शिक्षा जागरण का शंखनाद: सीयर की धरती पर गूंजा नव निर्माण का संकल्प
संजीव सिंह बलिया!आज दिनांक 24/03/2025 को हरिकेवल प्रसाद सभागार, प्राथमिक विद्यालय सीयर नंबर 3 शिक्षा, संकल्प और समर्पण का एक विराट केंद्र बन गया, जब प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान एवं स्थानीय निकाय के सदस्यों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं कार्यशाला भव्यता के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ अत्यंत दिव्य वातावरण में हुआ, जब प्रधानाध्यापिका मीरा शुक्ला द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने पूरे सभागार को भक्ति और ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। उनके स्वर मानो ज्ञान, संस्कृति और नवचेतना का आह्वान कर रहे थे। इसके पश्चात मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम एवं विशिष्ट अतिथि सहायक विकास अधिकारी मनोज सिंह ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खंड शिक्षा अधिकारी सीयर श्री सुनील चौबे ने अतिथियों का स्वागत अत्यंत गरिमामय ढंग से किया। माल्यार्पण, बैज अलंकरण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह के माध्यम से सम्मान की परंपरा ने पूरे कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया। जब मंच से सेवानिवृत्त शिक्षक रमेश चंद्र तिवारी का ओजस्वी स्वर गूंजा, तो वह केवल संबोधन नहीं, बल्कि शिक्षा के रण में डटे कर्मयोगियों के लिए प्रेरणा का बिगुल था। उन्होंने विद्यालयों को राष्ट्र निर्माण का केंद्र बताते हुए शिक्षकों को समाज का सच्चा पथप्रदर्शक कहा। कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे द्वारा ग्राम प्रधानों एवं प्रधानाध्यापकों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे वातावरण उत्साह, सम्मान और ऊर्जा से भर उठा। कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से विद्यालयों में चल रहे कायाकल्प के 19 पैरामीटर की चर्चा करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी दिशा-निर्देश नहीं, बल्कि शिक्षा के समग्र उत्थान का एक सशक्त अभियान है। इन मानकों के माध्यम से विद्यालयों को स्वच्छ, सुरक्षित, संसाधनयुक्त, तकनीकी रूप से सक्षम और बच्चों के अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब विद्यालय का वातावरण सुंदर, सुव्यवस्थित और प्रेरणादायक होगा, तब ही बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी और शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा। यह भी कहा गया कि इन मानकों की पूर्ति केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, ग्राम प्रधान, अभिभावक और शिक्षकों की साझा भागीदारी से ही संभव है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने विद्यालयों को इन सभी मानकों से पूर्ण रूप से संतृप्त करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। वक्ताओं की प्रेरक वाणी कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चंद, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक यादव, एआरपी राकेश वर्मा, राजेश वर्मा, प्रधानाध्यापक दयानंद सिंह, नियमत अली सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार एवं विकास की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम ने अपने संबोधन में आश्वस्त करते हुए कहा कि विद्यालयों में जो भी कार्य शेष हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा और विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक संजीव कुमार एवं जयप्रकाश यादव के प्रेरक गीतों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा, उत्साह और उमंग से भर दिया। उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। कार्यक्रम के अंत में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने अध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेंद्र वर्मा, आशुतोष तरुण पाण्डेय, रजिकमाल पाशा, दिलीप कुशवाहा, अजय त्रिपाठी, अवधेश कुमार, जय प्रकाश मौर्य, जयप्रकाश यादव सहित अनेक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन नन्द लाल शर्मा द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं ओजपूर्ण ढंग से किया गया। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है, जो शिक्षा के दीप को और प्रखर करने की दिशा में उठाया गया है— “जब विद्यालय जागेंगे, तभी राष्ट्र आगे बढ़ेगा।”
2 hours and 30 min ago
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