“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

युवा संसद 2026 में दिखी लोकतंत्र की गरिमा, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रायें संसद की कार्यवाही से हुईं अवगत

लखनपुर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखनपुर में 'युवा संसद 2026 का भव्य आयोजन हुआ एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य रंजना श्रीवास्तव, युवा गतिविधि प्रभारी अंजना श्रीवास्तव तथा अंकिता राजवाड़े ने माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

युवा संसद कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को भारतीय संसदीय प्रणाली, कार्यवाही, विधेयक (बिल) प्रस्तुत करने, उस पर चर्चा करने एवं पारित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। छात्राओं ने लोकतांत्रिक मूल्य, संवाद की कला तथा नेतृत्व क्षमता का परखा और सीखा।

छात्राओं ने सत्ता पक्ष एवं विपक्ष की भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से निर्वहन किया। स्पीकर की भूमिका में शिक्षिका अंकिता ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। प्रधानमंत्री की भूमिका में आंचल, कैबिनेट में (महिला एवं विकास मंत्री), विद्यावती (कृषि मंत्री), सुधा (वित्त मंत्री), चांदनी (कानून मंत्री) एवं नाजिया (स्वास्थ्य मंत्री) ने अपने-अपने विभागों का प्रतिनिधित्व किया।

सदस्य के रूप में ईशा, सविता, मीरा एवं अन्य छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। विपक्ष की ओर से चंचल, कविता, प्रीति, प्रीति संजना चांदनी प्रश्न काल की महत्ता से अवगत कराया। प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर एवं सार्थक बहस हुई। सत्ता पक्ष द्वारा सभी प्रश्नों के संतोषजनक जवाब दिये गये।

प्राचार्य रंजना श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 'युवा संसद 2026 में छात्राओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न की तथा उन्हें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

इंदौर में सोयाबीन रिसर्च का जायजा लेने पहुंचा छत्तीसगढ़ का मीडिया दल, नई तकनीकों से हुए रूबरू

इंदौर- छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने अपने मध्य प्रदेश मीडिया प्रवास के दूसरे दिन इंदौर स्थित आईसीएआर-भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सोयाबीन अनुसंधान के क्षेत्र में चल रहे नवीनतम कार्यों का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान पत्रकारों को किसानों और उद्यमियों के लिए विकसित की जा रही नई तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्होंने इन तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर अनुसंधान गतिविधियों को करीब से समझा।

संस्थान के भ्रमण के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए आईसीएआर-भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. कुंवर हरेंद्र सिंह ने कहा, "हमारा संस्थान न केवल उच्च उपज वाली सोयाबीन की किस्में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, बल्कि हम मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में भी सक्रिय हैं। हमने संस्थान में एक अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर विकसित किया है, जहाँ नए उद्यमियों को सोया दूध और अन्य सोया उत्पादों के निर्माण के लिए तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आईसीएआर द्वारा सुलभ कराई जा रही इस 'टेक्नोलॉजी ट्रांसफर' प्रक्रिया का उद्देश्य कृषि-व्यवसाय को बढ़ावा देना और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।"

भ्रमण के दौरान यह जानकारी भी साझा की गई कि संस्थान द्वारा तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) के माध्यम से नए व्यवसायों को सशक्त बनाया जा रहा है। 1987 में स्थापित यह संस्थान सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए बुनियादी और रणनीतिक अनुसंधान कर रहा है। हाल ही में संस्थान ने एनआरसी 136, एनआरसी 131 और एनआरसी 157 जैसी अधिक उपज देने वाली और सूखा-सहनशील किस्में विकसित की हैं। मीडिया दल ने संस्थान की इन उपलब्धियों और राष्ट्रीय तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य में इसके योगदान की सराहना की। इस दल में छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के पत्रकार शामिल हैं जो इस छह दिवसीय यात्रा के माध्यम से केंद्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं और नवाचारों को कवर कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ का 14 सदस्यीय मीडिया दल मध्य प्रदेश के मीडिया टूर पर रवाना

रायपुर- पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रायपुर द्वारा आयोजित विशेष प्रेस टूर के तहत छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधियों का दल सोमवार को मध्य प्रदेश के छह दिवसीय प्रवास के लिए रवाना हुआ। इस दल का नेतृत्व पीआईबी दिल्ली के अधिकारी समीर वर्मा कर रहे हैं, जबकि पीआईबी रायपुर के पुरुषोत्तम झा सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

