मेरठ में आग का कहर, जलती इमारत में जिंदा दफ्न हुआ परिवार, पांच मासूम समेत 6 की दर्दनाक मौत

मेरठ । यूपी के मेरठ में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं से भर गया और अंदर फंसे मासूम बच्चों व महिला की दर्दनाक मौत हो गई।इस भयावह हादसे में एक ही परिवार के पांच बच्चों और एक महिला सहित कुल छह लोगों की जान चली गई। इलाके में मातम पसरा है और चीख-पुकार की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।

नमाज पढ़ने गए थे घर के पुरुष, पीछे छूट गया जलता घर

मकान कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का बताया जा रहा है। घटना के समय इकबाल और उनके दोनों बेटे आसिम व फारूक तरावीह की नमाज पढ़ने मस्जिद गए हुए थे। घर में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।
रात करीब 9:30 बजे अचानक घर के अंदर से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

संकरी गलियां बनीं बाधा, लोग छतों से पहुंचे अंदर

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियां सीधे मौके तक नहीं पहुंच सकीं।
ऐसे में स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर छतों के रास्ते घर में प्रवेश किया और झुलसे हुए बच्चों व महिलाओं को बाहर निकाला। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अस्पताल में टूटी सांसें

घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रुखसार (30 वर्ष), अकदस (3 वर्ष), नबिया (6 माह), इनायत (6 माह), महविश (12 वर्ष), हम्माद (4 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज जारी है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और राहत कार्य में आई बाधाओं की भी समीक्षा होगी।यह हादसा कई सवाल खड़े कर गया है—क्या घर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे? क्या फैक्ट्री और रिहाइश एक साथ होने से खतरा बढ़ा?फिलहाल, मेरठ के इस इलाके में मातम का माहौल है। पांच मासूमों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
भीषण जाम से कराह उठा बहसूमा, कई घंटे बाद पुलिस ने दिलाई राहत


मेरठ ।बहसुमा। मेरठ जनपद के बहसूमा कस्बे में शनिवार को भीषण जाम लगने से आमजन को कई घंटे तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुख्य मार्ग पर गन्ने से भरे एक ट्रक के सामने अचानक टाटा 407 वाहन आ जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत शुरू की। पुलिस कर्मियों ने एक-एक कर वाहनों को व्यवस्थित ढंग से निकलवाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि जाम की स्थिति को नियंत्रित कर मार्ग को पूरी तरह खुलवा दिया गया है तथा भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय नागरिकों में चौधरी मनोज कुमार, पूर्व प्रधान नरेश सिरोही और डॉक्टर सीटू सहित कई लोगों ने बताया कि जाम कई घंटों तक लगा रहा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं और राहगीरों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी। पुलिस की तत्परता से अंततः लोगों ने राहत की सांस ली।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कस्बे में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए और यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
मेरठ में भाकियू संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी नजरबंद, प्रधानमंत्री कार्यक्रम में विरोध से पहले सौंपा ज्ञापन
मेरठ में आज भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में प्रस्तावित ट्रेड बिल विरोध से पहले ही प्रशासन ने एहतियातन घरों पर नजरबंद कर दिया। संगठन के अनुसार देर रात से ही प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर नेताओं की आवाजाही सीमित कर दी।

प्रशासन के आग्रह के बाद संगठन प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम पूनम जादौन, इंस्पेक्टर मवाना को सौंपा। ज्ञापन में किसानों से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो संगठन बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगा।

जिलाध्यक्ष नवनीत चौहान ने कहा कि किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराता रहेगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार आगे की रणनीति शीघ्र घोषित की जाएगी।
पवन चौहान जिला संगठन मंत्री , अनुपम राणा तहसील उपाध्यक्ष ,भूपेंद्र चौहान जिला सलाहकार,धर्मेंद्र चौधरी ब्लॉक अध्यक्ष हस्तिनापुर,ठाकुर शनि प्रताप युवा नगर अध्यक्ष ,मोहित गुर्जर युवा ब्लॉक उपाध्यक्ष किला ,अरुण गौतम ,गोपाल चौहान , अचिन चौहान , मोनू चौहान ,मुकुल चौहान
मोड खुर्द में ट्रेड बिल के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन

मेरठ/बहसूमा।  अपने निवास स्थान ग्राम मोड खुर्द में किसानों ने प्रस्तावित ट्रेड बिल के विरोध में एकजुट होकर थाना बहसूमा की थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित बिल से कृषि व्यवस्था और स्थानीय व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे छोटे और मध्यम किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

