बरसाना होली ड्यूटी में ईमानदारी की मिसाल: PAC जवानों ने लौटाया मोबाइल व ₹7,530 नकद, एडीजी पीएसी ने की सराहना

बरसाना (जनपद मथुरा)। विश्वप्रसिद्ध बरसाना होली के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पीएसी जवानों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है। दिनांक 25 फरवरी 2026 को बरसाना होली ड्यूटी के तहत डी दल, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा का व्यवस्थापन राधा कृष्ण कॉलेज ऑफ एजुकेशन, छाता रोड पर किया गया था। क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे।

एक पॉलीथिन लावारिस हालत में पड़ी मिली

ड्यूटी के दौरान दलनायक कमलेश ठाकुर और पीसी श्री लक्ष्मण सिंह को परिसर के आसपास गश्त करते समय एक पॉलीथिन लावारिस हालत में पड़ी मिली। जांच करने पर उसमें एक मोबाइल फोन, ₹7,530 नकद राशि और कुछ महत्वपूर्ण पहचान पत्र मिले।दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, जिसके आधार पर सामान के स्वामी की पहचान श्री अमन शर्मा, निवासी बरसाना के रूप में हुई। तत्पश्चात संबंधित व्यक्ति को संपर्क कर मौके पर बुलाया गया।

पीएसी जवानों की सजगता से संपत्ति की सुरक्षित बचा

पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल फोन, ₹7,530 की नकद धनराशि तथा सभी आईडी कार्ड सुरक्षित रूप से उन्हें सौंप दिए गए।सार्वजनिक आयोजन के दौरान अक्सर ऐसी वस्तुएं गुम हो जाती हैं, लेकिन पीएसी जवानों की सजगता और ईमानदारी के चलते एक नागरिक की महत्वपूर्ण संपत्ति सुरक्षित वापस मिल सकी। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना की।

एडीजी पीएसी डा. रामकृष्ण स्वर्णकार  ने की सराहना

इस सराहनीय कार्य पर एडीजी पीएसी डा. रामकृष्ण स्वर्णकार ने दोनों कर्मियों की ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता की प्रशंसा की। उन्होंने सेनानायक, 15वीं वाहिनी पीएसी, आगरा को निर्देशित किया कि संबंधित जवानों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य कर्मियों को भी सकारात्मक संदेश मिल सके।बरसाना होली जैसे विशाल आयोजनों में जहां सुरक्षा बलों की भूमिका चुनौतीपूर्ण होती है, वहीं इस तरह की घटनाएं पुलिस बल की मानवीय और जिम्मेदार छवि को और मजबूत करती हैं।
लखनऊ में BSP विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर IT रेड खत्म, 10 करोड़ नकदी बरामद
लखनऊ । राजधानी लखनऊ में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर बुधवार से चल रही आयकर विभाग की छापेमारी गुरुवार को समाप्त हो गई। सूत्रों के मुताबिक, उनके आवास से करीब 10 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई है। हालांकि उनके कार्यालय और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई अभी जारी है। गोमतीनगर के विपुलखंड स्थित आवास पर जांच पूरी कर ली गई है।

30 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, कौशांबी, मिर्जापुर और प्रयागराज समेत 30 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। 50 से ज्यादा अधिकारियों की टीमें सुबह 11 बजे से देर रात तक जांच में जुटी रहीं। खबर लिखे जाने तक तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी की गिनती हो चुकी थी, जो बाद में बढ़कर करीब 10 करोड़ बताई जा रही है।

आयकर विभाग की टीमों ने छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस और वजीर हसन रोड स्थित करीबी ठेकेदार फैजी के ठिकानों को भी खंगाला। इसके अलावा सोनभद्र में साईं राम इंटरप्राइजेज के नाम से खनन कारोबार से जुड़े सीबी गुप्ता समेत कई कारोबारियों के यहां भी जांच जारी है।

अवैध खनन से जुड़े दस्तावेज मिलने की चर्चा

बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। आयकर विभाग को सोनभद्र और मिर्जापुर में बीते वर्षों के अवैध खनन से जुड़े दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनमें कथित तौर पर कुछ अधिकारियों के नाम और भुगतान का उल्लेख है।गौरतलब है कि बीते वर्ष भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में सोनभद्र में अवैध खनन से करीब 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई थी। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।

