नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में शिवजयंती और महिला दिवस
वसई। नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती और आंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस प्रोग्राम का मकसद छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारो और विरासत का सम्मान करना था, साथ ही हमारे समाज को बनाने में महिलाओं के अमूल्य योगदान को पहचान देना था।
इस कार्यक्रम मे महाविद्यालय के विद्यार्थीयोने  कई तरह के डांस, ड्रामा, पोवाड़ा और गाने पेश किए। महिला टीचर्स ने फैशन शो के ज़रिए इतिहास की अलग-अलग महिलाओं के रूपों को दिखाया।महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ओमप्रकाश दुबे और ट्रस्टी एवं स्त्रीरोग प्रसूती तंत्र विभाग की विभागप्रमुख डॉ. ऋजुता दुबे इन्होने छत्रपति शिवाजी महाराज के सिद्धांतों और महिला एम्पावरमेंट के महत्व पर अपना वक्तव्य सादर दिया। कार्यक्रम मे महाविद्यालय की प्राचार्या  डॉ. हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक , अध्यापकेतर कर्मचारी सभी विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन सेकंड ईयर की आयुर्वेदाचार्य विद्यार्थिनी अक्षदा मालवे ने किया। सामाजिक मूल्यों और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए संस्था की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, दूसरे वर्ष की आयुर्वेद छात्रा आयुषी सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जिसके बाद अल्पोपहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ l
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आधार फाउंडेशन ने दिव्यांग लड़की को दिया व्हीलचेयर
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आधार फाउंडेशन संस्था ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में आज सुबह एक दिव्यांग लड़की, कुमारी शगुन ब्रिजेश राजभर, जो बोलने और सुनने में असमर्थ हैं और शरीर से भी दिव्यांग हैं, को संस्था की तरफ से एक व्हील चेयर प्रदान की गई।
शगुन ए डी सिंह चाल, पोईसर, कांदिवली (पूर्व), मुंबई में रहती हैं। संस्था के अध्यक्ष मनोज चतुर्वेदी, विद्याशंकर चतुर्वेदी, श्रीकांत पांडे, नागेन्द्र मिश्रा और शशिकांत पांडे आज सुबह शगुन के घर पहुंचे और उन्हें व्हील चेयर सौंपी। इस अवसर पर उन्होंने शगुन को आगे भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
काव्यसृजन परिवार द्वारा होली मिलन एवं सम्मान समारोह संपन्न
वलसाड। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था काव्य सृजन परिवार द्वारा रविवार 8 मार्च 2026 को वलसाड, गुजरात के रमणीय स्थल पर होली मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।जिसका आयोजन संस्था के संगठन मंत्री सौरभ दत्ता "जयंत" के मार्गदर्शन में हुआ।समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ शारदे का पूजन-वंदन एवं धूप-दीप पुष्प अर्पित करते हुए किया गया। साथ ही संस्था के संस्थापक शिवप्रकाश जमदग्निपुरी ने मंत्रोच्चारण करके माँ सरस्वती की वंदना व स्तुति की।कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया।प्रथम सत्र की अध्यक्षता हौंसिला प्रसाद सिंह अन्वेषी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में विनोद शुक्ला कवि व टिकट निरीक्षक रेलवे मुंबई उपस्थित रहे। प्रथम सत्र का बहुत ही शानदार संचालन पंडित शिव प्रकाश जमदग्निपुरी ने होली के शब्द रुपी रंगों से किया।कार्यक्रम के दूसरे सत्र की अध्यक्षता प्रो.डॉ कृष्ण कुमार मिश्र मुंबई ने किया तथा मुख्य अतिथि के रुप में डॉक्टर प्रमोद कुमार पल्लवित मंच पर उपस्थित रहे।दूसरे सत्र का बहुत ही खूबसूरत संचालन श्रीमती लक्ष्मी यादव ने किया। उपस्थित सभी अतिथियों का सम्मान पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं सम्मान चिन्ह देकर किया गया।