*दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शो में मेघा रे का दमदार एक्शन अवतार: “स्टंट्स मेरे लिए मुश्किल नहीं, जुनून हैं”*

*मध्य प्रदेश, अप्रैल 2026* : एक्शन, रोमांच और जादू का स्पर्श लेकर स्क्रीन पर एक सुपरहीरो जैसा किरदार निभाना कभी आसान नहीं होता, लेकिन मेघा रे के लिए यह उनकी जर्नी का सबसे रोमांचक हिस्सा बन गया है। सन नियो के शो 'दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' में दिव्या का किरदार निभाते हुए मेघा लगातार हाई-एनर्जी स्टंट और एक्शन से भरपूर सीन के जरिए अपनी सीमाओं को आगे बढ़ा रही हैं। अपने डर का सामना करने से लेकर मशहूर सुपरहीरोज़ से प्रेरणा लेने तक, अभिनेत्री बताती हैं कि इस अनुभव ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से कैसे बदल दिया है।

अपने अनुभव को साझा करते हुए मेघा रे ने कहा, “जब से मैं शो में ‘सुपर आंटी’ बनी हूँ, तब से मैं हर हफ्ते एक नया स्टंट कर रही हूँ और सच कहूँ तो यह एक बेहद रोमांचक सफर रहा है। बचपन में मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली सुपरहीरो फिल्मों में से एक ‘द डार्क नाइट ट्रिलॉजी’ थी, जिसे क्रिस्टोफर नोलन ने बनाया था। उनकी बैटमैन फिल्मों ने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला। किशोरावस्था में बैटमैन ही वह सुपरहीरो थे, जिन्होंने मुझे सबसे ज्यादा प्रेरित किया। और अब मुझे लगता है कि मैं अपने तरीके से उसी सपने को जी रही हूँ, यह एक अद्भुत एहसास है।”

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, एक्शन सीन मेरे लिए बहुत स्वाभाविक हैं। मुझे ये ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं लगते क्योंकि बचपन से मेरा डांस का बैकग्राउंड रहा है। इससे मुझे बॉडी पोश्चर, बॉडी लैंग्वेज, ताकत और तेज़ मूवमेंट्स में काफी मदद मिलती है, जो एक्शन सीन के लिए जरूरी होते हैं। इस शो में जो भी एक्शन आप देखते हैं, वह मैं खुद करती हूँ। मुझे लगता है कि मैंने जिन सुपरहीरोज़ को देखा है, उनसे थोड़ी-थोड़ी प्रेरणा अपने अंदर समेट ली है। चाहे वह मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के एवेंजर्स हों या फिर बैटमैन। मेरा मास्क भी मुझे उनकी याद दिलाता है। साथ ही, मुझे वांडा मैक्सिमॉफ से भी प्रेरणा मिलती है, खासकर उस जादुई तत्व के लिए, जिसका मैं इस्तेमाल करती हूँ। तो हाँ, ये सभी प्रेरणाएँ मेरे काम में झलकती हैं।”

फिटनेस और अनुशासन पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं अपनी फिटनेस का पूरा ध्यान रखती हूँ, क्योंकि इस तरह के काम के लिए शारीरिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है। मैं अपने रूटीन और डाइट में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश करती हूँ। इन स्टंट्स ने न सिर्फ मेरे किरदार को और दिलचस्प बनाया है, बल्कि मुझे एक अभिनेता के रूप में और अधिक आत्मविश्वासी भी बनाया है। हर दिन एक नई चुनौती जैसा लगता है और मुझे अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाकर खुद का एक मजबूत रूप खोजने में बहुत मज़ा आता है।”

देखिए 'दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी', हर सोमवार से रविवार, शाम 7:30 बजे, सिर्फ सन नियो पर।
*गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे ज्यादा*

*गिफ्ट निफ्टी के नाम मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे  ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स बनाने का रिकॉर्ड*
•  मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 12,28,621 करोड़ रुपए) का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे ज्यादा मासिक वॉल्यूम दर्ज
*नई दिल्ली, 2 अप्रैल, 2026:*  भारतीय इक्विटी मार्केट की ग्रोथ स्टोरी के नए बेंचमार्क, गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान, 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे ज्यादा मासिक वॉल्यूम दर्ज किया गया। यह उपलब्धि अक्टूबर 2025 के 106.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर और अप्रैल 2025 के 2.17 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स के पिछले रिकॉर्ड से भी आगे पहुँच गई है।
यह उपलब्धि गिफ्ट निफ्टी पर बढ़ते वैश्विक भरोसे और दिलचस्पी को उजागर करती है, जो भारत की ग्रोथ स्टोरी के एक मजबूत बेंचमार्क के रूप में उभर रहा है। गिफ्ट निफ्टी की यह सफलता वास्तव में सराहनीय है, जिसके लिए इसने सभी भागीदारों का आभार व्यक्त किया है। गिफ्ट निफ्टी मानता है कि भागीदारों के सहयोग से यह कॉन्ट्रैक्ट इतना सफल बन पाया है।
एनएसई आईएक्स पर ट्रेडिंग टर्नओवर 3 जुलाई, 2023 से गिफ्ट निफ्टी के फुल-स्केल ऑपरेशन शुरू होने के बाद से लगातार तेजी से बढ़ रहा है। पहले दिन से लेकर मार्च 2026 तक गिफ्ट निफ्टी में कुल 63.37 मिलियन से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स का वॉल्यूम दर्ज हुआ है और कुल टर्नओवर 2.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच चुका है।
हर दिन की हेल्दी स्नैकिंग का पूरक बनेगा न्यूट्रिका का पीनट बटर
नई दिल्ली, 26 मार्च, 2026: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग सेहत का ध्यान तो रखना चाहते हैं, लेकिन सही और आसान विकल्प की तलाश करना चुनौती बन जाता है। ऐसे में, रोजमर्रा के खानपान में छोटा-सा बदलाव भी बड़ा असर डाल सकता है।

