सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द, 170 दिन बाद होंगे जेल से रिहा, NSA केस भी हटा

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लद्दाख में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।सरकार ने अपनी प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले से सोनम वांगचुक को अब तुरंत रिहाई मिल सकती है।

लद्दाख में शांति और स्थिरता को लेकर सरकार का फैसला

सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत करने और सभी पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत संभव हो सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार ने यह भी दोहराया कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।

लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को हुए गिरफ्तार

24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। करीब साढ़े पांच महीने हो चुके हैं। करीब 170 दिन बाद रिहा होंगे।

कौन हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अभियान चलाए हैं। पिछले कुछ समय से वे लद्दाख से जुड़े राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर भी मुखर रहे हैं। खास तौर पर लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर उन्होंने कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए थे।

Entrepreneur from Pune embarks on ‘Mission Bharat’, a Solo-Motorbike Expedition of over 7500kms to Empower Communities Across India

Deepak Bharadia, Founder and Managing Director of Meine Bharat Pvt. Ltd., has embarked upon a remarkable Solo-Motorbike expedition – ‘Mission Bharat’, aimed at promoting sustainable development via Citizen participation in making India ‘Holistically Viksit’.

The expedition was flagged off by the Hon'ble Lieutenant Governor of Ladakh, Shri Kavinder Gupta ji, from Kargil on 24th Oct’25, marking the beginning of a 7,500 km journey that is taking Deepak from the rugged terrains of Kargil to the southern tip of Kanyakumari, and further to Pune via the coastal route of India. 

Deepak has so far crossed around 1,500 kms covering Kargil, Drass, Sonamarg, Srinagar, Jammu, Amritsar, Wagah Border, Jalandhar, Chandigarh, Kurukshetra, Panipat & Delhi. The journey further will be down south upto Kanyakumari after which he will move through the Coastal route via Kerala, Karnataka, Goa & Maharashtra before ending in Pune on 30th Nov’25.

Mission Bharat is a pioneering initiative that seeks to explore, engage, and empower rural and urban areas, focusing on themes such as sustainable livelihoods, healthcare, education, and environmental conservation. Through this expedition, Deepak is interacting with diverse communities, organizations, and stakeholders, documenting best practices and success stories along the way..

The mission is built on the principles of citizen participation and community-driven initiatives, with the goal of contributing to India's growth story & making our Bharat Holistically Viksit from all aspects than just GDP & Per-Capita numbers, It is highlighting the importance of collective action in driving positive change.

Deepak's journey is supported by The Art of Living organisation, with the blessings of Sri Sri Ravishankar Ji, who share the vision of promoting sustainable development and empowering communities across India. This expedition is raising awareness about the importance of Volunteering initiatives like ‘Project Bharat’ & ‘Volunteer for a Better Bharat’ and inspiring others to join for Nation development.

Deepak's why behind this expedition is rooted in his passion for nation-building and his commitment to driving positive change through initiatives like Mission Bharat. "I am undertaking this journey to ignite a sense of purpose and responsibility among citizens, and to highlight the importance of collective action in driving sustainable development," said Deepak.

The expedition will cover multiple states, diverse landscapes, and cultures, spreading awareness and inspiring action on key issues affecting India's development. 

For more information about Mission Bharat, please visit ( https://linktr.ee/deepak.bharadia ).

Contact:

Deepak Bharadia

M: +91.98500.93367

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सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जारी किया नोटिस, जानें कोर्ट ने क्‍या कहा

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सुप्रीम कोर्ट आज (6 अक्तूबर) को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी गई और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई। कोर्ट ने इस मामले में तत्काल कोई फैसला सुनाने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से जवाब मांगा है।

पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने 2 अक्टूबर को यह याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक की गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से की गई है। साथ ही, गिरफ्तारी से उनके मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। याचिका में उनकी तुरंत रिहाई की मांग की गई है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद सरकार से जवाब मांगा। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वांगचुक के वकील से यह भी पूछा कि आप हाईकोर्ट क्यों नहीं गए।

सोनम को हिरासत में रखे जाने की वजह नहीं बताई

इस पर गीतांजलि आंग्मो की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलीलें पेश की। उन्होंने जजों से कहा कि परिवार को सोनम को हिरासत में रखे जाने की वजह नहीं बताई गई हैं। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वांगचुक को हिरासत के आधार बताए गए हैं।

14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी है। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि हिरासत के आधार परिवार को नहीं बताए गए हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हिरासत के आधार पहले ही बंदी को सौंपे जा चुके हैं, और वह उनकी पत्नी को आधार की एक प्रति दिए जाने की जांच करेंगे।

26 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी

वांगचुक को 26 सितंबर को लद्दाख से गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे जोधपुर की एक जेल में बंद हैं। यह गिरफ्तारी लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बाद की गई थी। इस हिंसा में जिसमें चार लोगों की मौत और करीब 90 लोग घायल हुए थे।

वांगचुक की पत्नी की याचिका में क्या है

इसके बाद वांगचुक की पत्नी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका कर हिरासत को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक के पाकिस्तान-चीन लिंक का झूठा प्रचार इस गांधीवादी आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है। सोनम वांगचुक और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक झूठा और खतरनाक नैरेटिव फैलाया जा रहा है, जिससे उनके गांधीवादी आंदोलन को पाकिस्तान और चीन से जोड़कर बदनाम किया जा सके। याचिका में कहा गया है कि ऐसी दुर्भावनापूर्ण अफवाहें लोकतांत्रिक असहमति को कलंकित करने का प्रयास हैं। याचिका में दावा किया गया है कि वास्तव में वांगचुक हमेशा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए काम करते रहे हैं और भारतीय सेना की मदद के लिए ऊंचाई वाले इलाकों में शेल्टर जैसी नई-नई तकनीकें विकसित की हैं। ये गिरफ्तारी गैरकानूनी है। उन्हें डिटेंशन ऑर्डर की कॉपी नहीं दी गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अब तक न तो सोनम वांगचुक और न ही उनकी पत्नी को गिरफ्तारी आदेश या उसके आधार बताए गए हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 22(5) का उल्लंघन है।

सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए पत्नी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, पति की गिरफ्तारी को दी चुनौती

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लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोनम वांगचुक की पत्नी ने अपने पति की गिरफ्तारी को चुनौती दी है। गीतांजलि ने हेबियस कॉर्पस यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है। उन्होंने सोनम की तत्काल रिहाई की मांग की है। गीतांजलि ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने सरकार पर सोनम को "देशद्रोही" बताकर बदनाम करने का आरोप लगाया है।

गिरफ्तारी को बताया अवैध

सोनम वांगचुक की पत्नी ने याचिका में कहा गया है कि सोनम लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। उन पर गलत आरोप लगाए गए। अब उन्हें एनएसए के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर ले जाने की बात कही जा रही है, लेकिन प्रशासन ने इससे जुड़ा डिटेंशन ऑर्डर उपलब्ध नहीं करवाया है। ऐसे में यह हिरासत अवैध है। सोनम को रिहा किया जाए।

