टी20 वर्ल्ड कप 2026: भारत की ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी और अमित शाह ने दी बधाई
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने दमदार खेल दिखाया और इतिहास रच दिया। इस जीत के बाद पूरे देश में खुशी का माहौल है और कई बड़े नेताओं ने टीम इंडिया को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की जीत पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए भारतीय टीम को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर टीम इंडिया को हार्दिक शुभकामनाएं। यह जीत खिलाड़ियों के असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और शानदार टीमवर्क का परिणाम है। पीएम मोदी ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने बेहतरीन साहस का प्रदर्शन किया, जिससे हर भारतीय का दिल गर्व और खुशी से भर गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी टीम इंडिया को इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह शानदार जीत पूरे देश के लिए गर्व का पल है। अमित शाह ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और मजबूत इरादों ने देश का नाम रोशन किया है।

फाइनल मुकाबले की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम इंडिया को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 7.1 ओवर में 98 रन की तेज साझेदारी की।

अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 रन की तेज पारी खेली, जबकि संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ईशान किशन ने भी 25 गेंदों में 54 रन बनाकर अहम योगदान दिया।

256 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 96 रनों से शानदार जीत दर्ज कर टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
भारत ने रचा इतिहास, तीसरी बार जीती ट्रॉफी और लगातार दूसरी बार बना चैंपियन

भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया और ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। साथ ही भारत लगातार दो बार यह ट्रॉफी जीतने वाला भी पहला देश बन गया है।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए धमाकेदार प्रदर्शन किया। भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए, जो टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया।

टीम इंडिया की पारी में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी। उनकी इस पारी में कई आकर्षक चौके और छक्के शामिल थे। यह इस टूर्नामेंट में उनकी लगातार तीसरी अर्धशतकीय पारी रही।

अभिषेक शर्मा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए केवल 21 गेंदों में 52 रन बनाए। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। वहीं ईशान किशन ने भी 25 गेंदों में 54 रन बनाकर टीम के स्कोर को और मजबूत बनाया।

255 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। हालांकि टिम साइफर्ट ने 52 रन और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 43 रन की पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके।

भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जसप्रीत बुमराह ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और कीवी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। वहीं अक्षर पटेल ने 3 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा हार्दिक पांड्या, वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने भी एक-एक विकेट लिया।

न्यूजीलैंड की पूरी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई और भारत ने 96 रनों से बड़ी जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ भारत ने 2007, 2024 और अब 2026 में टी20 वर्ल्ड कप जीतकर क्रिकेट इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना दिया।
Budget 2026 का असर: बायबैक टैक्स के ऐलान से शेयर बाजार डगमगाया, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी क्यों गिरे

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का ऐलान किया, निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स कुछ ही समय में 2300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,592.15 के स्तर तक पहुंच गया।

बायबैक टैक्स बना गिरावट की बड़ी वजह

सरकार ने बजट में शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की। नए प्रस्ताव के अनुसार अब बायबैक से मिलने वाले लाभ को पूंजीगत लाभ के तौर पर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स दुरुपयोग को रोकने और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

हालांकि बाजार ने इस घोषणा को तुरंत नकारात्मक रूप में लिया। निवेशकों को आशंका है कि बढ़ा हुआ टैक्स कंपनियों की कैश डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति को प्रभावित करेगा।

क्यों घबराए निवेशक?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई कंपनियां डिविडेंड की जगह बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि यह टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद माना जाता था। लेकिन नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद बायबैक का आकर्षण कम हो सकता है। इसी डर के चलते बजट के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

डेरिवेटिव ट्रेडर्स को भी झटका

बजट में वायदा सौदों (Futures) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान भी बाजार की गिरावट की एक अहम वजह बना। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।

गिरावट के बाद दिखी रिकवरी

हालांकि शुरुआती झटके के बाद बाजार में कुछ हद तक संभलाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,525.74 अंक तक रिकवर हुआ, जबकि निफ्टी भी 25,377.25 के स्तर पर लौट आया। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है।

