पेपर लीक पर जारी रार के बीच सरकार की बड़ी पहल, सोनम वांगचुक से मिले जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह*

#jpnaddaandjitendrasinghmeetsonamwangchukatmedantahospital

पेपर लीक पर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा मचा हुआ है। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार इस मामले में बुरी तरह से घिरी हुई है। कॉकरोट जनता पार्टी लगातार अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर डटी हुई है। आज बुधवार को उनके प्रदर्शन का 32वां दिन है। इस बीच सरकार ने बड़ी पहल की है।

केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक का हालचाल जाना

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया, 'केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की।'दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने अस्पताल पहुंचकर वांगचुक का हालचाल जाना।

वांगचुक को मेदांता में कराया गया भर्ती

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में वांगचुक को मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। वांगचुक को शाम करीब साढ़े सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच एंबुलेंस से मेदांता अस्पताल लाया गया। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि वांगचुक को आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में आईसीयू-आठ में भर्ती किया गया है।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद मेदांता में शिफ्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाने की अनुमति दी थी। यह आदेश उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने भी मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन अदालत से कहा कि वांगचुक लगातार डॉक्टरों की निगरानी में रहें। इसके बाद मंगलवार शाम उन्हें सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देकर कड़ी सुरक्षा के बीच एंबुलेंस से मेदांता अस्पताल पहुंचाया गया

सोनम वांगचुक को पुलिस ने अस्‍पताल में कराया भर्ती, अभिजीत दीपके ने लगाया हमले का आरोप

#sonamwangchukdelhipolicetakenhimtohospital

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वांगचुक पिछले 20 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने एहतियात के तौर पर उन्हें मेडिकल जांच और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद उनके समर्थकों ने विरोध भी जताया।

गुंडों ने सोनम सर पर हमला किया- अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि वांगचुक पर हमला किया गया। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन खत्म करवाने का भी आरोप लगाया। दीपके ने ट्वीट में कहा- जंतर-मंतर पर गुंडों ने सोनम सर पर हमला करने की कोशिश की। उन पर कोई वस्तु फेंकी गई, लेकिन सौभाग्य से उन्हें चोट नहीं आई। कुछ दिन पहले, पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर मैंने चेतावनी दी थी कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को बाधित करने के लिए लोगों को भेजा जाएगा। अगर सोनम सर को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी, क्योंकि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को खत्म करने की स्पष्ट योजना है।

दिल्ली पुलिस ने दी सफाई

वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सफाई पेश की है। नई दिल्ली ने कहा कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए की गई। नई दिल्ली के डीसीपी ने एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत की वजह से उन्हें जरूरी मेडिकल केयर के लिए हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने रुकावट डालने की कोशिश की, जिसमें थोड़ा हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस ने बहुत कंट्रोल रखा और सुरक्षित तरीके से काम पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांति से जगह खाली कर दें।

डॉक्‍टरों की चेतावनी के बाद पुलिस का एक्‍शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 20 दिन पूरे हो चुके हैं। इतने दिनों से बिना अन्न के रहने के चलते वांगचुक का शरीर बेहद कमजोर हो चुका है। उनकी सेहतलगातार गिर रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का वजन 9 किलो से ज्यादा घट चुका था। उनका वजन 56.9 किलोग्राम रह गया था। डॉक्टर ने बताया कि लंबे भूख हड़ताल की वजह से शरीर अब ग्लूकोज और फैट के बाद मांसपेशियों (मसल्स) को खाने लगा है। उनके यूरिक एसिड का स्तर काफी बढ़ गया है, जो इस बात का संकेत है कि मांसपेशियां तेजी से गल रही हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो वांगचुक का ऑर्गन फेल हो सकता है।

पेपर लीक पर जारी रार के बीच सरकार की बड़ी पहल, सोनम वांगचुक से मिले जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह*

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पेपर लीक पर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा मचा हुआ है। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार इस मामले में बुरी तरह से घिरी हुई है। कॉकरोट जनता पार्टी लगातार अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर डटी हुई है। आज बुधवार को उनके प्रदर्शन का 32वां दिन है। इस बीच सरकार ने बड़ी पहल की है।

केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक का हालचाल जाना

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया, 'केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की।'दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने अस्पताल पहुंचकर वांगचुक का हालचाल जाना।

वांगचुक को मेदांता में कराया गया भर्ती

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में वांगचुक को मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। वांगचुक को शाम करीब साढ़े सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच एंबुलेंस से मेदांता अस्पताल लाया गया। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि वांगचुक को आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में आईसीयू-आठ में भर्ती किया गया है।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद मेदांता में शिफ्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाने की अनुमति दी थी। यह आदेश उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने भी मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन अदालत से कहा कि वांगचुक लगातार डॉक्टरों की निगरानी में रहें। इसके बाद मंगलवार शाम उन्हें सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देकर कड़ी सुरक्षा के बीच एंबुलेंस से मेदांता अस्पताल पहुंचाया गया

सोनम वांगचुक को पुलिस ने अस्‍पताल में कराया भर्ती, अभिजीत दीपके ने लगाया हमले का आरोप

#sonamwangchukdelhipolicetakenhimtohospital

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वांगचुक पिछले 20 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने एहतियात के तौर पर उन्हें मेडिकल जांच और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद उनके समर्थकों ने विरोध भी जताया।

गुंडों ने सोनम सर पर हमला किया- अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि वांगचुक पर हमला किया गया। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन खत्म करवाने का भी आरोप लगाया। दीपके ने ट्वीट में कहा- जंतर-मंतर पर गुंडों ने सोनम सर पर हमला करने की कोशिश की। उन पर कोई वस्तु फेंकी गई, लेकिन सौभाग्य से उन्हें चोट नहीं आई। कुछ दिन पहले, पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर मैंने चेतावनी दी थी कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को बाधित करने के लिए लोगों को भेजा जाएगा। अगर सोनम सर को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी, क्योंकि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को खत्म करने की स्पष्ट योजना है।

दिल्ली पुलिस ने दी सफाई

वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सफाई पेश की है। नई दिल्ली ने कहा कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए की गई। नई दिल्ली के डीसीपी ने एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत की वजह से उन्हें जरूरी मेडिकल केयर के लिए हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने रुकावट डालने की कोशिश की, जिसमें थोड़ा हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस ने बहुत कंट्रोल रखा और सुरक्षित तरीके से काम पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांति से जगह खाली कर दें।

डॉक्‍टरों की चेतावनी के बाद पुलिस का एक्‍शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 20 दिन पूरे हो चुके हैं। इतने दिनों से बिना अन्न के रहने के चलते वांगचुक का शरीर बेहद कमजोर हो चुका है। उनकी सेहतलगातार गिर रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का वजन 9 किलो से ज्यादा घट चुका था। उनका वजन 56.9 किलोग्राम रह गया था। डॉक्टर ने बताया कि लंबे भूख हड़ताल की वजह से शरीर अब ग्लूकोज और फैट के बाद मांसपेशियों (मसल्स) को खाने लगा है। उनके यूरिक एसिड का स्तर काफी बढ़ गया है, जो इस बात का संकेत है कि मांसपेशियां तेजी से गल रही हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो वांगचुक का ऑर्गन फेल हो सकता है।