हिंसक झड़पों के बाद किए गए गिरफ्तार

मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरण वैज्ञानिक सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के आंदोलन का प्रमुख चेहरा हैं। सोनम वांगचुक को 24 सितंबर को लद्दाख में हुई हिंसक झड़पों के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। जिसके बाद से वह राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं। अब वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने लद्दाख प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत की गई उनके पति की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से खास अपील

गीतांजलि ने यह कदम सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से तत्काल हस्तक्षेप की मांग के एक दिन बाद उठाया है। उन्होंने अपील की कि राष्ट्रपति एक आदिवासी होने के चलते लद्दाख के लोगों की भावनाओं को समझें। राष्ट्रपति मुर्मू को भेजे 3 पेज के पत्र में अंगमो ने आरोप लगाया कि पिछले 4 सालों से लोगों के हितों के लिए काम करने के कारण उनके पति के खिलाफ जासूसी कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पति की स्थिति के बारे में पूरी तरह से अनजान हैं। गीतांजलि ने अपने पति की रिहाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और लेह जिला कलेक्टर से भी अपील की। उन्होंने अपना पत्र एक्स (ट्विटर) पर शेयर किया था।

भीड़ को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार

बता दें कि सोनम वांगचुक राज्य का दर्जा, स्थानीय नौकरी सुरक्षा और लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर थे। धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के जरिए चल रहे आंदोलन ने पिछले दिनों उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई और पुलिस के साथ झड़पों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी और शांति की अपील की। हालांकि, उन्हें हिंसक प्रदर्शनों और और भीड़ को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

उम्मीद की एक और किरण सलाखों के पीछे…’ सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सीएम हेमंत सोरेन का पोस्ट

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लद्दाख इन दिनों मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है। वजह है 24 सितंबर को लेह में हुई भीषण हिंसा। जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। अब इस मामले में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज होती दिख रही है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लद्दाख में सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत गिरफ्तारी पर सवाल खड़े किए है। इससे पहले दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तानाशाही का आरोप लगाया था।

मजबूत आवाज को गुमनाम बनाने का षड्यंत्र-हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "उम्मीद की एक और किरण सलाखों के पीछे... जल-जंगल-जमीन, भाषा-संस्कृति-अधिकार की रक्षा एवं देश के लिए समर्पित एक और मजबूत आवाज को गुमनाम बनाने के लिए किए जा रहे षड्यंत्रों पर पूरे देश की नजर है।"

केजरीवाल ने लगाया राजनीति के तहत प्रताड़ित करने का आरोप

इससे पहले आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर कहा कि रावण का भी अंत हुआ था। कंस का भी अंत हुआ था। हिटलर और मुसोलिनी का भी अंत हुआ था और आज उन सब लोगों से लोग नफ़रत करते हैं। आज हमारे देश में तानाशाही चरम पर है। तानाशाही और अहंकार करने वालों का अंत बहुत बुरा होता है।

केजरीवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक दूसरे पोस्ट में ये भी कहा, सोनम वांगचुक, जो व्यक्ति देश के बारे में सोचता है, शिक्षा के बारे में सोचता है, नए नए आविष्कार करता है, उसको आज केंद्र सरकार का पूरा तंत्र बेहद घटिया राजनीति के तहत प्रताड़ित कर रहा है। बेहद दुख होता है- देश की बागडोर कैसे लोगों के हाथ में है। ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा?

लेह हिंसा में 24 सितंबर को क्या हुआ था?

लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने, राज्य का दर्जा देने और लद्दाख क्षेत्र के संवेदनशील इकोसिस्टम की सुरक्षा की मांग को लेकर 24 सितंबर को जमकर हिंसा हुई थी। हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि सुरक्षा बलों को मजबूरन आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान 4 प्रदर्शनकारी मारे गए थे और करीब 70 घायल हुए थे। लेह में हुई हिंसक घटनाओं के दो दिन बाद सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया। वांगचुक पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है।

सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल में किया गया शिफ्ट, जानें NSA के तहत गिरफ्तारी क्यों हुई गिरफ्तारी?

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लेह में हुई हिंसा के तीन दिन बाद प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई है। उन पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए हैं। लद्दाख हिंसा मामले में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को लेह से गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें राजस्थान के जोधपुर शिफ्ट कर दिया है।

सोनम वांगचुक को लद्दाख पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर लेह से गिरफ्तार किया था। लद्दाख पुलिस प्रमुख एस.डी. सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। इस दौरान जोधपुर पुलिस कमिश्नर भी उनके साथ मौजूद रहे। एयरफोर्स स्टेशन से विशेष सुरक्षा घेराबंदी के बीच उन्हें सीधे जेल पहुंचाया गया।

सोनम वांगचुक को लेह से जोधपुर जेल क्यों लाया गया?

यह सवाल अब उठ रहा है कि पुलिस ने सोनम वांगचुक को लद्दाख या आसपास की किसी जेल में रखने की बजाय करीब 1500 किलोमीटर दूर जोधपुर क्यों भेजा? सूत्रों के अनुसार इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। दरअसल, जोधपुर सेंट्रल जेल हाई सिक्योरिटी जेल है, जहां सुरक्षा व्यवस्था अत्याधुनिक है। वांगचुक को लद्दाख से दूर रखने का उद्देश्य क्षेत्र में आगे किसी संभावित अशांति या विरोध प्रदर्शन को रोकना है। इसके साथ ही जोधपुर जेल में सुरक्षा और निगरानी का स्तर काफी मजबूत है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

वांगचुक पर युवाओं को उकसाने का आरोप

सोनम वांगचुक पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को उकसाने का आरोप लगाया था। लेह पुलिस के मुताबिक 24 सितंबर को प्रदर्शनकारियों को हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने सोनम वांगचुक के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की थीं, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई

हिंसक प्रदर्शन में चार की मौत

लद्दाख में छठवीं अनुसूची और राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक चर्चा में आ गए हैं। सोनम वांगचुक ने 10 सितंबर को लेह शहर में अनशन शुरू किया था। उनकी मांग थी कि लद्दाख क्षेत्र को छठी अनुसूची में शामिल किया जाए, राज्य का दर्जा दिया जाए और क्षेत्र के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हालांकि 24 सितंबर को उनका अनशन उस समय खत्म हुआ जब शहर में हिंसा फैल गई। भीड़ ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। सीआरपीएफ के एक वाहन को आग लगा दी गई। भाजपा कार्यालय और लेह की प्रमुख संस्था के कार्यालय में भी आग लगी। डीजीपी के वाहन को प्रदर्शनकारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति बेकाबू होने पर सुरक्षा बलों ने फायरिंग की। इसमें चार प्रदर्शनकारी मारे गए और करीब 70 लोग घायल हुए। कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए लेह शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। गुरुवार शाम को कारगिल में भी कर्फ्यू लगाया गया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

सोनम वांगचुक के एनजीओ पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप

इस बीच वांगचुक के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। सोनम वांगचुक पर आरोप है कि उनके एनजीओ हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख ने अपने एफसीआरए अकाउंट में स्थानीय दान प्राप्त किया, जो विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) 2010 के सेक्शन 17 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अलावा, एचआईएएल ने एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने से पहले ही विदेशी फंड प्राप्त कर लिया था, जो इसी कानून के सेक्शन 11 का उल्लंघन है।

सोनम वांगचुक को बड़ा झटका, रद्द हुआ NGO का लाइसेंस, विदेशी फंडिंग पर लग गई रोक

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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को हिंसक हो गया। इस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई। उपद्रवियों ने लेह स्थित भाजपा कार्यालय को आग लगा दी। हालात पर काबू पाने के लिए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा। सरकार ने इस हिंसा के लिए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया। अगले दिन उनके एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।

सोनम वांगचुक की स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का एफसीआरए (Foreign Contribution Regulation Act) रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। उनके एनजीओ पर विदेशी फंडिंग से जुड़े कानून का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप है। सीबीआई ने सोनम वांगचुक के एक संस्थान के खिलाफ विदेशी फंडिंग को लेकर जांच शुरू कर दी है।

क्यों हुआ पंजीकरण रद्द?