बरातियों के अंदाज में पहुंची टीम

बलिया में विधायक के आवास पर छापा मारने के लिए आयकर विभाग ने अलग रणनीति अपनाई। टीम सरकारी गाड़ियों के बजाय शादी वाले स्टिकर लगी निजी गाड़ियों से पहुंची, ताकि किसी को शक न हो। ‘महेंद्र कुमार संग संगीता कुमारी’ नाम के स्टिकर लगाकर अधिकारी चुपचाप आवास तक पहुंचे और कार्रवाई शुरू कर दी।फिलहाल आयकर विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
होली के बाद तपेगा यूपी, मार्च के पहले सप्ताह में 35°C तक पहुंचेगा पारा
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में होली के बाद गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में पिछले चार–पांच दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया बुधवार को 15 से अधिक जिलों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। लखनऊ में अधिकतम तापमान 30.4°C और न्यूनतम 15.4°C रिकॉर्ड किया गया। गुरुवार को दिन और रात के तापमान में करीब दो डिग्री तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि शनिवार तक अधिकतम तापमान 32°C और 4 मार्च तक 34-35°C तक पहुंच सकता है। बांदा में भी पारा 31 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा प्रदेश में बुधवार को हमीरपुर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.2°C दर्ज किया गया। वहीं वाराणसी और बांदा में भी पारा 31 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रशांत महासागर में सक्रिय ला नीना के कमजोर पड़ने का असर उत्तर भारत के मौसम पर दिख रहा है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन में तपिश बढ़ेगी और गर्मी का असर तेज बना रहेगा।
“जिस बेटे के लिए जिए… उसी ने ले ली जान”
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हत्याकांड में आरोपी उनका बेटा अक्षत प्रताप सिंह (21) है, जिसकी बेरुखी और वारदात के बाद का व्यवहार हर किसी को हैरान कर रहा है।

हत्या के बाद सामान्य बनने की कोशिश

पुलिस के अनुसार पिता की गोली मारकर हत्या करने के बाद भी अक्षत के चेहरे पर जरा भी पछतावा नहीं था। उसने घर का माहौल सामान्य बनाए रखने की कोशिश की। बाजार से पनीर और मिठाई खरीदकर लाया। चाची को पनीर दिया, खाना बनवाया और परिवार के साथ बैठकर सामान्य ढंग से भोजन किया। यहां तक कि मिठाई भी बांटी, ताकि किसी को शक न हो कि घर के भीतर इतनी खौफनाक वारदात हो चुकी है।

बहन को दी जान से मारने की धमकी

घटना के समय कक्षा 11 की छात्रा कृति भी कमरे में मौजूद थी। पिता की हत्या के बाद अक्षत ने उसे धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे भी मार देगा। डर के साये में जी रही कृति 20 फरवरी को परीक्षा देने स्कूल भी गई, लेकिन उसने किसी से कुछ साझा नहीं किया। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि मानवेंद्र अपनी बेटी से बेहद प्रेम करते थे और बच्चों की खातिर उन्होंने दूसरी शादी नहीं की थी।

शव के टुकड़े कर फेंके अंग

मामले के मुताबिक, 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ। गुस्से में आकर अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने शव को तीसरी मंजिल से घसीटकर नीचे लाया। पहले कार से गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने से असफल रहा। फिर आरी खरीदकर शव के टुकड़े किए। दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया। इससे पहले कि वह धड़ को भी ठिकाने लगा पाता, पुलिस को सुराग मिल गया।

गुमशुदगी से खुला राज

21 फरवरी को आशियाना थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई। जांच के दौरान जब पुलिस ने अक्षत से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया। आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

अंतिम संस्कार में नहीं मिला अधिकार

मानवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार वीआईपी रोड स्थित बैकुंठ धाम में किया गया। मुखाग्नि उनके भतीजे कृत सिंह ने दी। परिवार में कोहराम मचा रहा। मां बार-बार बेसुध हो रही थीं। पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।

जेल में अजीब व्यवहार

जिला कारागार भेजे जाने के बाद अक्षत बार-बार कहता रहा, “पापा ने मुझे मारा तो मैंने उन्हें मार दिया… मैं गिर जाऊंगा।” उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज और काउंसिलिंग जारी है।

पुलिस का बयान

डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिता द्वारा पढ़ाई का दबाव बनाए जाने से आरोपी नाराज था।
आशियाना पुलिस ने बहन कृति से भी पूछताछ की, लेकिन उसकी किसी भी प्रकार की भूमिका सामने नहीं आई है।