उक्त समारोह में मुंबई शहर के,मुंबई उपनगर के तथा ठाणे एवं पालघर सहित गुजरात के अन्य जिलों से भी लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि व पूर्व शिक्षक लाल बहादुर यादव कमल,अरुण दुबे अविकल,पूर्व बैंक अधिकारी व सुप्रसिद्ध कवि ओमप्रकाश तिवारी,कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप, जालना से पधारे शिक्षक कवि उमेश पाण्डेय, पूर्व शिक्षक व कवि डॉ शारदा प्रसाद दुबे शरदचंद्र,रामकिशन शर्मा,कैलाश नाथ गुप्ता,शिवनारायण यादव, अधिवक्ता अनिल शर्मा,आर एन शर्मा,दीपक यादव,संस्था सचिव प्राध्यापक अंजनी कुमार द्विवेदी अनमोल,डीके अग्निहोत्री उर्फ कैलाश,प्रतिष्ठित कवि व गीतकार अवधेश विश्वकर्मा नमन, विपुल मिश्रा,अनूप बिंदल,संस्था उपसचिव आनंद पाण्डेय केवल,विनोद कुमार शुक्ला,मुख्य अतिथि सोनल,इंदु भोलानाथ मिश्र,संजीत कुमार ठाकुर,मदन मोहन दास,संस्था अध्यक्ष श्रीधर मिश्र आत्मिक और मोतीलाल बजाज (प्रेषित रचना द्वारा) सहित कार्यक्रम संयोजक सौरभ दत्ता जयंत आदि ने काव्यपाठ किया। सभी कवियों ने होली पर तथा अपनी विविध रचनाओं के माध्यम से उपस्थित सभी श्रोताओं एवं कवियों को आनंदित एवं भावविभोर कर दिया।श्रोताओं में सुश्री चौहान मैडम नालासोपारा,राजीव अवस्थी, ललित कुमार,सुजया सौरभ दत्ता  सहित आयोजन सहयोगियों में अविनाश सर,राहुल खुल्लर, धनंजय कुमार सिंह,विजय पटेल,जयेश पटेल,मनोज राठौड़,अमित पटेल,रवि प्रताप सिंह,चंद्रजीत मौर्य का अतुलनीय एवं सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।होली स्नेह मिलन समारोह में संस्था पदाधिकारियों ने सभी को अबीर और गुलाल लगाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में अनूप बिंदल ने संस्था को श्रीमद्भागवत गीता की प्रति भेंट की।सम्मान समारोह के अंतर्गत लब्ध प्रतिष्ठित कवि व शायर डॉ सागर त्रिपाठी को काव्यसृजन रत्नाकर सम्मान से सम्मानित किया गया, उनकी अनुपस्थिति में पुरस्कार डॉ कृष्णकुमार मिश्रा ने ग्रहण किया।अरुण दूबे अविकल को साहित्य रत्न सम्मान,डॉ शारदा प्रसाद दूबे शरदचन्द्र को साहित्य सेवी सम्मान भारतेंदु बाबू हरिश्चंद्र सम्मान,युवा कवि मदनमोहन दास को काव्यसृजन युवा साहित्यरत्न सम्मान, लक्ष्मी यादव "ओजस्विनी" को काव्यसृजन महिला साहित्यरत्न से सम्मानित किया गया।सभी को होली के स्नेह रूपी रंगों में रंगने के पश्चात उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं साहित्यकारों ने होली पर विविध रंग रुपी कविताओं,छंदों,गीतों और होली के कबीरा और जोगीरा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में सौरभ दत्ता जयंत जी ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ इस शानदार समारोह का समापन किया गया।
ग्रँटरोड के बिलाल मस्जिद में उर्स शहीद-ए-राहे मदीना आयोजित

मुंबई। काइद-ए-कौमे मिल्लत, पीर-ए-तारीकत अल्लामा शाह सय्यद अनवर अशरफ उर्फ मुसन्ना मियां की याद में 23वां सालाना उर्स शहीद-ए-राहे मदीना हर वर्ष आयोजित किया जाता है।इस बार उर्स के मौके पर शिवसेना सांसद अरविंद सावंत, संजय पाटील, विधायक भाई जगताप, पूर्व मंत्री नसीम खान, जितेंद्र आव्हाड, असलम शेख, शिवसेना विधायक सचिन अहिर, अमीन पटेल, मनोज जामसुतकर, रईस शेख आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, सईद नूरी, जीशान सिद्दीकी, वारिस पठान, सुहैल खंडवानी, हाजी अराफत शेख, अकरम खान उपस्थित थे। हजरत मोईन मियां हमेशा कहते थे कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं ।
मौलाना सय्यद मोईनुद्दीन अशरफ के मार्गदर्शन में पिछले 23 वर्षों से ग्रँटरोड के बिलाल मस्जिद स्थित ईदगाह मैदान में यह उर्स शहीद-ए-राहे मदीना आयोजित किया जाता हैं। हर क्षेत्र से जुड़े सामाजिक सरोकार रखनेवाले मान्यवर न सिर्फ शामिल होते हैं बल्कि हजरत मोईन मियां द्वारा नशाखोरी के खिलाफ अभियान का हिस्सा बन जाते हैं।