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि संस्था के कामकाज में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। सरकारी जांच में सामने आया कि संस्था को स्वीडन के एक दाता से करीब 4.93 लाख रुपये मिले थे, जो युवा जागरूकता कार्यक्रमों पर खर्च होने थे। इन कार्यक्रमों में जलवायु परिवर्तन, प्रवासन और खाद्य सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। लेकिन सरकार ने इस दान को ‘राष्ट्रीय हित के खिलाफ’ बताया। इसके अलावा 19,600 रुपये और 79,200 रुपये जैसी छोटी रकमों के गलत तरीके से एफसीआरए खाते में दाखिल होने की बात भी नोटिस में दर्ज की गई। इन सब बिंदुओं के आधार पर मंत्रालय ने 10 सितंबर को नोटिस जारी किया था, और जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संस्था का पंजीकरण रद्द कर दिया।

क्या बोले वांगचुक?

वांगचुक ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा का दोष उन पर मढ़ा गया है। सोनम वांगचुक ने कहा, लद्दाख में दो महीने बाद चुनाव आने वाले हैं, जिसमें लोग पूछ रहे हैं कि पहले जो वादा किया था उसे पूरा करें। इसमें बड़ी आवाज मेरी थी इसलिए उन्होंने मुझे टारगेट किया और डेढ़ महीना पहले मुझे बताया गया कि आपके ऊपर देशद्रोह का एक एफआईआर है। इसके बाद सीबीआई की जांच की बात हुई। 

विदेशों से पैसे लेने का हमारा कोई इरादा नहीं- वांगचुक

वांगचुक ने कहा, सीबीआई के नोटिस में ये लिखा है कि 2022-24 में आपकी संस्था को विदेशों से फंड मिला, जिसकी अनुमति आपको नहीं है। आपके पास एफसीआरए नहीं है। हमने एफसीआरए नहीं लिया क्योंकि विदेशों से पैसे लेने का हमारा कोई इरादा नहीं था। संयुक्त राष्ट्र की टीम हमारी पैसिव सोलर हीटेड बिल्डिंग को अफगानिस्तान ले जाना चाहती थी और इसके लिए उन्होंने हमें फीस अदा की। इसी तरह हमारे आर्टिफिशियल ग्लेशियर को स्विट्जरलैंड की एक यूनिवर्सिटी और इटली की एक संस्था से पैसे मिले।

क्या करता है हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख?

सोनम वांगचुक ने 1994 में स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की. इसका मकसद लद्दाख के युवाओं को स्थानीय जरूरतों और संस्कृति से जोड़ते हुए प्रासंगिक और व्यावहारिक शिक्षा देना था. बाद में इसी सोच के विस्तार के रूप में उन्होंने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की नींव रखी. SECMOL की नींव 1994 में रखी गई ताकि बच्चे केवल कागजी डिग्री के बोझ तले न दबें बल्कि वास्तविक जीवन कौशल भी सीखें.

HIAL लगभग 2017-18 में आकार लेता है, जिसके पीछे विचार था लद्दाख और हिमालयी क्षेत्र के लिए ऐसे समाधान खोजना जो पर्यावरण-संवेदनशील हों. इसका स्पष्ट उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों का स्थानीय अनुभवों के आधार पर हल निकालना तय किया गया था

सोनम वांगचुक पर कसा CBI का शिकंजा, जांच के दायरे में आया उनका संस्थान, विदेशी फंडिंग को लेकर रडार पर

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लद्दाख के चर्चित शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक विवादों में घिर गए हैं। सोनम वांगचुक पर जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो के जांच के दायरे में आ गए हैं। वांगचुक के संस्थान के खिलाफ विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) उल्लंघन को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू कर दी है। सीबीआई वांगचुक की संस्था के खिलाफ विदेश से मिली फंडिंग की जांच कर रही है। पर्यावरण कार्यकर्ता पर अपनी संस्था के लिए अवैध तरीके से विदेश से फंडिंग लेने का आरोप है।

पिछले 2 महीने से जांच जारी

सीबीआई ने यह जांच गृह मंत्रालय की शिकायत पर की जा रही है और आरोप लगाया कि संस्थान कथित तौर पर बिना एफसीआरए अनुमति के विदेशी फंड प्राप्त कर रहा है। विदेशी फंडिंग को लेकर पिछले 2 महीने से उनके खिलाफ जांच चल रही है, लेकिन अभी केस दर्ज नहीं हुआ है। सीबीआई टीम ने वांगचुक के संस्था एचआईएएल और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख से 2022 से 2024 तक की फंडिंग से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। अगस्त में लद्दाख प्रशासन ने एचआईएएल का जमीन आवंटन रद्द किया था। प्रशासन का दावा है कि जमीन का उपयोग आवंटन उद्देश्य के लिए नहीं हुआ और कोई लीज एग्रीमेंट भी नहीं हुआ।

केन्द्र ने लद्दाख हिंसा के लिए ठहराया जिम्मेदार

लद्दाख हिंसा के कारण सोनम वांगचुक फिर चर्चा में हैं। केंद्र ने बुधवार को लद्दाख में हुई हिंसा को लेकर भड़काने का आरोप लगाया है कि उन्होंने अरब स्प्रिंग शैली के विरोध प्रदर्शनों और नेपाल में हाल ही में हुए Gen Z विरोध प्रदर्शनों का हवाला देकर लोगों को गुमराह किया। गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि सोनम वांगचुक ने 10 सितंबर को छठी अनुसूची (संविधान की) और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी।

क्यों हुई लद्दाख में हिंसा

लेह में बुधवार को बंद के आह्वान पर शहर में बाजार दुकानें बंद रहीं। बड़ी संख्या में लोग एनडीएस स्मारक मैदान में इकट्ठा हो गए। बाद में छठी अनुसूची और राज्य के समर्थन में नारे लगाते हुए शहर की सड़कों पर मार्च निकाला। स्थिति तब बिगड़ गई, जब कुछ लोगों ने भाजपा और हिल काउंसिल के मुख्यालय पर पथराव कर दिया। कार्यालय परिसर और एक इमारत में मौजूद फर्नीचर और कागजात में आग लगा दी। एक ग्रुप ने कई वाहनों को भी फूंक दिया। हालात काबू करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। गोलीबारी भी करनी पड़ी। कई घंटों की भीषण झड़प के बाद स्थिति काबू में आई। सोनम वांगचुक ने लेह हिंसा पर दुख व्यक्त करते हुए इसके लिए युवाओं में पनप रही हताशा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हिंसक विरोध का संभवतः यही तात्कालिक कारण था।

Sunit Morarjee Confirms Return as Inspector Sharad Kute in Baaghi 4; Spotted in Pre-Promo Song Akeli Laila

Mumbai, August 28, 2025 — Actor Sunit Morarjee has officially confirmed his return to Sajid Nadiadwala’s highly anticipated film Baaghi 4. The confirmation came as fans spotted him in the franchise’s pre-promo track “Akeli Laila”, released on T-Series’ YouTube channel. Sharing screen space with actress Sonam Bajwa and actor Upendra Limaye, Morarjee’s presence has now put an end to speculation about the much-loved cop character’s comeback.

