सक्षम फाउंडेशन द्वारा भीमसेन अस्पताल को दवाइयों व सर्जिकल उपकरणों का सहयोग
भायंदर । सक्षम फाउंडेशन द्वारा थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सौजन्य से भारत रत्न पंडित भीमसेन रुग्णालय,भायंदर में जनसेवा हेतु एक सराहनीय पहल के तहत एकमुश्त (बल्क) दवाइयों एवं सर्जिकल उपकरणों का सहयोग प्रदान किया गया। समाजसेवा और स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक नरेंद्र मेहता ने इस योगदान के लिए फाउंडेशन एवं थायरोकेयर की सराहना की एवं हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का संदेश दिया कि जो दवाएं जरूरतमंदों के लिए दी गई हैं उनका सदुपयोग होना चाहिए किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए सम्माननीय अतिथि के रूप में मीरा भयंदर महानगरपालिका की महापौर श्रीमती डिंपल मेहता एवं उप महापौर ध्रुव किशोर पाटिल उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. नरेन्द्र गुप्ता उपस्थित थे भरत लाल अग्रवाल, सुशील पोद्दार, डॉ नवल अग्रवाल सहित समाज के गणमान्य लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर नगरसेवक सुरेश खंडेलवाल, वर्षा  भानुशाली, नियामक सदस्य  ओमप्रकाश गडोदिया एवं अनीता दीक्षित सहित थायरोकेयर से आए हुए आशीष अरोरा, यश शर्मा, मोहित शर्मा, प्रियदर्शिनी सिन्हा, जिगर देसाई एवं अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से अस्पताल की सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा जरूरतमंद मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। सक्षम फाउंडेशन के ट्रस्टी अनुज सरावगी एवं अध्यक्ष  सुमीत अग्रवाल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य सदैव समाज के जरूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

फाउंडेशन के सौरभ पोद्दार,अमित अग्रवाल, अभिजीत घोषाल, सचिन अग्रवाल, क्रुणाल शाह,अजित मिश्रा,भारत जालोर सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।
श्री रामनवमी के पावन पर्व पर स्वानंद बाबा आश्रम में बही भक्ति और श्रद्धा की धारा

ठाणे। चैत्र नवरात्र एवं श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर स्वानंद बाबा आश्रम में भव्य आयोजन प. पू. स्वानंद बाबा सेवा न्यास द्वारा प. पू. स्वानंद बाबा आश्रम, येऊर हिल्स, येऊर, ठाणे (प.) में चैत्र नवरात्र और श्रीराम नवमी के पावन पर्व पर भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर भगवान श्रीराम और माँ दुर्गा के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की मधुर धुनों ने उपस्थित सभी भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कन्या पूजन किया गया। इस आयोजन में प. पू. स्वानंद बाबा सेवा न्यास के मुख्य न्यासी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला एवं शांति शुक्ला ने सभी आगंतुकों और श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम में प. दुर्गाप्रसाद पाठक, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, डॉ. दीप नारायण शुक्ला, पत्रकार सूर्यप्रकाश मिश्रा, श्री नारायण तिवारी, केके तिवारी, शिवकुमार तिवारी, डॉ धीरज सिंह, श्रीश उपाध्याय तथा शिवसागर मिश्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट नवी मुंबई इकाई द्वारा काव्य गोष्ठी संपन्न
नवी मुंबई। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट नवी मुंबई इकाई के तत्वावधान में गुरुवार 26 मार्च 2026 को प्रथम काव्य गोष्ठी एवं परिचर्चा का सफल आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ राष्ट्रीय सचिव एवं संयोजक सत्यभामा सिंह द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना से हुआ।नवी मुंबई अध्यक्ष एवं कार्यक्रम की आयोजक सीमा त्रिवेदी 'साज़' के कुशल संचालन में आयोजित इस गोष्ठी में परिचर्चा का विषय 'हिंदी साहित्य में नारी' रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्ण वि. सहस्रबुद्धे ने की।साहित्यिक चर्चा दौरान उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी और जौनपुर इकाई की अध्यक्ष डॉ. सीमा सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में हिंदी साहित्य में नारी की भूमिका पर अपने गहन विचार व्यक्त किए।गोष्ठी का मुख्य आकर्षण 'काव्य पाठ' रहा, जहाँ कवियों ने विषय की बाध्यता से मुक्त होकर अपनी सर्वश्रेष्ठ रचनाएँ प्रस्तुत कीं।गोष्ठी ने देवी शक्ति,प्रभु श्री राम से संदर्भित छंद और गीत से भक्ति एवं राष्ट्र चेतना का स्वर मुखरित किया। उपस्थित साहित्यकारों में डॉ. निशी मंजवानी,ओम प्रकाश सिंह,रमेश कँवल,नागेश मोकाशी,किरण,कविता ए. झा, रोमा झा,नरसिंह हैरान जौनपुर, पूर्णिमा सुमन (धनबाद),रंजना झा (कोलकाता), डॉ. संजुला सिंह "संजू",हिमाद्रि मिश्र (जमशेदपुर), शशी जयसवाल , सत्यभामा सिंह ,सीमा त्रिवेदी सीमा सिंह,रामकृष्ण सहस्रबुद्धे,डॉ. वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर (प्रयागराज) एवं ठाणे से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप शामिल रहे।अंत में सत्यभामा सिंह ने सभी अतिथियों,वक्ताओं और काव्य मनीषियों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया तथा संस्थापक अध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने सभी की प्रशंसा किया।आयोजक सीमा त्रिवेदी 'साज़' ने इस मासिक श्रृंखला को भविष्य में भी इसी ऊर्जा के साथ जारी रखने का विश्वास दिलाया।
300 जरूरतमंद महिलाओं को किचन सेट भेंटकर सीमा सिंह ने मनाया अपना जन्मदिन
मेघाश्रेय फाउंडेशन की तरफ से किया फ्री एंबुलेंस का उद्घाटन