इस उर्स की खासियत यह हैं कि हिंदुस्तान के कोने कोने से सूफी संत शामिल होते हैं। महाराष्ट्र के तमाम राजनीतिक दल के नेता भी शिरकत करते हैं। मस्जिदों के इमाम और दरगाह के उत्तराधिकारी विशेष तौर पर सम्मिलित होते हैं। महाराष्ट्र पुलिस के तमाम आला अफसर उर्स में उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
महाराष्ट्र को ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक बजट — विधायक संजय उपाध्याय
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा महाराष्ट्र विधानसभा में पेश किया गया वर्ष 2026–27 का बजट किसानों को मजबूत बनाने वाला, उद्यमियों को प्रोत्साहित करने वाला, राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त करने वाला और युवाओं को रोजगार देने वाला बजट है। इस बजट के माध्यम से महाराष्ट्र जल्द ही एक ट्रिलियन इकोनॉमी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह विश्वास बोरिवली के विधायक संजय उपाध्याय ने व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा वित्त मंत्री के रूप में प्रस्तुत यह बजट समाज के हर वर्ग को कुछ न कुछ देने वाला है। केंद्र में मौजूद भाजपा सरकार के साथ बेहतर समन्वय बनाकर केंद्र की कई योजनाओं को महाराष्ट्र में लागू करते हुए राज्य को समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में यह मुख्यमंत्री के सपनों को साकार करने वाला एक और महत्वपूर्ण कदम है। विधायक संजय उपाध्याय ने यह भी विश्वास जताया कि यह बजट गरीब और अमीर के बीच की खाई को कम करते हुए अंत्योदय के सपने को साकार करने में मदद करेगा।
मूत्र असंयम को नजरअंदाज न करें: समय पर इलाज और जागरूकता से मिल सकती है राहत
मुंबई के Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital के कंसल्टेंट रोबोटिक रिकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजय पांडे के अनुसार मूत्र असंयम (Urinary Incontinence) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को बिना इच्छा के मूत्र का रिसाव होने लगता है। यह समस्या खासतौर पर महिलाओं में अधिक देखी जाती है और कई बार लोग शर्म या झिझक के कारण इसका इलाज नहीं कराते।
डॉ. पांडे बताते हैं कि स्ट्रेस इन्कॉन्टिनेंस (Stress Incontinence) तब होता है जब खाँसने, छींकने, हँसने, झुकने या भारी काम करने के दौरान मूत्र का अनियंत्रित रिसाव हो जाता है। भारत में किए गए अध्ययनों के अनुसार करीब 10 से 42 प्रतिशत महिलाओं में यह समस्या पाई जाती है और हर तीन में से एक महिला को जीवन में कभी न कभी इसका सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का कमजोर होना, नसों को नुकसान, प्रसव के बाद शरीर में बदलाव और रजोनिवृत्ति जैसी स्थितियाँ इसके प्रमुख कारण हो सकती हैं। इसके अलावा अर्ज इन्कॉन्टिनेंस (Urge Incontinence), मिक्स्ड इन्कॉन्टिनेंस (Mixed Incontinence) और नॉक्टर्नल एन्यूरिसिस (Nocturnal Enuresis) जैसे अन्य प्रकार भी होते हैं, जिनमें अचानक मूत्र त्याग की तीव्र इच्छा या नींद के दौरान मूत्र का रिसाव हो सकता है।
डॉ. पांडे का कहना है कि जीवनशैली में कुछ बदलाव कर इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। फाइबर युक्त भोजन, वजन नियंत्रित रखना, धूम्रपान से दूरी, कैफीन व शराब का कम सेवन और केगल (Kegel) व्यायाम पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मददगार होते हैं।