रविवार को खुला बाजार बना चर्चा का विषय

इस बजट की एक खास बात यह भी रही कि रविवार के दिन एनएसई और बीएसई खुले रहे। बजट की अहमियत को देखते हुए विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया गया, ताकि नीतिगत घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार को और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती थी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बजट के विकासोन्मुखी प्रावधान लंबी अवधि में सकारात्मक असर डाल सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और सेक्टर-आधारित रणनीति के साथ निवेश करें।
सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री
महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार ने राज्य की उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुंबई में आयोजित संक्षिप्त लेकिन अहम समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बन गईं।

यह राजनीतिक बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य हाल ही में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन से उबरने की कोशिश कर रहा है। अजित पवार के जाने के बाद पार्टी और सरकार—दोनों के सामने नेतृत्व और स्थिरता बनाए रखने की चुनौती थी। इसी पृष्ठभूमि में एनसीपी नेतृत्व ने सुनेत्रा पवार को आगे बढ़ाने का फैसला लिया।

शनिवार दोपहर मुंबई के विधान भवन में एनसीपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पार्टी के सभी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। चर्चा के बाद सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके तुरंत बाद उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि विधायक दल के नेता चुने जाने से जुड़ा औपचारिक पत्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा जाएगा।

शपथ ग्रहण से पहले सुनेत्रा पवार राज्य विधानसभा से रवाना हुईं, जहां उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। महाराष्ट्र लोक भवन में शपथ समारोह की सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। समारोह भले ही छोटा रहा हो, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व बेहद बड़ा माना जा रहा है।

इस बीच एनसीपी के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने संकेत दिया है कि शरद पवार गुट के साथ संभावित विलय पर अंतिम फैसला अब सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का पहला लक्ष्य संगठन को एकजुट रखना और सरकार को स्थिरता देना है। विधायक संग्राम जगताप ने भी कहा कि ऐसे फैसले पार्टी नेतृत्व की सामूहिक सहमति से लिए जाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना केवल एक संवैधानिक नियुक्ति नहीं है, बल्कि यह एनसीपी के लिए भावनात्मक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से अहम है। आने वाले समय में उनकी भूमिका पार्टी की दिशा, महायुति सरकार की रणनीति और राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकती है।
“खूबसूरत लड़की देख मन भटक सकता है…” कांग्रेस MLA का घिनौना बयान
मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक बयान ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को लेकर उनकी टिप्पणी सामने आते ही विपक्षी दल भाजपा ने इसे “घिनौनी और विकृत मानसिकता” करार दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

वायरल वीडियो में विधायक कहते नजर आ रहे हैं कि कोई पुरुष अगर सड़क पर चलते हुए किसी बेहद खूबसूरत लड़की को देख ले, तो उसका मन भटक सकता है और बलात्कार हो सकता है। इस बयान को लेकर लोगों का कहना है कि यह अपराध को सही ठहराने जैसा है और महिलाओं के खिलाफ खतरनाक सोच को बढ़ावा देता है।

बरैया ने आगे अपने बयान में जातिगत संदर्भ जोड़ते हुए कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी समुदायों की महिलाएं खूबसूरत मानी जाती हैं और इसी वजह से उनके साथ ज्यादा अपराध होते हैं। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों की विकृत व्याख्याओं का जिक्र करते हुए यह दावा भी किया कि कुछ लोग यौन हिंसा को आध्यात्मिक पुण्य से जोड़ते हैं।

भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को घेर लिया है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक विधायक की सोच नहीं, बल्कि कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा मीडिया प्रभारी ने आरोप लगाया कि महिलाओं और कमजोर वर्गों के प्रति कांग्रेस की सोच संवेदनहीन रही है।