मुंबई। देश की जानी-मानी समाजसेवी तथा मेघाश्रेय फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कल  बांद्रा के  ताज लैंडसन होटल में प्रेरणादायक जन्मदिन मनाया। उन्होंने करीब 300 महिलाओं को किचन सेट सामग्री तथा संस्था से जुड़े सैकड़ो बच्चों को शैक्षणिक सामग्री तथा स्पोर्ट्स किट प्रदान किया। यही नहीं उन्होंने अपने जन्मदिन पर जरूरतमंद मरीजों के लिए संस्था की तरफ से फ्री एम्बुलेंस का उद्घाटन भी किया।

उनके जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए इस अवसर पर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता डिनू मारिया तथा विक्रांत मैसी उपस्थित रहे। सीमा सिंह ने कहा कि उनके जन्मदिन मनाने का उद्देश्य महिलाओं को कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों से जागरूक करना तथा बच्चों को शिक्षा तथा खेलकूद के प्रति प्रेरित करना है।

सीमा सिंह की सराहना करते हुए डिनू मारिया ने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में सीमा सिंह द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय होने के साथ-साथ प्रेरणादायक हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों को जागरूक करने की दिशा में मेघाश्रेय फाउंडेशन रचनात्मक कार्य कर रही है। विक्रांत मैसी ने कहा कि सीमा सिंह के कार्यों  से प्रेरणा लेकर समाज के अन्य सक्षम लोगों को भी महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। सीमा सिंह ने दोनों अभिनेताओं का संस्था की तरफ से स्वागत सम्मान किया।

साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
नवमी पर श्रीराम कथा महायज्ञ का होगा समापन, भव्य शोभायात्रा निकलेगी

