बिजली कर्मियों में उबाल: संविदा कर्मियों की छंटनी और अभियंताओं के निलंबन पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली और अभियंताओं के निलंबन की कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो अप्रैल माह में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघर्ष समिति के अनुसार, प्रबंधन द्वारा निजीकरण की दिशा में मनमाने तरीके से राजधानी लखनऊ समेत एक दर्जन से अधिक शहरों में तथाकथित “वर्टिकल व्यवस्था” लागू की गई है। अब उसी व्यवस्था की समीक्षा के लिए प्रबंधन ने अपने ही अधिकारियों—निदेशकों और प्रबंध निदेशकों—को जिम्मेदारी सौंप दी है, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समिति का कहना है कि वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है और आने वाली गर्मियों में उपभोक्ताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। “सिंगल विंडो सिस्टम” को समाप्त कर कार्यों को चार भागों में बांट दिया गया है, जिससे समन्वय और जवाबदेही कमजोर हो गई है।
संघर्ष समिति ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था ने उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ा दी हैं। कई मामलों में भुगतान के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है, और उपभोक्ताओं को अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
समिति ने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि अपनी विफलताओं का ठीकरा कर्मचारियों और अभियंताओं पर फोड़ा जा रहा है। वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी, नियमित पदों में कटौती और टीजी-2 कर्मचारियों को हटाया गया है। साथ ही, अभियंताओं के निलंबन की तैयारी से कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
अलीगढ़ में एक मुख्य अभियंता के निलंबन का उदाहरण देते हुए समिति ने इसे मनोबल तोड़ने वाली कार्रवाई बताया। साथ ही कहा कि कम वेतन पर काम करने वाले संविदा कर्मियों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि प्रबंधन जानबूझकर गर्मियों से पहले ऊर्जा निगमों में अस्थिरता पैदा कर रहा है, ताकि भविष्य में निजीकरण को उचित ठहराया जा सके। जिन शहरों में यह व्यवस्था लागू की गई है, वहां आगे अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी लागू करने की तैयारी भी चल रही है।
इसी क्रम में कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (KESCO) में बिजली कर्मियों ने उत्पीड़न के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रबंधन को चेतावनी दी। वहीं, पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन 486वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सारस की उड़ान से सजी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नई पहचान


नोएडा/ लखनऊ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी ब्रांड पहचान को वैश्विक स्तर पर अलग और प्रभावशाली बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपने प्रतीक चिन्ह (लोगो) के रूप में अपनाया है। यह पहल योगी आदित्यनाथ के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व दिया जा रहा है।
सारस, जो प्रदेश की समृद्ध परंपरा और प्राकृतिक संतुलन का प्रतीक है, अब एयरपोर्ट की वैश्विक पहचान का हिस्सा बन गया है। इस लोगो के माध्यम से राज्य अपनी सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा रहा है।

* तकनीक और पर्यावरण का संतुलित डिजाइन
एयरपोर्ट का लोगो पतली और एकीकृत रेखाओं से डिजाइन किया गया है, जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, गति और बेहतर कनेक्टिविटी का संकेत देता है। इसमें इस्तेमाल किया गया नीला-हरा ग्रेडिएंट तकनीकी प्रगति और इको-फ्रेंडली सोच के संतुलन को दर्शाता है, जो राज्य की ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट नीति के अनुरूप है।

