कांशीराम की विरासत पर सियासी घमासान: बसपा ने सपा पर साधा निशाना

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी ने मान्यवर कांशीराम की विरासत को लेकर समाजवादी पार्टी के दावों पर कड़ा एतराज जताया है। बसपा सुप्रीमो के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरते हुए तीखा हमला बोला है।
विश्वनाथ पाल ने कहा कि अखिलेश यादव कांशीराम जी के नाम पर “नौटंकी” कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सपा को वास्तव में कांशीराम जी से इतना ही लगाव था, तो उनके कार्यकाल में कांशीराम नगर का नाम क्यों बदला गया? पाल ने आरोप लगाया कि कांशीराम जी की जयंती पर घोषित अवकाश को रद्द करना भी उनके प्रति अनादर का परिचायक था।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सपा सरकार ने कुर्मी समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शाहू जी के नाम पर बने जिले का नाम बदलकर पिछड़े वर्गों का अपमान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने अपने शासनकाल में महापुरुषों के सम्मान से जुड़े कई जिलों के नाम बदले, जिनमें रमाबाई नगर, संतकबीर नगर और संत रविदास नगर शामिल हैं।
विश्वनाथ पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा मान्यवर कांशीराम जी के सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम किया है, जबकि बसपा उनकी विचारधारा और संघर्षों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश की राजनीति में कांशीराम की विरासत को लेकर तेज होती बयानबाजी आगामी चुनावी परिदृश्य में और तीखी होने के संकेत दे रही है।
लोकतांत्रिक मूल्यों व सादगीपूर्ण जीवन के प्रतीक थे ‘भारत रत्न’ डॉ. राजेंद्र प्रसाद: केशव प्रसाद मौर्य

* देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को श्रद्धापूर्वक नमन
* उप मुख्यमंत्री ने सात कालिदास मार्ग पर अर्पित की पुष्पांजलि
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को लखनऊ स्थित सरकारी आवास, सात कालिदास मार्ग पर देश के प्रथम राष्ट्रपति एवं ‘भारत रत्न’ डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग, सादगी और उच्च आदर्शों का प्रतीक रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक प्रत्येक चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक परंपराओं और जनकल्याण के प्रति उनका अटूट समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। राष्ट्र निर्माण में उनकी अग्रणी भूमिका को देखते हुए उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। वे सादगी, विनम्रता और उच्च आदर्शों के प्रतीक थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति पद जैसे उच्च दायित्व पर आसीन रहने के बावजूद डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सदैव सरल जीवन शैली अपनाई और जनसामान्य से आत्मीय संबंध बनाए रखा। वे भारतीय संस्कृति, शिक्षा तथा ग्रामीण विकास के प्रबल समर्थक थे।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण के कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाएं। लोकतंत्र की मजबूती, सामाजिक समरसता और सुशासन की स्थापना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कोलकाता में कर्मचारियों का उबाल: ममता सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, यूपी से मिला समर्थन
लखनऊ/ कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के व्यस्ततम धर्मतला क्षेत्र में राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों ने महंगाई भत्ता (डीए) और नए वेतन आयोग की मांग को लेकर विशाल रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, सड़कों पर जाम लगाया और बैरिकेडिंग तोड़ दी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पानी की बौछार का सहारा लेना पड़ा।
इस आंदोलन को समर्थन देने उत्तर प्रदेश से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी विशेष आमंत्रण पर कोलकाता पहुंचे। उन्होंने मंच से कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए पूर्ण समर्थन की घोषणा की।
कोलकाता से लौटने के बाद हरि किशोर तिवारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य कर्मचारियों को केवल 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक छठवां वेतन आयोग लागू है, जबकि कई अन्य राज्यों में नए वेतन आयोग की सिफारिशें प्रभावी हो चुकी हैं। यह स्थिति कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण है और वे सम्मानजनक वेतन एवं भत्तों की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।
तिवारी ने यह भी कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं से संवाद स्थापित कर इस मुद्दे के समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार पर दबाव बढ़ेगा और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
धर्मतला का यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है, जिसने कर्मचारियों के असंतोष को खुलकर सामने ला दिया है।
होली के मद्देनजर यूपी पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द

