झारखंड में गुलाबी क्रांति की तैयारी: रांची की बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार के लिए ICAR-NMRI और सरकार के बीच MoU

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रांची: झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में ICAR-NMRI हैदराबाद और पशुपालन निदेशालय, झारखंड के बीच रांची स्थित बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार हेतु सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

बेकन फैक्ट्री का होगा कायाकल्प

झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस समझौते से न केवल बेकन फैक्ट्री का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि राज्य के पशुधन क्षेत्र में 'वैल्यू एडिशन' (मूल्यवर्धन) को भी बढ़ावा मिलेगा।

MoU के मुख्य आकर्षण और लक्ष्य:

आधुनिक तकनीक: हैदराबाद के वैज्ञानिक रांची की बेकन फैक्ट्री को आधुनिक और वैज्ञानिक रूप प्रदान करने में तकनीकी सहयोग देंगे।

अंतरराष्ट्रीय मानक: झारखंड में तैयार होने वाले मांस उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

रोजगार और प्रशिक्षण: स्थानीय उद्यमियों और श्रमिकों के लिए मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी कोर्स और प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

किसानों को लाभ: वैज्ञानिक पशुपालन प्रथाओं को बढ़ावा मिलने से राज्य के पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

ICAR-NMRI के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम. मुथुकुमार ने इस सहयोग को झारखंड के मीट सेक्टर के लिए 'गेम चेंजर' बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों से स्थानीय विकास और तकनीकी उत्कृष्टता के बीच एक आदर्श संतुलन बनेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मिशन असम: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिले AJP अध्यक्ष लूरिनज्योति गोगोई

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में असम जातीय परिषद (AJP) के अध्यक्ष श्री लूरिनज्योति गोगोई ने शिष्टाचार मुलाकात की।

इस बैठक के केंद्र में आगामी असम चुनाव रहे, जिस पर दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा, झारखंड में चल रहे विभिन्न विकासात्मक मुद्दों और दोनों राज्यों के आपसी हितों पर भी बातचीत की गई। मुलाकात के दौरान असम जातीय परिषद के कई अन्य सदस्य और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

लगातार हो रही इन मुलाकातों से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आगामी असम चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी में हैं।

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बड़ी मुलाकात: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिले असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई

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रांची: आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से उनके कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद श्री गौरव गोगोई ने शिष्टाचार मुलाकात की।

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और गौरव गोगोई के बीच आगामी असम चुनाव को लेकर रणनीति साझा की गई। साथ ही, झारखंड में चल रही विकासात्मक योजनाओं के क्रियान्वयन और देश के वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री भंवर जितेंद्र सिंह और झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री के. राजू भी मौजूद रहे। यह मुलाकात झारखंड और असम के बीच राजनीतिक तालमेल को मजबूत करने के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गढ़वा: बंडा पहाड़ पर गूंजा 'हर-हर महादेव', नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ का तीसरा दिन संपन्न

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गढ़वा :- गढ़वा के ग्राम जोबरईया के बंडा पहाड़ स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का तीसरा दिन भगवान शंकर के रुद्राभिषेक से प्रारंभ हुआ। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार संध्या काल में पावन श्री राम कथा में अयोध्या धाम से पधारे हुए परम पूज्य आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने कथा के तृतीय दिवस में भगवान के पावन जन्म की कथा श्रवण कराया। कथा व्यास जी ने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार पापाचार बढ़ता है, दुष्ट आताताइयो का आतंक बढ़ता है प्रभु विभिन्न स्वरूपों में आकर के राक्षसों का विनाश कर धरती के भार को हल्का करते हैं। परमात्मा निराकार है लेकिन भक्त के भावना के अनुसार समय-समय पर सगुण साकार रूप रखकर इस धरती पर आते हैं। भगवान को धरती पर आने के कई कारण है मानस में गोस्वामी जी ने लिखा है विप्र,धेनु,सुर,संत हित लीन्ह मनुज अवतार l कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुतिकरण हेतु साथ दे रहे संगीतकारों ने अपने गीत के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया। कथा के अंत में वृंदावन से पधारे हुए कलाकारों के

द्वारा सुंदर झांकियां की प्रस्तुति हुई। जिसमें राजा दशरथ और महारानी कौशल्या के साथ बाल शाखाओं की टोली की प्रस्तुतीकरण ने उपस्थित दर्शकों का मनमोहन लिया। महायज्ञ के यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज जी ने कथा व्यास के प्रस्तुतीकरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यास जी एक उद्भट्ट विद्वान है। कथा करने की इनकी गायन शैली काफी रोचक और झांकियां काफी मनोरम है। प्रधान संयोजक श्री राकेश पाल जी ने कहा कि यह महायज्ञ इस धरा धाम को पवित्र करने वाली है इस क्षेत्र के लिए परम सौभाग्य की बात है कि यहां नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन हो रहा है।

श्री रुद्र महायज्ञ के अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार पाल ने अपने सभी सदस्यों को काफी सजग होकर भक्तों के सभी आवश्यक सुविधाओं के प्रति सचेत रहने का सुझाव दिया।