* प्रगति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनी उड़ान
लोगो में उड़ता हुआ सारस उत्तर प्रदेश के विकास, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है। यह राज्य को एक उभरते वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब के रूप में स्थापित करने के विजन को भी मजबूती देता है।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह नया प्रतीक न केवल इसकी ब्रांडिंग को सशक्त बना रहा है, बल्कि इसे एक ऐसे केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां आधुनिकता, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
“संगठन की एकजुटता ही हमारी असली ताकत” — जसवंत सिंह का कर्मचारियों से आह्वान
लखनऊ। परिवहन निगम के कर्मचारियों से एकजुट होने की अपील करते हुए संघ के प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह ने कहा कि यदि कर्मचारी स्वयं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तो दूसरों को दोष देने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मांगों को पूरा न होने पर संगठन को जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो क्या कर्मचारियों ने कभी अपने सहयोग और भागीदारी का आंकलन किया है।
उन्होंने कहा कि करीब 55 हजार कर्मचारियों के हितों की लड़ाई में यदि केवल एक-दो हजार लोग ही शामिल होते हैं, तो यह संख्या महज 5 से 10 प्रतिशत भागीदारी को दर्शाती है। ऐसी स्थिति में निगम मुख्यालय यह मान लेता है कि ये मांगें सभी कर्मचारियों की नहीं हैं, जिससे आंदोलन की प्रभावशीलता कमजोर पड़ जाती है।
जसवंत सिंह ने आगे कहा कि जब कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष करने के बजाय अलग-अलग समूहों में बंटे रहते हैं, तो उनकी मांगें कमजोर हो जाती हैं और अधिकार “भीख” की तरह प्रतीत होने लगते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अधिकार संघर्ष से मिलते हैं, न कि मांगने से।
उन्होंने कर्मचारियों से आत्ममंथन करने, एकजुट रहने और ईमानदार नेतृत्व का चयन करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेतृत्व निष्पक्ष और कर्मठ नहीं होगा, तो कर्मचारियों को शोषण और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता रहेगा। अंत में उन्होंने कहा कि संगठित संघर्ष और मजबूत एकता के बल पर ही कर्मचारियों के हितों की रक्षा संभव है।
हरदोई में भड़काऊ बयान पर बवाल: श्रीराम पर टिप्पणी करने वाला सपा नेता गिरफ्तार, पार्टी से भी निष्कासित

लखनऊ । हरदोई जिले में भगवान श्रीराम और माता कौशल्या पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव यदुनंदन लाल वर्मा का एक वीडियो वायरल होने के बाद जिले भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नेता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो हरपालपुर क्षेत्र की एक सार्वजनिक सभा का है, जिसमें यदुनंदन लाल वर्मा भगवान श्रीराम, माता कौशल्या और हिंदू धार्मिक ग्रंथों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसके सामने आते ही हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया।
स्थिति को बिगड़ता देख हरपालपुर कोतवाली पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए उप निरीक्षक विजय शुक्ल की ओर से प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार पंकज के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस मामले में सपा के अंदर भी विरोध देखने को मिला। जिलाध्यक्ष शराफत अली ने यदुनंदन लाल वर्मा के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे शर्मनाक बताया और जानकारी दी कि उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश संगठन को भी आगे की कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद जिले भर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में रहा और त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया।
गौरतलब है कि यदुनंदन लाल वर्मा पहले भी कई राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं और 2008 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वायरल वीडियो की सत्यता की भी पड़ताल की जा रही है।
आगरा में दरिंदगी की हद पार: 8 साल की मासूम की हत्या, आटे के ड्रम में छिपाया शव… मुठभेड़ में ढेर हुआ दरिंदा
लखनऊ । आगरा के ताजगंज इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। 8 साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर उसके शव को आटे के ड्रम में छिपाने वाले मुख्य आरोपी सुनील को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। इस दौरान हुई गोलीबारी में एक दरोगा भी घायल हो गए।
घटना 24 मार्च की है, जब जूता कारखाना संचालक की बेटी अचानक लापता हो गई। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद ताजगंज थाने में मामला दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने कई टीमें बनाकर खोजबीन शुरू की, लेकिन अगले ही दिन जो सामने आया, उसने हर किसी को सन्न कर दिया।
25 मार्च को बच्ची का शव उसी मकान में किराए पर रहने वाले सुनील के कमरे से बरामद हुआ। आरोपी ने हत्या के बाद कमरे में फैले खून को पानी से धोने की कोशिश की और शव को आटे के ड्रम में ठूंसकर छिपा दिया था। इस खौफनाक सच्चाई के सामने आते ही इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल फैल गया।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 12 टीमें गठित कीं और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। लगातार दबिश और तलाश के बीच 27 मार्च की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी बमरौली कटारा इलाके में छिपा हुआ है।
पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख आरोपी सुनील ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी में एक दरोगा घायल हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान सुनील को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से पुलिस ने बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक, 315 बोर का तमंचा, छह खोखे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
इस सनसनीखेज हत्याकांड और मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई में शामिल टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस जघन्य अपराध के आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया गया।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज को भी झकझोर कर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर मासूमों की सुरक्षा कब और कैसे सुनिश्चित होगी।
पीलीभीत में दरिंदगी का LIVE वीडियो: खंभे से बांधकर युवक को पीटा, फिर बाइक पर ले जाकर किया लापता

