पति और बच्चों की लंबी उम्र का वरदान मांगने का पर्व गणगौर
– डॉ मंजू लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार
पति प्रेम का प्रतीक है गणगौर, चिर पुरातन और चिर नूतन है गणगौर, फागुन कृष्ण की एकम से क्षेत्र शुक्ला की तृतीय तक होती है गणगौर पूजा, माता जानकी ने भी मनचाहा वर पाने किया था गौरी पूजन, मां पार्वती ने की घोर तपस्या शिवजी को वर रूप पाने की खातिर, शिवजी ने प्रसन्न होकर मां पार्वती से ब्याह रचाया, पत्नी को इतना स्नेह और सम्मान दिया उसे अपना आधा अंग ही बना लिया, राजस्थान की सूखी माटी में वसंत के आते ही उत्साह और उल्लास की धूम मच जाती हैं, कुंवारी कन्याएं 16 दिन तक बड़े मनोयोग से शिवजी को अपना जीजा मानते हुए सुंदर रंग बिरंगे वस्त्र पहनकर होली के दूसरे दिन से ही करने लगती है ईसर और गोरा की पूजा, शीतला सप्तमी या अष्टमी को बड़ी गणगौर बिठाई जाती हैं, चिकनी मिट्टी से शिव (ईसरजी) पार्वती (गणगौर) कानीराम (कृष्णा) रोआं (सुभद्रा) और मालिन की मूर्तियां बनाई जाती हैं उनका श्रृंगार किया जाता हैं। सुबह दोपहर रात को गीत गाए जाते हैं। वंश के फैलाव के प्रतीक दूब और फूल लाये जाते हैं, पूजा की जाती हैं, पूजा के गीत गाए जाते हैं, (गोर ये गणगौर माता, खोल किंवाड़ी, बायर उभी बायां पूजण वाली), इसी तरह गणगौर के हर विधा के अनेकों गीत गाए जाते हैं जो हमारी समृद्ध लोक भाषा के प्रतीक हैं, बीकानेर और जयपुर में बड़ी धूमधाम से गणगौर का बिंदोरा निकाला जाता हैं, गणगौर तथा ईसर जी की मूर्तियां की पूजा कुंकू और काजल की 9- 9 टीकी द्वारा किया जाता हैं, दूब से पानी का छींटा दिया जाता हैं, प्रसाद चढ़ाया जाता हैं, अंत में बधावा गाया जाता हैं। महिलाएं सोलह सिंगार करती हैं, बहुत धूमधाम गणगौर पर्व मनाया जाता हैं, पति और बच्चों के लंबी उम्र का वरदान मांगा जाता हैं।
अकीदत के साथ अदा की गई ईद की नमाज, एक-दूसरे के गले मिलकर दी मुबारकबाद
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। जनपद भदोही में ईद उल फितर का त्योहार पूरे अकीदत के साथ मनाया गया। नमाजियों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ की। जबकि एसपी अभिनव त्यागी ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिएअधिकारियों और धर्गुरुओं से वार्ता की। ईद की नमाज् मुकद्दस रमजान की इबादतों के बाद ईद उल फितर का त्योंहार जिले भर में पूरी अकीदत के साथ मनाया गया।
बूंदाबादी के बीच सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नमाजियों ने देश में अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। एक-दूसरे के गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद दी। इसके बाद घर-घर जाकर सेंवई और लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बूंदाबांदी और कहीं कहीं बरसात के बाद भी जिले में हल्की बूंदाबारी हुई। इसके बाद भी ईद की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिम इलाकों में खासा उत्साह देखा गया। तय समय से पहले ही नमाजी ईदगाहों व मस्जिदों में पहुंच गए थे।
जिले के पटेल नगर में कब्रिस्तान में स्थित ईदगाह पर कई हजार मुसलमानों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाइयां देने का दौर शुरू हो गया। बच्चों में ईद को लेकर बहुत खुशी थी। ईदगाह में एसपी अभिनव त्यागी एडीएम सहित अन्य अफसर मुस्तैद रहे। नमाज के दौरान ईदगाह पहुंचे एसपी ने तमाम लोगों को गले लगाकर मुबारकबाद दी।चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद रही । ईद-उल-फितर पर्व के अवसर पर संदिग्ध स्थानों पर पुलिस ने जमकर निगरानी की। नमाज को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए एसपी लगातार गश्त करते रहे। एसपी ने भदोही शहर के प्रमुख ईदगाहों एवं विभिन्न नमाज स्थलों का निरीक्षण करते हुए वहां मौजूद पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर उपस्थित धर्मगुरुओं, मस्जिद कमेटी के सदस्यों एवं संभ्रांत नागरिकों से वार्ता कर आपसी समन्वय एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इसी प्रकार जनपद के आप गोपीगंज, ज्ञानपुर,मोढ़, सुरियावां,ऊंज, जंगीगंज, माधोसिंह,घोसियान,दुर्गगंज, औराई आदि मुस्लिम बन्धुओं ने हिन्दू मुसलमानों आपस में गले मिलकर ईद की नमाज सकुशल संपन्न कराई।
27 लैब टेक्नीशियन के सापेक्ष सात की तैनाती, मरीजों को बाहर करवानी पड़ रही जांच
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। जनपद के नौ स्वास्थ्य केंद्रों पर रेगलुर लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। 27 के सापेक्ष सिर्फ सात लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। सौ शैय्या अस्पताल संचालन के करीब चार साल बाद भी लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। दिसंबर से जिला अस्पताल का लैब बिना टेक्नीशियन के संचालित हो रहा है। लैब में संविदा पर तैनात सहायक लैब टेक्नीशियन मरीजों की जांच कर रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही और सरपतहा स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित जिले की छह सीएचसी क्रमश: भदोही, सुरियावां, भानीपुर, डीघ, गोपीगंज, औराई है। यहां रोजाना 5000 से 5500 जांचे होती हैं।
करीब 6000 से 6500 जांच लैब पर होती है। अप्रैल, मई, जून में यह जांच 10000 से अधिक जांच होती है। लैब में सीवीसी, सुगर, बीपी, डेंगू, मलेरिया, टायफायड, एलएफटी सहित 50 से 60 प्रकार की जांच होती है। 100 बेड में किडनी, लीवर, ईसीजी, हार्ट की भी जांच होने लगी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात रेगुलर टेक्नीशियन के आने जाने का समय निश्चित नहीं है। किसी भी बीमारी का सटीक पता लगाने के लिए चिकित्सक जांच लिखते हैं। इसकी के आधार पर मरीज को दवा भी देते हैं। लैब की कमान सहायकों के हाथों में होती है। वहीं, सुरियावां, गोपीगंज, औराई, भदोही, चोरी आदि बाजारों में निजी लैब की कमान अप्रशिक्षितों के हाथों में है।जहां व्यवस्था ऐसे तैसे चल रही है। डिप्लोमा करने के बाद संविदा पर तैनाती कर दी जाती है।
संविदा और रेगुलर एलटी की तैनाती स्वास्थ्य केद्रों पर है। जहां पद रिक्त हैं, इसकी सूचना शासन को दी गई। डीघ सीएचस से जिला अस्पताल में एक एलटी को अटैच किया गया है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।
भदोही। ईद का चाद नजर न आने पर इस जुमा को भी गोपीगंज नगर व ग्रामीण क्षेत्रों रमजान माह की आखिरी जुमा (अलविदा) की नमाज अदा की गईl जामा मस्जिद गोपीगंज के साथ मदीना मस्जिद,शाही मस्जिद, मुजाहिद मस्जिद,फैजाने मदीना सहित अन्य मस्जिदो मे अकीदत व एहतराम के साथ सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज अदा की गईl
जामा मस्जिद गोपीगंज मे पेश इमाम हाफिज अनिशुल कादरी,मदीना मस्जिद में हाफिज गुलाम मुर्तुजा,शाही मसजिद सराय मोहाल मे हाफीज मोहम्मद अवैश,अलीनगर फैजाने मदीना मस्जिद मो अता अत्तारी,मुजाहिद मस्जिद नई बस्ती में पेश इमाम वैश मिस्बाही ने नमाज अदा कराईlग्रामीण क्षेत्र पूरे गुलाब मेवड़ापुर मे गुलाम जिलानी, जामा मस्जिद चकसहाब मे हाफिज फजल व मौलाना हफीज ,बरजी खुर्द मे मौलाना दिलावर,खानापुर गांधी मे मौलाना फतेह मोहम्मद के इमामत मे अलविदा की नमाज अदा की गईlइसके साथ ही भगवतपुर,गहरपुर, गिराई, अमवा,लालानगर मे भी अलविदा की नमाज पढ़ी गईl सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रभात राय,प्रभारी निरीक्षक शैलेश राय ,चौकी प्रभारी कुलदीप मिश्रा बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी बल के साथ मौजूद रहेl नगर पालिका परिषद द्वारा सफाई पेयजल आदि की विशेष व्यवस्था की गई थीl
