चार महीनों में सबसे अधिक रही। बिजली निगम का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर बिजली की खपत और अधिक बढ़ेगी।




80 हजार मीटर प्रीपेड, लोग हो रहे जागरूक
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिले के 2.47 लाख उपभोक्ताओं में अब तक करीब 92 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 13 मार्च से 80 हजार उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड कर दिए गए हैं। प्रीपेट मीटर होने के बाद लोग ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जागरूक हो गए हैं।
बीते चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
दिसंबर - 59.352 एमयू
जनवरी - 59.027 एमयू
फरवरी - 52.078 एमयू
मार्च - 59.806 एमयू
नोट : एक मेगा यूनिट में 10 लाख यूनिट होता है।
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बीते पांच सालों में मार्च का औसत तापमान
साल - अधिकतम - न्यूनतम
2026 - 36.3 - 19.1
2025 - 35.2 - 15.3
2024 - 31.1 - 17.6
2023 - 34 - 20
2022 - 36.1 - 18
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है।

फरवरी महीने की अपेक्षा मार्च में बिजली की खपत बढ़ी है। जो बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद लोगों में बिजली के प्रयोग को लेकर जागरूकता आई है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली।
इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों में वृद्धि

*पंखा - कूलर और एसी के मूल्य में दिख रहा 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा, दुकानदार - ग्राहक हैं परेशान*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका-ईरान युद्ध की तीव्रता हर दिन बढ़ती जा रही है। वहीं इसकी मार से इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम आसमान छूने लगे हैं। गैस सिलेंडर किल्लत से उपभोक्ता जूझ ही रहे थे कि अब इलेक्ट्रानिक उपकरणों और सामानों के दाम में भी पंद्रह से तीस प्रतिशत तक इजाफा हो गया है। लगन में इलेक्ट्रानिक सामान के दाम बढ़ने से लोगों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। वहीं गर्मी का मौसम होने से पंखा-कूलर और एसी जैसे इलेक्ट्रानिक सामानों की भारी मांग है। वहीं दाम बढ़ जाने से लोगों की काफी फजीहत हो गई है। आगे महंगाई कितनी बढ़ेगी यह आम नागरिक समझ नहीं पा रहे हैं।
जिले के कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम में पंद्रह से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, एसी, इंडक्शन, पंखा, कूलर, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन समेत अन्य सामान महंगे हो गए हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध अब भारतीय इलेक्ट्रानिक बाजार को प्रभावित करने लगा है। कच्चे माल (प्लास्टिक, मेटल) और चिप्स की कीमतें आसमान छूने से इंडक्शन, चूल्हा कीमत करीब डेढ़ गुना ज्यादा हो गया है।नगर पंचायत ज्ञानपुर के इलेक्ट्रानिक कारोबारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जो पंखा एक हजार में बिक रहा था वह युद्ध के चलते इस साल 13 सौ रुपये प्रति पीस बिक रहा है। केबिल 12 सौ रुपये से बढ़कर 15 सौ रुपये प्रति बंडल हो गया है। कूलर छह हजार से सात हजार रुपये और बैटरी 12 हजार से बढ़कर 13 हजार रुपये प्रति पीस हो गया है। मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इलेक्ट्रानिक सामानों के दाम एक अप्रैल तक बढ़ गए हैं। जो तार पांच सौ रुपया बंडल हम लोग बिक्री करते थे वह अब साढ़े छह से सात सौ रुपया हो गया है। दो देश के बीच चल रहा तनाव हर क्षेत्र में अर्थ व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। गर्मी का सितम बढ़ने लगा है। ऐसे में कूलर-एसी और पंखा, फ्रिज लेने वालों की चिंता बढ़ने लगी है। रसोई गैस सिलेंडर, परिवहन, टायर, अनाज और इलेक्ट्रानिक सामान महंगा होने से हर तबके की चिंता घर-गृहस्थी चलाने को लेकर बढ़ने लगी है। परिवार का भरण-पोषण कैसे किया जाए यह चिंता लोगों को सताए जा रही है। स्थानीय बाजारों में दिख रहा युद्ध का स्तर लोगों को यह सोंचने पर विवश कर दिया है कि अब घर-गृहस्थी का खर्च कैसे चले।
यूपी गौ सेवा आयोग सदस्य भदोही पहुंचे:गौ संरक्षण पर अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक, दिए निर्देश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य महेश शुक्ला और गोयल ने भदोही जनपद का दौरा किया। उन्होंने ज्ञानपुर स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। इसके बाद, कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और पदाधिकारियों के साथ गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश की सभी गौशालाओं का भ्रमण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गोवंश को उचित व्यवस्थाएं मिल रही हैं या नहीं। वे इस संबंध में जानकारी एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंश के साथ किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सदस्यों ने नागरिकों से अपील की कि वे गायों के प्रति संवेदनशील रहें और उन्हें गौ माता मानकर उनकी सेवा करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गायों को बांधकर उनकी सेवा नहीं कर सकता, तो उसे संबंधित अधिकारी या ब्लॉक को सूचित करना चाहिए, ताकि गोवंश को सरकारी गौशाला में रखा जा सके।
उन्होंने सभी लोगों से समय-समय पर गौशालाओं का दौरा करने, वहां अपना जन्मदिन मनाने, गौ माता की सेवा करने और साफ-सफाई में योगदान देने का आग्रह किया। इससे गोवंश संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
छूटे छात्रों की 9-10 अप्रैल को होगी प्रयोगात्मक परीक्षा