यह हत्याकांड न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है—एक पिता, जिसने बच्चों की खातिर अपना जीवन समर्पित किया, उसी बेटे के हाथों मौत का शिकार हो गया।
लखनऊ में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाला बेटा गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के थाना आशियाना क्षेत्र में अपने ही पिता की हत्या कर शव के टुकड़े कर छिपाने वाले अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने नीट परीक्षा को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद अपने पिता को उनकी ही लाइसेंसी रायफल से गोली मार दी थी।

मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई

23 फरवरी 2026 को अक्षत प्रताप सिंह (21) निवासी सेक्टर-एल, एलडीए कॉलोनी, आशियाना ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई। गुमशुदगी संख्या 06/2026 पंजीकृत की गई।जांच के दौरान पुलिस को अक्षत का बयान संदिग्ध लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गया और पिता की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

अपराध का खुलासा

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 4:30 बजे नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर उसने अपने पिता को उनकी लाइसेंसी .315 बोर रायफल से गोली मार दी।

चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे

हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे। कटे अंगों को पॉलिथीन में लपेटकर नादरगंज क्षेत्र में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया, जबकि शेष शव को नीले प्लास्टिक ड्रम में घर के अंदर छिपा दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।

पंजीकृत अभियोग

मु0अ0सं0 51/2026 धारा 103(1)/238/217 बीएनएस एवं धारा 4/9/25/27 आर्म्स एक्ट, थाना आशियाना, लखनऊ।पुलिस उपायुक्त मध्य के निर्देश पर गठित टीम ने आरोपी को 24 फरवरी 2026 को शाम 6:10 बजे गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर निम्न बरामदगियां हुईं—

नीले ड्रम से शेष शव

नादरगंज नहर किनारे से कटे हाथ-पैर

ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास से 2 चाकू व 2 आरी

अनौरा जंगल, सरोजनीनगर से जली चादर व राख

हत्या में प्रयुक्त .315 बोर लाइसेंसी रायफल, कारतूस व अन्य साक्ष्य

अपराध का तरीका

पारिवारिक विवाद के चलते लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर हत्या, फिर साक्ष्य छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंकना और पुलिस को भ्रमित करने के लिए स्वयं गुमशुदगी दर्ज कराना।

गिरफ्तार अभियुक्त

अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष)
निवासी सेक्टर-एल, मकान नं. 91, एलडीए कॉलोनी, थाना आशियाना, लखनऊ

गिरफ्तारी करने वाली टीम

प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह सहित थाना आशियाना की पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
यह मामला राजधानी लखनऊ में पारिवारिक विवाद से उपजे एक जघन्य अपराध के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
जानकीपुरम विस्तार में आवासीय भू-उपयोग पर तीन मंजिला व्यावसायिक निर्माण का आरोप, जोन–5 के अधिकारियों पर मिलीभगत के दावे
लखनऊ। राजधानी के जानकीपुरम विस्तार स्थित सेक्टर–6 में कथित रूप से आवासीय भू-उपयोग की भूमि पर तीन मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य ज़ोन–5 के अधिकारियों की मिलीभगत से खुलेआम किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 60 फीट रोड पर भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप से पहले, बाला जी स्वीट्स के सामने वाली गली में यह निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माणकर्ता विशाल सिंह द्वारा नियमों को दरकिनार कर व्यावसायिक भवन खड़ा किया जा रहा है, जबकि संबंधित भूखंड का भू-उपयोग आवासीय श्रेणी में दर्ज है।
स्थानीय सूत्रों का यह भी दावा है कि प्रति फ्लोर के हिसाब से कथित रूप से ‘सेटिंग’ तय की गई है। आरोपों में यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में ज़ोन–5 के अवर अभियंता की भूमिका संदिग्ध है तथा कथित तौर पर हिस्सा ऊपर तक पहुंचने की बात कही जा रही है। ज़ोनल प्रभारी के स्तर तक मामले में जानकारी और हिस्सेदारी पहुंचने के भी दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।
स्थानीय निवासियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण को इसी तरह संरक्षण मिलता रहा तो क्षेत्र की मूल संरचना और नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की वैधता की जांच कराई जाती है या नहीं।
लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में दिखेगा अवध की संस्कृति का संगम *