एक अप्रैल से शुरू होगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान
रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। कलक्ट्रेट सभागार में डीएम शैलेश कुमार व एसपी अभिनव त्यागी ने अधिकारियों संग एक अप्रैल से शुरू होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण संबंधित बैठक विभागीय अधिकारियों संग ली। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व डायरिया बीमारी से बचाव को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस दौरान डीएम ने बताया कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डायरिया, दिमागी बुखार आदि संचारी रोगों से जुडे़ मामलों की आशंका को देखते हुए विशेष अभियान एक अप्रैल से शुरू होगा। अधिकारियों को निर्देशित किए कि एक अप्रैल से पहले संचारी रोग नियंत्रण से संबंधित समस्त व्यवस्था कर ली जाए। साप्ताहिक बन्दी में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फॉगिंग का विशेष कार्यक्रम संचालित किया जाए
50 वां इंडिया कारपेट एक्सपो स्थगित, 400 करोड़ के कारोबार को झटका
*ईरान - इजरायल युद्ध: ज्यादातर आयातकों ने रद्द की यात्रा,सीईपीसी ने मेले को रद्द करने का लिया निर्णय*
रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। अमेरिका, ईरान-इस्रराइल युद्ध के कारण नईदिल्ली में 11 से 14 अप्रैल के बीच होने वाले 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो को सीईपीसी ने स्थगित कर दिया है। अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद बेहतर कारोबार की उम्मीद लगाए निर्यातकों को एक बार फिर झटका लगा है। कालीन निर्यात संर्वधन परिषद (सीईपीसी) की ओर से आयोजित प्रशासनिक समिति की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। मेला स्थगित होने से करीब 400 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा।
50वें कालीन मेले के लिए आयोजन समिति कालीन निर्यात संवर्धन परिषद में काफी समय से ऊहापोह की स्थिति बनी थी। युद्ध के हालातों के बीच मेले में बायरों की भागीदारी और उसकी सफलता के लिए चिंता बना था। मेले में शिरकत करने के लिए अब तक 90 से अधिक निर्यातक स्टॉल के लिए पंजीकरण करा चुके थे। बैठक में प्रशासनिक सदस्यों का मत था कि एक स्टाॅल लगाने में लाखों रुपये खर्च होते हैं। भारी भरकम खर्च के बाद कारोबारी स्टाल लगाएं और उसका लाभ न मिले तो यह चिंता की बात होगी।
टैरिफ हटने से बेहतर कारोबार की थी उम्मीद
बीते साल अक्तूबर में कालीन मेला अमेरिकी टैरिफ के साए में हुआ था। इससे न सिर्फ स्टॉल कम लगे थे, बल्कि बायर भी कम आए थे। यह मेला अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद लगने वाला था। ऐसे में निर्यातकों को इसमें बेहतर कारोबार की उम्मीद थी। शायद यहीं कारण था कि इस फेयर में जिले से करीब 90 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन अब फेयर रद्द होने से बेहतर कारोबार की उम्मीद धरी रह गई है।
हालात सामान्य होने के बाद निर्णय लेगा सीईपीसी
हालात सामान्य होने के बाद पुन: परिषद की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता परिषद के चेयरमैन कैप्टन मुकेश ने की। परिषद की अधिशासी निदेशक डॉ. स्मिता नागरकोटी, वाइस चेयरमैन असलम महबूब, संजय गुप्ता, वासिफ अंसारी, रोहित गुप्ता, इम्तीयाज अंसारी, अनिल सिंह, रोहित गुप्ता, हुसैन जाफर, शौकत खान आदि ने विचार रखे।