Morarjee first appeared as Inspector Sharad Kute in Baaghi 2 (2018), where his sharp presence and hard-nosed portrayal struck a chord with audiences. He later reprised the role in Baaghi 3 (2020), becoming a familiar face in the franchise’s expanding universe. His return in Baaghi 4, slated to release on September 6, 2025, marks his third outing as Inspector Kute — a character that fans online are already celebrating with comments such as “Kute Bhau rocking” and “Inspector Kute, humko bhi join karni hai aapki force.”

“Inspector Kute is very close to me. Over the years, the audience has embraced him as part of the Baaghi family, and it’s an honor to bring him back in Baaghi 4,” said Sunit Morarjee. “This film will be bigger, bolder, and full of surprises — I’m thrilled to be part of it again.”

Beyond Baaghi, Morarjee has also been seen in Housefull 4, contributing to films that have collectively grossed over ₹500 crore worldwide. Known for his underdog story, he trained at the New York Film Academy (New Zealand) and the Lee Strasberg Institute (New York) before returning to India. Here, he further refined his craft under Naseeruddin Shah and acting coach Atul Mongia, while also working behind the camera with directors like Sangeet Sivan and Neeraj Pandey.

In addition to his film journey, Morarjee also gained recognition as a Top 5 finalist in Fear Factor: Khatron Ke Khiladi, proving his grit and resilience — traits that align closely with the on-screen cop he portrays.

With Baaghi 4 carrying forward one of Bollywood’s most successful action franchises, Morarjee’s return as Inspector Kute adds both continuity and fan appeal. His appearance in Akeli Laila has already sparked social media chatter, setting the stage for the film’s release this September.

About Sunit Morarjee

Sunit Morarjee is an Indian actor best known for his performances in Baaghi 2, Baaghi 3, Housefull 4, and now Baaghi 4. Trained internationally and seasoned through theatre and television, he is recognized for his versatility and scene-stealing performances. His films have collectively grossed more than ₹500 crore globally.

सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी व भ्रामक पोस्ट करने वालों पर यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 40 अकाउंट चिन्हित, 25 गिरफ्तार

लखनऊ । भारतीय सेना की हालिया कार्रवाई और वर्तमान संवेदनशील माहौल के मद्देनज़र सोशल मीडिया पर फैल रही राष्ट्रविरोधी व भ्रामक जानकारियों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्ती दिखाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने ऐसे मामलों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले हैंडल्स किया जा रहा चिन्हित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भारतीय सेना की छवि धूमिल करने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले हैंडल्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेशों के अनुपालन में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के पर्यवेक्षण में पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर की एक विशेष टीम को सक्रिय किया गया है।

40 अकाउंट चिन्हित, 25 गिरफ्तार, सभी हैंडल ब्लॉक की प्रक्रिया जारी

यह टीम सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि पर भ्रामक, झूठी और राष्ट्रविरोधी पोस्ट करने वालों की 24 घंटे निगरानी कर रही है। अब तक इस अभियान में 40 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इन सभी अकाउंट्स को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया साइबर क्राइम मुख्यालय के माध्यम से की जा रही है।

इस प्रकार के कंटेंट पर हो रही कार्रवाई

इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भ्रामक वीडियो, राष्ट्रविरोधी पोस्ट, फर्जी आईडी के जरिए अफवाह, सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले संदेश, धार्मिक विद्वेष फैलाने वाले कमेंट और उकसाने वाले कंटेंट पोस्ट किए गए थे। इनमें कुछ अकाउंट्स ने नेताओं या सरकारी संस्थानों के नाम से फेक प्रोफाइल बनाकर भ्रम फैलाया।

चिन्हित सोशल मीडिया अकाउंट्स में शामिल

love_youzindagi_002 (Instagram), ROZAN ALI (Instagram), Sajid Ali (Facebook), Ankit Kumar (Instagram), Parvinda (Facebook), आदित्य भैया सांसद बदायूं (Facebook – फेक आईडी), sadiq999d (Instagram), Krish Yadav (Instagram), Shran Choudhary (Instagram), PRAGYA SHIVA VERMA (Instagram), sonamsingh94068 (Instagram), writerabhi_47 (Instagram), up_83_aps (Instagram), Rinki Singh (Instagram), Aamir Khan 2693 (YouTube), Guddu Baig (Facebook), Jamat Ali (Facebook), Sartaj Malik (Facebook), Mohd Riyaz (Facebook), Vicky Khan (Facebook), Q͢u͢r͢e͢s͢h͢i͢ s͢a͢a͢b͢ (Instagram),

Saddam Hassan (Facebook), Ali Ahmadidreshi (Facebook), Shanu Khan (Facebook), Jishan Quresi (Facebook), Chhota Imran Khan (Facebook), Sajjad Mo (Facebook), Pushpendra Choudhary (Facebook), Afsar Ali Ghosi (Facebook), rihanalvishab (Instagram), Shadab Khan FB (Facebook), Kamil Khan (Facebook), Moed Khan (Facebook), Akeel Khan (Facebook), ali.baba_295 (Instagram), Anish Khan (Facebook), Mohd Zaid (Instagram), Rahis Ahmad (Instagram), Sajid Khan (Facebook), हबीबुल्ला अंसारी (Facebook)

डीजीपी ने जारी की चेतावनी

डीजीपी प्रशांत कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वर्तमान संवेदनशील स्थिति को देखते हुए बिना तथ्य सत्यापित किए कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा न करें। भ्रामक या उकसाने वाली पोस्ट शेयर करना एक दंडनीय अपराध है। यदि किसी भी वीडियो, फोटो या समाचार को लेकर संदेह हो तो वह उत्तर प्रदेश पुलिस के फैक्ट चेक X (ट्विटर) अकाउंट के माध्यम से सत्यापित कराया जा सकता है।

सोशल मीडिया की लगातार हो रही मॉनिटरिंग

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स की 24x7 निगरानी की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति अफवाह फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसके विरुद्ध आईटी एक्ट व भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द, 170 दिन बाद होंगे जेल से रिहा, NSA केस भी हटा

