एआई समिट को गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बनाया', कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर पीएम मोदी का तीखा वार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ से कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए शर्टलेस प्रदर्शन को कांग्रेस की गंदी राजनीति का स्वरूप बताया। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत के पहले नमो भारत RRTS का उद्घाटन किया, पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत पूरा कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो (मेरठ साउथ-मोदीपुरम) देश को समर्पित किया। इस दौरान अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ने कहा, 'एक तरफ आज देशवासी भारत को विकसित बनाने के लिए काम कर रहे हैं लेकिन देश में ही कुछ राजनैतिक दल हैं जो भारत की सफलता को पचा नहीं पा रहे। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, दुनिया भर के 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि दिल्ली आए। पूरा देश गर्व से भर गया लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने क्या किया?'

वैश्विक आयोजन को राजनीति का अखाड़ा बनाया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'कांग्रेस ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए।'

कांग्रेस अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी -पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'कांग्रेस ने नेताओं ने AI समिट में जो कुछ किया वह दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कितनी दिवालिया, कितनी दरिद्र हो गई है। कांग्रेस तो अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी है।'

पूरे देश में कांग्रेस की रीति-नीति पर थू-थू-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है, ये मेरी कब्र खोदना चाहते हैं, मेरी मां को गाली देने से इन्हें कोई परहेज नहीं है, उन्हें बीजेपी, NDA से विरोध है लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए था कि AI ग्लोबल समिट यह बीजेपी का समारोह नहीं था और न ही बीजेपी का कोई नेता वहां मौजूद था। यह देश का, देश के सम्मान का कार्यक्रम था लेकिन कांग्रेस ने परसो सारी मर्यादाएं तोड़ दी। पूरे देश में कांग्रेस की इस रीति-नीति पर थू-थू हो रही है लेकिन दुर्भाग्य देखिए इतनी पुरानी पार्टी के नेता लजाने की बजाय गाजते हैं। देश की बेइज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं।'

समाजवादी पार्टी पर भी सादा निशाना

नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कांग्रेस, समाजवादी पार्टी की जब दिल्ली में सरकार थी तब यह सब संभव ही नहीं था क्योंकि तब इंफ्रास्ट्रक्चर की परियोजनाएं घोटालों में ही गुम हो जाती थी। मेट्रो जैसी और उससे जुड़ी अधिकतर तकनीक भी हमें विदेशों से आयात करनी पड़ती थी। हमने घोटाले भी बंद किए और देश को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर भी आगे बढ़ाया।'

अफगानिस्तान में पाकिस्तान ने किया एयरस्ट्राइक, फाइटर जेट से कई जगहों पर बमबारी, 28 की मौत

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पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। सरकार के मुताबिक यह इंटेलिजेंस आधारित, चयनित ऑपरेशन था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सात कैंप और ठिकाने को बनाया गया निशाना

जियो न्यूज ने पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि इन हमलों में फिटना अल खवारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खुरासान प्रांत (DKP) के सात कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि हाल के आत्मघाती हमलों के जवाब में यह कार्रवाई “पूरी सटीकता और सावधानी” के साथ की गई। रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में रमजान के दौरान हुए आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व और उनके सहयोगियों का हाथ बताया गया है।

28 टीटीपी लड़ाकों के मारे जाने की खबर

सूत्रों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए हैं। हालांकि, अभी काबुल के तालिबान प्रशासन ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अफगानिस्तान के मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तानी फाइटर जेट ने सुबह तड़के सीमावर्ती प्रांत पक्तिका के बरमल और उरगुन जिले में हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी हवाई हमले किए गए हैं।

आम लोगों के घरों को निशाना बनाने का आरोप

टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तान ने हवाई हमलों में आम लोगों के घरों के साथ ही एक मदरसे को भी निशाना बनाया है। रिपोर्टों में बताया गया है कि पक्तिका के बरमल जिले में बानुसी मदरसे पर एयरक्राफ्ट से मिसाइलें दागी गई हैं। स्थानीय रिपोर्ट बताती हैं कि कुल आठ टारगेट पर हमला किया गया है।

हालिया आत्मघाती हमलों के बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है। बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर 11 सैनिकों और एक बच्चे की जान ले ली थी। इसके अलावा बन्नू जिले में भी एक और आत्मघाती हमले में दो सैनिक मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थान की परवाह किए बिना कार्रवाई करेगी। इस बयान से इस्लामाबाद और काबुल के बीच बढ़ते तनाव के संकेत मिले थे।

दिल्ली पुलिस ने 8 संदिग्धों को किया गिरफ्तार, ISI से जुड़े तार

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस ने तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार संदिग्धों में एक बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल है। पुलिस सभी आरोपियों को दिल्ली ला रही है।

दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल किले के आसपास के इलाकों और चांदनी चौक क्षेत्र में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा इस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

आतंकी हमले के अलर्ट के बाद कार्रवाई

खुफिया एजेंसियों से आतंकी हमले का अलर्ट मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु से छह तो पश्चिम बंगाल से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बांग्लादेश के आतंकी संगठनों के समर्थन से देश में बड़ी आतंकी वारदात की योजना बना रहे थे। तमिलनाडु से गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक बांग्लादेश का नागरिक भी शामिल है।

इन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने तमिलनाडु से मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्ज्वल समेत छह आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो असामाजिक गतिविधियों में शामिल हैं। इसमें दो आरोपियों की गिरफ्तारी तमिलनाडु के उथुकुली से, तीन को पल्लाडम से और एक को थिरुमुरुगनपुंडी इलाके से गिरफ्तार किया गया है।

संदिग्धों के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद

गिरफ्तार संदिग्धों के पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इन उपकरणों का उपयोग आतंकी संगठनों के समर्थन में संदेश फैलाने और संदिग्ध हैंडलर्स के संपर्क में रहने के लिए किया जा रहा था। दिल्ली पुलिस इन मोबाइल फोन और सिम कार्ड की गहन जांच कर रही है ताकि इनके नेटवर्क, संपर्कों और साजिश के पूरे ताने-बाने का पता लगाया जा सके।

दिल्ली को दहलाने की साजिश, लश्कर ए तैयबा के निशाने पर लाल किला और चांदनी चौक का मंदिर

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देश की राजधानी दिल्ली में एक बार आतंकियों के साए में है। राजधानी में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल किले के आसपास के इलाकों और चांदनी चौक क्षेत्र में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा इस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

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चांदनी चौक का इलाका निशाने पर

खुफिया विभाग के सूत्रों ने एक हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने आईईडी हमले की साजिश रच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन ने चांदनी चौक इलाके में स्थित प्रमुख मंदिरों को भी टारगेट करने की योजना बनाई है।

बिलाल मस्जिद हमले का बदला लेने की साजिश

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों सूत्रों का कहना है कि लश्कर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए एक मस्जिद विस्फोट के बाद भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में है। खुफिया सूत्रों ने कहा, आतंकवादी चांदनी चौक में एक मंदिर को निशाना बना सकते हैं। लश्कर-ए-तैयबा आईईडी हमले की साजिश रच रहा है। 6 फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद यह संगठन भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

10 नवंबर 2025 को हुआ था धमाका

यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अभी चल रही है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी। 10 नवंबर 2025 को शाम के समय दिल्ली के लाल किले के पास एक बड़ा धमाका हुआ था। इस धमाके में कई गाड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। इस घटना में कई लोगों की मौत भी हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सामने आया था कि धमाका एक कार में हुआ था। यह कार धमाके से पहले करीब तीन घंटे तक लाल किला इलाके की पार्किंग में खड़ी रही थी।

पीएम मोदी जा रहे इजराइल, कितना अहम होगा ये दौरा?*

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि पीएम मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं।

संसद को संबोधित करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचेंगे। इस दौरान वह नेसेट (संसद) को संबोधित कर सकते हैं। पीएम मोदी नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे।

पीएम मोदी के दौरे को लेकर क्या बोले नेतन्याहू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से उत्साहित उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा अगले सप्ताह एक बेहद शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री इजराइल का दौरा करेंगे। नेतन्याहू ने कहा, वर्षों से इजराइल और भारत के बीच एक मजबूत गठबंधन है। हम हर तरह के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं। आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। इसकी आबादी 1.4 अरब है। भारत बेहद शक्तिशाली और बेहद लोकप्रिय है।

नई रक्षा तकनीक साझा करने को सहमत

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, इजराइल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है। इसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल इस बार ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

लंबी दूरी की मिसाइलें खरीदने पर विचार

भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा

भारतीय प्रधानमंत्री की यह वर्ष 2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा होगी। पीएम बेंजामिन नेतान्याहू जनवरी, 2018 में नई दिल्ली आये थे। उसके बाद कम से कम दो बार उनकी भारत यात्रा की तैयारियां की गई हैं लेकिन अंतिम समय में किसी न किसी वजह से उन्हें रद करना पड़ा। हालांकि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ा है।

सत्ताधारी पार्टी के नेता ही राज्य में सुरक्षित नहीं है, कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल

JMM नेता की हत्या का मामला पहुंचा सदन, बिगड़ती कानून व्यवस्था पक्ष विपक्ष आमने सामने