इसी सोच के साथ, बीएन एग्रीटेक के लाइफस्टाइल और वेलनेस ब्रांड न्यूट्रिका ने अपनी नई पीनट बटर रेंज लॉन्च की है। यह सिर्फ एक नया प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक ऐसा विकल्प है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में हेल्दी खाने को थोड़ा आसान और थोड़ा स्वादिष्ट बना देता है।

न्यूट्रिका के डायरेक्टर और बिज़नेस हेड- एफएमसीजी, स्पर्श सचर ने कहा, "हम चाहते हैं कि लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे आसानी से हेल्दी विकल्प चुन सकें और सेहत को अपनी रोज की आदत बना लें।"

न्यूट्रिका पीनट बटर दो वैरिएंट्स- क्रंची और क्रीमी में आता है। यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है, 100 प्रतिशत शाकाहारी सामग्री से बना है और इसमें किसी तरह का आर्टिफिशियल प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाया गया है। यानि स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

यह रेंज दिल्ली, मुंबई, पुणे और चंडीगढ़ समेत 14 शहरों में जनरल ट्रेड स्टोर्स पर उपलब्ध है और 300 ग्राम, 750 ग्राम व 900 ग्राम के पैक में मिलती है। अच्छी बात यह है कि इसे बच्चे से लेकर बड़े तक, पूरा परिवार अपनी रोज की डाइट में आसानी से शामिल कर सकता है।

इससे पहले न्यूट्रिका बी हनी और विटामिन युक्त कुकिंग ऑइल्स के जरिए ब्रांड लोगों के बीच अपनी जगह बना चुका है। अब यह नया पीनट बटर उसी सफर को आगे बढ़ाते हुए, हेल्दी लाइफस्टाइल को और भी आसान बनाने की कोशिश है।
*लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स ने मनाया 18वाँ स्थापना दिवस, बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने में जमीनी साझेदारियों के प्रभाव को किया प्रदर्शित*

लखनऊ, 25 मार्च, 2026: एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य संबोधन दिया और राज्य में प्रत्येक बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “देशव्यापी पहलों जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स जैसे साझेदारों के माध्यम से निरंतर प्रयासों तक, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। वर्ष 2017 के बाद से राज्य में बुनियादी, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें बेहतर बुनियादी ढाँचा, संसाधनों में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए केंद्रित प्रयास शामिल हैं। कायाकल्प योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार जैसी सरकारी योजनाओं ने बालिकाओं को स्कूल में वापस लाने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अधिकांश बालिकाएँ कक्षाओं में हैं और ड्रॉपआउट दर लगातार घट रही है। मिशन शक्ति के माध्यम से हम बालिकाओं को गरिमा, अवसर और समानता के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एजुकेट गर्ल्स के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के हर प्रयास में दृढ़ता से साथ खड़े हैं।”

माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने राज्यभर में सामुदायिक भागीदारी और पुनःसमावेशन प्रयासों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “लगातार प्रयासों के माध्यम से हम लगभग 23 जिलों में बालिकाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सफल हुए हैं, साथ ही जोखिमग्रस्त छात्रों को विद्यालय में बनाए रखने में भी सहयोग किया है। विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत टीम बालिका स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और सामाजिक या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं। किशोर बालिकाओं को पुनः मुख्यधारा में लाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, लेकिन एजुकेट गर्ल्स ने मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और साझेदारियों के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जमीनी अनुभवों ने हमारी योजना और क्रियान्वयन को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि कोई भी बालिका पीछे न रह जाए। हम इस सहयोग और एजुकेट गर्ल्स, टीम बालिका तथा सभी साझेदारों की बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की निरंतर प्रतिबद्धता को अत्यंत महत्व देते हैं।”




एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने संस्था की जमीनी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी शक्ति बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला और 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय अग्रिम पंक्ति में कार्यरत स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों के सामूहिक साहस को दिया।