लखनऊ। होली पर्व को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी हैं। इस संबंध में सभी अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीजीपी के आदेश के मुताबिक, होली के त्योहार को देखते हुए 1 मार्च से सात मार्च तक के लिए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द हो गई हैं। होली में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। होली को लेकर उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में खासतौर पर सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे में पुलिस की पूर्ण उपलब्धता को सुनिश्चित करने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के सभी डीजी, एडीजी, आईजी और डीआईजी के साथ एसएसपी को ये निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म की भी सतर्क निगरानी करने को कहा हैं । भ्रामक खबरों पर नजर रखने के निर्देश दिए। यदि कहीं कोई अफवाह फैलाने की कोशिश करता है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। होलिका दहन वाले स्थानों पर पहले से ही सुरक्षा का इंतजाम हो। जिन स्थानों पर पहले कोई विवाद हुआ हो वहां अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।
दुबई में दबोचा गया शाइन सिटी का भगोड़ा राशिद नसीम, भारत लाने की तैयारी तेज
लखनऊ/दुबई। निवेश के नाम पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी कर फरार हुए शाइन सिटी ग्रुप के प्रमोटर राशिद नसीम को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उसे प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के तहत जल्द भारत लाने की तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि 2019 में देश छोड़कर दुबई भागे राशिद नसीम के खिलाफ ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कार्रवाई तेज करते हुए यूएई प्रशासन से प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था। इसी के आधार पर दुबई पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
लखनऊ की विशेष PMLA अदालत ने अप्रैल 2025 में राशिद नसीम को भगोड़ा घोषित किया था। उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और निवेशकों से धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। वह शाइन सिटी ग्रुप के जरिए प्लॉट और निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों से धन जुटाकर फरार हो गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, राशिद नसीम और उसके सहयोगियों ने उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में निवेशकों से सैकड़ों करोड़ रुपये एकत्र किए। मामले के खुलासे के बाद उसकी प्रयागराज, लखनऊ समेत कई जिलों में स्थित अवैध संपत्तियों को पहले ही जब्त किया जा चुका है। प्रशासन ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
अब ईडी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त कार्रवाई के बाद उसकी गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही उसे यूएई से भारत लाया जाएगा, जहां उससे व्यापक पूछताछ की जाएगी और आगे की न्यायिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब हो कि रशीद के खिलाफ सैकड़ों एफआईआर दर्ज हैं।
भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की टीम ने किया जल जीवन मिशन का प्रभाव मूल्यांकन
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित पानी की टंकी से 24 घंटे जलापूर्ति, स्वास्थ्य-शिक्षा में दिखा सकारात्मक बदलाव

लखनऊ।भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद लखनऊ के विकास खंड माल स्थित ग्राम पंचायत अटारी में संचालित ग्रामीण पाइप पेयजल योजना का स्थलीय प्रभाव मूल्यांकन किया। यह अध्ययन समुदाय की प्रतिक्रिया जानने, क्रियान्वयन में आई चुनौतियों की पहचान करने तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं जीवन स्तर में आए परिवर्तनों का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया।
परियोजना निदेशक प्रो. प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में डॉ. आर.के. जायसवाल, रज्जन बाबू मिश्रा एवं आयुष मिश्रा ने ग्राम का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम जल संस्था समिति एवं स्वच्छता समिति की अध्यक्ष/ग्राम प्रधान श्रीमती संयोगता सिंह चौहान, समिति के सदस्य तथा ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया। मौके पर डॉ. हरपाल सिंह, कोऑर्डिनेटर, जल जीवन मिशन लखनऊ एवं डीपीएमयू टीम भी उपस्थित रही।
* 175 केएल क्षमता की सोलर संचालित टंकी
ग्राम जल संस्था समिति की अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम की कुल आबादी 2308 है। आगामी 30 वर्षों में अनुमानित 18 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धि एवं प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल खपत के मानक को ध्यान में रखते हुए 175 केएल क्षमता की सोलर ऊर्जा संचालित पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है।
लगभग 600 फीट गहराई तक बोरिंग कर शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से ऊर्जा की बचत हो रही है, ग्राम को आर्थिक लाभ मिल रहा है तथा 24 घंटे निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
* स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक जीवन में सुधार
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में इंडिया मार्क हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं, जिससे समय की बर्बादी होती थी। अब घर-घर नल से जल उपलब्ध होने से यह समस्या समाप्त हो गई है। स्कूली बच्चों में स्वच्छता की आदत बढ़ी है और वे समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं। जलजनित रोगों में कमी आई है, जिससे ग्राम के स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है।
* नियमित क्लोरीनेटेड जलापूर्ति
अधिशासी अभियंता श्री अरविंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम पंचायत में विगत एक वर्ष से अधिक समय से नियमित एवं सुचारू रूप से स्वच्छ तथा क्लोरीनेटेड पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
यह सोशल ऑडिट एवं प्रभाव मूल्यांकन प्रक्रिया ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और जनसहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में योजनाओं के और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम

* युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने के लिए 6 संस्थाओं से MoU, तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स पर होगा विशेष फोकस
लखनऊ। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने छह प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी दक्षता, सॉफ्ट स्किल्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक कौशलों से सुसज्जित कर उन्हें ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे और संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार की उपस्थिति में हुए इस समझौते के तहत प्रशिक्षण को केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित न रखकर संवाद कौशल, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और डिजिटल दक्षता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
* कला और तकनीक का संगम
भारतेंदु नाट्य अकादमी के साथ साझेदारी से युवाओं को कला-आधारित रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं Oracle Corporation द्वारा विकसित ऑनलाइन कोर्स डिजिटल लर्निंग पार्टनर के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
* क्षेत्रीय स्तर पर विशेष कार्यक्रम
प्रयागराज और वाराणसी मंडलों में ‘फाउंडेशनल एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ कार्यक्रम के तहत इंग्लिश स्पीकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग पर जोर दिया जाएगा।
अयोध्या मंडल में The Apprentice Project के सहयोग से AI और मशीन लर्निंग आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त Raina Education Foundation सॉफ्ट स्किल्स, हार्ड स्किल्स और माइक्रो-इंटर्नशिप के माध्यम से शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने का कार्य करेगा।
Magic Bus India Foundation ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों को संवाद कौशल, व्यक्तित्व विकास और AI के मूल सिद्धांतों में दक्ष बनाएगा।
* युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
यह पहल तकनीकी ज्ञान के साथ व्यवहारिक और डिजिटल कौशल का समन्वय कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयास युवाओं को बदलते औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़: पिता का निधन
लखनऊ । भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। उनके पिता खानचंद सिंह का लंबी बीमारी के बाद देर रात ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। खानचंद सिंह स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे और करीब तीन दिन से अस्पताल में भर्ती थे।

रिंकू के लिए मुश्किल घड़ी

पिता की गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही रिंकू टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच ही अपने पिता से मिलने पहुंचे थे। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले वह टीम के साथ दोबारा जुड़ गए थे। पिता के निधन की खबर मिलते ही रिंकू तुरंत वापस लौट रहे हैं। अब तक यह साफ नहीं है कि वह टूर्नामेंट में आगे टीम इंडिया का हिस्सा बनेंगे या नहीं।

पिता की मेहनत और योगदान

खानचंद सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटे रिंकू के क्रिकेट सपने को पूरा करने में पूरा सहयोग किया। रिंकू ने भी शुरुआत में सिलिंडर वितरण के काम में पिता का हाथ बंटाया और गरीबी से लड़ते हुए क्रिकेट के मैदान पर अपनी जगह बनाई।

प्रेरणादायक क्रिकेट करियर

रिंकू सिंह ने भारतीय क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाई है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ पारियों के लिए जाने जाने वाले रिंकू के क्रिकेट करियर में उनके पिता की प्रेरणा और समर्थन हमेशा अहम भूमिका निभाता रहा।
भोर का सन्नाटा टूटा: कानपुर-सागर हाईवे पर सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौत, दो परिवारों के बच्चे अनाथ
लखनऊ /महोबा। भोर के तीन बजे कानपुर-सागर हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने इलाके को हिलाकर रख दिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि सड़क पर धूल का गुबार उठ गया और जैसे ही धूल छटी, खून से लथपथ तीन महिलाएं बिखरी पड़ी मिलीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद जोरदार आवाज सुनाई दी और मौके पर पहुंचने पर एक महिला कराहते हुए कह रही थी, “हम तो मर गए।” इस मंजर ने राहगीरों का कलेजा भी कांपने पर मजबूर कर दिया।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में तीन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिजनों तक पहुँची, तो चैन की नींद सो रहे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया। जो महिलाएं परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मेहनत कर रही थीं, उनका अब इस दुनिया में होना संभव नहीं रहा।