वहीं संपूर्ण कथा के दौरान आज के अतिथि के रूप में गढ़वा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री नरेंद्र नारायण जी गढ़वा से प्रमुख समाजसेवी पिंटू केसरी जी, विजय केसरीजी कथा मंडपम में विशेष रूप से उपस्थित थे।।

रांची मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के विभिन्न अंचलों में जनता दरबार का आयोजन

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उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के सभी अंचल में हर मंगलवार जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। आज भी विभिन्न अंचलों में संबंधित अंचल अधिकारी जनता की समस्याओं से अवगत हुए।

कई फरियादियों की समस्याओं का हुआ ऑन-द-स्पॉट निष्पादन

अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में अंचल अधिकारियों द्वारा लोगों की समस्याएं सुनी गयी। जनता दरबार में भूमि बंटवारा, अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, भूमि निबंधन, जमीन मापी, आवास योजना, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, नल-जल योजना, आंगनबाड़ी सहित लोगों की अन्य समस्याएं सामने आयी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार सभी सीओ ने जनता की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया एवं शेष मामलों को शीघ्र कारवाई हेतु अग्रसारित किया गया।

जनता दरबार में उपस्थित रहे अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्देश पर आज आयोजित जनता दरबार में अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त द्वारा राजस्व से संबंधित शिकायतों की अद्यतन जानकारी और त्वरित निष्पादन के लिए सीआई एवं कर्मचारी को जनता दरबार में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए सभी को निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। आम लोगोें को अनावश्यक कार्यालय का चक्कर न काटना पड़े इसे सुनिश्चित करने का निर्देश उपायुक्त द्वारा दिया गया है। प्रत्येक मंगलवार के अतिरिक्त सभी अंचलों में अंचल अधिकारी से जनता की मुलाकात के लिए दोपहर 01ः00-02ः00 बजे का समय भी निर्धारित है।

असम की धरती से हेमंत सोरेन की हुंकार: "चाय बागान के आदिवासियों को मिले हक और पहचान का सम्मान।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज असम के बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में आयोजित एक विशाल जागरूकता जनसभा में शामिल हुए। आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम द्वारा आयोजित इस सभा में उन्होंने असम में निवास कर रहे आदिवासी समुदाय के हक और अधिकारों की पुरजोर वकालत की।

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि असम का आदिवासी समाज दशकों से देश के चाय व्यापार का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन आज भी यह वर्ग शोषण और अत्याचार का सामना कर रहा है। उन्होंने झारखंड के 50 वर्षों के लंबे संघर्ष और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि हक पाने के लिए चट्टानी एकजुटता जरूरी है। सीएम सोरेन ने जोर देकर कहा कि असम के आदिवासियों को अभी तक 'आदिवासी का दर्जा' न मिलना एक बड़ी विडंबना है। उन्होंने समुदाय से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान की सुरक्षा के लिए बौद्धिक रूप से सशक्त बनें और संवैधानिक अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार रहें।

विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

नीलकंठ महादेव मंदिर में नौ दिवसीय महायज्ञ का शंखनाद: श्रीराम कथा की अमृतवर्षा में डूबे श्रद्धालु।

गढ़वा: जिला मुख्यालय के ग्राम जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ भव्य जलयात्रा निकाली गई। यह आयोजन यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य महाराज के सानिध्य और प्रधान संयोजक राकेश पाल की देखरेख में संपन्न हुआ।

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कथा मंडपम का उद्घाटन:

संध्या काल में श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पंडित पंकज शांडिल्य जी महाराज की संगीतमय श्रीराम कथा का आगाज हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य अतिथि, झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और विशिष्ट अतिथि गढ़वा एसडीओ संजय कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कथा मंडपम का उद्घाटन किया।

अतिथियों के विचार:

इस अवसर पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जागृति युवा क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अध्यात्म हमें मानसिक शांति की ओर ले जाता है और कर्मठता ही सुखद जीवन का आधार है। वहीं, एसडीओ संजय कुमार पांडेय और वरिष्ठ पत्रकार विनोद पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

राम कथा का सार:

कथा व्यास आचार्य पंकज शांडिल्य ने प्रथम दिवस की कथा में कहा कि राम कथा मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने भक्ति और माया के अंतर को समझाते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम प्रमुख ओमप्रकाश पाल ने किया, जिन्होंने सभी भक्तों से प्रतिदिन संध्या 6 बजे कथा में शामिल होने का आग्रह किया है।

महिला सशक्तिकरण का संकल्प: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिलीं महिला विधायक, दी महिला दिवस की बधाई।


रांची, 09 मार्च 2026: झारखंड विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आज एक विशेष उत्साह देखने को मिला। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड विधानसभा की महिला सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी महिला विधायकों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने झारखंड सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुलाकात के दौरान महिला विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को शुभकामनाओं के साथ-साथ राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, उत्थान और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों पर सकारात्मक चर्चा की और महिला हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.

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बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.

निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.

सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.

कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.

गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.