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लद्दाख में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।सरकार ने अपनी प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले से सोनम वांगचुक को अब तुरंत रिहाई मिल सकती है।

लद्दाख में शांति और स्थिरता को लेकर सरकार का फैसला

सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत करने और सभी पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत संभव हो सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार ने यह भी दोहराया कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।

लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को हुए गिरफ्तार

24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। तब से वे जोधपुर जेल में हैं। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। करीब साढ़े पांच महीने हो चुके हैं। करीब 170 दिन बाद रिहा होंगे।

कौन हैं सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अभियान चलाए हैं। पिछले कुछ समय से वे लद्दाख से जुड़े राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर भी मुखर रहे हैं। खास तौर पर लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर उन्होंने कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए थे।

Entrepreneur from Pune embarks on ‘Mission Bharat’, a Solo-Motorbike Expedition of over 7500kms to Empower Communities Across India

Deepak Bharadia, Founder and Managing Director of Meine Bharat Pvt. Ltd., has embarked upon a remarkable Solo-Motorbike expedition – ‘Mission Bharat’, aimed at promoting sustainable development via Citizen participation in making India ‘Holistically Viksit’.

The expedition was flagged off by the Hon'ble Lieutenant Governor of Ladakh, Shri Kavinder Gupta ji, from Kargil on 24th Oct’25, marking the beginning of a 7,500 km journey that is taking Deepak from the rugged terrains of Kargil to the southern tip of Kanyakumari, and further to Pune via the coastal route of India. 

Deepak has so far crossed around 1,500 kms covering Kargil, Drass, Sonamarg, Srinagar, Jammu, Amritsar, Wagah Border, Jalandhar, Chandigarh, Kurukshetra, Panipat & Delhi. The journey further will be down south upto Kanyakumari after which he will move through the Coastal route via Kerala, Karnataka, Goa & Maharashtra before ending in Pune on 30th Nov’25.

Mission Bharat is a pioneering initiative that seeks to explore, engage, and empower rural and urban areas, focusing on themes such as sustainable livelihoods, healthcare, education, and environmental conservation. Through this expedition, Deepak is interacting with diverse communities, organizations, and stakeholders, documenting best practices and success stories along the way..

The mission is built on the principles of citizen participation and community-driven initiatives, with the goal of contributing to India's growth story & making our Bharat Holistically Viksit from all aspects than just GDP & Per-Capita numbers, It is highlighting the importance of collective action in driving positive change.

Deepak's journey is supported by The Art of Living organisation, with the blessings of Sri Sri Ravishankar Ji, who share the vision of promoting sustainable development and empowering communities across India. This expedition is raising awareness about the importance of Volunteering initiatives like ‘Project Bharat’ & ‘Volunteer for a Better Bharat’ and inspiring others to join for Nation development.

Deepak's why behind this expedition is rooted in his passion for nation-building and his commitment to driving positive change through initiatives like Mission Bharat. "I am undertaking this journey to ignite a sense of purpose and responsibility among citizens, and to highlight the importance of collective action in driving sustainable development," said Deepak.

The expedition will cover multiple states, diverse landscapes, and cultures, spreading awareness and inspiring action on key issues affecting India's development. 

For more information about Mission Bharat, please visit ( https://linktr.ee/deepak.bharadia ).

Contact:

Deepak Bharadia

M: +91.98500.93367

E:

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जारी किया नोटिस, जानें कोर्ट ने क्‍या कहा

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सुप्रीम कोर्ट आज (6 अक्तूबर) को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी गई और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई। कोर्ट ने इस मामले में तत्काल कोई फैसला सुनाने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से जवाब मांगा है।

पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने 2 अक्टूबर को यह याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक की गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से की गई है। साथ ही, गिरफ्तारी से उनके मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। याचिका में उनकी तुरंत रिहाई की मांग की गई है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद सरकार से जवाब मांगा। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वांगचुक के वकील से यह भी पूछा कि आप हाईकोर्ट क्यों नहीं गए।

सोनम को हिरासत में रखे जाने की वजह नहीं बताई

इस पर गीतांजलि आंग्मो की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलीलें पेश की। उन्होंने जजों से कहा कि परिवार को सोनम को हिरासत में रखे जाने की वजह नहीं बताई गई हैं। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वांगचुक को हिरासत के आधार बताए गए हैं।

14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी है। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि हिरासत के आधार परिवार को नहीं बताए गए हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हिरासत के आधार पहले ही बंदी को सौंपे जा चुके हैं, और वह उनकी पत्नी को आधार की एक प्रति दिए जाने की जांच करेंगे।

26 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी

वांगचुक को 26 सितंबर को लद्दाख से गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे जोधपुर की एक जेल में बंद हैं। यह गिरफ्तारी लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बाद की गई थी। इस हिंसा में जिसमें चार लोगों की मौत और करीब 90 लोग घायल हुए थे।

वांगचुक की पत्नी की याचिका में क्या है

इसके बाद वांगचुक की पत्नी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका कर हिरासत को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक के पाकिस्तान-चीन लिंक का झूठा प्रचार इस गांधीवादी आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है। सोनम वांगचुक और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक झूठा और खतरनाक नैरेटिव फैलाया जा रहा है, जिससे उनके गांधीवादी आंदोलन को पाकिस्तान और चीन से जोड़कर बदनाम किया जा सके। याचिका में कहा गया है कि ऐसी दुर्भावनापूर्ण अफवाहें लोकतांत्रिक असहमति को कलंकित करने का प्रयास हैं। याचिका में दावा किया गया है कि वास्तव में वांगचुक हमेशा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए काम करते रहे हैं और भारतीय सेना की मदद के लिए ऊंचाई वाले इलाकों में शेल्टर जैसी नई-नई तकनीकें विकसित की हैं। ये गिरफ्तारी गैरकानूनी है। उन्हें डिटेंशन ऑर्डर की कॉपी नहीं दी गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अब तक न तो सोनम वांगचुक और न ही उनकी पत्नी को गिरफ्तारी आदेश या उसके आधार बताए गए हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 22(5) का उल्लंघन है।

सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए पत्नी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, पति की गिरफ्तारी को दी चुनौती

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लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोनम वांगचुक की पत्नी ने अपने पति की गिरफ्तारी को चुनौती दी है। गीतांजलि ने हेबियस कॉर्पस यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है। उन्होंने सोनम की तत्काल रिहाई की मांग की है। गीतांजलि ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने सरकार पर सोनम को "देशद्रोही" बताकर बदनाम करने का आरोप लगाया है।

गिरफ्तारी को बताया अवैध

सोनम वांगचुक की पत्नी ने याचिका में कहा गया है कि सोनम लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। उन पर गलत आरोप लगाए गए। अब उन्हें एनएसए के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर ले जाने की बात कही जा रही है, लेकिन प्रशासन ने इससे जुड़ा डिटेंशन ऑर्डर उपलब्ध नहीं करवाया है। ऐसे में यह हिरासत अवैध है। सोनम को रिहा किया जाए।