उन्होंने कहा, “एजुकेट गर्ल्स यह दर्शाता है कि मजबूत साझेदारियाँ किस प्रकार बड़े स्तर पर सार्थक परिवर्तन ला सकती हैं। ज्ञान का पिटारा जैसे हमारे रेमेडियल लर्निंग कार्यक्रमों के माध्यम से हम सबसे वंचित बालिकाओं तक पहुँचते हैं, उन्हें स्कूल में वापस लाने और सीखने की राह पर बनाए रखने में सहयोग करते हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों, फील्ड टीमों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता देता है और सेवा, ईमानदारी तथा जमीनी नेतृत्व की उस भावना को दर्शाता है, जो हमारे कार्य को आगे बढ़ाती है। घर-घर जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं की पहचान करना और गहरी जड़ें जमाए सामाजिक दृष्टिकोणों को बदलना, यह सम्मान अग्रिम पंक्ति में काम कर रहे लोगों के असाधारण साहस और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम अपने कार्य में निरंतर सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”

इस आयोजन में शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों की प्रेरणादायक कहानियाँ और प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं, जिन्होंने शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर किया। बिहार की प्रगति टीम से जुड़ी शिक्षार्थी हलीमा सादिया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। संचालन निदेशक विक्रम सिंह सोलंकी द्वारा संचालित टीम बालिका पैनल चर्चा में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के प्रभाव को दर्शाया गया, जो घर-घर जाकर समुदायों में परिवर्तन ला रहे हैं और बाल विवाह, घरेलू जिम्मेदारियों तथा सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने का कारण बनती हैं।

इन्हीं में से बदायूं की सोनम ने साझा किया कि पिछले दो वर्षों में एजुकेट गर्ल्स के साथ उनकी यात्रा ने उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाया है और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने में मदद की है। सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता ने बताया कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उन्हें अपार खुशी और उद्देश्य देता है। अंकित मौर्य ने अपने गाँव में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को साझा किया, जहाँ वे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवारों को, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करते हैं। निर्मला यादव की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। कम उम्र में विवाह और विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी, यहाँ तक कि उनकी किताबें नष्ट कर दी गईं, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीए तथा एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूर्ण की, जिससे वे कई लोगों के लिए प्रेरणा बनीं।
अस्पताल जाने से पहले इन बातों का खास ध्यान रखकर बनें 'मरीज के लिए सबसे बड़ी मदद' - डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

जब परिवार का कोई सदस्य बीमार होकर अस्पताल में भर्ती होता है, तो रिश्तेदार और जान-पहचान वाले उसे देखने जरूर जाते हैं। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है कि हम मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहें। लेकिन कई बार हमारी यही अच्छी भावना मरीज और उसके परिवार के लिए परेशानी भी बन जाती है। इसलिए अस्पताल जाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।

अस्पताल में मरीज पहले से ही शारीरिक और मानसिक तनाव में होता है, इसलिए सबसे जरूरी है कि हम संवेदनशीलता और समझदारी के साथ व्यवहार करें। हमारी मौजूदगी से उसे सुकून मिलना चाहिए, न कि उसका तनाव बढ़ना चाहिए। ऐसे समय में यदि हम आर्थिक रूप से थोड़ी मदद कर सकें, तो यह परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकती है। जैसे हम खुशी के अवसरों पर सहयोग करते हैं, वैसे ही मुश्किल समय में किया गया छोटा-सा सहयोग भी बहुत मायने रखता है, क्योंकि इलाज, दवाइयाँ और जांच का खर्च परिवार पर भारी बोझ डाल देता है।

आजकल एक आम समस्या यह भी है कि लोग बिना जानकारी के डॉक्टर बनने की कोशिश करने लगते हैं। इंटरनेट या सुनी-सुनाई बातों के आधार पर सलाह देना मरीज और उसके परिवार के तनाव को और बढ़ा देता है। इलाज डॉक्टर का काम है, इसलिए हमें केवल भावनात्मक सहारा देना चाहिए। मरीज के सामने हमेशा सकारात्मक बातें करनी चाहिए। “सब ठीक हो जाएगा”, “आप जल्दी ठीक हो जाएंगे” जैसे शब्द मरीज का मनोबल बढ़ाते हैं, जबकि नकारात्मक उदाहरण देना उसे मानसिक रूप से कमजोर कर सकता है। अस्पताल में साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हाथ साफ रखना, मास्क पहनना और अस्पताल के नियमों का पालन करना जरूरी है, क्योंकि वहां भर्ती मरीजों की इम्यूनिटी कमजोर होती है। अगर खुद को खांसी-जुकाम या बुखार जैसी समस्या हो, तो अस्पताल जाने से बचना ही बेहतर है।

मरीज को सबसे ज्यादा जरूरत आराम की होती है, इसलिए ज्यादा देर तक उसके पास बैठना या बातचीत करना सही नहीं है। थोड़ी देर मिलकर हौसला बढ़ाना और फिर वापस आ जाना ही सही तरीका है। अक्सर लोग ज्यादा देर बैठना अपनापन समझते हैं, जबकि इससे मरीज थक जाता है। इसी तरह एक साथ ज्यादा लोगों का जाना भी सही नहीं है। भीड़ होने से मरीज, अन्य मरीजों और अस्पताल स्टाफ को परेशानी होती है, इसलिए सीमित संख्या में ही लोगों को जाना चाहिए।