दल में छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के पत्रकार शामिल हैं, जिनमें अमृतेश्वर सिंह (APN न्यूज), प्रमोद मिश्रा (सुदर्शन न्यूज), जयदास मानिकपुरी (VIP न्यूज), शरद पंसारी (शौर्य पथ), हरिओम चौहान (नवप्रदेश), मोहम्मद नदीम (साधना टीवी), पंकज सिंह (न्यूजबडी), अक्षय लहरे (अपना छत्तीसगढ़), स्नेहिल सराफ (PTI), गिरीश चंद्र जोशी (रुद्रपथ), मनप्रीत सिंह बुधराजा (छत्तीसगढ़ विशेष) और सुधीर आज़ाद तंबोली (खबर भूमि) की सहभागिता रहेगी।

यह दल आज रायपुर से इंदौर पहुँचेगा, जहाँ वे स्थानीय विकास परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे । अपने इस छह दिवसीय विस्तृत दौरे के दौरान, मीडिया दल 24 मार्च को महेश्वर के पारंपरिक साड़ी उद्योग और इंदौर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र का भ्रमण करेगा । इसके पश्चात, 25 मार्च को उज्जैन के दर्शन करने के बाद यह दल भोपाल के लिए प्रस्थान करेगा । प्रवास के अगले चरण में, 26 मार्च को मीडिया प्रतिनिधि विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका और जनजातीय संग्रहालय का दौरा करेंगे.

भ्रमण के पांचवें दिन, यानी 27 मार्च को, दल विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप जाएगा और साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के खेल परिसर तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित स्वच्छता प्लांट का भी अवलोकन करेगा। अंततः, यह प्रतिनिधिमंडल 28 मार्च को भोपाल से प्रस्थान कर वापस रायपुर पहुँचेगा.

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मीडिया के माध्यम से केंद्रीय सरकार के विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन, मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि अनुसंधान और आधुनिक विकास कार्यों को साझा करना है।

 

इंदौर का ‘गोवर्धन’ बायो-सीएनजी प्लांट बना मिसाल: मीडिया दल ने देखा ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मॉडल

इंदौर/रायपुर- पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रायपुर द्वारा आयोजित मीडिया प्रवास के तहत छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय पत्रकार दल ने इंदौर स्थित ‘गोवर्धन’ बायो-सीएनजी प्लांट का दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक बायो-मेथेनेशन संयंत्र की कार्यप्रणाली को समझना और ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मॉडल का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना था।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित यह संयंत्र 15 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसे करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह प्लांट प्रतिदिन 500 टन गीले कचरे का प्रसंस्करण करता है, जिससे शहरी कचरा प्रबंधन का एक टिकाऊ समाधान सामने आया है।

तकनीकी रूप से उन्नत इस संयंत्र में रोजाना लगभग 17,000 किलोग्राम बायो-सीएनजी और 100 टन उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद का उत्पादन होता है। साथ ही, गैस उत्पादन के जरिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा रही है। खास बात यह है कि इंदौर की सिटी बसें इसी प्लांट से तैयार बायो-सीएनजी पर संचालित हो रही हैं, जिससे स्वच्छ और किफायती ईंधन का उपयोग बढ़ा है।

भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने रिसेप्शन बंकर, प्री-ट्रीटमेंट यूनिट और हैमर मिल जैसी आधुनिक मशीनों को देखा और कचरे से ऊर्जा उत्पादन की पूरी प्रक्रिया को समझा। साथ ही, संयंत्र के अधिकारियों से चर्चा कर इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

यह दौरा केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को कचरा मुक्त बनाने और आधुनिक तकनीक के जरिए सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों को उजागर करता है।

विजयवाड़ा अमरावती में 28, 29 मार्च को आयोजित होगा आईजेयू का 11वां राष्ट्रीय सम्मेलन

