शिक्षा जागरण का शंखनाद: सीयर की धरती पर गूंजा नव निर्माण का संकल्प
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संजीव सिंह बलिया!आज दिनांक 24/03/2025 को हरिकेवल प्रसाद सभागार, प्राथमिक विद्यालय सीयर नंबर 3 शिक्षा, संकल्प और समर्पण का एक विराट केंद्र बन गया, जब प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान एवं स्थानीय निकाय के सदस्यों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं कार्यशाला भव्यता के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ अत्यंत दिव्य वातावरण में हुआ, जब प्रधानाध्यापिका मीरा शुक्ला द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने पूरे सभागार को भक्ति और ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। उनके स्वर मानो ज्ञान, संस्कृति और नवचेतना का आह्वान कर रहे थे। इसके पश्चात मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम एवं विशिष्ट अतिथि सहायक विकास अधिकारी मनोज सिंह ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खंड शिक्षा अधिकारी सीयर श्री सुनील चौबे ने अतिथियों का स्वागत अत्यंत गरिमामय ढंग से किया। माल्यार्पण, बैज अलंकरण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह के माध्यम से सम्मान की परंपरा ने पूरे कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया। जब मंच से सेवानिवृत्त शिक्षक रमेश चंद्र तिवारी का ओजस्वी स्वर गूंजा, तो वह केवल संबोधन नहीं, बल्कि शिक्षा के रण में डटे कर्मयोगियों के लिए प्रेरणा का बिगुल था। उन्होंने विद्यालयों को राष्ट्र निर्माण का केंद्र बताते हुए शिक्षकों को समाज का सच्चा पथप्रदर्शक कहा। कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे द्वारा ग्राम प्रधानों एवं प्रधानाध्यापकों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे वातावरण उत्साह, सम्मान और ऊर्जा से भर उठा। कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से विद्यालयों में चल रहे कायाकल्प के 19 पैरामीटर की चर्चा करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी दिशा-निर्देश नहीं, बल्कि शिक्षा के समग्र उत्थान का एक सशक्त अभियान है। इन मानकों के माध्यम से विद्यालयों को स्वच्छ, सुरक्षित, संसाधनयुक्त, तकनीकी रूप से सक्षम और बच्चों के अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब विद्यालय का वातावरण सुंदर, सुव्यवस्थित और प्रेरणादायक होगा, तब ही बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी और शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा। यह भी कहा गया कि इन मानकों की पूर्ति केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, ग्राम प्रधान, अभिभावक और शिक्षकों की साझा भागीदारी से ही संभव है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने विद्यालयों को इन सभी मानकों से पूर्ण रूप से संतृप्त करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। वक्ताओं की प्रेरक वाणी कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चंद, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक यादव, एआरपी राकेश वर्मा, राजेश वर्मा, प्रधानाध्यापक दयानंद सिंह, नियमत अली सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार एवं विकास की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम ने अपने संबोधन में आश्वस्त करते हुए कहा कि विद्यालयों में जो भी कार्य शेष हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा और विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक संजीव कुमार एवं जयप्रकाश यादव के प्रेरक गीतों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा, उत्साह और उमंग से भर दिया। उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। कार्यक्रम के अंत में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने अध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेंद्र वर्मा, आशुतोष तरुण पाण्डेय, रजिकमाल पाशा, दिलीप कुशवाहा, अजय त्रिपाठी, अवधेश कुमार, जय प्रकाश मौर्य, जयप्रकाश यादव सहित अनेक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन नन्द लाल शर्मा द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं ओजपूर्ण ढंग से किया गया। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है, जो शिक्षा के दीप को और प्रखर करने की दिशा में उठाया गया है— “जब विद्यालय जागेंगे, तभी राष्ट्र आगे बढ़ेगा।”