मुंबई। श्री मंगल की अगुवाई में आयोजित 7 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन नवमी के अवसर पर होगा। कथा आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और प्रतिदिन भक्ति, संगीत व आध्यात्मिक संदेशों से वातावरण राममय बना हुआ है। कथा के दौरान कथाव्यास ने सती की परीक्षा, शिव विवाह का वर्णन तथा श्रीराम कथा में शिव-पार्वती विवाह की झांकी प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा में बताया गया कि मनुष्य जीवन में भगवान का स्मरण, सत्संग और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है। रामकथा जीवन को सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आयोजन समिति के अनुसार श्रीराम नवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए रुक्मणी मंदिर में सम्पन्न होगी। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि “श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, संस्कार और मर्यादा का संदेश देने का माध्यम है। नवमी के अवसर पर आयोजित समापन समारोह और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।”वहीं भाष्कर दुबे ने कहा कि “इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, सकारात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। श्रीराम कथा महायज्ञ से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है और शोभायात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।”आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा व शोभायात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
स्थापत्य समिति अध्यक्षा श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा से मिले समाजसेवी
मुंबई । भारतीय जनता पार्टी द्वारा महानगर पालिका मुख्यालय मुंबई स्थापत्य समिति उपनगर अध्यक्ष श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा को बनाए जाने पर समाजसेवियों ने शिष्टाचार  मुलाकात किया तत्पश्चात उन्हें पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उक्त मुलाकात बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय के इमारत कार्यालय में मंगलवार 24 मार्च 2026 सायंकाल हुआ। समाजसेवियों में वरिष्ठ समाजसेवी बी डी शर्मा कलवा,राष्ट्रीय कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप - अध्यक्ष सामाजिक संस्था सर्व सहयोग सेवा ट्रस्ट मुंबई,समाजसेवी सैन हरिकेश शर्मा नंदवंशी भांडुप,महिला मोर्चा उपाध्यक्ष ठाणे जिला श्रीमती राधा संतोष शर्मा,पत्रकार अनिल वर्मा ठाणे एवं विलास आम्ब्रे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ट्रस्ट मस्जिद बंदर मुंबई उपस्थित थे।उपस्थित सभी लोगों ने श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा अध्यक्षा स्थापत्य समिति उपनगर मुंबई को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं तथा परिचय के साथ सामाजिक परिचर्चा भी हुई।
पेंशनर्स के स्नेह सम्मेलन में दिखा वरिष्ठों का दिखा उत्साह और जोश
मुंबई।  बृहन्मुंबई महानगरपालिका पेंशनर्स एसोसिएशन की चेंबूर शाखा द्वारा सहकार नगर म्युनिसिपल स्कूल में स्नेह सम्मेलन एवं आनंद मेले का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 135 वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति रही, जहां उनका उत्साह और जोश युवा पीढ़ी को भी प्रेरित करने वाला था। पूरी शाम हंसी, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आई।रामनवमी के अवसर पर आशा साने द्वारा “कौसल्या का राम” गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया। वहीं चैत्र मास की सुगंध लिए सोनचाफा और पारंपरिक पेय ‘आम पन्हा’ ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
प्रवेश द्वार पर लगाए गए सेल्फी स्टैंड पर लिखा संदेश “We are retired, but not tired” और “Goodbye tension, hello pension” सभी को आकर्षित कर रहा था। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक सेल्फी लेते हुए इस पल को यादगार बनाया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिंदू परंपराओं के पाडवा से लेकर होली तक के सभी त्योहारों की झलक नऊवारी वेशभूषा में प्रस्तुत की गई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “कानडा विठ्ठल” के जयघोष से वातावरण भक्ति रस में डूब गया। सुजाता जोशी के नृत्य ने यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है। वहीं मंगला तिमाने द्वारा लिखित पत्र का वाचन भी विशेष आकर्षण रहा, जिसने महानगरपालिका के कार्यों की सराहना करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह पत्र महाराष्ट्र पत्र लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण इंटरनेट उपयोग में सावधानी को लेकर दिया गया मार्गदर्शन रहा। रोहित जगताप ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इसके अलावा डॉ. पूनम पाटिल ने वरिष्ठ नागरिकों को मांसपेशियों और जोड़ों की देखभाल के लिए उपयोगी उपाय बताए और कुछ प्रायोगिक अभ्यास भी करवाए। इस अवसर पर अनिता कचरे, मंगला तिमाने और सुझाता जोशी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. मारुति नलावड़े के हाथों सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। इस दौरान पेंशनर्स की समस्याओं, मेडिकल योजनाओं, आठवें वेतन आयोग और सदस्यों के कर्तव्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। महिला विभाग प्रमुख शिल्पा नाईक के नेतृत्व में चेंबूर शाखा के और अधिक प्रगति करने का विश्वास व्यक्त किया गया। अंत में संत ज्ञानेश्वर के “पसायदान” के साथ इस भव्य आयोजन का समापन हुआ।
ट्रस्ट के मुफ्त स्वस्थ्य शिविर में दिखा खाड़ी देशों के युद्ध का असर
श्री नारायणी सेवा संस्थान व श्री नारायणी नरी चेतना केंद्र द्वारा आयोजित

