चित्रकूट में रिश्वत कांड: SHO श्याम प्रताप पटेल लाइन हाजिर, ऑनलाइन ट्रांसफर से 90 हजार लेने का आरोप
लखनऊ/ चित्रकूट। चित्रकूट जिले में पुलिस महकमे की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। कोतवाली प्रभारी श्याम प्रताप पटेल को 90 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है।
आरोप है कि एक ओवरलोड ट्रक चालक से कार्रवाई से बचाने के बदले रिश्वत मांगी गई। चालक के पास नकद धनराशि न होने पर उसे कथित तौर पर एक तीसरे व्यक्ति की आईडी पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। मामला उजागर होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से संबंधित कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया।
बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपों की पुष्टि होने पर आगे कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर भी असर पड़ा है।
लखनऊ में ‘विश्व शांति एवं स्थिरता’ पर चार दिवसीय महोत्सव 22 मार्च से, कला-संगीत और व्यंजनों का संगम
लखनऊ। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच शांति, एकता और सद्भाव का संदेश देने के उद्देश्य से लखनऊ में 22 से 25 मार्च तक ‘विश्व शांति एवं स्थिरता के लिए समर्पित कला, संगीत और व्यंजन उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।
यह चार दिवसीय कार्यक्रम Uttar Pradesh State Archives और Whiteswan Art के संयुक्त सहयोग से शहीद स्मृति भवन में आयोजित होगा।
उत्सव का उद्घाटन 22 मार्च को होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात कलाकार प्रो. जय कृष्ण अग्रवाल शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में इतिहासकार डॉ रवि भट्ट और प्रो. सुधीर मिश्रा मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के दूसरे दिन 23 मार्च को Dr. Anjali Nigam Tanpure प्रार्थना के साथ आयोजन की शुरुआत करेंगी। इसके बाद ‘विश्व शांति एवं स्थिरता में समर्पित कला’ विषय पर पैनल चर्चा, उभरते कलाकारों का संगीत कॉन्सर्ट और प्रदेश के पारंपरिक एवं विस्मृत व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
24 मार्च को PYSSUM के सहयोग से विशेष जरूरतों वाले और वंचित बच्चों के लिए आर्ट कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें कलाकार और आर्ट संस्थान भाग लेंगे। 25 मार्च को कार्यक्रम का समापन होगा।
इस आयोजन का उद्देश्य कला, संगीत और भोजन के माध्यम से वैश्विक संवाद को बढ़ावा देना और शांति का संदेश फैलाना है। आयोजकों का मानना है कि कला और संगीत ऐसी सार्वभौमिक भाषा हैं, जो सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ती हैं।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि विश्व शांति और सतत विकास की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।
लखनऊ में खौफनाक पारिवारिक त्रासदी: पति-पत्नी और बेटे ने खाया जहर, मां-बेटे की मौत, सुसाइड नोट से मचा सनसनी
लखनऊ । यूपी की राजधानी के सरोजनीनगर क्षेत्र के बंथरा थाना इलाके में एक ही परिवार के तीन सदस्यों द्वारा जहरीला पदार्थ खाने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस दर्दनाक घटना में मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि परिवार का मुखिया जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, बंथरा के ग्राम नीवा निवासी रूपनारायण चौरसिया (55), उनकी पत्नी तारावती (करीब 50 वर्ष) और बड़ा बेटा संदीप (30) अपने छोटे बेटे कुलदीप (25) के साथ रहते थे। परिवार चाय-समोसे का होटल और पान की दुकान चलाकर जीवनयापन करता था।


सुबह करीब 4 बजे अचानक घर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं

बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार रात को रूपनारायण और उनका बेटा संदीप दुकान से घर लौटे, जबकि छोटा बेटा कुलदीप खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। रात सब कुछ सामान्य था, लेकिन सुबह करीब 4 बजे अचानक घर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं।कुलदीप की नींद खुली तो उसने देखा कि पिता रूपनारायण उल्टियां कर रहे थे और उनकी हालत बेहद खराब थी। जब उसने घर के अंदर देखा तो मां तारावती और भाई संदीप मृत अवस्था में पड़े थे, जिनके मुंह से झाग निकल रहा था।घबराए परिजनों ने तुरंत रूपनारायण को एक निजी अस्पताल (प्रसाद हॉस्पिटल) में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है और हालत गंभीर बनी हुई है।