निर्यातकों ने कहा
अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद इस मेले से काफी उम्मीद थी, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया है। बायरों के लिए इस बार काफी सैंपल तैयार किए थे। अब अगले फेयर में देखा जाएगा।
- श्यामधर यादव, निर्यातक।
वैश्विक परिस्थितियां कालीन उद्योग को प्रभावित कर रही है। अगर ऐसा ही रहा तो उद्योग के लिए यह बड़ी चिंता का विषय बन सकता है। - जितेन्द्र गुप्ता, निर्यातक।
यह फेयर काफी उम्मीदों वाला था, लेकिन अब स्थगित कर दिया गया है तो ठीक ही है, क्योंकि वहां जाने से भी कोई फायदा नहीं होता। - जाकिर बाबू अंसारी, निर्यातक।
पहले अमेरिकी टैरिफ और अब ईरान-इस्ररायल युद्ध उद्योग के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इसका स्थायी समाधान तलाशा जाए। नहीं तो निर्यातकों को बड़ा नुकसान होगा। - दर्पण बरनवाल, निर्यातक।
बीते चार कालीन मेले का कारोबार
49वां मेला 300 करोड़
48वां मेला 450 करोड़
47वां मेला 550 करोड़
46वां मेला 600 करोड़
युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए यह निर्णय बहुत जरूरी थी। ईरान-इस्ररायल युद्ध अगर इसी तरह लंबा खिंचता रहा तो निश्चित तौर पर कालीन उद्योग पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। सीईपीसी की बैठक के बाद सर्वसम्मिति से वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निर्यातकों के हितों में यह निर्णय लिया गया है। इससे करीब 300 से 400 करोड़ का कारोबार जनरेट होने की उम्मीद है। - असलम महबूब, वाइस चेयरमैन, सीईपीसी।
भदोही।नवरात्रि के प्रथम दिन मां के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की अराधना की गई। महिलाओं ने घरों में कलश स्थापना कर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की नौ दिवसीय अराधना आरंभ की। इस दौरान मंदिरों से लेकर बाजारों तक खुब रौनक देखी गई।वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिवस देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्ञानपुर के द्दोपाइला माता मंदिर, दुर्गागंज तिराहे पर स्थित दुर्गा मंदिर, हरिहरनाथ स्थित मां शीतला, मां काली मंदिर के साथ ही जोरई, ककराही, भुड़की, औराई, सुरियावां, सीमामढ़ी और गोपीगंज के प्राचीन दुर्गा माता मंदिर सदर महाल, सुबह ही आस्थावानों की कतारें लगनी शुरू हो गई। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठे। खासकर महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। व्रती महिलाएं मां की अराधना को पहुंची और विधिवत पूजन-अर्चन किया। भक्तों ने मां से मुरादें मांगी। इसके अलावा घरों में कलश स्थापना की गई। जहां मां भक्त नौ दिनों का पूजन-अर्चन करेंगे। नवरात्र के कारण बाजार में भी अच्छी रौनक देखने को मिली। दर्शन-पूजन को निकली महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। गोपीगंज स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर के पुजारी धनेश पंडा ने कहा कि नवरात्र में मां की अराधना का विशेष महत्व है। इस पूरे नौ दिनों तक मां अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं।
भदोही में विकास की तस्वीर: 9 साल पर प्रदर्शनी और लाभार्थियों को टूलकिट वितरण