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव पौटा कला निवासी 22 वर्षीय युवक आरिफ को कुछ लोगों ने सरेआम खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा और फिर अधमरी हालत में उसे अपने साथ ले गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
परिजनों के मुताबिक, 24 मार्च की शाम आरिफ दौड़ लगाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि करीब 10 से 12 लोगों ने मिलकर पहले उसे एक खंभे से रस्सी के सहारे बांध दिया और फिर लात-घूसों व डंडों से उसकी बुरी तरह पिटाई की। वीडियो में युवक को बेरहमी से पीटते हुए देखा जा सकता है, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
परिवार का आरोप है कि पिटाई के बाद आरोपी उसे अधमरी हालत में जबरन बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद से आरिफ का कोई पता नहीं चल सका है। युवक के अचानक लापता हो जाने से परिवार में दहशत और मातम का माहौल है।
पीड़ित के पिता शफीक शाह, जो ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं, ने बरखेड़ा थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस को पिटाई का वीडियो भी सौंपा है और बेटे की जल्द से जल्द बरामदगी की गुहार लगाई है।
घटना का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन वायरल वीडियो ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक की तलाश तेज कर दी है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक ऐसी बर्बर घटनाएं होती रहेंगी।
आस्था और पर्यावरण का संगम: बागपत का पुरा महादेव बना जीरो वेस्ट तीर्थ पर्यटन का मॉडल

* बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024 से सम्मानित पुरा महादेव में ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल से सतत विकास की नई मिसाल

लखनऊ/बागपत। उत्तर प्रदेश के पुरा महादेव ने ‘बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024’ का गौरव हासिल करने के बाद अब सतत और जिम्मेदार तीर्थ पर्यटन का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल के तहत परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर जीरो वेस्ट व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू की गई।
इस पहल के तहत मंदिर में चढ़ने वाली भेंट और उत्सव के दौरान उत्पन्न कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन किया गया, वह भी धार्मिक परंपराओं की पवित्रता को बनाए रखते हुए। फूलों, दूध, जैविक अवशेष, प्लास्टिक बोतलों, पूजा धागों और यहां तक कि छोड़ी गई चप्पलों को भी एकत्र कर प्रोसेस कर पुनः उपयोग में लाया गया।

* कचरा नहीं, संसाधन: सफलता की मिसाल
इस अनूठी पहल के परिणाम प्रभावशाली रहे। 450 किलोग्राम से अधिक फूलों को प्रोसेस किया गया, लगभग एक टन जैविक सामग्री से खाद तैयार हुई और करीब 700 किलोग्राम प्लास्टिक को फाइबर फिल में बदला गया। 3,000 से अधिक पूजा धागों का पुनः उपयोग हुआ, 2,500 चप्पलों को मैट व इंस्टॉलेशन में बदला गया, जबकि 4,563 लीटर दूध पशु देखभाल के लिए उपयोग में लाया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार यह मॉडल दो प्रमुख स्तंभों—भेंट सामग्री की रिकवरी एवं पुनर्वितरण तथा समुदाय आधारित सर्कुलर पुनः उपयोग—पर आधारित है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिला है।
इस पहल में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही, विशेषकर महिलाओं ने छंटाई और प्रोसेसिंग कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे यह सिद्ध हुआ कि धार्मिक स्थल न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के भी प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
मंदिर परिसर में स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के अनुभव में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने स्वच्छ वातावरण और भेंट सामग्री के सम्मानजनक पुनः उपयोग की सराहना की। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल प्रदेश की टेंपल इकोनॉमी को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता और सुव्यवस्थित प्रणाली के माध्यम से धार्मिक स्थलों को जिम्मेदार पर्यटन के प्रभावी मॉडल में बदला जा सकता है। बागपत प्रशासन अब इस मॉडल को अन्य मंदिरों में लागू करने की योजना बना रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सततता और स्वच्छता को और बढ़ावा मिल सके।
महिला क्रिकेट प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मनोबल

* खेलों से सशक्त हो रही बेटियाँ, राज्य स्तरीय टूर्नामेंट का भव्य समापन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गोमतीनगर स्थित सेज क्रिकेट एकेडमी में आयोजित स्वर्गीय राधिका सिंह मेमोरियल राज्य स्तरीय महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उप मुख्यमंत्री ने टूर्नामेंट का अवलोकन कर खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि आज बेटियाँ खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाया और उनमें आत्मविश्वास का संचार किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय राधिका सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा देते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, विशेषकर महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने टूर्नामेंट के आयोजक हर्ष वर्धन सिंह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलती है और नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्राप्त होता है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती आशा मौर्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन को तैयार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; 12 शहरों के लिए उड़ानें शुरू