“हम लोग सुसाइड कर रहे हैं, इसमें किसी का कोई दोष नहीं

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों ने जहरीला पदार्थ सेवन किया था। पुलिस को मृतक संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है— “हम लोग सुसाइड कर रहे हैं, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है।”पुलिस के अनुसार, मृतकों के शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और एफएसएल टीम द्वारा मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।थाना बंथरा प्रभारी के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं—आर्थिक स्थिति, पारिवारिक तनाव और अन्य संभावित कारणों—की गहराई से जांच की जा रही है।इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। अचानक हुई इस पारिवारिक त्रासदी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।
अमोनिया संकट पर त्वरित कार्रवाई: शीतगृहों में सुरक्षित रहा आलू, किसानों को राहत
* उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने दी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आलू के भंडारण, बाजार मूल्य एवं विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रेस वार्ता की।
मंत्री ने शीतगृह संचालकों और आलू उत्पादक किसानों का स्वागत करते हुए पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आलू के बेहतर विपणन और भंडारण के लिए कई प्रयास किए गए, जिनमें ओडिशा सरकार के साथ 15 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का समझौता भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अचानक शीतगृहों में भंडारित आलू पर संकट उत्पन्न हो गया, जब अमोनिया गैस की कमी सामने आई। इस स्थिति में योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राज्य स्तर पर त्वरित समाधान के प्रयास किए गए।
उन्होंने आगे बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने भारत सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क किया। प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद दोनों मंत्रियों ने 24 घंटे के भीतर आवश्यक निर्देश जारी किए, जिससे शीतगृह संचालकों को अमोनिया गैस की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी।
इस त्वरित कार्रवाई से राज्य के किसानों और शीतगृह संचालकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय ‘श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायक होगा। उन्होंने शीतगृह एसोसिएशन की उपाध्यक्ष तृप्ति सिंह को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमोनिया गैस की कमी का कारण वैश्विक परिस्थितियाँ थीं, लेकिन केंद्र सरकार के त्वरित हस्तक्षेप से आम जनता और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
लखनऊ में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: महिगवां पुलिस का त्वरित एक्शन, सख्त धाराओं में कार्रवाई
लखनऊ । राजधानी के थाना महिगवां क्षेत्र में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया गया।
मामला 17 मार्च 2026 का है, जब पीड़िता के परिजनों ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि आरोपी बृजेश यादव उनकी नाबालिग पुत्री को जबरन अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना सहायक पुलिस आयुक्त बीकेटी द्वारा की जा रही है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।
19 मार्च को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।
पुलिस ने साफ किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
तमंचे के दम पर दबंगई पड़ी भारी: माल पुलिस ने आरोपी को हथियार समेत किया गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के थाना माल क्षेत्र में अवैध हथियार के बल पर धमकी और विवाद करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 मार्च 2026 को कस्बा माल निवासी उदयवीर सिंह ने थाना माल में शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने निजी मकान का निर्माण करा रहे थे, तभी धर्मेन्द्र सिंह नामक व्यक्ति वहां पहुंचा और अवैध तमंचा दिखाकर गाली-गलौज व झगड़ा करने लगा।
शिकायत के आधार पर थाना माल पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। उपनिरीक्षक रवि कुमार कटियार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी धर्मेन्द्र सिंह को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर का अवैध देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वालों और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि लखनऊ पुलिस अपराध और दबंगई के खिलाफ पूरी तरह सख्त है।
मिशन शक्ति फेज-5: महिलाओं के सशक्तीकरण की नई पहल शुरू, ड्राइविंग ट्रेनिंग से लेकर ‘एक दिन की डीएम’ तक कई बड़े प्रावधान
लखनऊ । महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के फेज-5 के दूसरे चरण की शुरुआत पहले नवरात्र से कर दी गई है। इस बार सरकार ने अभियान को केवल सुरक्षा तक सीमित न रखते हुए इसे नवाचार, सहभागिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ दिया है।

इस चरण में महिलाओं और युवतियों को सशक्त बनाने के लिए कई नई और प्रभावी योजनाएं शामिल की गई हैं। सबसे प्रमुख पहल ‘ड्राइविंग माय ड्रीम्स’ है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में कम से कम 100 महिलाओं और युवतियों को ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

इसके अलावा ‘एक दिन की जिलाधिकारी’ कार्यक्रम के तहत मेधावी बालिकाओं को प्रशासनिक अनुभव दिया जाएगा, जिससे वे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें और आत्मविश्वास विकसित कर सकें।

अभियान में पहली बार ‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ नाम से संवाद कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें महिलाएं सीधे जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्याएं रख सकेंगी। इससे शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।

शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ डिजिटल एमओयू किए जा रहे हैं, ताकि छात्राओं को प्रशिक्षण और करियर मार्गदर्शन मिल सके।

तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के आठ बड़े शहरों में डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से महिला सुरक्षा से जुड़ी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान चलाकर युवाओं और शहरी वर्ग को जोड़ा जाएगा।

नगर विकास विभाग के तहत ‘अमृत मित्र’ योजना के जरिए महिलाओं को जल प्रबंधन और शहरी सेवाओं में भागीदारी दी जाएगी, जबकि स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल मार्केटिंग और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।

मुख्य बिंदु:

‘एक दिन की जिलाधिकारी’ बनेंगी मेधावी बालिकाएं

‘ड्राइविंग माय ड्रीम्स’ से महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण

‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ संवाद कार्यक्रम

विश्वविद्यालयों के साथ डिजिटल एमओयू

डिजिटल मीडिया व सोशल मीडिया अभियान

‘अमृत मित्र’ योजना में महिलाओं की भागीदारी

स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ना

रोजगार और कौशल विकास पर विशेष फोकस
ऑपरेशन कन्विक्शन में यूपी पुलिस की बड़ी कामयाबी: जानलेवा हमले के आरोपी को 5 साल की सजा
लखनऊ । राजधानी में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत थाना तालकटोरा पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर जानलेवा हमले के एक आरोपी को न्यायालय से कड़ी सजा दिलाई गई है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देशों पर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
मामला वर्ष 2021 के मुकदमा अपराध संख्या 224/2021 से संबंधित है, जिसमें अभियुक्त राम किशोर राठौर को थाना तालकटोरा पुलिस ने सुदृढ़ विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के आधार पर न्यायालय में दोषी सिद्ध कराया।
माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय, लखनऊ ने आरोपी को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹10,000 का जुर्माना तथा धारा 325 के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹6,000 का जुर्माना सुनाया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इस सफलता के पीछे थाना तालकटोरा पुलिस की मजबूत विवेचना, सटीक साक्ष्य प्रस्तुतीकरण और निरंतर प्रभावी पैरवी की अहम भूमिका रही। प्रभारी निरीक्षक कुलदीप दुबे और कांस्टेबल सूर्यपाल यादव ने इस केस को अंजाम तक पहुंचाने में विशेष योगदान दिया।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इस तरह की कार्रवाई यह साबित करती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य कर रही है, जिससे कानून व्यवस्था और भी सुदृढ़ हो रही है।
लखनऊ में बड़ा हादसा टला: पानी की टंकी पर चढ़े युवक को पुलिस ने बचाया, घंटों की मशक्कत के बाद सुरक्षित उतारा
लखनऊ। राजधानी के थाना ठाकुरगंज क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया और कूदने की कोशिश करने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सूझबूझ और धैर्य के साथ बड़ी घटना को टाल दिया।
घटना 19 मार्च 2026 की शाम की है, जब मुसाहबगंज पार्क स्थित पानी की टंकी पर करीब 22 वर्षीय युवक चढ़ गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि युवक नीचे कूद सकता है। मौके पर पहुंची थाना ठाकुरगंज पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
जांच में पता चला कि युवक का अपनी पत्नी से घरेलू विवाद हुआ था, जिसके बाद वह गुस्से में आकर टंकी पर चढ़ गया। पुलिस टीम ने करीब एक घंटे से अधिक समय तक लगातार समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद युवक को शाम करीब 7:40 बजे सकुशल नीचे उतार लिया गया।
इसके बाद पुलिस ने युवक और उसकी पत्नी दोनों को समझाया, जिससे दोनों के बीच विवाद समाप्त हो गया। मौके पर पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है।
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक ओमवीर सिंह चौहान समेत पूरी टीम की अहम भूमिका रही। आम लोगों ने पुलिस की इस संवेदनशील और तत्पर कार्रवाई की सराहना की है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लखनऊ पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ लोगों की जान बचाने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।
यूपी पुलिस के दो बड़े नवाचारों को राष्ट्रीय सम्मान, ET GovTech Awards 2026 से नवाजा गया
लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर तकनीक आधारित जनसेवा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। पुलिस के दो प्रमुख डिजिटल इनिशिएटिव—‘UP Police Fact Check’ और ‘Meta Suicidal Alert’—को देश के प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026 से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली के हयात रीजेंसी होटल में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की ओर से गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने प्राप्त किया। यह सम्मान यूपी पुलिस को दो अलग-अलग श्रेणियों में मिला—‘UP Police Fact Check’ को ‘Digital Policing & Law Enforcement Excellence Award’ तथा ‘Meta Suicidal Alert’ को ‘Digital Citizen Engagement & Grievance Redressal Award’ के तहत पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर जनहितकारी पुलिसिंग को नई दिशा दे रही है।
फैक्ट चेक पहल बनी मिसाल
वर्ष 2017 में शुरू किया गया देश का पहला पुलिस-संचालित फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों का तत्काल खंडन करना है। 24×7 सक्रिय यह टीम OSINT टूल्स, रिवर्स इमेज सर्च और जियोलोकेशन तकनीक के माध्यम से वायरल कंटेंट की जांच करती है। अब तक हजारों भ्रामक पोस्ट का पर्दाफाश कर सैकड़ों मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
Meta Suicidal Alert: जीवन बचाने की अनूठी पहल
Meta कंपनी के सहयोग से शुरू की गई यह पहल सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट की पहचान कर पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजती है। 2023 से फरवरी 2026 तक इस सिस्टम के जरिए 2181 लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जिसमें बड़ी संख्या युवाओं की है।
महाकुंभ 2025 में भी निभाई अहम भूमिका
महाकुंभ के दौरान फैलाई गई फर्जी खबरों और भ्रामक वीडियो पर यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैकड़ों अकाउंट चिन्हित किए और कई आपराधिक मामले दर्ज किए, जिससे संभावित तनाव और अफवाहों को समय रहते रोका गया।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा, जागरूकता और जीवन रक्षा के लिए भी नई मिसाल कायम कर रही है।