हिंसक झड़पों के बाद किए गए गिरफ्तार

मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरण वैज्ञानिक सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के आंदोलन का प्रमुख चेहरा हैं। सोनम वांगचुक को 24 सितंबर को लद्दाख में हुई हिंसक झड़पों के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। जिसके बाद से वह राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद हैं। अब वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने लद्दाख प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत की गई उनके पति की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से खास अपील

गीतांजलि ने यह कदम सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से तत्काल हस्तक्षेप की मांग के एक दिन बाद उठाया है। उन्होंने अपील की कि राष्ट्रपति एक आदिवासी होने के चलते लद्दाख के लोगों की भावनाओं को समझें। राष्ट्रपति मुर्मू को भेजे 3 पेज के पत्र में अंगमो ने आरोप लगाया कि पिछले 4 सालों से लोगों के हितों के लिए काम करने के कारण उनके पति के खिलाफ जासूसी कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पति की स्थिति के बारे में पूरी तरह से अनजान हैं। गीतांजलि ने अपने पति की रिहाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और लेह जिला कलेक्टर से भी अपील की। उन्होंने अपना पत्र एक्स (ट्विटर) पर शेयर किया था।

भीड़ को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार

बता दें कि सोनम वांगचुक राज्य का दर्जा, स्थानीय नौकरी सुरक्षा और लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर थे। धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के जरिए चल रहे आंदोलन ने पिछले दिनों उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई और पुलिस के साथ झड़पों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी और शांति की अपील की। हालांकि, उन्हें हिंसक प्रदर्शनों और और भीड़ को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

उम्मीद की एक और किरण सलाखों के पीछे…’ सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सीएम हेमंत सोरेन का पोस्ट

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लद्दाख इन दिनों मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है। वजह है 24 सितंबर को लेह में हुई भीषण हिंसा। जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। अब इस मामले में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज होती दिख रही है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लद्दाख में सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत गिरफ्तारी पर सवाल खड़े किए है। इससे पहले दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तानाशाही का आरोप लगाया था।

मजबूत आवाज को गुमनाम बनाने का षड्यंत्र-हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "उम्मीद की एक और किरण सलाखों के पीछे... जल-जंगल-जमीन, भाषा-संस्कृति-अधिकार की रक्षा एवं देश के लिए समर्पित एक और मजबूत आवाज को गुमनाम बनाने के लिए किए जा रहे षड्यंत्रों पर पूरे देश की नजर है।"

केजरीवाल ने लगाया राजनीति के तहत प्रताड़ित करने का आरोप

इससे पहले आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर कहा कि रावण का भी अंत हुआ था। कंस का भी अंत हुआ था। हिटलर और मुसोलिनी का भी अंत हुआ था और आज उन सब लोगों से लोग नफ़रत करते हैं। आज हमारे देश में तानाशाही चरम पर है। तानाशाही और अहंकार करने वालों का अंत बहुत बुरा होता है।

केजरीवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक दूसरे पोस्ट में ये भी कहा, सोनम वांगचुक, जो व्यक्ति देश के बारे में सोचता है, शिक्षा के बारे में सोचता है, नए नए आविष्कार करता है, उसको आज केंद्र सरकार का पूरा तंत्र बेहद घटिया राजनीति के तहत प्रताड़ित कर रहा है। बेहद दुख होता है- देश की बागडोर कैसे लोगों के हाथ में है। ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा?

लेह हिंसा में 24 सितंबर को क्या हुआ था?

लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने, राज्य का दर्जा देने और लद्दाख क्षेत्र के संवेदनशील इकोसिस्टम की सुरक्षा की मांग को लेकर 24 सितंबर को जमकर हिंसा हुई थी। हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि सुरक्षा बलों को मजबूरन आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज और फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान 4 प्रदर्शनकारी मारे गए थे और करीब 70 घायल हुए थे। लेह में हुई हिंसक घटनाओं के दो दिन बाद सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया। वांगचुक पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है।

सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल में किया गया शिफ्ट, जानें NSA के तहत गिरफ्तारी क्यों हुई गिरफ्तारी?

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लेह में हुई हिंसा के तीन दिन बाद प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई है। उन पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए हैं। लद्दाख हिंसा मामले में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को लेह से गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें राजस्थान के जोधपुर शिफ्ट कर दिया है।

सोनम वांगचुक को लद्दाख पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर लेह से गिरफ्तार किया था। लद्दाख पुलिस प्रमुख एस.डी. सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। इस दौरान जोधपुर पुलिस कमिश्नर भी उनके साथ मौजूद रहे। एयरफोर्स स्टेशन से विशेष सुरक्षा घेराबंदी के बीच उन्हें सीधे जेल पहुंचाया गया।

सोनम वांगचुक को लेह से जोधपुर जेल क्यों लाया गया?

यह सवाल अब उठ रहा है कि पुलिस ने सोनम वांगचुक को लद्दाख या आसपास की किसी जेल में रखने की बजाय करीब 1500 किलोमीटर दूर जोधपुर क्यों भेजा? सूत्रों के अनुसार इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। दरअसल, जोधपुर सेंट्रल जेल हाई सिक्योरिटी जेल है, जहां सुरक्षा व्यवस्था अत्याधुनिक है। वांगचुक को लद्दाख से दूर रखने का उद्देश्य क्षेत्र में आगे किसी संभावित अशांति या विरोध प्रदर्शन को रोकना है। इसके साथ ही जोधपुर जेल में सुरक्षा और निगरानी का स्तर काफी मजबूत है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

वांगचुक पर युवाओं को उकसाने का आरोप

सोनम वांगचुक पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को उकसाने का आरोप लगाया था। लेह पुलिस के मुताबिक 24 सितंबर को प्रदर्शनकारियों को हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने सोनम वांगचुक के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की थीं, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई

हिंसक प्रदर्शन में चार की मौत

लद्दाख में छठवीं अनुसूची और राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक चर्चा में आ गए हैं। सोनम वांगचुक ने 10 सितंबर को लेह शहर में अनशन शुरू किया था। उनकी मांग थी कि लद्दाख क्षेत्र को छठी अनुसूची में शामिल किया जाए, राज्य का दर्जा दिया जाए और क्षेत्र के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हालांकि 24 सितंबर को उनका अनशन उस समय खत्म हुआ जब शहर में हिंसा फैल गई। भीड़ ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। सीआरपीएफ के एक वाहन को आग लगा दी गई। भाजपा कार्यालय और लेह की प्रमुख संस्था के कार्यालय में भी आग लगी। डीजीपी के वाहन को प्रदर्शनकारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति बेकाबू होने पर सुरक्षा बलों ने फायरिंग की। इसमें चार प्रदर्शनकारी मारे गए और करीब 70 लोग घायल हुए। कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए लेह शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। गुरुवार शाम को कारगिल में भी कर्फ्यू लगाया गया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

सोनम वांगचुक के एनजीओ पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप

इस बीच वांगचुक के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। सोनम वांगचुक पर आरोप है कि उनके एनजीओ हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख ने अपने एफसीआरए अकाउंट में स्थानीय दान प्राप्त किया, जो विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) 2010 के सेक्शन 17 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अलावा, एचआईएएल ने एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने से पहले ही विदेशी फंड प्राप्त कर लिया था, जो इसी कानून के सेक्शन 11 का उल्लंघन है।