एलडीए ने हुसैनाबाद में 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित किया है म्यूजियम
- 01 मार्च को लोकार्पण के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा म्यूजियम
लखनऊ । हुसैनाबाद में बनकर तैयार हुए लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में अवध की संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लगभग 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में इस म्यूजियम का निर्माण किया है। 01 मार्च, 2026 को लोकार्पण के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस नवनिर्मित म्यूजियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय की संरचना, प्रदर्शनी दीर्घाओं और पर्यटक सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। म्यूजियम का निर्माण 41.43 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। यह प्रदेश की पहली ऐसी आईकॉनिक बिल्डिंग होने वाली है, जहां बिना किसी कॉलम या पिलर के सहारे के 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर निर्मित किया गया है। म्यूजियम भवन की आकर्षक डिजाइन इस इमारत को एक अलग पहचान देती है।
म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। म्यूजियम में विभिन्न तरह की गैलरी विकसित की गयी हैं। जिनके नाम ‘मूल धारा, हुनर का सफर, हस्तशिल्प, सांझी आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, कारीगरी, महफिल-ए-अवध, नृत्यकला, नाट्यशाला, सोच एवं संवाद और जायका-ए-अवध’ हैं। इन गैलरी के माध्यम से अवध की संस्कृति को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में वीआर गेमिंग एरीना भी बनाया गया है, जो दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस म्यूजियम का निर्माण कराया गया है। यह म्यूजियम लखनऊ की समृद्ध विरासत, कला, शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस मौके पर एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव, नजूल अधिकारी प्रभाकर सिंह, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, अधिशासी अभियंता मनोज सागर एवं नीरज कुमार समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
जर्मनी में यूपी की बड़ी पहल: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग व ड्रोन हब बनने की ओर ठोस कदम
* रक्षा, दूरसंचार, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर व उन्नत विनिर्माण में साझेदारी के नए द्वार खुले

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश प्रोत्साहन नीति के अनुरूप उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश एवं उन्नत प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में जर्मनी में महत्वपूर्ण पहल की गई।
जर्मनी प्रवास पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कैबिनेट मंत्री (आईटी) सुनील कुमार के साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से उच्चस्तरीय बैठकें कीं।

* उन्नत सेंसर व स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर सहयोग
जापान की बहुराष्ट्रीय कंपनी Fujikura Ltd. के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्नत सेंसर प्रौद्योगिकी, स्वायत्त प्लेटफॉर्म और स्मार्ट अवसंरचना से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश में प्रोटोटाइपिंग एवं उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित करने, ऑटोमोटिव व ई-व्हीकल सेक्टर के लिए स्मार्ट सेंसर व इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के निर्माण तथा स्मार्ट सिटी एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में सहभागिता पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। कंपनी ने प्रदेश में निवेश को लेकर गहरी रुचि व्यक्त की।

* ड्रोन निर्माण व तकनीक हस्तांतरण पर सकारात्मक संवाद
जर्मनी की अग्रणी ड्रोन निर्माता कंपनी Quantum-Systems GmbH के साथ तकनीक हस्तांतरण, संभावित निवेश मॉडल और उत्तर प्रदेश में उन्नत ड्रोन विनिर्माण एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित करने पर चर्चा हुई। रक्षा और नागरिक उपयोग हेतु अत्याधुनिक यूएवी प्रणालियों के विकास, डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक सहयोग तथा अनुसंधान व कौशल विकास के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं पर सकारात्मक संवाद हुआ।

* दूरसंचार व रक्षा तकनीक में नए अवसर
उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी की प्रमुख दूरसंचार कंपनी Telefónica O2 तथा रक्षा एवं सेंसर तकनीक कंपनी HENSOLDT के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में उन्नत संचार नेटवर्क, सुरक्षित कनेक्टिविटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक सेंसर एवं एवियोनिक्स सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्लेटफॉर्म तथा परीक्षण एवं उत्पादन हब की स्थापना पर विस्तृत चर्चा हुई।
कंपनी प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर, सुदृढ़ औद्योगिक आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा व्यक्त की।

* निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा पारदर्शी औद्योगिक नीतियां निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार सिंगल विंडो क्लीयरेंस, त्वरित अनुमोदन और हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विश्वास जताया कि जर्मनी में हुई ये उच्चस्तरीय बैठकें उत्तर प्रदेश को वैश्विक टेक्नोलॉजी, रक्षा विनिर्माण, दूरसंचार और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने की दिशा में एक दूरगामी कदम सिद्ध होंगी।
उत्तर प्रदेश में 27-28 फरवरी को ‘मीन महोत्सव का आयोजन

* इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में जुटेंगे 1000 से अधिक मत्स्य पालक
* आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और आय वृद्धि पर रहेगा विशेष फोकस – डॉ. संजय निषाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग द्वारा ‘मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो)’ का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ में किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में देश एवं प्रदेश के प्रख्यात वैज्ञानिक, मत्स्य उद्यमी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 1000 मत्स्य पालक भाग लेंगे।
यह जानकारी मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गोमतीनगर स्थित होटल ताज में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि एक्सपो का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का प्रसार, उद्यमिता संवर्धन तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि के लिए एक समन्वित मंच उपलब्ध कराना है।

* आधुनिक तकनीक और नवाचार पर जोर
महोत्सव में किसानों की जमीनी समस्याओं के समाधान, नवीन तकनीकी नवाचारों की व्यवहारिक जानकारी, मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने, व्यापार वृद्धि, एक्वा पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पोषण सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा औद्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए जाएंगे। विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार बैनर, पोस्टर, स्टैण्डी, हैंडबिल्स, ब्रोशर एवं पम्पलेट्स के माध्यम से किया जाएगा। एलसीडी प्रोजेक्टर द्वारा मत्स्य पालन तकनीकों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण होंगे तथा वेबकास्टिंग/यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सीधा प्रसारण किया जाएगा।

* तकनीकी संगोष्ठी और विशेषज्ञों से सीधा संवाद
महोत्सव में मत्स्य पालकों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों के बीच तकनीकी संगोष्ठी एवं विचार-विमर्श आयोजित होगा। आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, रोग नियंत्रण, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन, वैल्यू एडिशन, विपणन, निर्यात संभावनाएं, बायोफ्लॉक, पोषण प्रबंधन एवं आरएएस प्रणाली जैसे विषयों पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विशेष सत्र में प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं अनुभवी उद्यमियों द्वारा मत्स्य किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे वे अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। इस कार्यक्रम का व्यापक प्रभाव पोषण सुरक्षा, व्यापार, एक्वा पर्यटन एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

* फिश फूड कोर्ट और प्रत्यक्ष आपूर्ति पर चर्चा
एक्सपो में विभिन्न प्रकार के मत्स्य व्यंजनों के साथ ‘फिश फूड कोर्ट’ एवं प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रेसवार्ता से पूर्व होटल एवं रेस्टोरेंट मालिकों, कैटरर्स और विभागीय अधिकारियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन आयोजित हुआ, जिसमें मत्स्य पालकों से सीधे होटलों एवं कैटरर्स को मछली आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा की गई। सुझाव दिया गया कि प्रत्यक्ष आपूर्ति से मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को ताजी मछली उपलब्ध हो सकेगी।
महोत्सव प्रदेश के मत्स्य किसानों एवं उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध होगा। सरकार मत्स्य पालन को आधुनिक, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, जिससे रोजगार सृजन, आय वृद्धि और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के घर आयकर का छापा
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उत्तर प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर बुधवार को आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच टीम को एक डायरी हाथ लगी है, जिसमें कई प्रशासनिक अधिकारियों के नाम सामने आए हैं।

आयकर की टीम ने बसपा विधायक उमाशंकर के लखनऊ में गाेमतीनगर स्थित आवास और कार्यालय पर छापा मारा है। कार्रवाई के दौरान कई अधिकारी और सुरक्षा बल तैनात हैं। जांच टीम ने पूरे घर को घेर लिया और किसी को भी बाहर से अंदर और अंदर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद टीम ने गहन जांच शुरू की। सूत्रों की मानें तो टीम के हाथ एक डायरी लगी है, जिसमें वर्तमान और रिटायर्ड पुलिस के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आयकर विभाग कुछ वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं, हालांकि इस मामले में कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

उल्लेखनीय है कि बसपा के इकलौत विधायक उमाशंकर के आवास पर छापेमारी ऐसे समय की गई, जब वह कैंसर से पीड़ित हैं। उनका दो बार ऑपरेशन हो चुका है। इस कार्रवाई को लेकर पार्टी में हलचल शुरू हो गई है।