मुंबई l श्री मधुसूदन झुनझुनवाला हेल्थ केअर सेंटर (उपक्रम श्री नारायणी सेवा संस्थान) द्वारा लोनावाला में मुफ्त स्वस्थ्य शिविर का भव्य आयोजन किया गया l इस शिविर में लगभग 350 नागरिकों की स्वस्थ्य जांच की गई l ट्रस्ट द्वारा मुफ्त में दवाइयां भी दी गई l इस मौके पर श्री नारायणी संस्थान के ट्रस्टी शामिल थे l इस शिविर का मार्गदर्शन प्रख्यात समाजसेवी काशीप्रसाद मुरारका द्वारा किया गया l इस कड़ी में दिलचस्प बात यह है कि लोनावाला की खुबसूरत और हसीन वादियों में मुफ्त स्वस्थ्य शिविर में मौजूद सभी नागरिकों को शुद्ध शाकाहारी भोजन भी कराया गया l गौरतलब है कि ट्रस्ट द्वारा आयोजित लोनावाला के मुफ्त स्वस्थ्य शिविर में एलपीजी रसोई गैस की भारी किल्लतों के कारण जांच करने आए नागरिकों के लिए कोयला और लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाया गया l पश्चिम एशिया के खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के करण गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण डॉ.अनील काशी मुरारका ने स्वयं रोटी और सब्जी बनाई ! बताया जाता है कि रविवार सुबह करीब 9 बजे से अनुभवी चिकत्सकों की टीम ने जांच शुरू की और साथ में दवाइयां भी दी l मौजूद सभी ने वनभोज का आनंद भी लिया l
भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के अवसर पर भक्ति संगीत संध्या का आयोजन
मुंबई। भगवान महावीर के जन्मकल्याणक के पावन अवसर पर लोढ़ा फाउंडेशन द्वारा शारदा मंदिर हाई स्कूल, गामदेवी, मुंबई में भक्ति संगीत संध्या एवं स्वस्तिक प्रतियोगिता का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता का अद्भुत संगम बना।
इस आयोजन का नेतृत्व डॉ. मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा (अध्यक्ष – लोढ़ा फाउंडेशन, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी जैन साहित्य संगम, जीवो दक्षिण मुंबई, महावीर स्वामी जैन देरासर मंडल; उपाध्यक्ष – महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी; ‘परमवीर चक्र अवार्ड डायरी’ की लेखिका एवं प्रख्यात समाजसेविका) एवं हुलाशीबेन राजुजी वाणीगोता द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन में भक्ति गीत, नृत्य एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ स्वस्तिक प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ।
इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि पद्मश्री सोमा घोष ने अपनी मधुर स्वर लहरियों में नवकार मंत्र का गायन कर समस्त उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर कर दिया। भक्ति संगीत संध्या की शुरुआत “वीर झूले त्रिशला झुलावे… धीरे-धीरे मीठा-मीठा गीत सुनावे…” जैसे मधुर भजनों से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। प्रसिद्ध संगीतकार आशीष जैन ने अपने सुरों से भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित की। स्वस्तिक प्रतियोगिता में विभिन्न महिला मंडलों ने अत्यंत उत्साह और समर्पण के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने 2 फीट आकार के स्वस्तिक का सुंदर एवं सृजनात्मक निर्माण कर अपनी कला और श्रद्धा का परिचय दिया। इस अवसर पर गणीवय श्री जिन रत्न विजय जी महाराज साहब के शिष्य गुरुदेव ने भगवान महावीर के जन्मकल्याणक के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को उनके सिद्धांतों पर चलने का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि डॉ. मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा एवं हुलाशीबेन वाणीगोता द्वारा पिछले 17 वर्षों से निरंतर इस भक्ति संध्या का आयोजन किया जा रहा है, जो समाज में संस्कृति, एकता और आध्यात्मिकता को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में लगभग 28 महिला मंडलों की सहभागिता रही तथा 300 से अधिक महिलाओं की गरिमामय उपस्थिति ने आयोजन को विशेष रूप से सफल और प्रेरणादायक बना दिया।