अस्पताल में शांति बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। तेज आवाज में बात करना, हँसना या मोबाइल पर जोर से बातचीत करना दूसरों के लिए असुविधाजनक होता है। मोबाइल को साइलेंट रखना और धीरे बोलना ही सही व्यवहार है। साथ ही, मरीज की निजता का सम्मान करना भी जरूरी है। हर व्यक्ति अपनी बीमारी के बारे में खुलकर बात नहीं करना चाहता, इसलिए अनावश्यक सवाल पूछना या रिपोर्ट देखने की जिद करना उचित नहीं है। डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ अपने काम में प्रशिक्षित होते हैं, इसलिए उनके काम में दखल देना या उनसे बहस करना गलत है। इससे इलाज में बाधा आ सकती है और कई बार स्थिति बिगड़ भी सकती है। यदि कोई शंका हो, तो उसे शांत तरीके से समझना चाहिए, न कि विवाद करना चाहिए।

खाने-पीने की चीजें ले जाते समय भी सावधानी जरूरी है। हर मरीज की डाइट अलग होती है, इसलिए बिना पूछे कुछ भी देना नुकसानदायक हो सकता है। परिवार या डॉक्टर से पूछकर ही कुछ ले जाना चाहिए। मरीज के साथ व्यवहार करते समय दया दिखाने के बजाय उसे भावनात्मक रूप से मजबूत बनाना अधिक जरूरी है। “बेचारा” जैसे शब्द उसकी हिम्मत कम करते हैं, जबकि भरोसा और सकारात्मकता उसे ताकत देती है। सिर्फ मिलने जाना ही काफी नहीं होता, बल्कि जरूरत पड़ने पर प्रैक्टिकल मदद करना भी उतना ही जरूरी है। दवा लाना, रिपोर्ट लेना, ब्लड की व्यवस्था करना या परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों में सहयोग करना वास्तव में बड़ी मदद साबित होती है।

अंत में यही समझना जरूरी है कि अस्पताल जाना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। हमारा व्यवहार, हमारी बात और हमारा सहयोग ही मरीज के लिए सबसे बड़ी दवा बन सकता है। जब भी अस्पताल जाएं, इस बात का ध्यान रखें कि आपका उद्देश्य मरीज को राहत देना होना चाहिए, न कि परेशानी। आपकी छोटी-सी समझदारी और संवेदनशीलता किसी के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
भारत के अग्रणी ऑटोमोटिव ब्रांडों में से एक

लखनऊ।टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने आज गुवाहाटी में बिल्कुल नए टाटा सिएरा की 50 से अधिक इकाइयों की डिलीवरी की। सिएरा ने राष्ट्रीय स्तर पर 100,000 से अधिक बुकिंग पार कर ली है, जो इस प्रतिष्ठित नेमप्लेट की मजबूत मांग और स्थायी अपील को दर्शाता है। यह अभूतपूर्व प्रतिक्रिया पूरे भारत में ग्राहकों के दिल और दिमाग में एक प्रीमियम मिड-एसयूवी के रूप में सिएरा की प्रतिष्ठित स्थिति और इसकी चुंबकीय अपील को रेखांकित करती है।
यह मील का पत्थर कार्यक्रम रुक्मिणी गांव, गुवाहाटी में आयोजित किया गया था, जहां कामाख्या मोटर्स, एक्सोम कार्स और बिमल कार्स ग्राहकों के साथ आए और इसे प्रतिष्ठित एसयूवी की बड़े पैमाने पर ग्राहक डिलीवरी कार्यक्रम बना दिया।
न्यूट्रिका बाय बीएन एग्रीटेक ने शहद सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया फंक्शन-फर्स्ट 'न्यूट्रिका बी हनी'

