यूपी में ‘क्रेडिट-डिपोजिट रेशियो’ बढ़कर 60% हुआ, फिर भी पूर्वांचल-बुंदेलखंड के कई जिले कर्ज वितरण में पीछे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बैंकों का क्रेडिट-डिपोजिट रेशियो (सीडी रेशियो) वर्ष 2017 के 47 प्रतिशत से बढ़कर अब 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि बैंकों में जमा कुल राशि का करीब 60 प्रतिशत प्रदेश के लोगों की आर्थिक जरूरतों और विकास कार्यों के लिए ऋण के रूप में खर्च किया जा रहा है।
हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश के पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कई जिलों में कर्ज वितरण की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के केवल 10 जिलों में ही क्रेडिट-डिपोजिट रेशियो 75 से 89 प्रतिशत के बीच है। वहीं 69 जिलों में यह अनुपात पहले की तुलना में बढ़ा जरूर है, लेकिन जिलों के बीच अंतर अभी भी काफी ज्यादा बना हुआ है।
प्रदेश के जिन जिलों में क्रेडिट-डिपोजिट रेशियो 50 प्रतिशत से कम है, उनमें राजधानी लखनऊ भी शामिल है। इसके अलावा बहराइच, चित्रकूट, जालौन, भदोही, संतकबीर नगर, अमेठी, बांदा, मिर्जापुर, कौशांबी, औरैया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, देवरिया, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, प्रयागराज, बागपत, सोनभद्र, अयोध्या, प्रतापगढ़, आजमगढ़, बलिया और उन्नाव जैसे जिले भी इस सूची में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन जिलों में उद्योग, व्यापार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ बैंकिंग सेवाओं और ऋण वितरण को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके।
2 hours and 44 min ago
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