उत्तर भारतीय संघ की फूलों की होली में दिखा सामाजिक एकता का संगम
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मुंबई। बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन में शनिवार को उत्तर भारतीय संघ की ओर से भव्य होली स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए और फूलों की होली खेलते हुए एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। गीत-संगीत और पारंपरिक मिलन के माहौल से पूरा परिसर रंग और उत्साह से सराबोर हो गया। इस अवसर पर अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने सभी को होली की शुभकामनांए दी और आम उत्तरभारतीय के प्रति संघ की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के साथ संघ हमेशा डटा रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने भाजपा विधायक राजहंस सिंह का विशेष रूप से सम्मान किया गया । इस मौके पर राजहंस सिंह ने कहा कि वे उत्तर भारतीय समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के विकास और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कई लोगों ने सहयोग भी दिया। विशाल सिंह ने पांच लाख रुपए का चेक देकर संघ के विशेष ट्रस्टी बनने की घोषणा की। विशाल सिंह के पिता अशोक सिंह ने कहा कि उत्तर भारतीय संघ को मजबूत बनाने में बाबू आरएन सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और उनके प्रयासों से ही संस्था लगातार आगे बढ़ी। समारोह में सांस्कृतिक रंग भी खूब देखने को मिला। गायक राकेश तिवारी और उनकी टीम ने पारंपरिक और लोकप्रिय होली गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर माहौल को और अधिक रंगीन बना दिया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रीति भोज (बाटी-चोखा) का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। इस अवसर पर आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, रामबक्श सिंह, कृष्णामणि शुक्ला, विजय सिंह (मालाड), शिवनारायण सिंह, जसवंत यादव, सुरेश दुबे, रमेश बहादुर सिंह, संजय सिंह, डॉ. किशोर सिंह, देवेंद्र तिवारी, अशोक दुबे, अवनीश सिंह, बीड़ी सिंह, ओमप्रकाश सिंह, श्रीनिवास तिवारी, अजय कुमार सिंह, अंतेश सिंह, नंदलाल उपाध्याय, राजेश सिंह, संजू सिंह, सीताराम यादव, प्रह्लाद पांडेय, रामनयन शर्मा, रेणू मल्लाह, विजय सिंह, अनुराग त्रिपाठी, आदित्य दुबे, विशाल सिंह, आदित्य सिंह सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संघ के महामंत्री देवेंद्र तिवारी ने किया।


मुंबई। प्रख्यात समाजसेवी एवं लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा को मार्च महिने में उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए दो प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया। उन्हें “भारत भाग्य विधाता – राष्ट्र प्रथम, फीलिंग प्राइड ऑफ इंडिया सोशल वेलफेयर अवॉर्ड” से नवाज़ा गया, जो समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना में प्रदान किया गया। इसके साथ ही डॉ. मंजू लोढ़ा को “महाराष्ट्र रत्न पुरस्कार 2026” से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर किए जा रहे सेवा कार्यों और समाज के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए प्रदान किया गया।
वसई । नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज मे डॉ.श्यामसुंदर शर्मा द्वारा लिखित सरल श्रीमद्भगवद्गीता "चिरायू गीता" इस पुस्तक का विमोचन समारोह आयोजित हुआ. कार्यक्रम की शुरुवात सभी मान्यवरों द्वारा भगवान धन्वंतरी पूजन, स्तवन एवं दीपप्रज्वलन से की गई l पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के विशेष अतिथी भूतपूर्व एअर फोर्स अफसर वर्तमान में भारत सरकार के श्रम मंत्रालय ESIC के डायरेक्टर कामेश्वर दुबे थे l महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे इन्होने डॉक्टर श्यामसुंदर शर्मा को हार्दिक बधाई देते हुए कहा की, "एक आयुर्वेद तज्ञ लिखित इस "सरल श्रीमद्भगवद्गीता - चिरायू गीता" के लिये शुभसंदेश देने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ और हमारे महाविद्यालय में उसका "विमोचन"करने का स्वर्ण अवसर हमे प्राप्त हुआ इसकी मुझे बहुत खुशी है"l कार्यक्रम के विशेष अतिथी कामेश्वर दुबे ने "गीता का सार बताकर जीवन मे "संतोष एवं सफलता" पाने के लिए भगवद्गीता का अभ्यास बहुत जरुरी है" ऐसे कहाl
मुंबई। शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन मुंबई के उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा मुंबई की महापौर श्रीमती रितु तावडे को पत्र लिखकर फुटपाथ से हटाए जा रहे फेरीवालों के पुनर्वासन की मांग की है। संतोष सिंह ने कहा कि पिछले कई वर्षों से फुटपाथ पर व्यवसाय कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले फेरीवालों को हटाया जा रहा है, जिससे उनके पूरे परिवार पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। खासकर स्कूलों में पढ़ रहे उनके बच्चों को आगे पढ़ पाना मुश्किल सा हो गया है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि मुंबई को स्वस्थ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में अतिक्रमित फेरीवालों को हटाया जाना जरूरी है ,परंतु मानवीय आधार पर उन्हें रोजी-रोटी से पूरी तरह से बेदखल कर देना उचित नहीं है। ऐसे में इन फेरीवालों का पुनर्वासन उन्हें नई जिंदगी दे सकता है और उनका परिवार भुखमरी के संकट से बाहर निकल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित फेरीवालों में सबसे अधिक संख्या उत्तर भारतीयों की है, जो काफी अरसे से फुटपाथ पर व्यवसाय करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। पुनर्वासन ही ऐसे परिवारों को नया जीवन और जीने का आधार दे सकता है।
2 hours and 40 min ago
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