अगर किसी व्यक्ति को हँसने, खाँसने या दौड़ने जैसी सामान्य गतिविधियों के दौरान मूत्र रिसाव हो, या इस समस्या के कारण उसे डायपर पहनना पड़े अथवा सामाजिक जीवन प्रभावित होने लगे, तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। जांच के लिए मूत्र डायरी, यूरोफ्लोमेट्री, युरोडायनामिक स्टडी और अन्य परीक्षण किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सही इलाज से इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। उपचार में दवाइयाँ, पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़ और जरूरत पड़ने पर सर्जरी भी शामिल हो सकती है। गंभीर मामलों में स्लिंग सर्जरी, कोल्पोसस्पेंशन या अन्य आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का सहारा लिया जाता है।
डॉ. संजय पांडे का कहना है कि महिलाएँ अक्सर इस समस्या को चुपचाप सहती रहती हैं, जबकि समय पर उपचार से इससे राहत पाना संभव है। इसलिए डर या शर्म के कारण इसे छिपाने के बजाय जागरूक होकर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ने ज़श्न-ए-सुख़न किया आयोजित
ठाणे । साहित्यिक संस्था भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे के तत्वावधान में साहित्यिक सहल  ज़श्न-ए-सुख़न मिश्रावाड़ी भताने गांव नियर-नंदनवन रिसार्ट, विरार पूर्व जिला पालघर में आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी संस्था उपसचिव सुशील कुमार शुक्ल 'नाचीज' की थी।उक्त कार्यक्रम में भारतीय जन भाषा प्रचार समिति के साथ संगीत साहित्य मंच,नवकुंभ साहित्य सेवा संस्थान एवं काव्य सृजन परिवार साहित्यिक संस्था मुंबई ने सहभागिता सुनिश्चित की।सभी संस्थाओं का यह मिला- जुला कार्यक्रम अपने आप में अद्वितीय रहा।भारतीय जनभाषा के चेयरमैन रामप्यारे सिंह 'रघुवंशी' का सम विचारी संस्थाओं को लेकर चलने का ध्येय अद्भुत रहा है।वहीं संस्था के नौजवान अध्यक्ष विनय कुमार सिंह 'विनम्र' की भूमिका भी काबिल-ए- तारीफ रही।प्रमुख सहयोगियों में अनिल 'राही' ,नरसिंह हैरान जौनपुरी,  डा.आनंदी सिंह रावत,अधिवक्ता अनिल शर्मा,लालबहादुर 'कमल'  का नाम विशेष रहा।उपस्थित साहित्यकारों में संगीत साहित्य मंच के संयोजक रामजीत गुप्त,त्रिलोचन सिंह अरोरा,रेखा किंगर 'रौशनी' संजय द्विवेदी, सदाशिव चतुर्वेदी 'मधुर', अरुण प्रकाश मिश्र 'अनुरागी',आत्मिक' श्रीधर मिश्र, प्रमिला शर्मा,सुमन सारस्वत,शोभा 'स्वपनिल' लक्ष्मी यादव का नाम प्रमुख रहा। श्रोताओं में दर्शना रामप्यारे  सिंह,रचना द्विवेदी,पुष्पा चतुर्वेदी
शशी सिंह,प्रीतिमा सिंह,उर्मिला सिंह,पूनम सिंह,मीना सिंह, रामसहाय सिंह,हरीलाल यादव, मनोज बी सिंह,अनन्या यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।काव्यगोष्ठी के पश्चात एक अनूठे कार्यक्रम का आयोजन भी अचानक किया गया जिसके बारे में किसी को पता नहीं था।वह यह कि संस्था चेयरमैन रामप्यारे 'रघुवंशी' और दर्शना सिंह की शादी की 50 वीं वर्षगांठ (गोल्डेन जुबली इयर) थी।शादी के अद्भुत जोड़े में सजे युगल का म़त्रोच्चार के साथ एक दूसरे को पुष्प हार पहनाकर पुन: विवाह के बंधन में बांधा गया।दृश्य अत्यंत अलौकिक,जहां दोनों ने केक काटकर सबका मुंह मीठा कराया।दूसरे दिन सुबह योग कार्यक्रम में स्वास्थ्य के कुछ टिप्स दिए गये।अल्पहार के पश्चात हौजी और अन्य खेलों का खास आयोजन का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया।लंच के पश्चात  होली स्नेह मिलन और पुरस्कार वितरण किया गया।हास- परिहास के साथ खूब धूमधाम के साथ कार्यक्रम का अंत राष्ट्रगान और नरसि़ह हैरान के आभार प्रदर्शन के साथ समाप्त हुआ।