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटरमीडिएट की साल 2026 की प्रयोगात्मक परीक्षा में छूटे छात्र-छात्राओं को अंतिम अवसर दिया है। इन छात्रों की परीक्षाएं नौ और 10 अप्रैल को आयोजित की जाएंगी। परिषद का निर्णय प्रायोगिक परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगी। परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा नियुक्त परीक्षक इन्हें संपन्न कराएंगे। जिन विद्यालयों के सभी परीक्षार्थी छूट गए हैं। उनकी परीक्षा संबंधित विद्यालय में होगी। बताया कि विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को विशेष केंद्र बनाया गया है। उन्होंने बताया कि यह छात्रों के लिए अंतिम मौका है। यदि किसी छात्र की प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं हो पाती है तो प्रधानाचार्य और परीक्षार्थी दोनों पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे।
प्रसव के पहले एएनएम करेंगी महिला चिकित्सकों को फोन

*जिले में औसतन हर महीने होते हैं एक हजार से 1200 प्रसव*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही । जिले के 206 उप स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अब प्रसव कराने से पहले महिला चिकित्सक को फोन कर स्थिति से अवगत कराएंगी। महिला चिकित्सक के मार्ग दर्शन में ही प्रसव कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर महिला डॉक्टर मौके पर जाएंगी। यदि प्रसूता की स्थिति ठीक नहीं है, तो उसे तुंरत रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह नई पहल शुरू की गई है। यह व्यवस्था 10 अप्रैल से लागू की जाएगी। जिल के 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव होते हैं। जिले की आबादी 18 से 20 लाख है। इन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 235 सरकारी और 140 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। सरकारी में महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 206 उप स्वास्थ्य केंद्र है।
इन केंद्रों पर औसतन हर महीने एक हजार से 1200 प्रसव कराए जाते हैं। अब उप केंद्र पर आने वाली प्रसूता को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर मिलेंगी। यहां तैनात एएनएम, सीएचओ जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल, सीएचसी के महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से बातचीत कर सकती है। अमूमन देखा जाता है कि गंभीर केस होने पर प्रसूता को केंद्र से रेफर कर दिया जाता था। एएनएम और सीएचओ, महिला डॉक्टर से बातचीत नहीं करतीं थीं। अब ऐसा नहीं होगा। प्रसव कराने और केस रेफर करने से पहले डॉक्टर से बातचीत करनी होगी।
रजिस्टर भी किया जाएगा मेंटेन : स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जो भी एएनएम और सीएचओ प्रसव कराने से पहले महिला डॉक्टर से बातचीत करेंगी। उनका नाम मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
महिला डॉक्टर द्वारा जो परामर्श दिया जाएगा उसे भी रजिस्टर पर लिखा जाएगा। प्रसव कराने से पहले उपकेंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी महिला डॉक्टर से बातचीत करेगी। फिर प्रसव कराएंगी। चिकित्सक के परामर्श पर दवा देगी। बेहतर सुविधा के लिए यह न‌ई पहल की गई है। 10 अप्रैल से इसकी शुरुआत सभी उपकेंद्रों पर कर दी जाएगी।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही
जिला स्टेडियम में एडवांस जिम की सुविधा जल्द
*17 करोड़ की लागत से चल रहा है निर्माण*



रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला स्टेडियम मूंसीलाटपुर में खिलाड़ियों को जल्द ही टेनिस कोर्ट,स्वीमिंग पूल, कुश्ती ट्रैक, रेसलिंग हाॅल, बाॅक्सिंग हाॅल व एडवांस जिम की सुविधाएं मिलेंगी। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड की देखरेख में रेसलिंग व बाॅक्सिंग हाॅल का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं एडवांस जिम के लिए भवन का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। शासन ने इसके लिए 12.51 करोड़ रुपए पहले ही अवमुक्त कर दिया था। जिले की खेल प्रतियोगिताओं को निखारने व समस्त स्टेडियम से लैस करने के लिए शासन गंभीर है। इस दिशा में खेल निदेशालय के माध्यम से समस्त जनपदों से प्रस्ताव मांगे गए थे। पहले चरण में तीन खेलों के लिए 12.51 करोड़ स्वीकृत कर शासन ने धन आवंटित किया है। वहीं दूसरी चरण में स्टेडियम में दर्शकदीर्घा,शेड,खेल प्रशिक्षकों के लिए आवासीय भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। विभाग ने 17 करोड़ की डीपीआर भेजी थी। इसमें से 12.51 करोड़ बजट शासन से मिला है।

जिला स्टेडियम में रेसलिंग, बाॅक्सिंग हाॅल और एडवांस जिम के लिए भवन का निर्माण तेजी के साथ चल रहा है। उम्मीद है कि अगले माह तीनों भवन तैयार हो जाएंगे।

धर्मेंद्र कुमार, उपक्राड़ी अधिकारी भदोही
कालीन उद्योग के लिए नई समस्या बन सकती है यूएस ट्रेड एक्ट की धारा 301

*16 देशों का डाटा जुटा रहा है अमेरिका, भविष्य में कारोबार करने में कालीन निर्यातकों को होगी परेशानी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका विभिन्न देशों पर व्यापारिक समझौतों की आड़ में उच्च टैरिफ दर थोपने के लिए नए-नए कारण ढूंढ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप सेक्शन 301 (अमेरिकी व्यापार एवं प्रतिनिधित्व) के अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए भारत समेत 16 देशों में व्यापारिक जांच के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद से केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय कालीन उद्योग सहित अन्य मजदूर बहुलता वाले उद्योगों से डाटा मांगा है। यह डाटा अमरीका को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद टैरिफ की नई दरें लागू हो सकती है। भारतीय कालीन निर्यातकों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों को अभी भी याद है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अचानक भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 5 प्रतिशत से बढ़ाकर पहले 25 प्रतिशत और फिर रूस से तेल खरीदने से नाराज होकर टैरिफ की दर 50 प्रतिशत तक कर दिया था। कई महीने बाद टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत तो किया लेकिन अब ट्रंप ने अमरीका के ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन-301 की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के साथ वर्चुअल बैठक में शामिल होने के बाद बताया कि ट्रंप प्रशासन के इस कदम के बाद वाणिज्य मंत्रालय विभिन्न उद्योगों से डाटा कलेक्शन करने में जुट गया है। डाटा अमरीकी प्रशासन को सौंपे जाने के बाद 28 अप्रैल तक धारा 301 समिति के समक्ष सुनवाई शुरू होगी। यदि सेक्शन 301 समिति चाहेगी तो टैरिफ की दर बढ़ा सकती है। इतना ही नहीं ऐसे समय जब इरान-इस्राइल युद्ध चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्थिति दयनीय हो चुकी है। ऐसे में अधिनियम 301 भारतीय कालीन उद्योग के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकती है।
क्या है यूएस व्यापार अधिनियम की धारा 301
एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बताया कि अमेरिका के व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 301 में उन्हें विदेशी व्यापार प्रथाओं की जांच करने और उनके कार्रवाई करने का अधिकार देती है। इस अधिनियम के तहत अमेरिका ने भारत सहित 16 देशों से डाटा की मांग की है। इस अधिनियम के तहत अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि मजदूरों के अनुरूप वातावरण में काम कर रहे हैं या नहीं। बंधुआ मजदूरी तो नहीं कराई जा रही है। मजदूरों की क्षमता से अधिक काम तो नहीं लिया जा रहा है। जांच में कपड़ा, इस्पात, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, मशीनरी व सोलर उद्योग शामिल हैं।