हैदराबाद/चंडीगढ़- इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (आईजेयू) का 11वां राष्ट्रीय सम्मेलन 28-29 मार्च को आंध्र प्रदेश की राजधानी विजयवाड़ा (अमरावती) में आयोजित किया जाएगा। आज जारी एक वक्तव्य में, आईजेयू अध्यक्ष के. श्रीनिवास रेड्डी, महासचिव बलविंदर सिंह जम्मू और सचिव डी. सोमसुंदर ने यह घोषणा की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू मुख्य अतिथि के रूप में सत्र का उद्घाटन करेंगे। कई केंद्रीय मंत्री और आंध्र प्रदेश के केबिनेट मंत्री भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। आंध्र प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (एपीयूडब्ल्यूजे) 34 वर्षों के अंतराल के बाद आईजेयू के राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. स्थापना के बाद दूसरा आईजेयू सम्मेलन 1992 में विजयवाड़ा में आयोजित किया गया था। इसमें देश के 25 राज्यों से आईजेयू से संबद्ध पत्रकार संघों के निर्वाचित प्रतिनिधि, अध्यक्ष और महासचिव भाग लेंगे। इस पूर्ण सत्र में भारत में मीडिया से जुड़े पेशेवर मुद्दों और वर्तमान स्थिति, मीडिया की स्वतंत्रता पर हालिया खतरों और संगठनात्मक मामलों पर चर्चा होगी। सत्र में लगभग 10 प्रस्ताव पारित किए जाएंगे और पेशेवर एवं कल्याणकारी उपायों सहित कार्यरत पत्रकारों की मांगों को आगे बढ़ाने के लिए एक कार्य योजना की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अगले दो वर्षों के लिए एक नई राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का चुनाव भी इसी सत्र में किया जाएगा।

राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजन के लिए स्वागत समिति का गठन सांसद केसिनैनी शिवनाध (चिन्नी) को मुख्य संरक्षक, आंध्र प्रदेश प्रेस अकादमी के अध्यक्ष सी. राघवा चारी को अध्यक्ष और आई.वी. सुब्बाराव को महासचिव बनाकर किया गया है जो सम्मेलन की व्यवस्थाओं की पूरी देखरेख कर रही है।

छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिलीप साहू, राज्य सचिव सुधीर आज़ाद तंबोली तथा प्रदेश अध्यक्ष पी. सी. रथ ने बताया कि प्रदेश से राष्ट्रीय सम्मेलन में पत्रकारों की भागीदारी की तैयारियां चल रही है। प्रदेश के पत्रकारों के ताजातरीन मुद्दों को राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर से आए वरिष्ठ पत्रकारों के समक्ष रखा जाएगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे अंक दिलाते हैं कला संकाय के विषय, रंगारंग प्रस्तुतियों से वरिष्ठों को दी विदाई

अम्बिकापुर- कला और मानविकी संकाय के विषय प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष रूप से पसन्द किये जाते हैं, क्योंकि समाजशास्त्र, इतिहास, भूगोल, हिन्दी, एंथ्रोपोलॉजी, राजनीतिशास्त्र, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, दर्शन, संस्कृत, मनोविज्ञान जैसे विषयों में अच्छे अंक मिलते हैं। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कला एवं समाज विज्ञान विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ.राजेश श्रीवास्तव ने कही।

उन्होंने कहा कि इन विषयों के अध्ययन से अपना विषय तो तैयार होता ही है बल्कि सामान्य अध्ययन की अच्छी तैयारी हो जाती है। उन्होंने कहा कि कला संकाय के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के साथ ही प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता हासिल करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अपनी सफलताओं के साथ महाविद्यालय परिवार से जुड़े रहें। आपकी सफलता हमें गौरवान्वित करती है।

इससे पहले प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती एवं साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कला एवं समाज विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि यह अवसर आपके स्नातक होने और उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने का है। उन्होंने कहा कि यदि आप कम्पटीशन की दुनिया में जाना चाहते हैं तो एनसीईआरटी की ९वीं से १२वीं तक पुस्तकों को ठीक से अध्ययन कर लें। इससे आपको अच्छी पाठ्य सामग्री मिल जायेगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, विज्ञान के विद्यार्थी कला के विषय चुन कर सफलता हासिल कर लेते हैं लेकिन हम अपने ही विषय में पीछे रहे जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये विशेष योजना बनाइये, सफलता अवश्य मिलेगी। आपसे महाविद्यालय का रिश्ता हमेशा बना रहेगा। इस अवसर विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से अपने वरिष्ठों को विदाई दीकार्यक्रम का संचालन मोहम्मद आशिफ एवं पिंकी राजवाड़े ने किया। कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।।

प्राचार्य ने स्त्री शक्ति को किया सम्मानित, कविताओं में छलकी नारी संवेदना

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य पर महिला प्राध्यापक, अधिकारी और कर्मचारियों को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि आधी आबादी अपनी पूरी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है। उनके त्याग, परिश्रम और धैर्य से ही समाज में गति है। प्रकृति ने पुरूष और महिला को अलग-अलग शक्तियों के साथ जिम्मेदारियां भी सौंपी है, जिसका निर्वहन हो रहा है। बेटी, बहन, मां, पत्नी, भाभी, दादी, फुआ, मौसी, चाची, नानी, मामी, ननद, सास आदि रिश्तों को महिलायें ही जीवित रखे है। उन्होंने सभी महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप परिवार और जीवन में सभी रिश्तों का ईमानदारी से निर्वाह करें। रिश्तों की ईमानदारी ही समाज की बुनियाद है जिसमें परिवार पल्लवित-पुष्पित होता है।