वहीं, कांग्रेस विधायक ने अपने बचाव में कहा कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर निकालकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि वे महिलाओं के पक्षधर हैं और उनका उद्देश्य समाज में फैली विकृत मान्यताओं को उजागर करना था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके विचार लंबे अध्ययन और अवलोकन पर आधारित हैं।

हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग इस सफाई से संतुष्ट नजर नहीं आए। कई यूजर्स ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सोच-समझकर बोलना चाहिए। महिला संगठनों ने भी इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। ऐसे बयान न केवल राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस को भी प्रभावित करते हैं।
डाइट में भी पूरी! पानी और स्टीम से बनाएं बिना तेल की फूली-खस्ता पूरी

अगर आप पूरी के शौकीन हैं लेकिन तेल से परहेज करते हैं, तो अब खुश हो जाइए। बिना तेल की पूरी सिर्फ एक प्रयोग नहीं, बल्कि हेल्दी कुकिंग की दिशा में बड़ा कदम है। पानी और स्टीम से तैयार यह पूरी न केवल हल्की होती है, बल्कि स्वाद में भी किसी पारंपरिक पूरी से कम नहीं लगती।आजकल मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज़ जैसी समस्याओं के चलते लोग डीप फ्राइड फूड से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में यह नई तकनीक खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो खाने का स्वाद भी नहीं छोड़ना चाहते और सेहत का ध्यान भी रखना चाहते हैं। बिना तेल पूरी बनाने की प्रक्रियासबसे पहले आटे को हल्का सख्त गूंथें और कुछ देर के लिए छोड़ दें। फिर छोटी पूरियां बेल लें।
एक गहरे बर्तन में पानी उबालें और पूरियों को उसमें डालकर 2–3 मिनट पकाएं। इससे पूरी अंदर से पक जाती है।इसके बाद स्टीमिंग का स्टेप आता है। उबलते पानी के ऊपर जाली या छन्नी रखकर पूरियों को ढककर स्टीम दें। यह स्टेप पूरी को फूलने में मदद करता है।अब एयर फ्रायर में 180 डिग्री पर पूरियों को रखें और 4 मिनट तक पकाएं। चाहें तो हल्का क्रिस्पी करने के लिए 1 मिनट और बढ़ा सकते हैं। पूरी बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम बनती है। क्यों बन रही है यह पूरी वायरल?इस पूरी की सबसे बड़ी खासियत है इसका लो-कैलोरी होना। इसमें न तेल है, न भारीपन। यही वजह है कि फिटनेस लवर्स, योग करने वाले लोग और डाइट फॉलो करने वाले इसे तेजी से अपना रहे हैं।यह पूरी सब्जी, दही या छोले—किसी के भी साथ परफेक्ट लगती है। त्योहारों पर भी इसे बिना डर परोसा जा सकता है।अगर आप भी अपनी रसोई में कुछ नया, हेल्दी और मजेदार ट्राय करना चाहते हैं, तो यह पानी में बनी पूरी जरूर बनाएं।
रोज अदरक पानी पीना सही है या नहीं? वजन घटाने से पहले जान लें इसके फायदे
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग तेजी से वजन घटाने और फिट रहने के आसान तरीकों की तलाश में रहते हैं। ऐसे में अदरक पानी एक ऐसा देसी नुस्खा बनकर उभरा है, जिसे लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे रोज़ाना पीने लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या रोज अदरक पानी पीना वाकई फायदेमंद है या इसका जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है? अदरक पानी क्यों माना जाता है असरदार?अदरक में मौजूद जिंजरॉल और शोगाओल जैसे तत्व शरीर के मेटाबॉलिज़्म को तेज करते हैं। इससे पाचन बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है। अदरक पानी शरीर को अंदर से गर्म रखता है, जिससे सर्दियों में इम्युनिटी भी मजबूत होती है। अदरक पानी पीने का सही समयअदरक पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट माना जाता है। इससे शरीर का डाइजेस्टिव सिस्टम एक्टिव होता है और दिनभर कैलोरी बर्न करने की क्षमता बढ़ती है। कुछ लोग इसे रात में भी पीते हैं, लेकिन रात में अदरक पानी पीने से कुछ लोगों को एसिडिटी या बेचैनी हो सकती है। अदरक पानी के प्रमुख फायदेअदरक पानी पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस, अपच, कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है।
वजन घटाने के साथ-साथ अदरक पानी जोड़ों के दर्द और सूजन में भी राहत देता है। सर्दी-खांसी, गले में खराश और वायरल इंफेक्शन से बचाव में भी यह कारगर है। नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में आलस्य कम महसूस होता है। कितने दिन तक पीना चाहिए अदरक पानी?अदरक पानी को लगातार लंबे समय तक पीना सही नहीं माना जाता। अगर आप सामान्य स्वास्थ्य के लिए इसका सेवन कर रहे हैं, तो 15 से 20 दिन पर्याप्त हैं।
वजन घटाने के उद्देश्य से इसे 3 से 4 हफ्ते तक पिया जा सकता है। इसके बाद कम से कम एक हफ्ते का ब्रेक लेना जरूरी है, ताकि शरीर में अत्यधिक गर्मी न बढ़े।अदरक पानी के नुकसान भी जानना जरूरीअदरक की तासीर गर्म होती है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर पेट में जलन, एसिडिटी, मुंह में छाले या नींद की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को पेट से जुड़ी गंभीर समस्या, हाई ब्लड प्रेशर या गर्भावस्था है, उन्हें अदरक पानी पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।अदरक पानी सेहत के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे चमत्कारी उपाय मानकर जरूरत से ज्यादा पीना सही नहीं है। सही मात्रा, सही समय और सीमित अवधि तक सेवन करने से ही इसका पूरा लाभ मिलता है।
चेहरे पर जमे मैल को साफ करने का सबसे असरदार उपाय