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। भदोही में प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर “नवनिर्माण के 9 वर्ष” कार्यक्रम के तहत विकास भवन में एक विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान लखनऊ के लोक भवन से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया और विकास पुस्तिका का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, जिलाधिकारी शैलेश कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर चर्चा की। साथ ही भदोही में 9 दिवसीय प्रदर्शनी की शुरुआत भी हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इस मौके पर कई लाभार्थियों को टूलकिट और प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार की योजनाओं से किसानों, युवाओं और महिलाओं को काफी लाभ मिला है और प्रदेश में विकास तेजी से हुआ है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और लोकगीतों के माध्यम से भी योजनाओं का प्रचार किया गया।
द्दोपइला प्राचीन मंदिर की है महिमा अपरंपार, नि:संतान दंपति को मिलता है संतान का सुख
नितेश श्रीवास्तव
भदोही । कोतवाली क्षेत्र ज्ञानपुर में प्राचीन द्दोपइला मंदिर को लोग संतान प्राप्ति के लिए जानते हैं। ऐसी मान्यता है कि जिसको कोई संतान नहीं होती है, वो यहां पर आकर मन्नतें मांगते हैं हैं। इसके बाद मां दुर्गा स्वप्न या फिर कुछ संकेत देती हैं, जिसे पूरा करने के बाद संतान की प्राप्ति होती है। ज्ञानपुर के भुड़की गांव में एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जहां मां दुर्गा अपने भक्तों को संतान देती हैं। यहां पर सालों से लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं। इसे दुर्गा मंदिर को द्दोपइला मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर को लोग संतान प्राप्ति सके लिए जानते हैं. क्योंकि दशकों से जिसको कोई संतान नहीं होती है, वो यहां पर आकर मन्नतें मांगते हैं। तो मां दुर्गा स्वप्न में या फिर कुछ संकेत देती हैं। जिसे पूरा करने के बाद संतान की प्राप्ति होती है।
इस मंदिर के पुजारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मेरे दादा द्वारा प्राप्त संतान जो मां दुर्गा मंदिर के स्थापना के बाद प्राप्त हुआ। तो मेरे पिता का नाम दुर्गा प्रसाद रखा गया।यहां हर नवरात्र में भक्तों का तांता लगता है। दूर दराज के लोग यहां पहुंचकर दर्शन पूजन करते हैं। मंदिर पर विभिन्न प्रकार का अनुष्ठान भी पूरे नव दिनों तक चलता है। मंदिर के सामने एक विशाल सरोवर भी स्थित है।
कल से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्र, डोली पर आएंगी मां दुर्गा
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। नव संवत्सर की शुरुआत के साथ कल से चैत्र नवरात्र का महापर्व आरंभ होगा. इस बार नवरात्र कई शुभ योगों के विशेष संयोग के साथ आ रहे हैं. इस वर्ष माता दुर्गा की सवारी डोली/पालकी पर सवार होकर आ रही है, जिसे सामान्यतः जनकल्याणकारी और शांति का प्रतीक माना जाता है. साथ ही नवरात्र के दौरान कई दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो साधना, जप और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसे में इस बार के नवरात्र श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी माने जा रहे हैं। आचार्य शरद पांडे ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र पूरे नौ दिन का होगा। चैत्र नवरात्र के साथ ही हिंदू नववर्ष का भी आरंभ होता है. यह समय शक्ति साधना, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का विशेष अवसर होता है. नवरात्र के दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं और घरों व मंदिरों में घट स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं. मंदिरों में इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं और श्रद्धालु भी पूजा सामग्री की तैयारी में जुट गए हैं.
1 hour and 41 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1