सोनम वांगचुक को बड़ा झटका, रद्द हुआ NGO का लाइसेंस, विदेशी फंडिंग पर लग गई रोक

#whysonamwangchukngoforeignfundinglicence_cancelled

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को हिंसक हो गया। इस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई। उपद्रवियों ने लेह स्थित भाजपा कार्यालय को आग लगा दी। हालात पर काबू पाने के लिए अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाना पड़ा। सरकार ने इस हिंसा के लिए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया। अगले दिन उनके एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।

सोनम वांगचुक की स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का एफसीआरए (Foreign Contribution Regulation Act) रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। उनके एनजीओ पर विदेशी फंडिंग से जुड़े कानून का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप है। सीबीआई ने सोनम वांगचुक के एक संस्थान के खिलाफ विदेशी फंडिंग को लेकर जांच शुरू कर दी है।

क्यों हुआ पंजीकरण रद्द?

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि संस्था के कामकाज में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। सरकारी जांच में सामने आया कि संस्था को स्वीडन के एक दाता से करीब 4.93 लाख रुपये मिले थे, जो युवा जागरूकता कार्यक्रमों पर खर्च होने थे। इन कार्यक्रमों में जलवायु परिवर्तन, प्रवासन और खाद्य सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। लेकिन सरकार ने इस दान को ‘राष्ट्रीय हित के खिलाफ’ बताया। इसके अलावा 19,600 रुपये और 79,200 रुपये जैसी छोटी रकमों के गलत तरीके से एफसीआरए खाते में दाखिल होने की बात भी नोटिस में दर्ज की गई। इन सब बिंदुओं के आधार पर मंत्रालय ने 10 सितंबर को नोटिस जारी किया था, और जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संस्था का पंजीकरण रद्द कर दिया।

क्या बोले वांगचुक?

वांगचुक ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा का दोष उन पर मढ़ा गया है। सोनम वांगचुक ने कहा, लद्दाख में दो महीने बाद चुनाव आने वाले हैं, जिसमें लोग पूछ रहे हैं कि पहले जो वादा किया था उसे पूरा करें। इसमें बड़ी आवाज मेरी थी इसलिए उन्होंने मुझे टारगेट किया और डेढ़ महीना पहले मुझे बताया गया कि आपके ऊपर देशद्रोह का एक एफआईआर है। इसके बाद सीबीआई की जांच की बात हुई। 

विदेशों से पैसे लेने का हमारा कोई इरादा नहीं- वांगचुक

वांगचुक ने कहा, सीबीआई के नोटिस में ये लिखा है कि 2022-24 में आपकी संस्था को विदेशों से फंड मिला, जिसकी अनुमति आपको नहीं है। आपके पास एफसीआरए नहीं है। हमने एफसीआरए नहीं लिया क्योंकि विदेशों से पैसे लेने का हमारा कोई इरादा नहीं था। संयुक्त राष्ट्र की टीम हमारी पैसिव सोलर हीटेड बिल्डिंग को अफगानिस्तान ले जाना चाहती थी और इसके लिए उन्होंने हमें फीस अदा की। इसी तरह हमारे आर्टिफिशियल ग्लेशियर को स्विट्जरलैंड की एक यूनिवर्सिटी और इटली की एक संस्था से पैसे मिले।

क्या करता है हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख?

सोनम वांगचुक ने 1994 में स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की. इसका मकसद लद्दाख के युवाओं को स्थानीय जरूरतों और संस्कृति से जोड़ते हुए प्रासंगिक और व्यावहारिक शिक्षा देना था. बाद में इसी सोच के विस्तार के रूप में उन्होंने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की नींव रखी. SECMOL की नींव 1994 में रखी गई ताकि बच्चे केवल कागजी डिग्री के बोझ तले न दबें बल्कि वास्तविक जीवन कौशल भी सीखें.

HIAL लगभग 2017-18 में आकार लेता है, जिसके पीछे विचार था लद्दाख और हिमालयी क्षेत्र के लिए ऐसे समाधान खोजना जो पर्यावरण-संवेदनशील हों. इसका स्पष्ट उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों का स्थानीय अनुभवों के आधार पर हल निकालना तय किया गया था

सोनम वांगचुक पर कसा CBI का शिकंजा, जांच के दायरे में आया उनका संस्थान, विदेशी फंडिंग को लेकर रडार पर

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लद्दाख के चर्चित शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक विवादों में घिर गए हैं। सोनम वांगचुक पर जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो के जांच के दायरे में आ गए हैं। वांगचुक के संस्थान के खिलाफ विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) उल्लंघन को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू कर दी है। सीबीआई वांगचुक की संस्था के खिलाफ विदेश से मिली फंडिंग की जांच कर रही है। पर्यावरण कार्यकर्ता पर अपनी संस्था के लिए अवैध तरीके से विदेश से फंडिंग लेने का आरोप है।

पिछले 2 महीने से जांच जारी

सीबीआई ने यह जांच गृह मंत्रालय की शिकायत पर की जा रही है और आरोप लगाया कि संस्थान कथित तौर पर बिना एफसीआरए अनुमति के विदेशी फंड प्राप्त कर रहा है। विदेशी फंडिंग को लेकर पिछले 2 महीने से उनके खिलाफ जांच चल रही है, लेकिन अभी केस दर्ज नहीं हुआ है। सीबीआई टीम ने वांगचुक के संस्था एचआईएएल और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख से 2022 से 2024 तक की फंडिंग से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। अगस्त में लद्दाख प्रशासन ने एचआईएएल का जमीन आवंटन रद्द किया था। प्रशासन का दावा है कि जमीन का उपयोग आवंटन उद्देश्य के लिए नहीं हुआ और कोई लीज एग्रीमेंट भी नहीं हुआ।

केन्द्र ने लद्दाख हिंसा के लिए ठहराया जिम्मेदार

लद्दाख हिंसा के कारण सोनम वांगचुक फिर चर्चा में हैं। केंद्र ने बुधवार को लद्दाख में हुई हिंसा को लेकर भड़काने का आरोप लगाया है कि उन्होंने अरब स्प्रिंग शैली के विरोध प्रदर्शनों और नेपाल में हाल ही में हुए Gen Z विरोध प्रदर्शनों का हवाला देकर लोगों को गुमराह किया। गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि सोनम वांगचुक ने 10 सितंबर को छठी अनुसूची (संविधान की) और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी।

क्यों हुई लद्दाख में हिंसा

लेह में बुधवार को बंद के आह्वान पर शहर में बाजार दुकानें बंद रहीं। बड़ी संख्या में लोग एनडीएस स्मारक मैदान में इकट्ठा हो गए। बाद में छठी अनुसूची और राज्य के समर्थन में नारे लगाते हुए शहर की सड़कों पर मार्च निकाला। स्थिति तब बिगड़ गई, जब कुछ लोगों ने भाजपा और हिल काउंसिल के मुख्यालय पर पथराव कर दिया। कार्यालय परिसर और एक इमारत में मौजूद फर्नीचर और कागजात में आग लगा दी। एक ग्रुप ने कई वाहनों को भी फूंक दिया। हालात काबू करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। गोलीबारी भी करनी पड़ी। कई घंटों की भीषण झड़प के बाद स्थिति काबू में आई। सोनम वांगचुक ने लेह हिंसा पर दुख व्यक्त करते हुए इसके लिए युवाओं में पनप रही हताशा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हिंसक विरोध का संभवतः यही तात्कालिक कारण था।