ज्ञापन में किसानों ने सरकार से बिल पर पुनर्विचार करने और किसान हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपील की कि किसानों की चिंताओं को उच्च अधिकारियों तक गंभीरता से पहुंचाया जाए, ताकि समय रहते उचित निर्णय लिया जा सके।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष इंतजार देशवाल, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, अमित (जिला सचिव), शिवांशु (तहसील अध्यक्ष), सचिन (मीडिया प्रभारी), अमरपाल सिंह, मोहम्मद यामीन, असलम, सोनू कुमार बाटला और रामराज सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। थाना प्रभारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनका ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा और उनकी बात को गंभीरता से लिया जाएगा।
बहसूमा-मेरठट्रेड बिल विरोध से पहले कार्रवाई: युवा जिला अध्यक्ष व जिला अध्यक्ष को घर में रोका
मेरठ/बहसुमा। आगामी 22 फरवरी को प्रस्तावित मेरठ मेट्रो स्टेशन के शुभारंभ कार्यक्रम से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी को पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया। वहीं संगठन के जिला अध्यक्ष इंतजार देशवाल को भी पुलिस उप निरीक्षक कृष्णकांत ने घर से बाहर निकलने नहीं दिया। आरोप है कि दोनों नेताओं को मेरठ जाने से पहले ही एहतियातन “हाउस अरेस्ट” कर दिया गया।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार “चलो मेरठ” आह्वान के तहत मेरठ में किसानों की समस्याओं और ट्रेड बिल के विरोध में प्रदर्शन प्रस्तावित था। कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर सहित आसपास जनपदों से किसान पदाधिकारियों के पहुंचने की योजना थी।

बताया गया कि स्थानीय पुलिस टीम नेताओं के आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। संगठन का आरोप है कि बिना किसी लिखित आदेश के यह कार्रवाई की गई, जिससे वे निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। किसान यूनियन पदाधिकारियों ने इसे किसानों की आवाज दबाने की कार्रवाई बताया है।

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि उच्च स्तरीय कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

संगठन कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
बहसूमा से प्रधानमंत्री के स्वागत को विशेष बस व्यवस्था, सुबह 9 बजे प्रस्थान

मेरठ। बहसूमा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं व समर्थकों के लिए रविवार, 22 फरवरी को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री Narendra Modi के आगमन को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। इसी क्रम में हस्तिनापुर मंडल महामंत्री, Bharatiya Janata Party तथा बहसूमा व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष विनीत अहलावत के आह्वान पर समर्थकों के लिए विशेष बस सेवा की व्यवस्था की गई है।

जानकारी के अनुसार बस रविवार सुबह ठीक 9 बजे शाकंभरी बिल्डिंग मटेरियल (निकट जे.एन. मार्केट, मेरठ–बिजनौर रोड) से प्रस्थान करेगी। आयोजन से जुड़े लाला सचिन अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर कार्यकर्ता एकत्र होकर अनुशासन के साथ निर्धारित समय पर रवाना होंगे।

विनीत अहलावत ने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से समय का विशेष ध्यान रखने तथा अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रधानमंत्री का स्वागत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह अवसर क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और संगठित उपस्थिति से क्षेत्र का मान-सम्मान और बढ़ेगा।
बहसूमा में किसान नेता को घर में रोका, ‘चलो मेरठ’ से पहले पुलिस की एहतियाती कार्रवाई
मेरठ/बहसूमा। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और मेट्रो स्टेशन के शुभारंभ से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सनी चौधरी को पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया। संगठन का आरोप है कि उन्हें मेरठ जाने से पहले ही “हाउस अरेस्ट” कर दिया गया।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार “चलो मेरठ” आह्वान के तहत किसान कार्यकर्ता ट्रेड बिल के विरोध और किसानों की समस्याओं को लेकर मेरठ में प्रदर्शन करने वाले थे। बताया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सनी चौधरी घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी स्थानीय पुलिस टीम उप निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में उनके आवास पहुंची और बाहर जाने से रोक दिया।

किसान यूनियन का आरोप है कि बिना किसी लिखित आदेश के यह कार्रवाई की गई, जिससे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का हनन हुआ है। संगठन ने इसे किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में सघन गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में किसान नेट विजेंद्र सिंह देशवाल और चौधरी विपिन अहलावत और गौरव चौधरी को भी नजर बंद किया गया किसान संगठनों और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इसे सुरक्षा बनाम विरोध के अधिकार की बहस के रूप में देखा जा रहा है।
गन्ना उत्पादकता बढ़ाने को जागरूकता रैली, मिल प्रबंधन ने किसानों को दी नई किस्मों व रोग नियंत्रण की जानकारी
मेरठ/बहसुमा। टिकौला शुगर मिल्स लिमिटेड द्वारा बुधवार को गन्ना उत्पादन में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से गन्ना किसान जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली को मिल स्वामी के प्रतिनिधि वेदान्त स्वरूप, अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम तथा महाप्रबंधक (गन्ना) सुनील दत्त ने हरी झंडी दिखाकर गांवों के लिए रवाना किया।

मिल प्रबंधन ने बताया कि बेहतर पैदावार के लिए किसानों को बुवाई के समय सही गन्ना किस्म का चयन करना चाहिए और ट्रेंच विधि से बुवाई को अपनाना चाहिए। टीम गांव-गांव जाकर किसानों को उन्नत किस्मों, रोग प्रबंधन और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी दे रही है।