Chandigarh , मार्च, 2026: बीएन एग्रीटेक के लाइफस्टाइल और वेलनेस ब्रांड और भारत के तेजी से बढ़ती वेलनेस-फर्स्ट एफएमसीजी ब्रांड, न्यूट्रिका ने शहद सेगमेंट में कदम रखते हुए 'न्यूट्रिका बी हनी' लॉन्च किया है। यह खास तरह के वैरिएंट्स की रेंज है, जो एनर्जी, फिटनेस और इम्युनिटी पर ध्यान देती है और अब दिल्ली एनसीआर व मुंबई के जनरल ट्रेड स्टोर्स में उपलब्ध है।
आज के समय में हेल्थ कॉन्शियस लाइफस्टाइल तेजी से लोगों की प्राथमिकता बनती जा रही है। ऐसे समय में न्यूट्रिका का शहद सेगमेंट में आना काफी अहम् माना जा रहा है। फंक्शन-फर्स्ट कुकिंग ऑइल्स के लिए पहचान रखने वाला यह ब्रांड अब अपने वेलनेस वादे को शहद जैसे सुपरफूड के जरिए आगे बढ़ा रहा है, जो सदियों से भारतीय खानपान का हिस्सा रहा है। न्यूट्रिका बी हनी इस पारंपरिक पसंद को नए अंदाज में पेश करता है, जिसमें तीन खास वैरिएंट्स शामिल हैं, जो आज के हेल्थ-फोकस्ड और एक्टिव परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
न्यूट्रिका बी हनी के तीन अलग-अलग वैरिएंट्स इस प्रकार हैं। प्रो-एनर्जी मल्टीफ्लोरा हनी, जो अलग-अलग फूलों के रस से तैयार होता है और एंटीऑक्सीडेंट्स व पोषक तत्वों से भरपूर होता है, पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है। प्रो-फिटनेस लेमन इन्फ्यूज्ड हनी, शहद की मिठास के साथ नींबू का स्वाद जोड़ता है, जो पाचन, मेटाबॉलिज्म और वजन नियंत्रण में सहायक होता है। वहीं, प्रो-इम्युनिटी तुलसी इन्फ्यूज्ड हनी, तुलसी के औषधीय गुणों के साथ इम्युनिटी मजबूत करने और सर्दी-खाँसी में राहत देने में मदद करता है।
सभी वैरिएंट्स में न तो आर्टिफिशियल प्रिज़र्वेटिव्स हैं और न ही अतिरिक्त चीनी मिलाई गई है। इन्हें ऐसे क्षेत्रों से लिया गया है, जहाँ प्राकृतिक रूप से भरपूर वनस्पति पाई जाती है और हर स्तर पर इनकी शुद्धता और गुणवत्ता की सख्त जाँच की गई है। 'बिल्डिंग नेशन' के विचार के साथ न्यूट्रिका यह सुनिश्चित करता है कि हर जार स्वच्छ, भरोसेमंद और काम आने वाला पोषण दे, साथ ही ब्रांड के उद्देश्यपूर्ण हेल्थ सॉल्यूशंस के वादे को आगे बढ़ाए।
न्यूट्रिका के डायरेक्टर और बिजनेस हेड (एफएमसीजी) स्पर्श सचर ने कहा, "न्यूट्रिका बी हनी सिर्फ एक नया प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान और सोच का हिस्सा है। हमने न्यूट्रिका को इस तरह तैयार किया है कि यह आज की एक्टिव लाइफस्टाइल को सपोर्ट करे, जहाँ परंपरा और नई सोच दोनों का संतुलन हो। हमारी हनी रेंज के साथ हम एक स्वच्छ और प्राकृतिक विकल्प दे रहे हैं, जो बदलती वेलनेस जरूरतों के साथ मेल खाता है। यही सोच बीएन एग्रीटेक की उस बड़ी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसमें रोजमर्रा के ऐसे प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं, जो लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करें।"
यह लॉन्च न्यूट्रिका के फंक्शन-फर्स्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करता है, जिसमें पहले से ही विटामिन-सी युक्त कुकिंग ऑइल्स शामिल हैं, और यह कंपनी के रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहतर वेलनेस सॉल्यूशंस देने के संकल्प को भी दर्शाता है। अनुभव अग्रवाल द्वारा स्थापित बीएन एग्रीटेक लंबे समय से ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट बनाने पर जोर देता रहा है, जो बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं। प्रीमियम लेकिन किफायती कीमत के साथ न्यूट्रिका का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा भारतीय घरों को अच्छी गुणवत्ता वाला शहद उपलब्ध कराना है। यह लॉन्च ब्रांड के उस विज़न की दिशा में भी एक अहम् कदम है, जिसमें वह नेचुरल और फंक्शनल फूड सेगमेंट में अपनी उपस्थिति को और बढ़ाने तथा लोगों को हर दिन बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने “ईज़ी टू लव” नई कुशाक के लॉन्च के साथ वैल्यू, परफॉर्मेंस और सेफ्टी को नए सिरे से परिभाषित किया
ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में लीडर, अपने कस्टमर्स के लिए रेंज को सच में सुविधाजनक बनाकर इंडियन मार्केट में नए बेंचमार्क सेट करता है

वैल्यू और प्राइड ऑफ ओनरशिप: बिल्कुल नए फ्रंट और रियर डिज़ाइन, पूरी रेंज में असली, टर्बो-चार्ज्ड ऑटोमैटिक्स, स्टैंडर्ड के तौर पर एलईडी हेडलैंप और टेललैंप, सीक्वेंशियल रियर टर्न इंडिकेटर्स, एलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, क्लाइमेट्रॉनिक ऑटो एसी, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और स्कोडा सुपर केयर जैसे कई फीचर्स के साथ।
बिना किसी समझौते के सेफ्टी: ग्लोबल एनसीएपी 5-स्टार रेटेड सेफ्टी जिसमें 40+ सेफ्टी फीचर्स हैं, अब रेन-सेंसिंग वाइपर, रियर वाइपर और डिफॉगर, स्टैंडर्ड के तौर पर ऑटो आईआरवीएम के साथ और बेहतर हो गए हैं।
नई कुशाक क्लासिक+ एक लोडेड एंट्री-लेवल वैरिएंट के तौर पर रोमांच को और बढ़ाती है।
क्लास-लीडिंग ड्राइविंग डायनामिक्स को बेस वैरिएंट से उपलब्ध सेगमेंट-फर्स्ट आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ कुछ पायदान ऊपर ले जाया गया है।
सेगमेंट में पहली बार रियर सीट मसाजर के साथ शानदार आराम
नई कुशाक 1.0 टीएसआई रेंज की शुरुआती कीमत 10,69,000 रुपए है
टॉपिंग 1.5 टीएसआई प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो रेंज अब ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, पैनोरमिक सनरूफ, 26.03 सीएम वर्चुअल कॉकपिट, और भी बहुत कुछ के साथ और भी आकर्षक हो गई है
परफॉर्मेंस के शौकीनों को ध्यान में रखकर, नई कुशाक 1.5 टीएसआई, जिसमें मशहूर सेवेन-स्पीड डीएसजी है, 18,79,000 रुपए से उपलब्ध है
'यू नेवर ड्राइव अलोन' का वादा 183+ शहरों में 325 टचपॉइंट पर पूरा किया गया