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झारखंड में सत्ता पक्ष के नेता ही अब सुरक्षित नहीं है। गिरिडीह के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सह झामुमो के कददवार नेता राकेश महतो की हत्या कर दी गई। जंगल में मिली अधजली लाश के बाद इलाके मे सनसनी फैली हुई है।

अब यह मामला सदन में भी उठा विपक्ष की ओर से आजसू के विधायक निर्मल महतो ने सवाल उठा रहे है कि जब सत्ता पक्ष के नेता ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी। वही मंत्री सह गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे।

गिरिडीह जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश महतो की हत्या कर दी गई

राकेश का अधजला शव खांखी जंगल में मिला

त्या के बाद शव को पेड़ के पत्तों से जलाने का प्रयास भी किया गया

ह*त्याकांड का मामला पहुंचा विधानसभा सदन तक

सरकार पर फिर उठ रहा है बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को लगा झटका, तिलमिलाए यूएस प्रेसिडेंट ने 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को पलट दिया है। इसके बाद से ट्रंप भड़के हुए हैं। ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत दुनिया पर 10 परसेंट टैरिफ लगाया है।

मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन किया। यह शुल्क मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा और 24 फरवरी से लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ट्रंप का फैसला

ट्रंप ने यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटे बाद उठाया है, जिसमें टॉप कोर्ट ने दुनिया भर में लगाए गए उनके टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नए टैरिफ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर ग्लोबल 10% टैरिफ पर हस्ताक्षर कर दिया है, जो लगभग तुरंत लागू होगा।' ट्रंप की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए वॉइट हाउस के एक्स हैंडल पर लिखा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया है।

भारत समेत सभी देशों पर असर

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत सहित सभी देशों पर यह 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ अगले 150 दिनों तक लागू रहेगा। यह पहले से वसूले जा रहे शुल्कों के ऊपर जोड़ा जाएगा। यानी मौजूदा टैरिफ के अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त देना होगा।

AI समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, टी-शर्ट उतारकर पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी

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राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट चल रहा है। समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में टॉपलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी विरोधी नारे भी लगाए। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह बिना शर्ट के प्रदर्शन किया उसे लेकर राजनीति गरमा गई है।

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पुलिस ने 4 लोगों को किया गिरफ्तार

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस कार्यकता AI समिट में घुस आए। उन्होंने अपने टीशर्ट उतार कर प्रदर्शन किया। अचानक नारेबाजी शुरू होने से कुछ समय के लिए कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल किया और स्थिति को सामान्य किया। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सभी को हिरासत में ले लिया गया है और FIR दर्ज की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों ने गिरफ्तार किया है।

सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया

इंडियन यूथ कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और उनकी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया। यूथ कांग्रेस ने कहा, 'जब विदेश नीति में झुकाव, कॉरपोरेट दबाव और चुप्पी हावी हो तो साफ है पीएम मोदी COMPROMISED हैं। इसी सच्चाई को बेनकाब करने भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता AI Summit पहुंचे और Compromised PM के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। देश की अस्मिता से कोई समझौता नहीं। इंकलाब जिंदाबाद।'

बीजेपी का कांग्रेस पर करारा वार

बीजेपी ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर सवाल उठाए बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट में कांग्रेस पर करारा वार किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'राष्ट्रीय शर्म, ऐसे समय में जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने नवाचार और नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है। कांग्रेस पार्टी ने गरिमा की जगह व्यवधान का रास्ता चुना है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिखर सम्मेलन स्थल पर नग्न होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से भारत को विश्व मंच पर शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया कृत्य था।

क्या है “पैक्स सिलिका” जिसमें आज शामिल होगा भारत, यूएस के साथ एक और डील

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भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाने वाला है। ट्रेड डील पर अंतिम साइन से ठीक पहले अमेरिका के टॉप लेवल के अधिकारी भारत पहुंच रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन की नई राजनीति की ओर इशारा है।

दरअसल, भारत आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने जा रहा है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई है।

पिछले महीने हुई थी गठबंधन में शामिल होने का घोषणा

अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी। पैक्स सिलिका सम्मेलन 12 दिसंबर को वाशिंगटन में हुआ था, जहां साझेदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले महीने नई दिल्ली को रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की घोषणा की।

घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?

इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति

कहा जा रहा है कि यह गठबंधन चीन के तकनीकी प्रभुत्व को कम करने के लिए बनाया गया है। ग्लोबल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में चीन की बड़ी भूमिका रही है। अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ नया आर्थिक गठबंधन खड़ा कर रहा है। यह पहल अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और टेक्नोलॉजी-आधारित साझेदारी मॉडल का हिस्सा मानी जा रही है।

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।