संजीव सिंह बलिया!आज दिनांक 24/03/2025 को हरिकेवल प्रसाद सभागार, प्राथमिक विद्यालय सीयर नंबर 3 शिक्षा, संकल्प और समर्पण का एक विराट केंद्र बन गया, जब प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान एवं स्थानीय निकाय के सदस्यों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं कार्यशाला भव्यता के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ अत्यंत दिव्य वातावरण में हुआ, जब प्रधानाध्यापिका मीरा शुक्ला द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने पूरे सभागार को भक्ति और ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। उनके स्वर मानो ज्ञान, संस्कृति और नवचेतना का आह्वान कर रहे थे। इसके पश्चात मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम एवं विशिष्ट अतिथि सहायक विकास अधिकारी मनोज सिंह ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खंड शिक्षा अधिकारी सीयर श्री सुनील चौबे ने अतिथियों का स्वागत अत्यंत गरिमामय ढंग से किया। माल्यार्पण, बैज अलंकरण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह के माध्यम से सम्मान की परंपरा ने पूरे कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया। जब मंच से सेवानिवृत्त शिक्षक रमेश चंद्र तिवारी का ओजस्वी स्वर गूंजा, तो वह केवल संबोधन नहीं, बल्कि शिक्षा के रण में डटे कर्मयोगियों के लिए प्रेरणा का बिगुल था। उन्होंने विद्यालयों को राष्ट्र निर्माण का केंद्र बताते हुए शिक्षकों को समाज का सच्चा पथप्रदर्शक कहा। कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे द्वारा ग्राम प्रधानों एवं प्रधानाध्यापकों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे वातावरण उत्साह, सम्मान और ऊर्जा से भर उठा। कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से विद्यालयों में चल रहे कायाकल्प के 19 पैरामीटर की चर्चा करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी दिशा-निर्देश नहीं, बल्कि शिक्षा के समग्र उत्थान का एक सशक्त अभियान है। इन मानकों के माध्यम से विद्यालयों को स्वच्छ, सुरक्षित, संसाधनयुक्त, तकनीकी रूप से सक्षम और बच्चों के अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब विद्यालय का वातावरण सुंदर, सुव्यवस्थित और प्रेरणादायक होगा, तब ही बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी और शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा। यह भी कहा गया कि इन मानकों की पूर्ति केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, ग्राम प्रधान, अभिभावक और शिक्षकों की साझा भागीदारी से ही संभव है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने विद्यालयों को इन सभी मानकों से पूर्ण रूप से संतृप्त करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। वक्ताओं की प्रेरक वाणी कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चंद, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक यादव, एआरपी राकेश वर्मा, राजेश वर्मा, प्रधानाध्यापक दयानंद सिंह, नियमत अली सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार एवं विकास की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम ने अपने संबोधन में आश्वस्त करते हुए कहा कि विद्यालयों में जो भी कार्य शेष हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा और विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक संजीव कुमार एवं जयप्रकाश यादव के प्रेरक गीतों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा, उत्साह और उमंग से भर दिया। उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। कार्यक्रम के अंत में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने अध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेंद्र वर्मा, आशुतोष तरुण पाण्डेय, रजिकमाल पाशा, दिलीप कुशवाहा, अजय त्रिपाठी, अवधेश कुमार, जय प्रकाश मौर्य, जयप्रकाश यादव सहित अनेक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन नन्द लाल शर्मा द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं ओजपूर्ण ढंग से किया गया। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है, जो शिक्षा के दीप को और प्रखर करने की दिशा में उठाया गया है— “जब विद्यालय जागेंगे, तभी राष्ट्र आगे बढ़ेगा।”

संजीव सिंह बलिया! सीयर: 23 मार्च 2026।प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं एस.एम.सी. अध्यक्षों के लिए आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला हरिकेवल प्रसाद सभागार, प्राथमिक विद्यालय सीयर नं.-3 में भव्य रूप से सम्पन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी सीयर सुनील कुमार चौबे ने की।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ। इस अवसर पर सभी शिक्षकों एवं एस.एम.सी. पदाधिकारियों ने शिक्षा की गुणवत्ता उन्नयन हेतु संकल्प लिया।खंड शिक्षा अधिकारी श्री चौबे ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए शिक्षकों को दायित्वों के प्रति सजग रहने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने एस.एम.