जबलपुर, मार्च, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने रिफ्रेश्ड और अपग्रेडेड नई कुशाक की कीमतों और कस्टमर डिलीवरी शुरू होने की घोषणा कर दी है। इस साल जनवरी में लॉन्च हुई नई कुशाक, वैल्यू, सेफ्टी, ड्राइविंग डायनामिक्स के मामले में सबसे आगे है और पूरी रेंज में यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए लाने की ब्रांड की स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाती है। सेगमेंट-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नया एट-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, रियर सीट मसाजर, और कई नए फीचर्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड इक्विपमेंट के साथ, नई कुशाक 1.0 टीएसआई और नई कुशाक 1.5 टीएसआई दोनों ही स्कोडा ऑटो इंडिया की यूरोपियन इंजीनियरिंग और 5-स्टार सेफ्टी को भारतीय सड़कों पर ज़्यादा आसानी से चलने वाली बनाने की स्ट्रैटेजी को फॉलो करती हैं। नई कुशाक पाँच ट्रिम्स में उपलब्ध है: क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो, जो मैनुअल और रियल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन देती है। कस्टमर्स के पास आठ रंगों- कैंडी व्हाइट, कार्बन स्टील, ब्रिलियंट सिल्वर, लावा ब्लू, और डीप ब्लैक में से चुनने का ऑप्शन है, जिसमें तीन बिल्कुल नए रंग शामिल हैं: शिमला ग्रीन, स्टील ग्रे, और चेरी रेड।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “स्कोडा में हमारा मिशन यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए उपलब्ध कराना और इसे ज़्यादा कस्टमर्स के लिए आसान बनाना है। नई कुशाक के साथ, हम सच में पूरी रेंज में वैल्यू को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। नई कुशाक सभी वैरिएंट्स में कॉम्पिटिटिव वैल्यू प्राइसिंग, बेहतर स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के ज़रिए सबसे आगे है। सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स जैसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, रियर सीट मसाजर और ज़रूरी फीचर्स का स्टैंडर्डाइजेशन, एंट्री वैरिएंट से ही शानदार वैल्यू देते हैं। क्लास-लीडिंग सेफ्टी, बेजोड़ ड्राइविंग डायनामिक्स और ओनरशिप का गर्व नई कुशाक के साथ स्टैंडर्ड आता है, जैसा कि हर स्कोडा के साथ होता है।”
नई कुशाक 1.0 टीएसआई
नई कुशाक अपने आजमाए हुए और खास तौर पर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लाइन-अप के साथ जारी है। कुशाक 1.0 टीएसआई में छह-स्पीड मैनुअल और सेगमेंट में पहली बार आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर के साथ सबसे अच्छी कीमत, एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी मिलती है, जो इस नई स्कोडा के ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल देता है। यह एसयूवी अपने टर्बोचार्ज्ड इंजन से 85 किलोवाट की पॉवर और 178 एनएम का टॉर्क पैदा करती है। 1.0 टीएसआई मैनुअल 19.66 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देता है, जबकि 8-स्पीड ऑटोमैटिक 19.09 किमी/लीटर – एआरएआई देता है।
नई कुशाक 1.5 टीएसआई
जो कस्टमर्स ज़्यादा परफॉर्मेंस चाहते हैं, उनके लिए 1.5 टीएसआई, 110 किलोवाट और 250 एनएम का टॉर्क देता है और यह खास तौर पर सेवेन-स्पीड डीएसजी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है। नई कुशाक के साथ, 1.5 टीएसआई चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ आती है, जबकि मोंटे कार्लो में चमकदार दिखने वाले लाल ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं। 1.5 टीएसआई डीएसजी 18.72 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देती है। इसकी एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ, जो क्रूज़िंग मोड पर दो सिलेंडर बंद कर देती है, 1.5 टीएसआई एक टेक्नोलॉजिकल टूर डे फोर्स है। यह पक्का करता है कि नई कुशाक 1.5 टीएसआई एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शौकीनों को संतुष्ट करने वाली परफॉर्मेंस, पॉवर और टॉर्क देने की अपनी लिगेसी को जारी रखे।
स्टैंडर्ड के तौर पर आसान ओनरशिप: स्कोडा सुपर केयर
नई कुशाक, स्कोडा ऑटो इंडिया के आसान ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के तरीके को जारी रखती है। अब यह स्कोडा सुपर केयर 4-साल या 100,000-किलोमीटर वॉरंटी, साथ ही 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस के साथ आती है, जो लंबे समय तक मन की शांति देती है। इसके अलावा, कस्टमर्स को दो साल या 30,000 किलोमीटर तक के लिए चार लेबर-फ्री सर्विस का फायदा मिलता है। वॉरंटी को पेड बेसिस पर आठवें साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ छह साल की ज़ंग न लगने की वॉरंटी और तीन साल की पेंट वॉरंटी भी मिलती है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने “ईज़ी टू लव” नई कुशाक के लॉन्च के साथ वैल्यू, परफॉर्मेंस और सेफ्टी को नए सिरे से परिभाषित किया
ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में लीडर, अपने कस्टमर्स के लिए रेंज को सच में सुविधाजनक बनाकर इंडियन मार्केट में नए बेंचमार्क सेट करता है

