शिक्षा के साथ सनातन मूल्यों का समावेश राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की आधारशिला : डॉ नीरजा माधव
सुल्तानपुर। जनपद के ग्राम बीबीपुर तिवारी स्थित नारायण ज्ञान धाम में आयोजित वार्षिकोत्सव एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोह बेहद गरिमामय और प्रेरणादायी माहौल में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन ने शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के सुंदर समन्वय का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. नीरजा माधव द्वारा मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ सनातन मूल्यों का समावेश ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।
अध्यक्षता करते हुए डा. सुशील कुमार पाण्डेय ‘साहित्येन्दु’ ने चरित्र निर्माण आधारित शिक्षा को छात्रों के समग्र विकास का मूल बताया, वहीं डा. इन्दुशेखर उपाध्याय ने जीवन में नैतिकता, रचनात्मकता और सकारात्मक सोच की आवश्यकता पर जोर दिया। समारोह को सम्बोधित करते हुए उदयभान सिंह (पूर्व प्रधानाचार्य) ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। संस्कार ही शिक्षा को सार्थक बनाते हैं और एक जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करते हैं। अंजनी कुमार सिंह (पट्टी, प्रतापगढ़) ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा मनुष्य को आगे बढ़ने की दिशा देती है, जबकि संस्कार उसे सही मार्ग पर चलना सिखाते हैं। दोनों का संतुलन ही जीवन को सफल बनाता है। पूर्व प्रवक्ता रामलाल गुप्ता ने कहा कि सच्ची शिक्षा वही है जो व्यवहार में दिखे। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही समाज में नैतिकता, अनुशासन और सद्भावना का विकास होता है। संस्थापक पूर्व आईजी बी.पी. त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की प्रयोगशाला है, जहां बच्चों में अनुशासन, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में चांदनी तिवारी की सरस्वती वंदना ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर आयोजित सामान्य ज्ञान परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए और 41 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। प्रतिभा यादव, रिया गुप्ता, आदर्श यादव, श्रेया, वैभव सिंह, आयुष श्रीवास्तव सहित अनेक छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथियों, अभिभावकों और क्षेत्रीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं के सम्मान का मंच बना, बल्कि समाज में शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश भी दे गया।
3 hours ago
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