सी. अध्यक्षों एवं सदस्यों से विद्यालय विकास में सक्रिय सहभागिता की अपील की।ए.आर.पी. राकेश कुमार वर्मा, राजेश कुमार वर्मा एवं कुलदीप यादव ने प्रेरणादायी उद्बोधन देकर प्रतिभागियों को नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, शैक्षिक गुणवत्ता एवं सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक यादव ने भी शिक्षकों को कर्तव्यों का स्मरण कराते हुए अनुशासन, गुणवत्ता एवं सहयोगात्मक वातावरण पर जोर दिया।खचाखच भरे सभागार में एस.एम.सी. अध्यक्षों एवं सचिवों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने उत्साहपूर्वक सार्थक चर्चा की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री देवेंद्र वर्मा, दिलीप कुशवाहा, जय प्रकाश यादव, अजय त्रिपाठी एवं आशुतोष तरुण पाण्डेय का विशेष सहयोग रहा। कुशल संचालन नन्द लाल शर्मा ने किया।अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। यह शिक्षकों एवं एस.एम.सी. सदस्यों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।
गरा में आयोजित हुई। प्रबंधक संतोष कुमार सिंह की देखरेख में संपन्न इस बैठक का संचालन जनपद महामंत्री वृकेश पाठक ने किया।प्रबंधकों के उत्पीड़न पर गहरी चिंता बैठक में वक्ताओं ने प्रबंधकों के उत्पीड़न पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यदि सरकार पूर्व की भांति प्रबंधकों के अधिकार वापस नहीं करेगी और प्रबंध तंत्र का शोषण बंद नहीं करेगी, तो सरकार अपना अनुदान वापस ले ले। हमें इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। प्रांतीय महामंत्री प्रभाकर श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि हमें हर हाल में एकजुट होना होगा, तभी सरकार हमारी बात सुनेगी और सार्थक परिणाम आएंगे।डॉ. केशव सिंह आजाद ने कहा कि हमें आपसी मतभेद भुलाकर संगठित होकर सरकारी भ्रष्टाचार व शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। अवधेश राय ने सोसायटी के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1958 में प्रबंध समितियों पर सरकार द्वारा जबरदस्ती सोसायटी व्यवस्था थोपी गई थी।1921 अधिनियम की अवहेलना पर गुस्सा इस अवसर पर प्रबंधक राणा प्रताप सिंह नेहरू इंटर कॉलेज, रतनपुरा) ने कहा कि 1921 अधिनियम में स्पष्ट है कि कोई संशोधन इस अधिनियम को प्रभावित किए बिना किया जा सकता है। लेकिन दुर्भाग्य से नियुक्ति व वेतन वितरण प्रक्रिया को सरकार ने पूरी तरह उलट दिया है, जो 1921 अधिनियम की खुली अवहेलना है। इस मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।पूर्वांचल स्तर पर एकजुटता का संकल्प बैठक में पूर्वांचल प्रभारी गजेंद्र प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी, महामंत्री धमेंद्र राय, आजमगढ़ जिला अध्यक्ष वृजेश सिंह, मऊ जिला अध्यक्ष सौरभ सिंह, गाजीपुर के विनोद पांडे, विपिन चंद्र एडव., शिवजी भादव, अजय यादव, हरिंदर यादव, विजय प्रताप यादव, भीम सिंह, अनिल सिंह, श्रीमती मृदुला श्रीवास्तव, कानपुर के ललित शुक्ला, अरविंद शुक्ला, अनूप हेमकर सहित सैकड़ों प्रबंधकों ने भाग लिया।
संजीव सिंह बलिया, 22 मार्च 2026: शिक्षा जगत को आज एक गहरा आघात लगा है। नवानगर ब्लॉक के कन्या प्राथमिक विद्यालय दूहा में तैनात शिक्षामित्र श्री ज्ञानेश प्रताप सिंह का खराब स्वास्थ्य के कारण असामयिक निधन हो गया। वे अपने कर्मठ स्वभाव लगनशील और अच्छी प्रवृत्ति के लिए क्षेत्रवासियों के बीच हमेशा याद किए जाएंगे।श्री सिंह के परिवार में पत्नी रिंकी सिंह, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस दुखद घड़ी में धैर्य दें।नवानगर ब्लॉक से विनम्र श्रद्धांजलि। इस दुखद घटना पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शाहनी, मंडल संरक्षक सरल यादव, जिला अध्यक्ष पंकज सिंह, महामंत्री अमृत सिंह, जिला प्रवक्ता निर्भय राय, ब्लॉक अध्यक्ष फैसल अजीज, महामंत्री मुकेश राय, धनंजय राय, अरविंद यादव, रमेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
संजीव सिंह बलिया!वाराणसी:20 मार्च 2026: यूपी कॉलेज परिसर में शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर बीएससी सेकंड ईयर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। गाजीपुर निवासी सूर्य प्रताप घर के इकलौते बेटे थे और चेचक से ठीक होकर आज ही कॉलेज लौटे थे। हमलावर ने क्लासरूम के बाहर चार गोलियां चलाईं और पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। घायल छात्र को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।आरोपी मंजीत भी इसी कॉलेज का बीए सेकंड ईयर का छात्र है और वाराणसी के चांदमारी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में हंगामा मच गया। आक्रोशित छात्रों ने कैंपस में कुर्सियां तोड़ीं और बाहर दुकानों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कॉलेज गेट बंद करा दिए तथा आसपास की 150 से अधिक दुकानों को बंद करा दिया। सात थानों की भारी फोर्स तैनात है। छात्र कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे हैं।ट्रॉमा सेंटर में सूर्य प्रताप की मां ने बेटे की लाश देख बेहोश हो गईं, जिन्हें परिजनों ने संभाला। साथी छात्र दहाड़कर रो रहे थे। एक छात्र भावुक होकर बोला, “हमके हमार भाई चाही।”पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।