वैल्यू और प्राइड ऑफ ओनरशिप: बिल्कुल नए फ्रंट और रियर डिज़ाइन, पूरी रेंज में असली, टर्बो-चार्ज्ड ऑटोमैटिक्स, स्टैंडर्ड के तौर पर एलईडी हेडलैंप और टेललैंप, सीक्वेंशियल रियर टर्न इंडिकेटर्स, एलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, क्लाइमेट्रॉनिक ऑटो एसी, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और स्कोडा सुपर केयर जैसे कई फीचर्स के साथ।
बिना किसी समझौते के सेफ्टी: ग्लोबल एनसीएपी 5-स्टार रेटेड सेफ्टी जिसमें 40+ सेफ्टी फीचर्स हैं, अब रेन-सेंसिंग वाइपर, रियर वाइपर और डिफॉगर, स्टैंडर्ड के तौर पर ऑटो आईआरवीएम के साथ और बेहतर हो गए हैं।
नई कुशाक क्लासिक+ एक लोडेड एंट्री-लेवल वैरिएंट के तौर पर रोमांच को और बढ़ाती है।
क्लास-लीडिंग ड्राइविंग डायनामिक्स को बेस वैरिएंट से उपलब्ध सेगमेंट-फर्स्ट आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ कुछ पायदान ऊपर ले जाया गया है।
सेगमेंट में पहली बार रियर सीट मसाजर के साथ शानदार आराम
नई कुशाक 1.0 टीएसआई रेंज की शुरुआती कीमत 10,69,000 रुपए है
टॉपिंग 1.5 टीएसआई प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो रेंज अब ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, पैनोरमिक सनरूफ, 26.03 सीएम वर्चुअल कॉकपिट, और भी बहुत कुछ के साथ और भी आकर्षक हो गई है
परफॉर्मेंस के शौकीनों को ध्यान में रखकर, नई कुशाक 1.5 टीएसआई, जिसमें मशहूर सेवेन-स्पीड डीएसजी है, 18,79,000 रुपए से उपलब्ध है
'यू नेवर ड्राइव अलोन' का वादा 183+ शहरों में 325 टचपॉइंट पर पूरा किया गया