Sunit Morarjee Confirms Return as Inspector Sharad Kute in Baaghi 4; Spotted in Pre-Promo Song Akeli Laila

Mumbai, August 28, 2025 — Actor Sunit Morarjee has officially confirmed his return to Sajid Nadiadwala’s highly anticipated film Baaghi 4. The confirmation came as fans spotted him in the franchise’s pre-promo track “Akeli Laila”, released on T-Series’ YouTube channel. Sharing screen space with actress Sonam Bajwa and actor Upendra Limaye, Morarjee’s presence has now put an end to speculation about the much-loved cop character’s comeback.

Morarjee first appeared as Inspector Sharad Kute in Baaghi 2 (2018), where his sharp presence and hard-nosed portrayal struck a chord with audiences. He later reprised the role in Baaghi 3 (2020), becoming a familiar face in the franchise’s expanding universe. His return in Baaghi 4, slated to release on September 6, 2025, marks his third outing as Inspector Kute — a character that fans online are already celebrating with comments such as “Kute Bhau rocking” and “Inspector Kute, humko bhi join karni hai aapki force.”

“Inspector Kute is very close to me. Over the years, the audience has embraced him as part of the Baaghi family, and it’s an honor to bring him back in Baaghi 4,” said Sunit Morarjee. “This film will be bigger, bolder, and full of surprises — I’m thrilled to be part of it again.”

Beyond Baaghi, Morarjee has also been seen in Housefull 4, contributing to films that have collectively grossed over ₹500 crore worldwide. Known for his underdog story, he trained at the New York Film Academy (New Zealand) and the Lee Strasberg Institute (New York) before returning to India. Here, he further refined his craft under Naseeruddin Shah and acting coach Atul Mongia, while also working behind the camera with directors like Sangeet Sivan and Neeraj Pandey.

In addition to his film journey, Morarjee also gained recognition as a Top 5 finalist in Fear Factor: Khatron Ke Khiladi, proving his grit and resilience — traits that align closely with the on-screen cop he portrays.

With Baaghi 4 carrying forward one of Bollywood’s most successful action franchises, Morarjee’s return as Inspector Kute adds both continuity and fan appeal. His appearance in Akeli Laila has already sparked social media chatter, setting the stage for the film’s release this September.

About Sunit Morarjee

Sunit Morarjee is an Indian actor best known for his performances in Baaghi 2, Baaghi 3, Housefull 4, and now Baaghi 4. Trained internationally and seasoned through theatre and television, he is recognized for his versatility and scene-stealing performances. His films have collectively grossed more than ₹500 crore globally.

सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी व भ्रामक पोस्ट करने वालों पर यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 40 अकाउंट चिन्हित, 25 गिरफ्तार

लखनऊ । भारतीय सेना की हालिया कार्रवाई और वर्तमान संवेदनशील माहौल के मद्देनज़र सोशल मीडिया पर फैल रही राष्ट्रविरोधी व भ्रामक जानकारियों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्ती दिखाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने ऐसे मामलों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले हैंडल्स किया जा रहा चिन्हित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भारतीय सेना की छवि धूमिल करने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले हैंडल्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेशों के अनुपालन में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के पर्यवेक्षण में पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर की एक विशेष टीम को सक्रिय किया गया है।

40 अकाउंट चिन्हित, 25 गिरफ्तार, सभी हैंडल ब्लॉक की प्रक्रिया जारी

यह टीम सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि पर भ्रामक, झूठी और राष्ट्रविरोधी पोस्ट करने वालों की 24 घंटे निगरानी कर रही है। अब तक इस अभियान में 40 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, इन सभी अकाउंट्स को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया साइबर क्राइम मुख्यालय के माध्यम से की जा रही है।

इस प्रकार के कंटेंट पर हो रही कार्रवाई

इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भ्रामक वीडियो, राष्ट्रविरोधी पोस्ट, फर्जी आईडी के जरिए अफवाह, सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले संदेश, धार्मिक विद्वेष फैलाने वाले कमेंट और उकसाने वाले कंटेंट पोस्ट किए गए थे। इनमें कुछ अकाउंट्स ने नेताओं या सरकारी संस्थानों के नाम से फेक प्रोफाइल बनाकर भ्रम फैलाया।

चिन्हित सोशल मीडिया अकाउंट्स में शामिल

love_youzindagi_002 (Instagram), ROZAN ALI (Instagram), Sajid Ali (Facebook), Ankit Kumar (Instagram), Parvinda (Facebook), आदित्य भैया सांसद बदायूं (Facebook – फेक आईडी), sadiq999d (Instagram), Krish Yadav (Instagram), Shran Choudhary (Instagram), PRAGYA SHIVA VERMA (Instagram), sonamsingh94068 (Instagram), writerabhi_47 (Instagram), up_83_aps (Instagram), Rinki Singh (Instagram), Aamir Khan 2693 (YouTube), Guddu Baig (Facebook), Jamat Ali (Facebook), Sartaj Malik (Facebook), Mohd Riyaz (Facebook), Vicky Khan (Facebook), Q͢u͢r͢e͢s͢h͢i͢ s͢a͢a͢b͢ (Instagram),

Saddam Hassan (Facebook), Ali Ahmadidreshi (Facebook), Shanu Khan (Facebook), Jishan Quresi (Facebook), Chhota Imran Khan (Facebook), Sajjad Mo (Facebook), Pushpendra Choudhary (Facebook), Afsar Ali Ghosi (Facebook), rihanalvishab (Instagram), Shadab Khan FB (Facebook), Kamil Khan (Facebook), Moed Khan (Facebook), Akeel Khan (Facebook), ali.baba_295 (Instagram), Anish Khan (Facebook), Mohd Zaid (Instagram), Rahis Ahmad (Instagram), Sajid Khan (Facebook), हबीबुल्ला अंसारी (Facebook)

डीजीपी ने जारी की चेतावनी

डीजीपी प्रशांत कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वर्तमान संवेदनशील स्थिति को देखते हुए बिना तथ्य सत्यापित किए कोई भी पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा न करें। भ्रामक या उकसाने वाली पोस्ट शेयर करना एक दंडनीय अपराध है। यदि किसी भी वीडियो, फोटो या समाचार को लेकर संदेह हो तो वह उत्तर प्रदेश पुलिस के फैक्ट चेक X (ट्विटर) अकाउंट के माध्यम से सत्यापित कराया जा सकता है।

सोशल मीडिया की लगातार हो रही मॉनिटरिंग

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म्स की 24x7 निगरानी की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति अफवाह फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसके विरुद्ध आईटी एक्ट व भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।