दो परिवारों की खुशियां अब दुख में बदल गईं

हादसे में जान गंवाने वाली भगवती और गीता पहले ही अपने पतियों को खो चुकी थीं। भगवती के पति फूलचंद्र और गीता के पति बालकिशन की मौत सड़क दुर्घटना में पहले ही हो चुकी थी।दोनों महिलाएं वैवाहिक समारोहों में मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। अब उनके बच्चों के सामने मां का सहारा भी उठ गया।
भगवती के दो बेटे: रविंद्र और रवि
गीता की दो बेटियां और एक बेटा: बंटी
पिता के जाने के बाद मां का अचानक चले जाना बच्चों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। बच्चे अब पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं और रिश्तेदार, पड़ोसी उनकी चिंता में डूबे हुए हैं।

हादसे का भयावह मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद सड़क पर टमाटर भी बिखरे मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पिकअप टमाटर लदी हुई थी। पिकअप का बाईं ओर का हिस्सा दुर्घटना में टूटा हुआ पाया गया। पुलिस ने इसे जब्त कर चालक और वाहन की तलाश शुरू कर दी है।हाईवे पर खून से लथपथ महिलाओं को देख राहगीरों की समझ नहीं आई कि कैसे मदद करें। पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चीख-पुकार

हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्चों और रिश्तेदारों की चीखें गूंज रही थीं। बच्चे अपने माताओं को देखकर पहली बार समझ ही नहीं पा रहे थे कि उनकी मां अब उनके साथ नहीं हैं। उन्हें संभालने के लिए परिजन और रिश्तेदार मौजूद थे, लेकिन बच्चों की आंतरिक पीड़ा को कोई भी पूरी तरह से नहीं समझ सका।गीता के जेठ, अधिवक्ता बलदेव प्रसाद ने बताया कि ढाई-तीन साल पहले उनके छोटे भाई बालकिशन की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। अब गीता भी उसी तरह सड़क हादसे का शिकार हो गईं।

दो परिवारों के बच्चों के भविष्य पर सवाल

हादसे ने केवल जीवन की क्षति नहीं दी, बल्कि दो परिवारों के बच्चों के भविष्य को भी अनिश्चित कर दिया। पिता के बाद मां का सहारा भी उठ जाने से बच्चों की दुनिया उजड़ गई है। हादसे में जीवन का स्थिर आधार खोने के बाद बच्चे अब अनाथ हो गए हैं और उनका पालन-पोषण किस तरह होगा, यह अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को खारिज, जताई गिरफ्तारी और हत्या की आशंका

लखनऊ । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केदार घाट, उत्तर प्रदेश स्थित अपने मठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया जो उनके खिलाफ लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल में जहर की सुई देकर मार सकती है।

अग्रिम जमानत पर फैसले की बात

लखनऊ/ वाराणसी शंकराचार्य ने बताया कि वे स्वयं अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन आश्रम से जुड़े लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। उनका कहना था कि आरोप मनगढ़ंत और झूठे हैं। उन्होंने बताया, “एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति झूठी कहानी गढ़कर इसे लोगों के सामने रख देता है और इसी आधार पर पूरे मामले को आगे बढ़ाया जाता है।”

जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जांच टीम अपना काम कर रही है, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट मीडिया के सामने पेश की जा रही है। उन्होंने सवाल किया, “यदि जांच टीम की रिपोर्ट एक हिस्ट्रीशीटर सार्वजनिक कर रहा है, तो पुलिस क्या कर रही है?” उन्होंने यह भी कहा कि कानूनन पॉक्सो एक्ट से जुड़ी रिपोर्ट सामान्यतः सार्वजनिक नहीं की जाती।

आश्रम की पारदर्शिता और सुरक्षा

मठ के ‘शीश महल’ और पांच मंजिला भवन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वस्तु छिपाई नहीं गई है। स्वामी के अनुसार, शीशा लगा होना बुराई नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आश्रम को ऊपर तक देखना चाहता है, तो बिना कैमरे के पूरा परिसर देखने की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन छात्र और निवासियों की सुरक्षा के लिए कैमरे के साथ प्रवेश की अनुमति सीमित रखी गई है।

आरोपों को पीछे का ध्यान भटकाने वाला मामला बताया

शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि देश के कानून, न्यायपालिका और सरकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल मामले में देश के कई बड़े लोगों के नाम शामिल हैं और उनकी बदनामी कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि आश्रम और उसके परिसर में कोई छिपा हुआ नहीं है और पूरी स्थिति पारदर्शिता और सुरक्षा के दायरे में रखी जा रही है।