50 वां इंडिया कारपेट एक्सपो स्थगित, 400 करोड़ के कारोबार को झटका
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*ईरान - इजरायल युद्ध: ज्यादातर आयातकों ने रद्द की यात्रा,सीईपीसी ने मेले को रद्द करने का लिया निर्णय*
रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव
भदोही। अमेरिका, ईरान-इस्रराइल युद्ध के कारण नईदिल्ली में 11 से 14 अप्रैल के बीच होने वाले 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो को सीईपीसी ने स्थगित कर दिया है। अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद बेहतर कारोबार की उम्मीद लगाए निर्यातकों को एक बार फिर झटका लगा है। कालीन निर्यात संर्वधन परिषद (सीईपीसी) की ओर से आयोजित प्रशासनिक समिति की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। मेला स्थगित होने से करीब 400 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा।
50वें कालीन मेले के लिए आयोजन समिति कालीन निर्यात संवर्धन परिषद में काफी समय से ऊहापोह की स्थिति बनी थी। युद्ध के हालातों के बीच मेले में बायरों की भागीदारी और उसकी सफलता के लिए चिंता बना था। मेले में शिरकत करने के लिए अब तक 90 से अधिक निर्यातक स्टॉल के लिए पंजीकरण करा चुके थे। बैठक में प्रशासनिक सदस्यों का मत था कि एक स्टाॅल लगाने में लाखों रुपये खर्च होते हैं। भारी भरकम खर्च के बाद कारोबारी स्टाल लगाएं और उसका लाभ न मिले तो यह चिंता की बात होगी।
टैरिफ हटने से बेहतर कारोबार की थी उम्मीद
बीते साल अक्तूबर में कालीन मेला अमेरिकी टैरिफ के साए में हुआ था। इससे न सिर्फ स्टॉल कम लगे थे, बल्कि बायर भी कम आए थे। यह मेला अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद लगने वाला था। ऐसे में निर्यातकों को इसमें बेहतर कारोबार की उम्मीद थी। शायद यहीं कारण था कि इस फेयर में जिले से करीब 90 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन अब फेयर रद्द होने से बेहतर कारोबार की उम्मीद धरी रह गई है।
हालात सामान्य होने के बाद निर्णय लेगा सीईपीसी
हालात सामान्य होने के बाद पुन: परिषद की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता परिषद के चेयरमैन कैप्टन मुकेश ने की। परिषद की अधिशासी निदेशक डॉ. स्मिता नागरकोटी, वाइस चेयरमैन असलम महबूब, संजय गुप्ता, वासिफ अंसारी, रोहित गुप्ता, इम्तीयाज अंसारी, अनिल सिंह, रोहित गुप्ता, हुसैन जाफर, शौकत खान आदि ने विचार रखे।
निर्यातकों ने कहा
अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद इस मेले से काफी उम्मीद थी, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया है। बायरों के लिए इस बार काफी सैंपल तैयार किए थे। अब अगले फेयर में देखा जाएगा।
- श्यामधर यादव, निर्यातक।
वैश्विक परिस्थितियां कालीन उद्योग को प्रभावित कर रही है। अगर ऐसा ही रहा तो उद्योग के लिए यह बड़ी चिंता का विषय बन सकता है। - जितेन्द्र गुप्ता, निर्यातक।
यह फेयर काफी उम्मीदों वाला था, लेकिन अब स्थगित कर दिया गया है तो ठीक ही है, क्योंकि वहां जाने से भी कोई फायदा नहीं होता। - जाकिर बाबू अंसारी, निर्यातक।
पहले अमेरिकी टैरिफ और अब ईरान-इस्ररायल युद्ध उद्योग के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इसका स्थायी समाधान तलाशा जाए। नहीं तो निर्यातकों को बड़ा नुकसान होगा। - दर्पण बरनवाल, निर्यातक।
बीते चार कालीन मेले का कारोबार
49वां मेला 300 करोड़
48वां मेला 450 करोड़
47वां मेला 550 करोड़
46वां मेला 600 करोड़
युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए यह निर्णय बहुत जरूरी थी। ईरान-इस्ररायल युद्ध अगर इसी तरह लंबा खिंचता रहा तो निश्चित तौर पर कालीन उद्योग पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। सीईपीसी की बैठक के बाद सर्वसम्मिति से वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निर्यातकों के हितों में यह निर्णय लिया गया है। इससे करीब 300 से 400 करोड़ का कारोबार जनरेट होने की उम्मीद है। - असलम महबूब, वाइस चेयरमैन, सीईपीसी।


नितेश श्रीवास्तव
नितेश श्रीवास्तव
रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव
1 hour and 50 min ago
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