संजीव सिंह बलिया। दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय में लंबे समय से समर्पित सेवा दे रहीं शिक्षामित्र शाहिदा खातून का आज अचानक हृदयाघात से निधन हो गया। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गुलाब शेख की पत्नी शाहिदा खातून का असमय चले जाना स्थानीय शिक्षा जगत और समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है।वर्षों से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा से कार्यरत शाहिदा खातून एसआईआर में बीएलओ के पद पर भी अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही थीं। उनकी मेहनत और लगन ने कई पीढ़ियों को पढ़ा-लिखाकर नई दिशा प्रदान की। आज सुबह मऊ में इलाज कराते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद वे बच न सकीं।इस दुखद घटना से परिवार, सहकर्मी और ग्रामीण क्षेत्र शोकाकुल है। शिक्षा मित्र समुदाय संगठन से राजेश साहनी, अखिलेश पांडेय, संजीव सिंह, भरत यादव, सरल यादव, दिलीप प्रसाद, पंकज सिंह, राकेश पांडेय, अमृत सिंह, लालजी वर्मा, मोहम्मद वसीम, डिम्पल सिंह, मंजूर हुसैन समेत कई स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने कहा कि उनका जाना शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा आघात है। शाहिदा खातून का समर्पण हमें सिखाता है कि शिक्षा सेवा में निष्ठा ही असली धरोहर है। उनके योगदान को याद रखते हुए हम सब मिलकर शिक्षा को मजबूत बनाएं। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
*मीडिया टीम_AIJTF,बलिया*
संजीव सिंह बलिया! गौवापार, 18 मार्च 2026: कम्पोजिट विद्यालय गौवापार की कार्यरत रसोइया का निधन पिछले सप्ताह हो गया था। उनके तेरहवीं का कार्यक्रम आज आयोजित हुआ। इस अवसर पर स्कूल के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और शिक्षामित्र एकजुट होकर शोकाकुल परिवार को सहयोग राशि प्रदान की।कुल 41,400 रुपये की सहायता राशि परिवार को सौंपी गई। इस नेक कार्य में ओमप्रकाश मंत्री (प्राथमिक शिक्षक संघ), हेमन्त कुमार यादव, राघवेन्द्र प्रताप राही (अध्यक्ष, विशिष्ट बीटीसी), सुनील दीप्त, सुभाष चंद्र, विनय कुमार त्रिपाठी, राम बहादुर यादव, हरिओम नारायण सिंह, अवनीश यादव, राहुल कुमार, अजय कुमार, रमेश सिंह, चन्द्र मोहन, शैलेश यादव, विनय कुमार गुप्ता, विवेक नन्द चौबे, बच्चा लाल आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।शिक्षक समुदाय ने संकट की इस घड़ी में एकजुटता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जो सामाजिक सहयोग की मिसाल बन गया है।
संजीव सिंह बलिया! नगरा ;17 मार्च 2026: शिक्षा क्षेत्र नगरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय तुर्कलानी के विद्यालय परिसर में मासिक शिक्षक संकुल कोदई का बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में न्याय पंचायत क्षेत्र के सभी विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ संकुल प्रभारी दयाशंकर ने की।बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्कृष्ट और नवाचारी शैक्षिक प्रथाओं को साझा करना था। इसमें निपुण लक्ष्य की समयबद्ध प्राप्ति पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ और भविष्य की रणनीतियां विकसित की गईं। यह आयोजन न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुल गठन के निर्देशों के अनुरूप था, जिसका लक्ष्य अकादमिक बिंदुओं पर प्रत्येक माह एजेंडा आधारित चर्चा सुनिश्चित करना है। बैठक दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित एजेंडा के अनुसार चली। इससे पूर्व संकुल द्वारा एजेंडा बिंदुओं का विभाजन कर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई थीं।शिक्षकों को संदर्शिका, प्रिंटेड सामग्री, किट्स और तालिका जैसी शैक्षणिक सामग्री का कक्षा-शिक्षण में प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बैठक संपन्न होने के बाद सभी शिक्षकों ने प्रेरणा ऐप पर डीसीएफ (डेटा कैप्चर फॉर्मेट) में आयोजन संबंधी जानकारी दर्ज की।बैठक में मंत्री ओमप्रकाश, आशीष श्रीवास्तव, मोहन गुप्ता, राजीव शुक्ला, हरेंद्र यादव, देवेंद्र चौहान, रामप्रताप गौतम, चंद्रभान गुप्ता,रामप्रवेश , राजेश गुप्ता, रचना कुमारी, रेनू सिंह सहित कोदई संकुल के सभी विद्यालयों से संबंधित शिक्षक उपस्थित रहे।
1 hour and 47 min ago
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