इस अवसर डॉ. अजय कुमार तिवारी ने त्रावणकोर रियासत के चेरथला की रहने वाली नागेली के त्याग और बलिदान से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक ज्योति सिंह, डॉ. वन्दना ने कविताओं में नारी संवेदना को व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

अम्बिकापुर के साई बाबा कॉलेज में विदाई समारोह, विद्यार्थियों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां

अम्बिकापुर- सफलता के लिये हौसला और जज्बा चाहिए। जिस युवा में समर्पण है, उसी ने सफलता भी हासिल किया है। यह बातें सोमवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के तत्वावधान में आयोजित विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपने विभागाध्यक्ष राकेश कुमार सेन की कहानी का अनुसरण कीजिये। प्रत्येक युवा के लिए परिस्थितियां कितनी ही विपरीत हों, उसका समाधान करना और सफलता प्राप्त करना ही लक्ष्य होना चाहिए। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि आपकी सफलता महाविद्यालय को गौरवान्वित करती है। स्नातक के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के साथ ही जॉब के भी अवसर हैं।

इससे पहले प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्राध्यापकों का स्वागत बैच लगा कर तथा पुष्प गुच्छ प्रदार कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन ने कहा कि यह अवसर स्नातक की उपाधि पूरी होने और स्नातकोत्तर के लिए तैयारी का है। आप उच्च शिक्षा के साथ पेशेवर क्षेत्र में भी सफलता हासिल करें और अपनी सफलताओं की कड़ी से महाविद्यालय परिवार को अवश्य अवगत करायें। आपकी सफलता नये विद्यार्थियों के लिए पाथेय होगी। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ अपने वरिष्ठों को विदाई दी।

इस अवसर पर आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रायपुर में IMA छत्तीसगढ़ के 21वें राज्य सम्मेलन का शुभारंभ, डॉ. अनूप वर्मा बने नए अध्यक्ष

रायपुर- राजधानी रायपुर में रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) छत्तीसगढ़ के 21वें वार्षिक राज्य सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन बालाजी मेडिकल इंस्टीट्यूट परिसर स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए चिकित्सकों, शिक्षाविदों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया।

उद्घाटन समारोह के दौरान वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप वर्मा को वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष औपचारिक रूप से पदस्थापित किया गया। इस अवसर को राज्य के चिकित्सा समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और चिकित्सकों को सशक्त करने की दिशा में नई पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल प्रो. अशोक पुराणिक, कार्यकारी निदेशक, एम्स गुवाहाटी ने अपने संबोधन में मरीजों की सेवा और चिकित्सकों की गरिमा की रक्षा में आईएमए की भूमिका की सराहना की। उन्होंने युवा चिकित्सकों से समाज के प्रति संवेदनशीलता, समर्पण और नैतिक मूल्यों के साथ काम करने का आह्वान किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अनूप वर्मा ने वर्ष 2026 के लिए IMA छत्तीसगढ़ की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन पाँच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगा। इनमें डॉक्टर और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना, चिकित्सकों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना, सतत चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देना, युवा चिकित्सकों को सशक्त बनाना और समाज से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी शामिल है।

उन्होंने बताया कि IMA छत्तीसगढ़ राज्य में टीकाकरण अभियान, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। साथ ही सरकार से स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में चिकित्सकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक सरल बनाने का आग्रह किया।

सम्मेलन के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. सुरेंद्र शुक्ला (स्टेट प्रेसिडेंट, हॉस्पिटल बोर्ड), डॉ. प्रभात पांडेय (आउटगोइंग स्टेट प्रेसिडेंट), डॉ. नीरज शर्मा (स्टेट सेक्रेटरी), डॉ. नरेंद्र अग्रवाल (मुख्य आयोजन सचिव), डॉ. देवेंद्र नायक (आयोजन सचिव), डॉ. के.पी. सारभाई (वैज्ञानिक आयोजन सचिव), डॉ. कुलदीप सोलंकी (अध्यक्ष, IMA रायपुर) और डॉ. संजीव श्रीवास्तव (सचिव, IMA रायपुर) की अहम भूमिका रही।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों, विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम प्रगति पर चर्चा की जाएगी तथा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर मंथन होगा।