जबलपुर, मार्च, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने रिफ्रेश्ड और अपग्रेडेड नई कुशाक की कीमतों और कस्टमर डिलीवरी शुरू होने की घोषणा कर दी है। इस साल जनवरी में लॉन्च हुई नई कुशाक, वैल्यू, सेफ्टी, ड्राइविंग डायनामिक्स के मामले में सबसे आगे है और पूरी रेंज में यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए लाने की ब्रांड की स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाती है। सेगमेंट-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नया एट-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, रियर सीट मसाजर, और कई नए फीचर्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड इक्विपमेंट के साथ, नई कुशाक 1.0 टीएसआई और नई कुशाक 1.5 टीएसआई दोनों ही स्कोडा ऑटो इंडिया की यूरोपियन इंजीनियरिंग और 5-स्टार सेफ्टी को भारतीय सड़कों पर ज़्यादा आसानी से चलने वाली बनाने की स्ट्रैटेजी को फॉलो करती हैं। नई कुशाक पाँच ट्रिम्स में उपलब्ध है: क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो, जो मैनुअल और रियल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन देती है। कस्टमर्स के पास आठ रंगों- कैंडी व्हाइट, कार्बन स्टील, ब्रिलियंट सिल्वर, लावा ब्लू, और डीप ब्लैक में से चुनने का ऑप्शन है, जिसमें तीन बिल्कुल नए रंग शामिल हैं: शिमला ग्रीन, स्टील ग्रे, और चेरी रेड।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “स्कोडा में हमारा मिशन यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए उपलब्ध कराना और इसे ज़्यादा कस्टमर्स के लिए आसान बनाना है। नई कुशाक के साथ, हम सच में पूरी रेंज में वैल्यू को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। नई कुशाक सभी वैरिएंट्स में कॉम्पिटिटिव वैल्यू प्राइसिंग, बेहतर स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के ज़रिए सबसे आगे है। सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स जैसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, रियर सीट मसाजर और ज़रूरी फीचर्स का स्टैंडर्डाइजेशन, एंट्री वैरिएंट से ही शानदार वैल्यू देते हैं। क्लास-लीडिंग सेफ्टी, बेजोड़ ड्राइविंग डायनामिक्स और ओनरशिप का गर्व नई कुशाक के साथ स्टैंडर्ड आता है, जैसा कि हर स्कोडा के साथ होता है।”
नई कुशाक 1.0 टीएसआई
नई कुशाक अपने आजमाए हुए और खास तौर पर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लाइन-अप के साथ जारी है। कुशाक 1.0 टीएसआई में छह-स्पीड मैनुअल और सेगमेंट में पहली बार आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर के साथ सबसे अच्छी कीमत, एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी मिलती है, जो इस नई स्कोडा के ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल देता है। यह एसयूवी अपने टर्बोचार्ज्ड इंजन से 85 किलोवाट की पॉवर और 178 एनएम का टॉर्क पैदा करती है। 1.0 टीएसआई मैनुअल 19.66 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देता है, जबकि 8-स्पीड ऑटोमैटिक 19.09 किमी/लीटर – एआरएआई देता है।
नई कुशाक 1.5 टीएसआई
जो कस्टमर्स ज़्यादा परफॉर्मेंस चाहते हैं, उनके लिए 1.5 टीएसआई, 110 किलोवाट और 250 एनएम का टॉर्क देता है और यह खास तौर पर सेवेन-स्पीड डीएसजी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है। नई कुशाक के साथ, 1.5 टीएसआई चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ आती है, जबकि मोंटे कार्लो में चमकदार दिखने वाले लाल ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं। 1.5 टीएसआई डीएसजी 18.72 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देती है। इसकी एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ, जो क्रूज़िंग मोड पर दो सिलेंडर बंद कर देती है, 1.5 टीएसआई एक टेक्नोलॉजिकल टूर डे फोर्स है। यह पक्का करता है कि नई कुशाक 1.5 टीएसआई एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शौकीनों को संतुष्ट करने वाली परफॉर्मेंस, पॉवर और टॉर्क देने की अपनी लिगेसी को जारी रखे।
स्टैंडर्ड के तौर पर आसान ओनरशिप: स्कोडा सुपर केयर
नई कुशाक, स्कोडा ऑटो इंडिया के आसान ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के तरीके को जारी रखती है। अब यह स्कोडा सुपर केयर 4-साल या 100,000-किलोमीटर वॉरंटी, साथ ही 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस के साथ आती है, जो लंबे समय तक मन की शांति देती है। इसके अलावा, कस्टमर्स को दो साल या 30,000 किलोमीटर तक के लिए चार लेबर-फ्री सर्विस का फायदा मिलता है। वॉरंटी को पेड बेसिस पर आठवें साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ छह साल की ज़ंग न लगने की वॉरंटी और तीन साल की पेंट वॉरंटी भी मिलती है।
*प्योर ईवी ने गुना में बढ़ाया कदम, ईवी क्राँति को दी नई गति*

* शोरूम में हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक वाहनों और प्योरपॉवर उत्पादों की पूरी रेंज, सतत मोबिलिटी के प्रति वचनबद्धता को मजबूती

*गुना, मार्च 2026:* भारत के अग्रणी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं में से एक, प्योर ने गुना में अपने नवीनतम शोरूम: 'अभिषेक कॉर्पोरेशन' के भव्य उद्घाटन की घोषणा की है। यह रणनीतिक विस्तार उत्तर भारत और मध्य प्रदेश में प्योर की उपस्थिति को मजबूत करने के मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गल्ला मंडी, नानाखेड़ी, गुना- 473001 में स्थित इस शोरूम का नेतृत्व श्री अभिषेक प्रमोदकुमार जैन कर रहे हैं। यह आउटलेट प्योर ईवी के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की विस्तृत श्रृंखला को प्रदर्शित करेगा, जिसमें हाई-परफॉर्मेंस ईप्लूटो 7जी मैक्स और रग्ड ईट्रिस्ट एक्स शामिल हैं, जो गुना के लोगों को इलेक्ट्रिक राइडिंग का एक बेजोड़ अनुभव प्रदान करेंगे।
अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटरों और मोटरसाइकिलों के साथ-साथ, इस शोरूम में प्योरपॉवर को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जो प्योर की ऊर्जा भंडारण उत्पादों की एक अभिनव श्रृंखला है। इसे स्थानीय घरों और व्यवसायों को स्वच्छ ऊर्जा के साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह लॉन्च प्योर ईवी की आक्रामक विस्तार रणनीति का एक प्रमाण है, जिसका लक्ष्य पूरे भारत में अपनी उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास और निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्योर ईवी श्री अभिषेक प्रमोदकुमार जैन जैसे भागीदारों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को स्थायी विकल्प चुनने के लिए सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह विस्तार अगले 30 महीनों में 250 नए डीलरशिप खोलने के प्योर के व्यापक रोडमैप का हिस्सा है, जिससे इसके राष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार 320 से अधिक आउटलेट्स तक हो जाएगा। इस शोरूम के लॉन्च के साथ, प्योर स्वच्छ गतिशीलता और ऊर्जा स्वतंत्रता की ओर भारत के परिवर्तन का समर्थन करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखे हुए है।