* 7 हजार पुलिसकर्मी तैनात, 300 CCTV कैमरों से निगरानी; एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रतिबंध लागू

नोएडा/लखनऊ। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। समारोह में करीब 7000 पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी, जबकि पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी 300 CCTV कैमरों से की जाएगी।
उद्घाटन समारोह के मद्देनजर प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया है। 28 तारीख की सुबह 7 बजे से 11 बजे तक विशेष प्रतिबंध लागू रहेगा। इस दौरान नोएडा एक्सप्रेस-वे पर मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी। यही प्रतिबंध यमुना एक्सप्रेस-वे पर भी प्रभावी रहेगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुबह 11:30 से 12:00 बजे के बीच पहुंचने का कार्यक्रम है। उनके आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
एयरपोर्ट के संचालन के पहले चरण में 12 शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी। इनमें मुंबई, बेंगलूरु, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर और लखनऊ सहित अन्य प्रमुख शहर शामिल हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इसे विस्तार देते हुए 47 शहरों तक उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना है। बताया जा रहा है कि अप्रैल के मध्य से कमर्शियल फ्लाइट्स की बुकिंग भी शुरू हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
अपमान का बदला लेने के लिए चार दोस्तों ने की थी टाइल्स कारीगर रितेश की हत्या

तीन आरोपित गिरफ्तार, चौथा फरार, घटना में इस्तेमाल आला कत्ल बरामद


लखनऊ। दीपावली के अवसर पर जिन दोस्तों से कहा सुनी और विवाद की नफरत की भट्टी में दुश्मनी इस कदर पक्की कि  टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की तहरीर पर पुलिस द्वारा शांत भांग की कार्रवाई का नतीजा अनस, आशू, प्रियांशु व अरबाज को इतना खराब लगा कि आरोपियों ने गला रेट कर कारीगर की निर्माण हत्या कर दी। पहले उन्हीं लोगों ने घर से बुलाया। फिर मौत के घाट उतार दिया। चाकूओं के वार से रितेश चीखता रहा और कातिल सामने खड़े होकर उसकी मौत का इंतजार करते रहे। यह दिल दहलाने वाला घटना
हरदासी खेड़ा गांव के पास खाली पड़े मैदान में मंगलवार देर रात हुई। 20 वर्षीय टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला की हत्या के मामले में डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह की क्राइम टीम व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने 24 घंटे में ही अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।  हत्या में प्रयुक्त चाकू, कातिल की खून से सनी चप्पल व मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक चिनहट क्षेत्र के हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में मंगलवार देर रात टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला का खून से लथपथ शव मिला था। उसका गला काट कर हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। पास में मिली बाइक से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह की तहरीर पर उपरोक्त निवासी प्रियांशु गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि इस मामले में कातिलों की गर्दन तक पहुंचने के लिए इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र के साथ क्राइम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और क्राइम व सर्विलांस टीम ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी प्रियांशु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो बताया कि इस घटना को अंजाम अकेले नहीं चार लोगों ने मिलकर दिया था। यह सुनते ही पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस घटना में शामिल अरबाज खान अभी फरार  है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीती दीपावली के दौरान मृतक रितेश सिंह और इन लोगों के बीच बम फोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। इस मामले में हत्यारोपियों की तहरीर पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि कार्रवाई न होने पर मृतक रितेश आए दिन तंज कसता था कि हमारा कुछ नहीं कर पाए। यह बातें आरोपियों को खल रही थी और योजना के तहत मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर से बुलाकर कातिलों ने रितेश सिंह की हत्या कर भाग निकले।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि यह लोग आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं और मंगलवार को कॉल कर रितेश सिंह को बुलाया था। कातिलों ने पुलिस को बताया कि हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में पहले से बैठे सभी आरोपी शराब पीने के बाद रितेश की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या किए जाने की बात स्वीकार किया है।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह मूल रूप जनपद बलिया के रहने वाले हैं। उनका बेटा रितेश सिंह उर्फ बाला टाइल्स कारीगर था। इस मामले में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सर्विलांस के साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों ने एक-एक कर सारे राज उगल दिए। इंस्पेक्टर के मुताबिक फरार आरोपी अरबाज खान की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

*24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा होने पर डीसीपी पूर्वी ने पुलिस टीम को दी शाबाशी*

24 घंटे के भीतर रितेश हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक मदन पटेल व कांस्टेबल मनीष कुमार के अलावा क्राइम/सर्विलांस टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमर नाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार को शाबाशी देने के साथ पुलिस टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।