सर्दियों के मौसम में त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान रूखापन और डेड स्किन से होता है। ठंडी हवा और कम नमी के कारण स्किन ड्राई हो जाती है, जिससे चेहरे पर धीरे-धीरे मृत त्वचा की एक परत जमने लगती है। जब इस पर धूल-मिट्टी और प्रदूषण चिपक जाता है, तो चेहरा मैला और बेजान नजर आने लगता है। ऐसे में अगर आप केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचते हुए कोई आसान घरेलू उपाय अपनाना चाहते हैं, तो बेसन आपके लिए सबसे असरदार विकल्प हो सकता है।
चेहरे पर जमा मैल क्यों दिखने लगता है?
त्वचा की ऊपरी परत समय के साथ खुद को रिन्यू करती रहती है, लेकिन जब डेड स्किन समय पर साफ नहीं होती, तो वह चेहरे पर जमने लगती है। सर्दियों में पसीना कम निकलने के कारण यह परत आसानी से हट नहीं पाती। नतीजा यह होता है कि स्किन डल, रूखी और गंदी नजर आने लगती है।
चेहरे का मैल साफ करने का सबसे असरदार घरेलू उपाय
चेहरे की गहराई से सफाई के लिए हफ्ते में एक बार स्क्रबिंग बेहद जरूरी है। इसके लिए बेसन से बेहतर और सुरक्षित कोई उपाय नहीं माना जाता।
तरीका 1: बेसन और दूध का स्क्रब
2 चम्मच बेसन लें
जरूरत अनुसार कच्चा दूध मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं
इसे चेहरे पर लगाकर 10 मिनट तक छोड़ दें
अब हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए स्क्रब करें
अगर पेस्ट सूख जाए तो थोड़ा पानी लगाकर रगड़ें
नॉर्मल पानी से चेहरा धो लें
यह तरीका डेड स्किन, गंदगी और चेहरे पर जमे मैल को पूरी तरह साफ कर देता है और त्वचा में तुरंत निखार लाता है।
तरीका 2: ऑयली स्किन के लिए बेसन और दही
अगर आपकी स्किन ज्यादा तैलीय है, तो बेसन में दूध की जगह दही मिलाएं।
चेहरे पर लेप लगाएं
5 मिनट हल्के हाथों से स्क्रब करें
फिर पानी से धो लें
इसके बाद हल्का मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।
कितनी बार करें यह स्क्रब?
हफ्ते में 1 बार पर्याप्त है
महीने में 4 बार से ज्यादा न करें
ज्यादा रगड़ने से स्किन में जलन हो सकती है
चेहरे पर बेसन लगाने के फायदे
डेड स्किन और गहराई से जमी गंदगी साफ करता है
स्किन की रंगत निखारता है
अतिरिक्त तेल सोखकर मुंहासों को कम करता है
दाग-धब्बे हल्के करने में मदद करता है
धूप से हुई टैनिंग हटाता है
रोमछिद्रों को साफ कर स्किन को स्मूद बनाता है
त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है
जरूरी सावधानी
अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें। ज्यादा जोर से स्क्रब न करें और स्क्रब के बाद सनस्क्रीन या मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।
बरसाना की विश्वप्रसिद्ध लठमार होली का ऐलान, तीन दिन रंग और भक्ति में डूबेगा ब्रज