उदयप्रताप सिंह को फिर मिली मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुंबई। मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम द्वारा आज जारी सूची में उदयप्रताप सिंह को एक बार फिर मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा प्रवक्ता के रूप में उदय प्रताप सिंह लगातार पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाते रहे हैं। मीडिया में उनकी लगातार सक्रियता और समर्पित भावना के साथ की जा रही कार्यशैली को देखते हुए पार्टी द्वारा उन्हें एक बार फिर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। पत्रकार संघ द्वारा पत्रकार मित्र पुरस्कार से सम्मानित उदयप्रताप सिंह ने दी गई जिम्मेदारी के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम के अलावा सभी शीर्ष नेताओं का आभार मानते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग पूर्वक करते हुए पार्टी के प्रचार प्रसार और उसकी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम पूर्ववत करते रहेंगे।
राहुल बंगला पर होली के रंग में डूबा भोर भ्रमण परिवार

भायंदर। विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी भायंदर पूर्व के जेसल पार्क स्थित राहुल बंगला पर सुशिक्षित लोगों की संस्था भोर भ्रमण परिवार द्वारा धूमधाम से होली का त्यौहार मनाया गया।  संस्था के संरक्षक तथा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कांति तिवारी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में खूब जमकर फाग गीत गाए गए और पूरी मस्ती के साथ होली का त्यौहार मनाया गया। उपस्थित लोगों के लिए कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन और ठंडई की व्यवस्था की गई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट आरजे मिश्रा, मनोज मिश्रा, श्रीराम दुबे और उपेंद्र पांडे ने द्वारा गए गीतों और नृत्य का लोगों ने खूब आनंद उठाया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में वरिष्ठ नगरसेवक मदन उदित नारायण सिंह, संस्था के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, पुरुषोत्तम पांडे, मुरलीधर पांडे, राकेश मणि त्रिपाठी लंदन वाले, अभयराज चौबे, एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, प्रभाकर मिश्रा, जेएन तिवारी, डॉ राकेश मिश्रा, एडवोकेट सतीश चौबे, श्रीकांत उपाध्याय, उपेंद्र सिंह, नागेश तिवारी, आनंद पाठक, शिवबहादुर सिंह, इंद्रभान सिंह, महापौर पुरस्कृत सुरेंद्र पांडे, पत्रकार राजेश उपाध्याय, प्रोफेसर अनिल पांडे, दिनेश दुबे,अदालत पांडे, संजय दुबे, संतोष मिश्रा, स्कूल प्रबंधक अजीत शुक्ला, प्रोफेसर बीके दुबे, शिव पांडे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। अंत में लल्लन तिवारी ने समस्त लोगों को होली की शुभकामनाएं देते हुए धन्यवाद दिया।
मनोज शांडिल्य ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मनाया होली का त्यौहार
वसई। यूथ आइकॉन्स फाउंडेशन के संस्थापक मनोज शांडिल्य ने अपनी पूरी टीम के साथ वसई पश्चिम स्थित जीवन सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट, भुईगांव वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ होली का त्यौहार मनाया। इस बारे में हमारे संवाददाता से बात करते हुए श्री शांडिल्य ने बताया कि आज होली के पावन अवसर पर हमें वृद्धाश्रम जाने और वहाँ के वरिष्ठजनों के साथ समय बिताने का सौभाग्य मिला। रंगों के इस खूबसूरत त्योहार को उनके साथ मनाना हमारे लिए सचमुच एक भावुक और ज्यादा यादगार अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि सुबह-सुबह नाश्ता और हल्के स्नैक्स लेकर हम आश्रम पहुँचे l वहाँ बुज़ुर्गों के चेहरे की मुस्कान ने दिल को छू लिया। रंगों से ज्यादा खूबसूरत था वो प्यार, अपनापन और आशीर्वाद जो हमें मिला l उन्होंने कहा कि होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि खुशियाँ बाँटने और दिलों को जोड़ने का त्योहार है। बुज़ुर्गों का आशीर्वाद ही इस उत्सव की सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने कहा कि आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने बुज़ुर्गों को समय दें, उनका सम्मान करें और हर खुशी में उन्हें शामिल करें। उनके साथ मनाई गई यह होली हमेशा याद रहेगी।