रैली के दौरान किसानों को चेताया गया कि गन्ना किस्म को. 0238 में लाल सड़न रोग का प्रकोप अधिक देखा जा रहा है, इसलिए इसकी बुवाई से बचें। इसके स्थान पर को. 0118, 15023, 98014, को.लख. 16202, 14201, को. शा. 18231 आदि उन्नत किस्मों की बुवाई की सलाह दी गई। साथ ही बुवाई से पूर्व बीज को फफूंदनाशक व कीटनाशक से उपचारित करने तथा खेत में ट्राइकोडर्मा के प्रयोग पर जोर दिया गया। पोटाश के उपयोग से गन्ना सुदृढ़ होगा और रोग-कीट का प्रकोप कम होगा।

इस अवसर पर गन्ना विकास परिषद व सहकारी गन्ना विकास समिति के अधिकारी-कर्मचारी तथा मिल के अधिकारी—मोहનલाल शर्मा (अतिरिक्त महाप्रबंधक), अविनाश सिंह (उप महाप्रबंधक गन्ना), दिनेश कुमार अघेरी (केन डेवलपमेंट हेड), सुधीर गुप्ता, त्रेशपाल धामा, राजेन्द्र सिंह, अरविन्द शर्मा, अनुपम देओल, नरेन्द्र धामा सहित अनेक सुपरवाइजर मौजूद रहे।
.एआरटीओ मेरठ में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ 24 फरवरी को भाकियू (तोमर) का विशाल धरना-प्रदर्शन


मेरठ, 18 फरवरी 2026। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के जिला अध्यक्ष चौ० इंतजार देशवाल ने आज अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में एआरटीओ (मेरठ) कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, किसानों एवं आमजन की अनदेखी तथा अवैध वसूली के विरोध में 24 फरवरी 2026 को एआरटीओ कार्यालय मेरठ पर विशाल धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की।उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान या आमजन अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कार्यालय जाते हैं तो उनसे सरकारी रसीद से लगभग छह गुना अधिक धनराशि वसूली जाती है, जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एआरटीओ कार्यालय परिसर में अनेक निजी व्यक्ति खुलेआम दलाली कर रहे हैं और किसानों व आमजन से काम कराने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं, जिन्हें तत्काल हटाया जाए। प्रेस वार्ता में पीटीओ मैडम प्रीति पांडेय पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन का आरोप है कि ओवरलोडिंग वाहनों से प्रति माह लगभग छह हजार रुपये एंट्री के नाम पर वसूले जाते हैं तथा कुछ विशेष गाड़ियों को बिना रोक-टोक चलने दिया जाता है, जबकि एंट्री न देने वाली गाड़ियों का मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान कर दिया जाता है। संगठन ने सभी के साथ समान व्यवहार की मांग की है।इसके अतिरिक्त आरोप लगाया गया कि जिन वाहनों का चालान किया जाता है, उन्हें किसी अन्य व्यक्ति द्वारा चलाकर ले जाया जाता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी को लेकर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है। साथ ही पेट्रोल पंपों एवं दुकानों पर खड़ी गाड़ियों के चालान काटने का भी आरोप लगाया गया, जिसके वीडियो प्रमाण संगठन के पास होने का दावा किया गया।
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 24 फरवरी 2026 को एआरटीओ कार्यालय मेरठ पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे जिला अध्यक्ष अकिल राणा, जिला महासचिव अमित चौधरी, जिला महामंत्री अब्दुल कलाम, जिला प्रवक्ता जमीर चौधरी, मंडल उपाध्यक्ष अमरपाल सिंह ग्रेवाल, मंडल उपाध्यक्ष प्रतिनिधि कृष्ण कुमार, जिला अध्यक्ष सलाहकार मोनु बटला, जसप्रीत सिंह ग्रेवाल, फैयाज भाई, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी वह अन्य साथी मौजूद रहे
टिकौला शुगर मिल ने किया सत्र 2025–26 का गन्ना मूल्य भुगतान, 16.38 करोड़ सीधे किसानों के खातों में
मेरठ।बहसुमा। क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। टिकौला शुगर मिल के अधिशासी अध्यक्ष हिमांशु कुमार मंगलम ने जानकारी देते हुए बताया कि पेराई सत्र 2025–26 के अंतर्गत दिनांक 10 फरवरी 2026 से 13 फरवरी 2026 तक खरीदे गए गन्ने का कुल 16.38 करोड़ रुपये का भुगतान आज मंगलवार को सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।

मिल प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने-अपने संबंधित बैंकों से भुगतान की पुष्टि कर लें। साथ ही भविष्य में किसानों को सप्ताह में दो दिन—मंगलवार एवं शुक्रवार—को नियमित रूप से गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।

किसानों को यह भी निर्देशित किया गया है कि मिल में आपूर्ति किया जाने वाला गन्ना साफ-सुथरा, ताजा तथा जड़-पत्ती और मिट्टी रहित हो। अधिक गन्ना उपलब्ध होने की स्थिति में किसान चीनी मिल या गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर अतिरिक्त सट्टा आवश्यकता अनुसार प्राप्त कर सकते हैं।

मिल प्रशासन ने किसान भाइयों से अपना बेसिक कोटा पूर्ण करने और गन्ना आपूर्ति बढ़ाकर प्रोत्साहन एवं उपहार योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया है।