बरसाना और नंदगांव में इस बार की होली का आयोजन 24 से 26 फरवरी तक किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत श्रीजी मंदिर में लड्डू होली से होगी। भक्तों का उत्साह इस पर्व में और भी बढ़ जाएगा क्योंकि फाग गीतों और प्रसाद के साथ पूरा धाम रंग में रंग जाएगा। 25 फरवरी को बरसाना में लठमार होली होगी। गलियों में हुरियारिन घूंघट ओढ़कर लाठियों के साथ उतरेंगी, और नंदगांव के हुरियारे ढाल सजाकर राधा के आंगन में प्रवेश करेंगे। जय राधे के उद्घोष के साथ यह लीला मनमोहक रूप लेगी। 26 फरवरी को नंदगांव में इसी प्रेम रस की लीला होगी। बरसाने की गोपियां फाग गीतों और ढोल-नगाड़ों की ताल पर थिरकेंगी। प्रशासन और मंदिर सेवायत ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव इंतजाम किए हैं। बरसाना की होली केवल तीन दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि चालीस दिवसीय भक्ति परंपरा का हिस्सा है। वसंत पंचमी से समाज गायन शुरू होता है और महाशिवरात्रि को लठमार होली की प्रथम चौपाई के साथ मुख्य उत्सव प्रारंभ होता है। यह परंपरा विक्रम संवत 1569 से जारी है और आज भी उसी उल्लास और मर्यादा के साथ निभाई जाती है।
Indian Army Day: पीएम मोदी ने जवानों को किया नमन बोले- भारतीय सेना निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा की मिसाल
भारतीय सेना दिवस के अवसर पर देशभर में वीर जवानों के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर भारतीय सेना को नमन करते हुए कहा कि सेना निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा की सजीव प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अटूट संकल्प के साथ देश की सुरक्षा करते हैं और उनके साहस से हर भारतीय को भरोसा मिलता है।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारतीय सेना के जवान कर्तव्य के प्रति समर्पण और त्याग की मिसाल हैं। उन्होंने शहीद सैनिकों को भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उन वीरों को हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सेना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय सेना ने हमेशा देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ सेना आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता और संकट के समय भी अहम भूमिका निभाती है। सैनिकों का “राष्ट्र प्रथम” का भाव पूरे देश को प्रेरित करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने अपने अनुशासन, पेशेवर दक्षता और मानवीय दृष्टिकोण के कारण वैश्विक स्तर पर सम्मान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सेना के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गृह मंत्री अमित शाह ने भी सेना दिवस पर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। अमित शाह ने कहा कि सेना के शौर्य की गूंज इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जो हर पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा देती है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सेना के योगदान को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा सैनिकों के साहस और बलिदान का ऋणी रहेगा। सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियाप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने की स्मृति में मनाया जाता है।